
Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है।
अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में कार्यवाही को आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही सीबीआई और ईडी समेत सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?
शीर्ष अदालत ने जारी किया नोटिस
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सिब्बल की दलीलों पर गौर करने के बाद शीर्ष अदालत ने सीबीआई, ईडी और याचिकाकर्ता (कर्नाटक निवासी एस विग्नेश शिशिर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश?
इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस चौहान और जस्टिस बीआर सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट ने सीबीआई, ईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) को आठ सप्ताह के भीतर आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय सीबीआई और ईडी ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वे आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!
राहुल गांधी की संपत्ति से जुड़ा क्या है यह मामला?
यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने आय के अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मांग की गई थी कि राहुल गांधी की कुल संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और कॉर्पोरेट मामलों में कथित संलिप्तता की गहन जांच सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराई जाए।
राहुल गांधी की ओर से इसे राजनीति से प्रेरित और निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।


