How to Buy Home: ₹30000 की सैलरी में भी खरीद सकते हैं अपना घर, समझिए कैसे बनाएं पूरा प्लान

How to Buy Home: अपना घर खरीदने का सपना हर कोई देखता है। लेकिन महीने की सैलरी ₹30,000 के आसपास हो, तो लगता है कि आज के जमाने में घर खरीदना शायद मुमकिन नहीं है। किराया, राशन, बिजली का बिल और बच्चों की फीस देने के बाद बचता ही कितना है? ऐसे में होम लोन की EMI चुकाना बड़ी जिम्मेदारी लगती है।

हालांकि, कम सैलरी में भी घर खरीदा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी कमाई के हिसाब से घर चुनें। बड़ा लोन लेने के बजाय ऐसी EMI रखें, जिसे हर महीने आसानी से चुका सकें। आइए, उदाहरण से समझते हैं कि ₹30,000 की सैलरी में घर खरीदने का प्लान कैसे बना सकते हैं।

₹30,000 की सैलरी पर कितना होम लोन लें?

BASIC Home Loan के CEO और को-फाउंडर अतुल मोंगा का कहना है कि अगर आप ₹10 लाख का होम लोन लेते हैं, तो ब्याज दर और लोन की अवधि के हिसाब से EMI करीब ₹10,000 हो सकती है। मोंगा के मुताबिक, अगर आपकी सैलरी ₹30,000 है, तो घर खरीदना सिर्फ कमाई पर निर्भर नहीं करता। ये भी जरूरी है कि आप घर खरीदने की कितनी अच्छी तैयारी करते हैं। घर

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आपकी सैलरी ₹30,000 है। इसमें से ₹8,000 घर और किराने, ₹3,000 बिजली और दूसरे बिलों, ₹4,000 आने-जाने और ₹5,000 परिवार के अन्य खर्चों में जाते हैं। इस तरह कुल खर्च ₹20,000 हुआ। अब आपके पास ₹10,000 बचते हैं।

सैलरी के हिसाब से खर्च का पूरा हिसाब समझें

महीने का हिसाबरकम
कुल सैलरी₹30,000
राशन और घर का खर्च₹8,000
बिजली, मोबाइल और दूसरे बिल₹3,000
आने-जाने का खर्च₹4,000
परिवार के दूसरे खर्च₹5,000
कुल खर्च₹20,000
खर्च के बाद बची रकम₹10,000

ये सिर्फ उदाहरण है। आप अपने परिवार के खर्च के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं। जैसे कि कुछ पैसे बचाकर इमरजेंसी के लिए रख सकते हैं।

डाउन पेमेंट के लिए पैसे कैसे जुटाएं?

बैंक आमतौर पर घर की पूरी कीमत का लोन नहीं देते। घर खरीदते समय आपको भी कुछ पैसा लगाना पड़ता है। इसी को डाउन पेमेंट कहते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी जैसे खर्च भी हो सकते हैं।

मान लीजिए, आपको ₹15 लाख का घर पसंद आया। बैंक ₹12 लाख का लोन देने को तैयार है। ऐसे में बाकी ₹3 लाख आपको अपनी तरफ से लगाने होंगे। रजिस्ट्री और दूसरे खर्चों के लिए अलग से पैसा भी चाहिए हो सकता है।

इसलिए घर खरीदने से पहले बचत शुरू करें। हर महीने ₹5,000 बचाने पर एक साल में ₹60,000 जमा होंगे। इसी तरह, तीन साल में ब्याज को छोड़कर ₹1.80 लाख जमा हो सकते हैं। अगर परिवार से आर्थिक मदद मिले या बोनस की रकम बचा सकें, तो डाउन पेमेंट का लक्ष्य जल्दी पूरा हो सकता है।

होम लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अतुल मोंगा के मुताबिक, होम लोन लेने से पहले सबसे पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरें और प्रोसेसिंग फीस देखें। सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन लेने से बचना चाहिए। लोन की अवधि और दूसरी शर्तें भी समझना जरूरी है।

कमाई और बैंकिंग रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से आवेदन की प्रक्रिया आसान हो सकती है। अगर भविष्य में आपकी कमाई बढ़ती है और आपके पास अतिरिक्त पैसा आता है, तो लोन की कुछ रकम पहले चुकाने पर भी विचार कर सकते हैं। इसे पार्ट-प्रीपेमेंट कहते हैं। इससे बकाया लोन और कुल ब्याज घट सकता है।

मोंगा का कहना है कि आखिरकार मकसद सिर्फ होम लोन लेना नहीं होना चाहिए। जरूरी यह है कि लोन की रकम इतनी हो, जिसकी EMI परिवार लंबे समय तक आसानी से चुका सके। इसके लिए परिवार के दूसरे जरूरी खर्चों और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों से समझौता नहीं करना पड़े।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

पाकिस्तान में फिजिक्स गोल्ड मेडलिस्ट युवती ने खुदकुशी की:हार्वर्ड में एडमिशन दिलाने के नाम पर 93 लाख की ठगी, जमीन बेचकर रुपए जुटाए थे

