विजय के ‘पीएम दांव’ पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

विजय के 'पीएम दांव' पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

CM Vijay Thalapathy

TVK Vijay Prime Minister Demand: तमिलनाडु की राजनीति में हाल में हुए बड़े बदलाव के बाद अब एक नया सियासी भूचाल खड़ा हो गया है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने राज्य विधानसभा चुनाव में इतिहास रचते हुए 108 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की और अकेले दम पर 35% वोट शेयर हासिल किया। लगभग 60 सालों से चले आ रहे डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बारी-बारी के शासन को खत्म कर विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं।

 

35% वोट शेयर का यह आंकड़ा तमिलनाडु के पूर्व लोकप्रिय मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन (MGR) को मिले वोट शेयर से भी 2 प्रतिशत अधिक है। बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़कर इतना बड़ा जनादेश हासिल करने का दावा करते हुए टीवीके समर्थक अब एक कदम आगे बढ़ गए हैं और विजय को 'भारत का अगला प्रधानमंत्री' प्रोजेक्ट करने लगे हैं। ALSO READ: परिसीमन पर तमिलनाडु CM विजय ने PM मोदी को लिखा पत्र, लोकसभा सीटों की संख्या 543 पर स्थायी रूप से तय करने की मांग

विधानसभा में उठा 'दक्षिण का पीएम' का मुद्दा

हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा के सत्र के दौरान टीवीके के वरिष्ठ नेता और मंत्री आधव अर्जुन (Aadhav Arjuna) ने यह कहकर नया विवाद छेड़ दिया कि 'दक्षिण भारत के किसी तमिल नेता को देश का अगला प्रधानमंत्री बनना चाहिए'।

 

इसके बाद से पूरे तमिलनाडु में टीवीके कार्यकर्ताओं और विजय के प्रशंसकों ने जगह-जगह पोस्टर्स और होर्डिंग्स लगा दिए हैं, जिनमें विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस बहस से जुड़े रील्स और वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।

कांग्रेस भड़की : 'दिल्ली में राहुल गांधी ही पीएम चेहरा'

टीवीके के इस नए दांव ने उनकी सहयोगी कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को असहज और नाराज कर दिया है।

 

कांग्रेस नेताओं का रुख : तमिलनाडु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भले ही विजय तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर और दिल्ली की राजनीति में राहुल गांधी ही विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के एकमात्र उम्मीदवार हैं।

 

कांग्रेस का कहना है कि 2029 के आम चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, इसलिए टीवीके कार्यकर्ताओं का विजय को पीएम पद का दावेदार बताना जल्दबाजी और अनुचित है। विजय के मंत्रिमंडल में शामिल 2 विधायकों ने भी इसका खुला विरोध किया है और मंत्री पद से इस्तीफे की धमकी भी दी है। 

 

दूसरी ओर, राज्य के अन्य विपक्षी दलों ने विजय को प्रधानमंत्री बनाने की बात को 'एक बड़ा मज़ाक' करार देते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसा होने की कोई व्यावहारिक संभावना नहीं है। ALSO READ: तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन का तीखा तंज

इस पूरे राजनीतिक घमासान के बीच डीएमके के मुख्य प्रवक्ता और कम्यूनिकेशन टीम के अध्यक्ष टीकेएस एलंगोवन (TKS Elangovan) ने टीवीके और विजय पर जोरदार कटाक्ष किया है।

 

“टीवीके को तमिलनाडु में स्पष्ट बहुमत (118 सीटें) खुद नहीं मिला था। विजय केवल कांग्रेस और वीसीके (VCK) जैसी पार्टियों के समर्थन के बल पर सरकार चला रहे हैं। जब राज्य में ही उनकी सरकार दूसरों के बैसाखियों पर टिकी है, तो वे पूरे देश के प्रधानमंत्री कैसे बन सकते हैं?”

 

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा- “एक दौर था जब हमने मांग की थी कि तमिलनाडु को एक अलग देश बनाया जाए। अगर तमिलनाडु कभी एक अलग देश बनता है, तो शायद विजय वहां के प्रधानमंत्री जरूर बन सकते हैं!”

2029 के लिए क्या हैं सियासी मायने?

