Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City

Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City
Tamil Nadu CM Vijay Motor Sports City

Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay has revealed plans to develop a dedicated motorsport city in Chennai. This will include a new race track, capable of hosting F1, F2, F3, F4 and other international races.

“An Olympic city will be set up in Chennai. A Motor Sports city will also be set up in Chennai to host Formula 1 races. The talents of youth in motor sports will be identified, and training and racing opportunities will be provided to create national and international level champions,” Vijay said during the state Assembly.

He added, “Establishing world-class motor vehicle car racing arenas will provide opportunities for tourism, special vehicle manufacturing industries, employment, and economic development.”

  1. New Chennai race track aims to host F1, F2 and more
  2. Venue will also include training facilities

Chennai Motor Sports City plans revealed

F4 India

Tamil Nadu is at the very heart of the motorsport scene in India, with tracks like the Madras International Circuit and Kari Motor Speedway hosting majority of our national championship races. There’s also the Madras International Karting arena, which is the first karting track in the country to meet global CIK (Commission Internationale de Karting) standards. 

Vijay highlighted the business case behind setting up the new motorsport city in the state. Tamil Nadu is currently a leading state for the production of various two-wheelers and four-wheelers, as well as racing vehicles. He added that setting up “world class” racing venues will provide opportunities to boost tourism, specialised vehicle manufacturing industries and well as employment and the local economy in general.

While the precise location of this new motorsport city hasn’t been revealed, Vijay did share that the goal is for the venue to be capable of hosting international-level racing like F4, F3, F2 and even F1. 

Driver development will be another key focus area. Vijay stated that the venue will also include training facilities to identify and nurture local racing talent in a bid to give them opportunities on the national and international stage. 

India eyes F1 return

F1 Indian GP

This announcement follows renewed interest from the Indian government to bring F1 back to India.

The Buddh International Circuit last hosted The F1 Indian GP from 2011 to 2013. But the race was then dropped, mainly due to the Uttar Pradesh government’s taxation policy at the time, which classified F1 as entertainment rather than sport. 

However, speaking to media earlier this year, sports minister Mansukh Mandaviya shared that the government is working to make India a viable host country for international racing. “For instance, if the entertainment tax cannot be altogether repealed, we will try to ensure that reimbursements are provided to incentivise the project for the organisers. Discussions are ongoing on this issue. It is an interministerial matter, and we are trying our best to make it attractive for Formula 1,” he said at the time.

F1 CEO Stefano Domenicali has stated that there is “big interest” for the championship to return to India, but also stressed that this won’t happen any time soon and will require several conditions to be met. “There are the right things that we need to do – to again find back the right promoters, the right collaboration and the right timing, which will not be in the very short term. But when we talk about five years in Formula 1, it seems to be very far away, but it’s not,” he told F1 India broadcaster FanCode.

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

CJP Abhijeet Dipke TN CM Vijay

CJP Abhijeet Dipke Tamil Nadu CM Vijay: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'स्कूल ठीक करो' आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु सरकार, पश्चिम बंगाल में एक छात्र के पिता की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर वापसी के निर्देश और 'पीएम केयर्स फंड' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।   

अगर डर लग रहा है तो स्कूल ठीक करो

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को CJP और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित 'स्कूल ठीक करो' जैसे आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, भारी जन-विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है। ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा आदेश आना ही गलत था। आंदोलन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार (Fundamental Right) है। ऐसे आदेश दिखाते हैं कि सरकारें जनता और छात्रों से डर रही हैं। अगर आपको डर है कि लोग वीडियो बना लेंगे या बदनामी होगी, तो स्कूलों की हालत सुधार दीजिए! लोग रोकने के बजाय आपकी तारीफ में वीडियो बनाएंगे। ALSO READ: आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धोखा दे रही सरकार?

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था ताकि उन्हें निरस्त (Quash) किया जा सके। इस पर दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारें सुप्रीम कोर्ट के कंधों पर बंदूक रखकर यह बहाना बनाती थीं कि अदालत की वजह से केस वापस नहीं लिए जा सकते। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस खत्म करने को तैयार है, तब भी सरकारें डेटा जमा नहीं कर रही हैं। यह देश के युवाओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है।  

PM CARES में 8000 करोड़ की FD क्यों? शिक्षा नीति पर उठाया सवाल

CJP नेता अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'PM CARES Fund' में जमा पड़ी विशाल धनराशि पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ देश के गरीब बच्चे बिना पीने के पानी, टूटी बेंचेस और जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ PM CARES Fund में लगभग 8,000 करोड़ रुपए बिना किसी इस्तेमाल के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में पड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पैसा किसी नेता के रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखा गया है? जब देश के बच्चे एक अच्छे स्कूल और सड़कों के लिए रो रहे हैं, तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा?

पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो हेट क्राइम का शिकार हुए अब्दुल के पिता

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर दीपके बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने और बदहाली उजागर करने के कारण अब्दुल हफीज के परिवार पर प्राणघातक हमला हुआ, जिसमें उनके पिता की जान चली गई।  

  • हेट क्राइम का आरोप : पुलिस रिपोर्ट्स में पकड़े गए आरोपियों का संबंध राजनीतिक पृष्ठभूमि से बताया गया है। दीपके ने इसे साफ तौर पर 'हेट क्राइम' करार दिया।
  • मुआवजा नहीं, स्कूल चाहिए : अब्दुल के जज्बे को सलाम करते हुए दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी उस लड़के ने कोई आर्थिक मुआवजा (Compensation) नहीं मांगा। उसकी एक ही मांग है कि उसके गांव में एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बने और उसका नाम उसके दिवंगत पिता के नाम पर रखा जाए। इससे बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।  

गांधी के विचारों को कोई नहीं मार सकता

आंदोलन पर उठे हिंसा और अराजकता के सवालों पर जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि आज जब महात्मा गांधी का परिवार खुद इस मुहिम के साथ खड़ा है, तो इससे बड़ा देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन नेपाल या बांग्लादेश जैसी हिंसक घटनाओं पर आधारित नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्तों पर चलता है। जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वे आज भी उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा गांधी के सिद्धांतों में ही बसती है।

‘100 बार गिरफ्तार होने को तैयार…’; एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर विवादित बयान पर उदयनिधि स्टालिन का रिएक्शन

Trisha Remark Row: एक्ट्रेस तृषा कृष्णन टिप्पणी विवाद के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद रिहा होने पर तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) पर तीखा हमला बोला। स्टालिन ने कहा कि पार्टी समर्थकों पर उनके खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का आरोप लगाया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता ने कहा कि अगर किसानों के हक में खड़े होने के लिए उन्हें 100 बार भी गिरफ्तार होना पड़े, तो वे इसके लिए तैयार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें गिरफ़्तार किया है। साथ ही, पूर्व डिप्टी सीएम ने प्रशासन को सोफ़ा मॉडल सरकार करार दिया क्योंकि वह किसानों की शिकायतों को दूर करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा, “सोफ़ा_मॉडल सरकार, जो किसानों की मुश्किलों को दूर करने में अक्षम है, उसने असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश में मुझे अरेस्ट किया है।”

उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, “तीन हजार पुलिसकर्मियों के साथ हमें चेन्नई से तंजावुर तक सड़क मार्ग से 400 किलोमीटर ले जाया गया। हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।” उदयनिधि को अभिनेता तृषा को लेकर ‘द्विअर्थी’ टिप्पणी करने के मामले में मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था।

उन्हें बाद में तंजावुर ले जाया गया, जहां इस संबंध में मामला दर्ज किया गया। उदयनिधि ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में आरोपों को झूठाबताया। DMK नेता ने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर एक ही अर्थ वाला बयान दिया था।

उदयनिधि ने कहा, “मेरे भाषण को काट-छांट कर और कुछ हिस्सों को जोड़कर यह दावा किया गया कि मैंने अनुचित बात कही है। कुछ लोगों ने मुझ पर ‘द्विअर्थी’ बात करने का आरोप लगाया है। मैंने केवल एक ही अर्थ में बात की थी कि किसानों को पानी की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं का अपमान करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। तमिलनाडु की हर मां और बहन को मैं अपने परिवार का हिस्सा मानता हूं।” उदयनिधि ने इस बात पर निराशा जताई कि कुछ सहयोगी राजनीतिक नेताओं ने भी उनके पूरे भाषण का संदर्भ जाने बिना उनकी आलोचना की।

‘द्विअर्थी टिप्पणी’ करने के आरोप को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कावेरी का पानी जारी करने की मांग करते समय उन्होंने एक ही अर्थ” में बात की थी। उन्होंने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार पर निशाना साधते हुए उसे ‘सर्कस कैंप’ करार दिया। उन्होंने कहा कि वह झूठे मामलों से डरने वाले नहीं हैं।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने उनके साथ एक आतंकवादी जैसा व्यवहार किया और उन्हें सड़क मार्ग से तंजावुर ले जाया गया। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए दयनिधि स्टालिन को सेंगीपट्टी में पूछताछ के बाद पुलिस थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस थाने के बाहर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) कार्यकर्ताओं ने उदयनिधि का गर्मजोशी से स्वागत किया।