पाकिस्तान में एक 20 साल की युवती ने पढ़ाई के नाम पर हुई 93 लाख रुपए की ठगी के बाद खुदकुशी कर ली। फिजिक्स गोल्ड मेडलिस्ट रही युवती का नाम लैबा इजाज है। वह अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहती थीं। परिवार का आरोप है कि एडमिशन, स्कॉलरशिप और अमेरिकी वीजा दिलाने का वादा करने वाले एक व्यक्ति ने उनसे पैसे लिए और फर्जी दस्तावेज दे दिए। 9 अक्टूबर को इस्लामाबाद के जी-10 सेक्टर के एक बाजार में लैबा का शव मिला। मामले में पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हार्वर्ड में पढ़ने के लिए परिवार ने जमीन बेची, गहने गिरवी रखे लैबा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा की रहने वाली थीं। उन्होंने इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी इस्लामाबाद से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया था और गोल्ड मेडल हासिल किया था। उनका सपना अमेरिका में आगे की पढ़ाई करके वैज्ञानिक बनने का था। उनके पिता 1994 से इस्लामाबाद की सड़कों पर दूध और दही बेचकर परिवार चलाते हैं। बेटी की पढ़ाई के लिए उन्होंने घर बनाने के मकसद से खरीदी जमीन बेच दी। उनकी मां ने भी अपने गहने गिरवी रख दिए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैबा को सऊदी अरब में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली थी, लेकिन उन्होंने अमेरिका में पढ़ने के अपने सपने को प्राथमिकता दी। एडमिशन और वीजा दिलाने का वादा करके लिए 93 लाख रुपए परिवार ने मोहम्मद नौमान नाम के व्यक्ति से संपर्क किया था। उसने खुद को विदेशी शिक्षा से जुड़ा कंसल्टेंट बताया और हार्वर्ड में एडमिशन, स्कॉलरशिप और अमेरिकी वीजा दिलाने का भरोसा दिया। परिवार का आरोप है कि नौमान ने इसके बदले 93 लाख पाकिस्तानी रुपए लिए। उसने यूनिवर्सिटी में एडमिशन और फीस जमा होने से जुड़े दस्तावेज भी दिए, लेकिन बाद में उनकी पुष्टि नहीं हो सकी। पाकिस्तान की FIA के मुताबिक, इस रकम में से 29 लाख रुपए लैबा के बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर किए गए थे, जबकि बाकी पैसे नकद दिए गए थे। अमेरिकी दूतावास में फर्जी दस्तावेज का खुलासा हुआ लैबा जब इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचीं, तो उनके दस्तावेजों की पुष्टि नहीं हो सकी। परिवार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और अमेरिकी दूतावास से भी संपर्क किया, लेकिन दस्तावेजों को सही नहीं पाया गया। लैबा के बहनोई जैद बिन अफजल के मुताबिक, आरोपी कई बार वीजा इंटरव्यू की तारीख आगे बढ़ाता रहा। वह कथित तौर पर तय तारीख से एक रात पहले फोन करके इंटरव्यू रद्द होने की बात कह देता था। आरोप है कि बाद में उसने 12 अक्टूबर को इंटरव्यू होने की बात कही और उससे पहले 22 लाख पाकिस्तानी रुपए और मांगे। तब तक लैबा को कथित धोखाधड़ी का पता चल चुका था और वह काफी परेशान थीं। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे के खिलाफ भी मामला दर्ज पाकिस्तान की FIA ने 11 अक्टूबर को मुहम्मद नौमान की गिरफ्तारी की पुष्टि की। एजेंसी ने फातिमा सरवर नाम की एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। FIA के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी स्कॉलरशिप लेटर, यूनिवर्सिटी में एडमिशन के प्रस्ताव और फीस जमा करने की रसीदें तैयार की थीं। एजेंसी मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी लैबा के परिवार से मुलाकात की और मामले की निगरानी करने का भरोसा दिया। विदेश में पढ़ाई के नाम पर ठगी कैसे होती है? विदेश की नामी यूनिवर्सिटी में एडमिशन, स्कॉलरशिप और वीजा दिलाने का सपना दिखाकर ठग छात्रों से लाखों रुपए वसूलते हैं। वे फर्जी एडमिशन लेटर, स्कॉलरशिप के दस्तावेज और फीस की रसीदें दिखाकर परिवारों का भरोसा जीतते हैं। ठगी के 5 तरीके… 1. नामी यूनिवर्सिटी में एडमिशन का वादा: ठग दावा करते हैं कि उनके यूनिवर्सिटी में सीधे संपर्क हैं और वे आसानी से एडमिशन दिला सकते हैं। 2. स्कॉलरशिप का झांसा: वे पूरी या बड़ी स्कॉलरशिप दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन या प्रोसेसिंग फीस मांगते हैं। कई बार फर्जी स्कॉलरशिप लेटर भी देते हैं। 3. फर्जी दस्तावेज: यूनिवर्सिटी के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके नकली एडमिशन लेटर, फीस की रसीदें और स्कॉलरशिप के कागज तैयार किए जाते हैं। 4. वीजा की गारंटी:कुछ एजेंट वीजा लगवाने का दावा करके अतिरिक्त पैसे मांगते हैं। जबकि वीजा देने का फैसला संबंधित देश के अधिकारी करते हैं। 5. देरी का डर दिखाकर रकम मांगना: ठग एडमिशन, फीस या वीजा प्रक्रिया का हवाला देकर हर बार नए पैसे मांगते हैं। वे यह दबाव भी बनाते हैं कि देर होने पर मौका हाथ से निकल जाएगा। ठगी होने पर क्या करें? पैसे गंवाने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें और पुलिस या संबंधित साइबर अपराध एजेंसी में शिकायत दर्ज कराएं। फर्जी दस्तावेजों की जानकारी यूनिवर्सिटी को भी दें। ————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी की सरकार बर्खास्त:इमरजेंसी लगी; पूर्व पीएम की रिहाई के लिए राज्य के CM मार्च निकाल रहे थे पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने रविवार को खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लगा दी और सरकार बर्खास्त कर दी। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इसकी घोषणा की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

जेवर एयरपोर्ट के पास घर बनाने का शानदार मौका! YEIDA ने निकाली ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट्स की बड़ी स्कीम

YEIDA Plot Scheme: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने शुक्रवार को ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट के लिए अलग-अलग स्कीम लॉन्च की हैं। इन दोनों कैटेगरी में 10-10 प्लॉट शामिल हैं।

एयरपोर्ट के जून में शुरू होने के बाद से इस इलाके में रिहायशी और होटल प्रोजेक्ट्स के लिए प्लॉट की मांग में तेजी देखने को मिली है।

कहां-कहां हैं ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट?