तमिलनाडु में सत्ता में आते ही टीवीके द्वारा राष्ट्रीय राजनीति में अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर करना इस बात का संकेत है कि पार्टी खुद को सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रखना चाहती। हालांकि, कांग्रेस के साथ उभरते मतभेद और डीएमके का हमला यह दर्शाता है कि विजय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाना और क्षेत्रीय सहयोगियों को साधे रखना एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।

तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी, 1.28 लाख रिंग का वर्क ऑर्डर जारी

तमिलनाडु सरकार ने नवजात बच्चों के लिए शुरू की जाने वाली ‘मामा गोल्ड रिंग योजना’ के तहत करीब 1.28 लाख सोने की अंगूठियां बनवाने का ऑर्डर दिया है। इन अंगूठियों पर करीब 220 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार ने इसके लिए दो बड़ी ज्वेलरी रिटेल चेन को काम सौंपा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

इस योजना के तहत चार महीने के दौरान एक लाख से ज्यादा नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार इस कल्याणकारी योजना की शुरुआत 15 सितंबर से करने जा रही है। इसी दिन द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सीएन अन्नादुरई की जयंती भी है।

बता दें कि नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का यह वादा टीवीके (TVK) के चुनावी घोषणापत्र में शामिल था।

22 जून से अस्पताल में पैदा हुए बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ

इस स्कीम का फायदा उन नवजात बच्चों को मिलेगा जो 22 जून को सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का जन्मदिन भी है।

एक मोटे अनुमान के मुताबिक, लगभग 128.5 किलोग्राम वजन वाली 1,28,499 अंगूठियों (22-कैरेट) की लागत 220 करोड़ रुपये होगी और तमिलनाडु सरकार ने कुल 4,41,667 अंगूठियों (एक साल के लिए) की सप्लाई के लिए 755.83 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

हालांकि, अंगूठियों के शुरुआती बैच की अंतिम लागत में बदलाव हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने मौजूदा बाजार दरों पर सोने का भुगतान करने का जिम्मा लिया है।

गोल्ड रिंग सप्लाई का जिम्मा दो कंपनियों को मिला

अंगूठियां बनाने और सप्लाई करने में जॉयअलुक्कास (Joyalukkas) को 70 फीसदी और कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) को 30 फीसदी हिस्सा मिला है। इसके तहत जॉयअलुक्कास करीब 89,949 अंगूठियां, जबकि कल्याण ज्वेलर्स 38,550 अंगूठियां तैयार करेगा।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु में आज की बाजार दर के हिसाब से, इस स्कीम के तहत एक सोने की अंगूठी की लागत सरकार को लगभग 14,850 रुपये प्रति ग्राम पड़ेगी।

सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) ने जून से सितंबर तक लाभार्थियों के लिए जरूरी 1,28,499 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में वर्क ऑर्डर जारी किए हैं।

सीएम विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का किया था ऐलान

बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना का ऐलान किया था, जिसका लाभ सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा। इस योजना का मकसद सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना है।

सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, “एक-एक ग्राम वजन वाली 4,41,667 सोने की अंगूठियां सप्लाई करने के सरकारी आदेश के बाद, 11 कंपनियों ने 14 जुलाई को तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के टेंडर में हिस्सा लिया और TN टेंडर्स पोर्टल के जरिए अपनी कीमत की जानकारी जमा की।”

जॉयअलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर सिर्फ 0.01 रुपये की सबसे कम बोली लगाई। इसमें प्रोसेसिंग फीस, इंश्योरेंस, ट्रांसपोर्टेशन और BIS हॉलमार्किंग जैसे सभी अतिरिक्त खर्च शामिल थे।

सरकार ने बताया कि जब संबंधित कानूनों के तहत 10 अन्य बोलीदाताओं को जीतने वाली कीमत के बारे में बताया गया, तो कल्याण ज्वैलर्स ने भी उसी कीमत की बोली लगाई।

सरकार ने कहा, “थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम को तमिलनाडु सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाने, सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चे के जन्म को यादगार बनाने और मातृत्व की खुशी व महत्व का जश्न मनाने के लिए लागू किया जा रहा है।”

1 पैसे की बोली पर विधानसभा में हंगामा

इस हफ्ते विधानसभा में इस स्कीम के टेंडर को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्षी पार्टियों DMK और AIADMK ने खरीद की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और “टेंडर के बहुत ही अजीब नतीजे” के बारे में पूछा, क्योंकि सफल बोली लगाने वाले ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹0.01 (एक पैसा) की बोली लगाई थी।

विपक्षी पार्टियों के अनुसार, दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अतिरिक्त शुल्क के तौर पर ₹410.97 से लेकर ₹15,000 से ज्यादा तक की बोली लगाई थी।

जॉयलुक्कास ने एक बयान में कहा: “इस टेंडर की कीमत लगभग 755 करोड़ रुपये है, जिसमें सोने की कीमत कुल खरीद मूल्य का मुख्य हिस्सा है।” कंपनी ने कहा कि उसने “मौजूदा सोने की कीमत से सिर्फ 1 पैसा ज्यादा का सांकेतिक सर्विस चार्ज” कोट किया था।