ग्रुप हाउसिंग के लिए चुने गए प्लॉट सेक्टर 17, 18, 20 और 22D में हैं। इन प्लॉट का आकार 11,513 वर्ग मीटर से लेकर 50,600 वर्ग मीटर तक है।

सेक्टर 17 में सबसे ज्यादा 4 प्लॉट रखे गए हैं। वहीं, सेक्टर 18 और सेक्टर 20 में 1-1 प्लॉट उपलब्ध है। इसके अलावा सेक्टर 22D में 4 प्लॉट हैं।

सेक्टर 22D में मौजूद प्लॉट्स में सबसे बड़ा प्लॉट 50,600 वर्ग मीटर का है। इसकी रिजर्व कीमत करीब 265 करोड़ रुपये रखी गई है।

वहीं, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट के लिए अलॉटमेंट रेट 52,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है।

बता दें कि बोली लगाने वालों को हर प्लॉट के लिए 5 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस और 10% अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी। प्लॉट के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर शाम 5 बजे तक है।

आवेदनों की जांच और मूल्यांकन के बाद आर्थिक और तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं के नाम 16 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद प्लॉट का अंतिम आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए किया जाएगा। ई-नीलामी 18 नवंबर को सुबह 11 बजे शुरू होगी।

होटल प्लॉट की भी स्कीम

होटल प्लॉट स्कीम के लिए, YEIDA सेक्टर 29 में 6 और सेक्टर 28 में 4 प्लॉट दे रहा है। सभी प्लॉट का साइज 3,100 वर्ग मीटर से 10,000 वर्ग मीटर के बीच है।

होटल प्लॉट के लिए YEIDA ने 87,010 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। इस हिसाब से 10,000 वर्ग मीटर के सबसे बड़े प्लॉट की रिजर्व कीमत करीब 91 करोड़ रुपये होगी।

इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोलीदाताओं के नाम 2 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद 4 नवंबर को सुबह 11 बजे से ई-नीलामी शुरू होगी।

प्लॉट रिजर्व करने के लिए बोली लगाने वालों को प्रति वर्ग मीटर ₹87,010 देने होंगे, जिससे 10,000 वर्ग मीटर वाले प्लॉट की रिजर्व कीमत ₹91 करोड़ हो जाती है। इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोली लगाने वालों के नाम 2 नवंबर को दिखाए जाएंगे और ई-नीलामी 4 नवंबर को सुबह 11 बजे होगी।

अलॉटी (प्लॉट पाने वाले) को अर्नेस्ट मनी के तौर पर 10% रकम जमा करनी होगी। फिर पहले जमा की गई अर्नेस्ट मनी को एडजस्ट करने के बाद, प्लॉट के कुल प्रीमियम का 40% हिस्सा अलॉटमेंट की तारीख से 60 दिनों के भीतर जमा करना होगा।

इसके अलावा, कुल प्रीमियम का बाकी 60% हिस्सा दो साल में चार छमाही किस्तों में चुकाना होगा।

इस स्कीम के तहत, कॉर्नर प्लॉट के लिए 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा, ग्रीन बेल्ट की तरफ वाले प्लॉट के लिए 5% और 45 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क के किनारे वाले प्लॉट के लिए भी 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा। प्लॉट का अलॉटमेंट लीज डीड बनने की तारीख से 90 साल की अवधि के लिए लीजहोल्ड आधार पर किया जाएगा।

होटल की ऊंचाई कितनी होगी?

बिल्डिंग नियमों के अनुसार, होटल की बिल्डिंग की ऊंचाई पर कोई सीमा नहीं है। हालांकि, सेक्टर 28 और 29 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हैं, इसलिए बिल्डिंग की मंजूर ऊंचाई लगभग 29 मीटर है।

YEIDA के CEO आर.के. सिंह ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट की वजह से हाल ही में ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा, “जमीन की कमी को देखते हुए, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी जैसे वर्टिकल प्रोजेक्ट बनाना सबसे अच्छा है। साथ ही, अगले महीने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज तैयार हो जाएगा। इससे गुरुग्राम, पलवल, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे आस-पास के इलाकों की ग्रेटर नोएडा और जेवर से आसानी से कनेक्टिविटी हो सकेगी।”

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UGC-NET June 2026: तीन विषयों के री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर जारी, 13 सितंबर तक खुली रहेगी चैलेंज विंडो

UGC-NET June 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी-नेट जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के री-एग्जामिनेशन के लिए प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। परीक्षा एजेंसी ने अस्थायी उत्तर कुंजी के साथ परीक्षार्थियों के रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स भी जारी किए हैं। परीक्षा देने वाले आधिकारिक वेबसाइट पर प्रोविजनल आंसर-की और अपने रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देख सकते हैं। यूजीसी-नेट जून 2026 री-एग्जाम के प्रश्नों पर अगर किसी उम्मीदवार को आपत्ति है, तो वे 13 सितंबर तक उसे चुनौती दे सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट पर चैलेंज विंडो 13 सितंबर को रात 11.59 बजे तक खुली रहेगी। चैलेंज करने के लिए परीक्षार्थियों को हर सवाल के लिए 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। यूजीसी-नेट जून 2026 पुन:परीक्षा तीन विषयों इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के लिए 9 और 10 सितंबर को देश भर में अलग-अलग जगहों पर हुई थी।

आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, चैलेंज सिर्फ ऑनलाइन मोड से ही स्वीकार किए जाएंगे। ईमेल, फैक्स या लेटर समेत किसी और तरीके से या बिना तय फीस दिए जमा किए गए चैलेंज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अगर विषय विशेषज्ञ किसी चैलेंज को स्वीकार करते हैं, तो उससे होने वाला करेक्शन उस विषय के सभी उम्मीदवारों पर एक समान लागू होगा। साथ ही, जिन प्रश्नों पर आपत्ति सही पाई जाएगी, उसके लिए 200 रुपये प्रति सवाल की प्रोसेसिंग फीस पूरी तरह से वापस कर दी जाएगी।

टेस्टिंग एजेंसी ने साफ किया कि चैलेंज पर विचार करने के बाद फाइनल की गई आंसर-की को फाइनल माना जाएगा। चैलेंज विंडो बंद होने या रिजल्ट घोषित होने के बाद आंसर-की के बारे में कोई चैलेंज या शिकायत नहीं सुनी जाएगी।

चैलेंज विंडो और फीस पेमेंट

चैलेंज विंडो 13 सितंबर रात 11:59 बजे तक खुली रहेगी। प्रोसेसिंग फीस का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से उसी डेडलाइन तक किया जा सकता है। प्रोसेसिंग फीस के भुगतान के बिना कोई चैलेंज नहीं माना जाएगा।

चुनौती की प्रक्रिया

उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए चैलेंज को तय विषय विशेषज्ञ सत्यापित करेंगे। अगर कोई चैलेंज मेरिट के आधार पर सही पाया जाता है, तो प्रोविजनल आंसर-की को संशोधित किया जाएगा, और रिजल्ट तैयार करने और घोषित करने के लिए उम्मीदवारों के जवाबों को संशोधित अंतिम आंसर-की के आधार पर मूल्यांकित किया जाएगा। संशोधित अंतिम आंसर की रिजल्ट घोषित होने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशितकी जाएगी। कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे ताजा अपडेट के लिए एनटीए और यूजीसी-नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और सिर्फ एनटीए से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

FMGE October 2026: आज शाम 5 बजे से शुरू होगा अक्टूबर के लिए पंजीकरण, जानिए किन डॉक्युमेंट्स की होगी जरूरत

LDA Flat Scheme 2026: लखनऊ में अपना घर खरीदने का सुनहरा मौका! ₹2 लाख तक की बंपर छूट, जानें- ऑफर की लास्ट डेट समेत पूरी डिटेल

LDA Flat Scheme 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए गुड न्यूज है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए चुनिंदा फ्लैट्स पर 2 लाख रुपये तक की बंपर छूट देने की योजना शुरू की है। इस स्कीम के तहत 1 BHK, 2 BHK और 3 BHK फ्लैट उपलब्ध हैं। फ्लैट्स का आवंटन First-Come, First-Served (FCFS) यानी ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।

फ्लैट की कीमत के हिसाब से मिलेगी छूट

LDA की इस योजना में छूट फ्लैट की कीमत के आधार पर तय की गई है। फ्लैट की कीमत के हिसाब से आपको डिस्काउंट दी जाएगी। यानी अगर कोई पात्र फ्लैट ₹80 लाख का है और उस पर ₹2 लाख की छूट मिलती है, तो उसकी कीमत ₹78 लाख हो जाएगी। हालांकि, खरीदार को यह ध्यान रखना होगा कि कुल खरीद लागत सिर्फ फ्लैट की कीमत तक सीमित नहीं होती।

फ्लैट की कीमत अधिकतम छूट

  • ₹20 लाख से ₹50 लाख ₹1 लाख
  • ₹50 लाख से अधिक और ₹75 लाख तक ₹1.5 लाख
  • ₹75 लाख से अधिक ₹2 लाख तक

कब तक मिलेगा ऑफर?

LDA के मुताबिक यह फेस्टिव ऑफर 22 सितंबर से अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। फ्लैट्स की बुकिंग LDA की वेबसाइट के जरिए की जा सकती है और आवंटन FCFS आधार पर होगा।

90 दिन में पूरा भुगतान करने पर 6% की छूट

इस योजना में एक और महत्वपूर्ण फायदा बताया गया है। LDA के उपाध्यक्ष प्रथेमेश कुमार के अनुसार, जो खरीदार फ्लैट की पूरी रकम 45 से 90 दिनों के भीतर जमा करते हैं, उन्हें 6% की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। ऐसे फ्लैट भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवंटित किए जाएंगे।

FCFS सिस्टम क्या है?

FCFS व्यवस्था लॉटरी सिस्टम से अलग होती है। इसमें उपलब्ध फ्लैट्स में से खरीदार अपनी पसंद का फ्लैट चुन सकता है और LDA के नियमों के अनुसार बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ ऑफर देखकर तुरंत बुकिंग कर दी जाए। खरीदार को पहले फ्लैट की कीमत, लोकेशन, उपलब्धता, पात्रता, भुगतान की शर्तें और अन्य नियम अच्छी तरह जांचने चाहिए।

₹1-2 लाख की छूट देखकर तुरंत न लें फैसला

मान लीजिए किसी फ्लैट की कीमत ₹80 लाख है और ₹2 लाख की छूट मिलती है। ऐसे में बेस प्राइस ₹78 लाख रह जाएगा। लेकिन घर खरीदने का वास्तविक खर्च इससे ज्यादा हो सकता है। खरीदार को स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, मेंटेनेंस, पार्किंग, LDA के अन्य शुल्क, होम लोन प्रोसेसिंग फीस, इंटीरियर और शिफ्टिंग जैसे खर्चों को भी बजट में शामिल करना चाहिए। यानी सिर्फ ₹2 लाख की बचत को देखकर फैसला लेना सही नहीं होगा। असली सवाल यह है कि सभी खर्च जोड़ने के बाद फ्लैट आपकी जेब के हिसाब से कितना किफायती है।

फ्लैट खरीदने से पहले इन चीजों की जांच जरूरी

लोकेशन: ऑफिस, स्कूल, अस्पताल और रोजमर्रा की सुविधाएं कितनी दूर हैं, यह देखें।

कनेक्टिविटी: सड़क, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता जांचें।

फ्लैट की स्थिति: अगर फ्लैट रेडी-टू-मूव है तो बुकिंग से पहले खुद जाकर देखें। प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन, फर्श और निर्माण की स्थिति पर ध्यान दें।

पानी और बिजली: पानी और बिजली की नियमित व्यवस्था है या नहीं, यह पता करें। साथ ही सोसाइटी और कॉमन एरिया के रखरखाव की जिम्मेदारी और उसका शुल्क भी समझें।

बुकिंग से पहले कौन से दस्तावेज और शर्तें देखें?

खरीदार को केवल ब्रोशर या किसी अधिकारी/सेलर की जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अलॉटमेंट और बुकिंग डॉक्यूमेंट, भुगतान प्रक्रिया, कब्जे की तारीख, सभी अतिरिक्त शुल्क और नियम एवं शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा मेंटेनेंस, कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियम भी पहले समझ लें। अगर होम लोन लेना है तो बैंक से यह भी जांच लें कि जिस फ्लैट को आप खरीद रहे हैं, उस पर लोन उपलब्ध/स्वीकृत है या नहीं।

सिर्फ छूट के लिए बड़ा होम लोन न लें

₹1-2 लाख की छूट पाने के लिए ऐसा बड़ा होम लोन लेना समझदारी नहीं होगी जिसकी EMI चुकाना मुश्किल हो जाए। बुकिंग से पहले अपनी मासिक आय, मौजूदा लोन, घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, बीमा और इमरजेंसी सेविंग को ध्यान में रखकर EMI की गणना करें। साथ ही स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, इंटीरियर और अन्य शुरुआती खर्चों के लिए अलग से रकम तैयार रखें।

घर की असली कीमत ऐसे समझें

फ्लैट की कीमत- छूट + स्टांप ड्यूटी/रजिस्ट्रेशन + अन्य शुल्क + इंटीरियर + लोन का खर्च = घर की कुल लागत…यही कुल रकम देखकर तय करें कि फ्लैट वास्तव में आपके बजट में है या नहीं।

ऑफर का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र खरीदारों को फ्लैट की कीमत पर ₹2 लाख तक की सीधी छूट मिल सकती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से LDA का फ्लैट खरीदने की योजना बना रहा है और उसे अपनी पसंद की लोकेशन व कीमत में पात्र फ्लैट मिल जाता है, तो यह ऑफर आर्थिक बोझ कुछ कम कर सकता है। लेकिन सिर्फ छूट के लालच में जल्दबाजी न करें। फ्लैट की लोकेशन, निर्माण की स्थिति, सभी शुल्क, भुगतान की शर्तें, दस्तावेज और होम लोन की EMI जांचने के बाद ही बुकिंग करना बेहतर होगा।

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SBI Scheme: महिलाओं को SBI की बड़ी सौगात! इस स्कीम में मिलेगा ₹25 करोड़ तक का आसान लोन

SBI Stree Shakti Yojana Details: अगर आप एक महिला उद्यमी हैं और अपना खुद का नया बिजनेस शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को बढ़ाना चाहती हैं, तो देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) आपके लिए एक शानदार योजना चला रहा है। एसबीआई की ‘स्त्री शक्ति योजना’ का मुख्य मकसद महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए इस योजना के तहत आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, महिलाओं को लोन पर ब्याज दर में विशेष छूट भी मिलती है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एसबीआई की इस योजना के तहत कितना लोन मिल सकता है, ब्याज दर में कितनी छूट मिलेगी और इसके लिए क्या-क्या खास शर्तें हैं।

कितना मिल सकता है लोन?

बिजनेस की जरूरत और उसकी वित्तीय स्थिति के आधार पर महिलाएं इस योजना के तहत ₹25 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकती हैं।

वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन: यह लोन बिजनेस के रोजमर्रा के खर्चों और लंबी अवधि के एसेट या मशीनरी खरीदने दोनों के लिए दिया जाता है।

बैंक का मूल्यांकन: लोन की अंतिम राशि एसबीआई आवेदक की पात्रता, बिजनेस प्लान और उसके वित्तीय स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर तय करता है।

क्रेडिट रेटिंग: ₹2 करोड़ से अधिक के लोन के लिए लागू ब्याज दर आवेदक की क्रेडिट रेटिंग से जुड़ी हो सकती है।

ब्याज दर में मिलेगी 0.50% की विशेष छूट

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एसबीआई इस योजना में ब्याज दर में राहत देता है। ₹2 करोड़ रुपये तक के लोन पर महिलाओं को ब्याज दर में 0.50% (50 बीपीएस) तक की छूट मिलती है। इससे महिलाओं के बिजनेस के लिए कर्ज चुकाने की लागत काफी कम हो जाती है।

हालांकि, अंतिम ब्याज दर और अन्य शुल्क एसबीआई के प्रचलित नियमों के अनुसार ही तय होते हैं, इसलिए लोन लेने से पहले नजदीकी शाखा से सटीक दरों की जांच जरूर करें।

अन्नपूर्णा और श्रृंगार योजना से महिला उद्यमियों का संवरेगा बिजनेस

SBI अपनी ‘स्त्री शक्ति पहल’ के अंतर्गत महिलाओं के अलग-अलग कार्यक्षेत्रों की जरूरतों के आधार पर विशेष लोन योजनाएं भी उपलब्ध कराता है। इसके तहत अन्नपूर्णा योजना विशेष रूप से कैटरिंग, रेस्तरां, टिफिन सर्विस और खाद्य पदार्थों से जुड़े नए या पुराने व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