वहीं, विपक्ष ने सवाल उठाया कि यह खरीद तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के जरिए क्यों की गई और तर्क दिया कि TNMSC को सिर्फ दवाइयां, मेडिकल उपकरण खरीदने और हेल्थकेयर बिल्डिंग बनाने के लिए बनाया गया था।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह योजना राज्य की हेल्थकेयर सेवाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है।

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‘100 बार गिरफ्तार होने को तैयार…’; एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर विवादित बयान पर उदयनिधि स्टालिन का रिएक्शन

Trisha Remark Row: एक्ट्रेस तृषा कृष्णन टिप्पणी विवाद के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद रिहा होने पर तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर तीखा हमला बोला। स्टालिन ने कहा कि पार्टी समर्थकों पर उनके खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का आरोप लगाया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता ने कहा कि अगर किसानों के हक में खड़े होने के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें गिरफ़्तार किया है। साथ ही, पूर्व डिप्टी सीएम ने प्रशासन को सोफ़ा मॉडल सरकार करार दिया क्योंकि वह किसानों की शिकायतों को दूर करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा, “सोफ़ा_मॉडल सरकार, जो किसानों की मुश्किलों को दूर करने में अक्षम है, उसने असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश में मुझे अरेस्ट किया है।”

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, “तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ हमें चेन्नई से तंजावुर तक सड़क मार्ग से 400 किलोमीटर ले जाया गया। हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।” उदयनिधि को अभिनेता तृषा को लेकर ‘द्विअर्थी’ टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था।

उन्हें बाद में तंजावुर ले जाया गया, जहां इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। उदयनिधि ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में आरोपों को झूठाबताया। DMK नेता ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर एक ही अर्थ वाला बयान दिया था।

उदयनिधि ने कहा, “मेरे भाषण को काट-छांट कर और कुछ हिस्सों को जोड़कर यह दावा किया गया कि मैंने अनुचित बात कही है। कुछ लोगों ने मुझ पर ‘द्विअर्थी’ बात करने का आरोप लगाया है। मैंने केवल एक ही अर्थ में बात की थी कि किसानों को पानी की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। तमिलनाडु की हर मां और बहन को मैं अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं।” उदयनिधि ने इस बात पर निराशा जताई कि कुछ सहयोगी राजनीतिक नेताओं ने भी उनके पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की।

‘द्विअर्थी टिप्पणी’ करने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कावेरी का पानी जारी करने की मांग करते समय उन्होंने एक ही अर्थ” में बात की थी। उन्होंने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘सर्कस कैंप’ करार दिया। उन्होंने कहा कि वह झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ एक आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें सड़क मार्ग से तंजावुर ले जाया गया। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दयनिधि स्टालिन को सेंगीपट्टी में पूछताछ के बाद पुलिस थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस थाने के बाहर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि का गर्मजोशी से स्वागत किया।

बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को किया स्वतंत्रता दिवस का ऐलान, पाकिस्तान से आजादी और अब फहराएगा नया झंडा!

Republic of Balochistan: पाकिस्तान से आजादी का ऐलान करने के कुछ ही हफ्तों बाद खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान घोषित करने वाले समूह ने 11 अगस्त को अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही बलूच समुदाय ने दुनिया के दूसरे देशों, ग्लोबल कम्युनिटी से एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में बलूचिस्तान को औपचारिक मान्यता देने की अपील फिर से की है।

CNN-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने एक बयान जारी कर ऐलान किया है कि 11 अगस्त को बलूचिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। दुनिया भर में रहने वाले बलूच समुदाय से इस खास मौके पर राष्ट्रव्यापी और वैश्विक स्तर पर जश्न मनाने की अपील की गई है।

नया झंडा फहराने और जश्न मनाने का आह्वान

बलूच स्वतंत्रता संग्राम के नेता मीर यार बलूच ने लोगों से अपने घरों, मोहल्लों, बाजारों, दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्र बलूचिस्तान का नया राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य इस दिन के महत्व को बनाए रखना और इसके ऐतिहासिक संदर्भ को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान 11 अगस्त को ही अपना वास्तविक स्वतंत्रता दिवस मानता है और अब से यह दिन हर साल इसी तरह मनाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए नए सिरे से अपील

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक संप्रभु राज्य के रूप में बलूचिस्तान को औपचारिक रूप से मान्यता देने और उनके रुख का समर्थन करने का नया आह्वान किया है। उनका मानना है कि जब तक पाकिस्तान अपने मौजूदा स्वरूप में कायम रहेगा तब तक इस क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और समृद्धि हासिल नहीं की जा सकती। बयान में यह दावा भी किया गया है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान और उसके लगभग 6 करोड़ बलूच लोग खुद को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र मानते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के लिए 11 अगस्त की तारीख ही क्यों?