वहीं दूसरी ओर, श्रृंगार योजना ब्यूटी पार्लर, ब्यूटी सैलून और वेलनेस सेक्टर से जुड़ी महिला उद्यमियों को उनके बिजनेस के विस्तार, ब्यूटी उपकरण खरीदने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए आसान शर्तों पर लोन की सुविधा देती है। ये दोनों ही योजनाएं महिलाओं को उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई हैं।

रीपेमेंट और मार्जिन मनी की शर्तें

लोन चुकाने की अवधि बिजनेस के आकार और लोन के प्रकार पर निर्भर करती है। टर्म लोन के लिए भुगतान की समय-सीमा 7 से 10 साल तक हो सकती है। लोन राशि के आधार पर बैंक 15% से 25% तक मार्जिन मनी की मांग कर सकता है। यानी कुल लागत का कुछ हिस्सा आवेदक को खुद लगाना होता है और बाकी रकम बैंक लोन के रूप में देता है।

आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप इस योजना के तहत लोन के लिए अप्लाई करने जा रही हैं, तो अपने बिजनेस प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), केवाईसी डाक्यूमेंट्स, वित्तीय रिकॉर्ड और अपने पास मौजूद मार्जिन मनी का सही हिसाब-किताब तैयार रखें। किसी भी आवेदन से पहले बैंक अधिकारी से ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य सर्विस चार्ज की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

 

AYUSH PG Entrance Test 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर देखें प्रोविजनल आंसर की, 5 सितंबर रात 11.59 बजे तक कर सकते हैं चैलेंज

AYUSH PG Entrance Test 2026: ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) 2026 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अस्थायी उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) का इंतजार कर रहे हैं। इन परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एआईएपीजीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। कैंडिडेट आधिकारिक पोर्टल के जरिए आंसर-की चेक कर सकते हैं। साथ ही, आंसर को अगर कोई चुनौती देना चाहते हैं, तो उसे दर्ज कर सकते हैं। टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर रिकॉर्ड किए गए जवाबों के साथ प्रश्नपत्र भी अपलोड कर दिए हैं।

चैलेंज विंडो 5 सितंबर रात 11:59 बजे तक खुली रहेगी। कैंडिडेट इसी डेडलाइन तक चैलेंज फीस भी दे सकते हैं। किसी सवाल को चैलेंज करने के लिए, कैंडिडेट को हर सवाल के लिए 200 रुपये फीस देनी होगी। चैलेंज सिर्फ आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रोसेसिंग फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से दी जा सकती है। प्रोसेसिंग फीस दिए बिना कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा। फीस किसी और तरीके से स्वीकार नहीं की जाएगी।

22 अगस्त को हुआ था एआईएपीजीईटी 2026

एनटीए ने 22 अगस्त को देश के 104 शहरों में लगभग 205 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 51,482 कैंडिडेट के लिए एआईएपीजीईटी 2026 आयोजित किया था। यह परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में हुई थी। इसके अलावा, 49 कैंडिडेट के लिए री-टेस्ट 1 सितंबर को राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन, जयपुर में कंडक्ट किया गया था।

विशेषज्ञों का पैनल करेगा चुनौती आकलन

एनटीए के मुताबिक, कैंडिडेट के दिए गए चैलेंज को विषय विशेषज्ञों का एक पैनल वेरिफाई करेगा। अगर कोई चैलेंज सही पाया जाता है, तो आंसर की को बदला जाएगा और उसी हिसाब से सभी कैंडिडेट के जवाबों पर लागू किया जाएगा। फाइनल आंसर की के आधार पर, रिजल्ट तैयार किए जाएंगे और घोषित किए जाएंगे। किसी भी कैंडिडेट को उनके चैलेंज के स्वीकार या अस्वीकार किए जाने के बारे में नहीं बताया जाएगा।

परीक्षा एजेंसी ने कहा, “चैलेंज पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ जो आंसर की फाइनल करेंगे, वही अंतिम होगी। 5 सितंबर, रात 11:59 बजे के बाद कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा।” अधिक जानकारी के लिए, कैंडिडेट एनटीए से 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या aiapget@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं।

परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा के बारे में ताजा जानकारी के लिए नियमित एनटीए की वेबसाइट और आधिकारिक एआईएपीजीईटी पोर्टल देखते रहें।

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: एनटीए ने जारी की ग्रीवांस एडवाइजरी, छात्रों की चिंताओं के जल्दी समाधान के लिए दिया सुझाव

Home Loan: सस्ता लोन पड़ न जाए महंगा! होम लोन लेने से पहले इन 6 पॉइंट्स में समझ लें प्रोसेसिंग फीस और हिडन चार्जेस का पूरा गणित

Home Loan Hidden Charges: नया घर खरीदने के लिए होम लोन लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ बैंक की ब्याज दरों की तुलना करते हैं। लेकिन सच यह है कि लोन लेने का कुल खर्च सिर्फ ब्याज तक सीमित नहीं होता।

बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) आपकी लोन एप्लिकेशन की जांच और प्रोसेसिंग के नाम पर एक अच्छी-खासी रकम ‘प्रोसेसिंग फीस’ और अन्य चार्जेस के रूप में वसूलती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, लोन लेने से पहले इन सभी खर्चों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में कोई छिपा हुआ खर्च आपकी जेब पर भारी न पड़े।

1. क्या होती है होम लोन प्रोसेसिंग फीस?