बयान के मुताबिक 11 अगस्त 1947 वह ऐतिहासिक दिन था जब भारतीय उपमहाद्वीप से अंग्रेजों की वापसी के दौरान बलूचिस्तान ने सबसे पहले अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी। बयान में दावा किया गया है कि इस स्वतंत्रता की घोषणा को द न्यूयॉर्क टाइम्स सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने कवर किया था और ऑल इंडिया रेडियो ने भी इसका प्रसारण किया था। इसी ऐतिहासिक आधार पर बलूच राष्ट्र लगातार 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मानता आया है और भविष्य में भी इसी तारीख को यह दिवस मनाता रहेगा।

पाकिस्तान के इतिहास और भूमिका की कड़ी आलोचना

रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने अपने बयान में भारतीय उपमहाद्वीप के विभाजन के बाद के घटनाक्रमों और पाकिस्तान के रिकॉर्ड की जमकर आलोचना की है। बयान में कहा गया है कि विभाजन के बाद पूरे क्षेत्र में दशकों तक संघर्ष, अशांति, आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक संकट का दौर बना रहा। यह भी आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान की नीतियों ने न केवल दक्षिण एशिया बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित किया है।

कई ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया गया है। इनमें कश्मीर विवाद, मार्च 1948 में बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई, 1971 का संघर्ष जिसके बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ, जॉर्डन में फिलिस्तीनियों से जुड़ी सैन्य कार्रवाइयां, सोवियत-अफगान युद्ध, चागाई जिले में 1998 में पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण और अमेरिका में 9/11 के हमलों के बाद के घटनाक्रम शामिल हैं। बयान के मुताबिक, इन सभी वजहों से पूरे क्षेत्र में लंबे समय तक अस्थिरता, संघर्ष और खून-खराबा बढ़ा है।

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गौरतलब है कि बलूचिस्तान की ओर से 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने का यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं भारत 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएगा।

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन को चेन्नई पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक्ट्रेस तृषा को लेकर विवादित बयान पर विवादों में घिरे

Udhayanidhi Stalin arrest: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को तंजावुर में DMK की एक रैली के दौरान एक्ट्रेस तृषा के बारे में विवादित टिप्पणी करने के आरोप में चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से विपक्षी DMK और सत्ताधारी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब तंजावुर ईस्ट पुलिस ने एक विरोध सभा के दौरान DMK नेता की टिप्पणियों को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

इसके बाद पुलिस उदयनिधि स्टालिन के घर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इसके बाद उनके घर के बाहर DMK कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। DMK ने सरकार पर उदयनिधि स्टालिन को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें विधानसभा के चल रहे सत्र में हिस्सा लेने से रोकना था।

तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को राष्ट्रीय महिला आयोग में DMK यूथ विंग के सेक्रेटरी और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत 3 अगस्त को तंजावुर में DMK के एक प्रदर्शन के दौरान उनके द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर की गई है। इसे फिल्म एक्ट्रेस पर निशाना साधकर कही गई बात माना जा रहा है।

विवादित बयान पर बवाल

तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन सोमवार को अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए। उदयनिधि ने कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की उदासीनता के कारण तमिलनाडु को कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं मिला। रैली के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने ‘तृषा, तृषा’ के नारे लगाए।

पीटीआई के मुताबिक, उदयनिधि ने इस पर अपना भाषण रोककर मुस्कुराते हुए कथित तौर पर ‘द्विअर्थी’ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद उनका राजनीतिक विरोध शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में FIR दर्ज होने के बाद चेन्नई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है।

BJP ने बताया शर्मनाक बयान

तमिलनाडु की BJP इकाई के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने X पर कहा कि उदयनिधि की कथित द्विअर्थी टिप्पणी घृणित, अश्लील, आपत्तिजनक और शर्मनाक है। BJP नेता ने कहा, “सचमुच, कोई बदमाश या चोर भी, जिसकी मां, पत्नी या बेटी हो, इतनी अभद्र भाषा में बात नहीं करेगा। कोई भी मां, पत्नी या बेटी ऐसी टिप्पणी करने वालों को माफ नहीं करेगी।”

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उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी के लिए उदयनिधि को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए। तिरुपति ने कहा, “इस तरह की निम्नस्तरीय भाषा के लिए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर जेल भेजना तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के लिए मार्कंडेयन (DMK विधायक) की गिरफ्तारी से अधिक श्रेयस्कर होगा। अब देखना होगा कि अदालतें इस टिप्पणी के लिए सजा देती हैं या जमानत मंजूर करती हैं।”