प्रोसेसिंग फीस वह प्रशासनिक शुल्क है, जो बैंक आपके लोन आवेदन की क्रेडिट जांच, दस्तावेजों के वेरिफिकेशन और अन्य कागजी कार्रवाई के लिए लेता है। यह फीस हर बैंक में अलग-अलग होती है। कुछ बैंक एक तय राशि वसूलते हैं, तो कुछ लोन राशि का 0.25% से लेकर 2% तक चार्ज करते हैं। त्योहारों या विशेष स्कीम के दौरान बैंक इस फीस पर पूरी या आंशिक छूट भी देते हैं।

2. लोन रिजेक्ट होने पर क्या प्रोसेसिंग फीस वापस मिलती है?

अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर लोन मंजूर नहीं हुआ, तो बैंक फीस वापस कर देगा लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार, बैंकों को आवेदन के समय ही साफ-साफ बताना होगा कि लोन रिजेक्ट या डिसबर्स न होने की स्थिति में प्रोसेसिंग फीस का कितना हिस्सा रिफंडेबल है। एप्लिकेशन फीस देने से पहले बैंक अधिकारी से रिफंड पॉलिसी लिखित में जरूर समझ लें।

3. प्रोसेसिंग फीस के अलावा ये ‘अतिरिक्त खर्च’ भी समझें

केवल प्रोसेसिंग फीस देखकर किसी लोन को सस्ता न समझें। इसके साथ कई अन्य अपफ्रंट खर्च भी जुड़ते हैं:

लीगल और टाइटिल फीस: प्रॉपर्टी के मालिकाना हक और कानूनी जांच के लिए।

टेक्निकल और वैल्युएशन चार्ज: प्रॉपर्टी की बाजार में सही कीमत और निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए।

डॉक्यूमेंटेशन फीस: एग्रीमेंट और स्टांप ड्यूटी से जुड़े खर्च।

इस बात का ध्यान दें कि जिस बैंक की प्रोसेसिंग फीस कम दिख रही हो, हो सकता है कि उसके लीगल या टेक्निकल चार्जेस दूसरे बैंकों से ज्यादा हों!

4. केवल ब्याज दर नहीं, ‘ऑल-इन कॉस्ट’ की तुलना करें

दो बैंकों के लोन की तुलना करते समय सिर्फ विज्ञापनों में दिख रही ब्याज दर न देखें।RBI के आदेशानुसार, बैंक को लोन एग्रीमेंट से पहले ग्राहक को ‘की फैक्ट्स स्टेटमेंट’ (KFS) देना अनिवार्य है। इसमें लोन की असली कुल लागत यानी Annual Percentage Rate (APR) लिखा होता है। स्मार्ट तरीका ये है कि दो लोन की तुलना करते समय ब्याज दर + प्रोसेसिंग फीस + अन्य सभी चार्ज को जोड़कर ही फैसला लें।

5. क्या प्रोसेसिंग फीस कम या माफ कराई जा सकती है?

जी हां! बैंक अक्सर ग्राहकों के क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर फीस में मोलभाव की गुंजाइश रखते हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक है और आपकी जॉब प्रोफाइल स्थिर है, तो आप बैंक से फीस माफ करने या घटाने की मांग कर सकते हैं। बैंक प्रतिनिधि या एजेंट द्वारा दी गई किसी भी छूट या छूट के मौखिक वादे पर भरोसा न करें, इसे आधिकारिक ईमेल या लेटर हेड पर लिखित रूप में ही लें।

6. पेमेंट करने से पहले एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें

आवेदन जमा करने से पहले बैंक से फीस की पूरी सूची मांगें। अगर लोन मंजूर होने के बाद कोई ऐसा चार्ज जोड़ा जाता है जिसका खुलासा पहले नहीं किया गया था, तो आप बैंक से जवाब मांग सकते हैं। RBI के नियमों के अनुसार, बिना पूर्व जानकारी के ग्राहकों पर नए चार्ज थोपना अनुचित व्यापार प्रथा के अंतर्गत आता है।

Home Loan: एक नजर में होम लोन के प्रमुख चार्जेस की लिस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, 1.28 लाख रिंग का वर्क ऑर्डर जारी

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए शुरू की जाने वाली ‘मामा गोल्ड रिंग योजना’ के तहत करीब 1.28 लाख सोने की अंगूठियां बनवाने का ऑर्डर दिया है। इन अंगूठियों पर करीब 220 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने इसके लिए दो बड़ी ज्वेलरी रिटेल चेन को काम सौंपा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस योजना के तहत चार महीने के दौरान एक लाख से ज्यादा नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 15 सितंबर से करने जा रही है। इसी दिन द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सीएन अन्नादुरई की जयंती भी है।

बता दें कि नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का यह वादा टीवीके (TVK) के चुनावी घोषणापत्र में शामिल था।

22 जून से अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ

इस स्कीम का फायदा उन नवजात बच्चों को मिलेगा जो 22 जून को सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का जन्मदिन भी है।

एक मोटे अनुमान के मुताबिक, लगभग 128.5 किलोग्राम वजन वाली 1,28,499 अंगूठियों (22-कैरेट) की लागत 220 करोड़ रुपये होगी और तमिलनाडु सरकार ने कुल 4,41,667 अंगूठियों (एक साल के लिए) की सप्लाई के लिए 755.83 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

हालांकि, अंगूठियों के शुरुआती बैच की अंतिम लागत में बदलाव हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने मौजूदा बाजार दरों पर सोने का भुगतान करने का जिम्मा लिया है।

गोल्ड रिंग सप्लाई का जिम्मा दो कंपनियों को मिला

अंगूठियां बनाने और सप्लाई करने में जॉयअलुक्कास (Joyalukkas) को 70 फीसदी और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) को 30 फीसदी हिस्सा मिला है। इसके तहत जॉयअलुक्कास करीब 89,949 अंगूठियां, जबकि कल्याण ज्वेलर्स 38,550 अंगूठियां तैयार करेगा।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में आज की बाजार दर के हिसाब से, इस स्कीम के तहत एक सोने की अंगूठी की लागत सरकार को लगभग 14,850 रुपये प्रति ग्राम पड़ेगी।

सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) ने जून से सितंबर तक लाभार्थियों के लिए जरूरी 1,28,499 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में वर्क ऑर्डर जारी किए हैं।

सीएम विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का किया था ऐलान

बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का ऐलान किया था, जिसका लाभ सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा। इस योजना का मकसद सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना है।

सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, “एक-एक ग्राम वजन वाली 4,41,667 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के सरकारी आदेश के बाद, 11 कंपनियों ने 14 जुलाई को तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के टेंडर में हिस्सा लिया और TN टेंडर्स पोर्टल के जरिए अपनी कीमत की जानकारी जमा की।”

जॉयअलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर सिर्फ 0.01 रुपये की सबसे कम बोली लगाई। इसमें प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, ट्रांसपोर्टेशन और BIS हॉलमार्किंग जैसे सभी अतिरिक्त खर्च शामिल थे।

सरकार ने बताया कि जब संबंधित कानूनों के तहत 10 अन्य बोलीदाताओं को जीतने वाली कीमत के बारे में बताया गया, तो कल्याण ज्वैलर्स ने भी उसी कीमत की बोली लगाई।

सरकार ने कहा, “थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम को तमिलनाडु सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चे के जन्म को यादगार बनाने और मातृत्व की खुशी व महत्व का जश्न मनाने के लिए लागू किया जा रहा है।”

1 पैसे की बोली पर विधानसभा में हंगामा

इस हफ्ते विधानसभा में इस स्कीम के टेंडर को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्षी पार्टियों DMK और AIADMK ने खरीद की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और “टेंडर के बहुत ही अजीब नतीजे” के बारे में पूछा, क्योंकि सफल बोली लगाने वाले ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹0.01 (एक पैसा) की बोली लगाई थी।

विपक्षी पार्टियों के अनुसार, दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹410.97 से लेकर ₹15,000 से ज्यादा तक की बोली लगाई थी।

जॉयलुक्कास ने एक बयान में कहा: “इस टेंडर की कीमत लगभग 755 करोड़ रुपये है, जिसमें सोने की कीमत कुल खरीद मूल्य का मुख्य हिस्सा है।” कंपनी ने कहा कि उसने “मौजूदा सोने की कीमत से सिर्फ 1 पैसा ज्यादा का सांकेतिक सर्विस चार्ज” कोट किया था।

वहीं, विपक्ष ने सवाल उठाया कि यह खरीद तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के जरिए क्यों की गई और तर्क दिया कि TNMSC को सिर्फ दवाइयां, मेडिकल उपकरण खरीदने और हेल्थकेयर बिल्डिंग बनाने के लिए बनाया गया था।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह योजना राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है।

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UPSSSC PET 2026 Registration: आज से शुरू हुआ पीईटी 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कैसे कर सकते हैं आवेदन

UPSSSC PET 2026 Registration: उत्त प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने स्टेट-लेवल स्क्रीनिंग परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। ग्रुप सी पदों पर नियुक्ति के इच्छुक उम्मीदवार 3 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपने आवेदन जमा कर सकते हैं। प्रीलिमिनरी एलिजिबिलिटी टेस्ट (PET) उत्तर प्रदेश में अलग-अलग ग्रुप सी पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक जरूरी क्वालिफाइंग परीक्षा है। इनमें लेखपाल, जूनियर असिस्टेंट, VDO, स्टेनोग्राफर, असिस्टेंट अकाउंटेंट और कई दूसरे पद शामिल हैं। कैंडिडेट को आवेदन फॉर्म भरने से पहले एक बार पंजीकरण (OTR) पूरा करना चाहिए।

यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

  • अप्लाई करने से पहले कैंडिडेट को ये एलिजिबिलिटी शर्तें पूरी करनी होंगी:
  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10 पास होना चाहिए।
  • कक्षा 12, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या उससे ज्यादा वाले उम्मीदवार भी योग्य हैं।
  • 1 जुलाई, 2026 को कम से कम उम्र 18 साल होनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा उम्र 40 साल होनी चाहिए।
  • आरक्षित कैटेगरी के लिए उम्र में छूट उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के हिसाब से मिलेगी।

पीईटी भर्ती का पहला स्टेज है। इसलिए, पीईटी स्कोर की वैलिडिटी के दौरान यूपीएसएसएससी द्वारा घोषित किए गए पोस्ट-स्पेसिफिक मुख्य परीक्षाओं के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स को इसे क्वालिफाई करना होगा।

यूपीएसएसएससी पीईटी 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं।
  • वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें।
  • रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • PET 2026 एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • ज़रूरी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • फॉर्म सबमिट करें।
  • भविष्य के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके सेव कर लें।

एग्जाम पैटर्न

  • परीक्षा में 100 मल्टीपल क्वेश्च्न पूछे जाएंगे।
  • पेपर हल करने के लिए 2 घंटे का समय दिया जाएगा।
  • पेपर 100 नंबर का होगा।
  • हर गलत जवाब पर 1/4 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।

क्वेश्चन इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, सामान्य विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, रीजनिंग, करेंट अफेयर्स और जनरल अवेयरनेस जैसे सब्जेक्ट्स से पूछे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

जनरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 185 रुपये और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 95 रुपये है। पीडब्लूडी कैंडिडेट्स को 25 रुपये की ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस पे करनी होगी।

DRDO Apprentice Recruitment 2026: अप्रेंटिस भर्ती के लिए डीआरडीओ में आवेदन शुरू, जानें अप्लाई करने की लास्ट डेट और स्टाइपेंड की डिटेल