H-1B वीजा पर US का नया प्लान, भारत पर क्या होगा असर?

H-1B वीजा पर US का नया प्लान, भारत पर क्या होगा असर?

डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिकी सरकार ने अत्यधिक कुशल विदेशी कर्मचारियों के लिए नए H-1B वीजा आवेदन पर 1 लाख डॉलर से अधिक की फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) की ओर से जारी प्रस्ताव के तहत यह फीस बढ़ाकर 1,03,265 डॉलर की जा सकती है। सोमवार को Federal Register में प्रकाशित नोटिस के मुताबिक, यह फीस उन सभी H-1B वीजा कैप-सब्जेक्ट आवेदनों पर लागू होगी, जिनमें एडवांस्ड डिग्री यानी उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध छूट वाली श्रेणी भी शामिल है।

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H-1B फीस बढ़ाने का नया प्रस्ताव

 

DHS का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब H-1B वीजा फीस को लेकर अमेरिकी अदालतों में कानूनी विवाद चल रहा है। करीब एक महीने पहले एक संघीय अपीलीय अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जिला जज के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी, जिसने ट्रंप प्रशासन की 1 लाख डॉलर H-1B फीस लगाने की योजना को पलट दिया था।

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सितंबर 2025 में ट्रंप ने एक व्यापक घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत H-1B वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर की फीस लगाने का प्रावधान किया गया था। इसी दौरान अमीर लोगों के लिए अमेरिकी नागरिकता की राह के तौर पर 10 लाख डॉलर के ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा की योजना भी पेश की गई थी।

 

हालांकि, बाद में एक संघीय अदालत ने 1 लाख डॉलर की H-1B फीस को रद्द कर दिया था। वहीं, ‘गोल्ड कार्ड’ कार्यक्रम एक अलग पहल है।

 

भारतीय प्रोफेशनल्स पर सबसे ज्यादा असर की आशंका

नई प्रस्तावित फीस का सबसे ज्यादा असर भारतीय प्रोफेशनल्स पर पड़ने की आशंका है। इसकी वजह यह है कि H-1B वीजा धारकों में भारतीय नागरिकों की संख्या काफी बड़ी है। H-1B वीजा मुख्य रूप से ऐसे विशेषज्ञ पेशों (Specialty Occupations) के लिए जारी किया जाता है, जिनमें आमतौर पर कम से कम स्नातक डिग्री या उसके समकक्ष योग्यता की आवश्यकता होती है।

 

यह वीजा लंबे समय से अमेरिका की टेक्नोलॉजी कंपनियों और IT सर्विसेज कंपनियों के लिए विदेशी कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने का प्रमुख माध्यम रहा है। हालांकि, आलोचकों का आरोप है कि कुछ कंपनियां H-1B कार्यक्रम का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम लागत वाले विदेशी श्रमिकों तक पहुंच बनाने के लिए करती हैं।

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H-1B वीजा के लिए होता है लॉटरी सिस्टम

 

परंपरागत रूप से जब H-1B वीजा के लिए आवेदन वार्षिक सीमा से अधिक हो जाते थे, तो कैप-सब्जेक्ट वीजा आवेदनों का चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता था। हालांकि, हाल के वर्षों में H-1B वीजा चयन प्रक्रिया में कई बदलाव किए गए हैं।

 

Amazon, Infosys और TCS समेत ये कंपनियां बड़ी नियोक्ता

H-1B कार्यक्रम के तहत Amazon लगातार सबसे बड़े नियोक्ताओं में शामिल रही है। इसके अलावा Cognizant, Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Microsoft और Google जैसी कंपनियां भी H-1B वीजा के प्रमुख नियोक्ताओं में शामिल हैं। अमेरिका का California राज्य भी H-1B मंजूरियों के मामले में प्रमुख राज्यों में बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह राज्य में टेक्नोलॉजी कंपनियों की भारी मौजूदगी है।

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नए प्रस्ताव को अंतिम रूप मिलने पर अमेरिका में काम करने की योजना बना रहे विदेशी कुशल कर्मचारियों और उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों की लागत में बड़ा इजाफा हो सकता है। भारतीय IT प्रोफेशनल्स और अमेरिकी टेक कंपनियां इस प्रस्ताव से सबसे ज्यादा प्रभावित पक्षों में शामिल हो सकती हैं।

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

CJP Abhijeet Dipke TN CM Vijay

CJP Abhijeet Dipke Tamil Nadu CM Vijay: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'स्कूल ठीक करो' आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु सरकार, पश्चिम बंगाल में एक छात्र के पिता की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर वापसी के निर्देश और 'पीएम केयर्स फंड' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।   

अगर डर लग रहा है तो स्कूल ठीक करो

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को CJP और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित 'स्कूल ठीक करो' जैसे आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, भारी जन-विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है। ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा आदेश आना ही गलत था। आंदोलन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार (Fundamental Right) है। ऐसे आदेश दिखाते हैं कि सरकारें जनता और छात्रों से डर रही हैं। अगर आपको डर है कि लोग वीडियो बना लेंगे या बदनामी होगी, तो स्कूलों की हालत सुधार दीजिए! लोग रोकने के बजाय आपकी तारीफ में वीडियो बनाएंगे। ALSO READ: आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धोखा दे रही सरकार?

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था ताकि उन्हें निरस्त (Quash) किया जा सके। इस पर दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारें सुप्रीम कोर्ट के कंधों पर बंदूक रखकर यह बहाना बनाती थीं कि अदालत की वजह से केस वापस नहीं लिए जा सकते। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस खत्म करने को तैयार है, तब भी सरकारें डेटा जमा नहीं कर रही हैं। यह देश के युवाओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है।  

PM CARES में 8000 करोड़ की FD क्यों? शिक्षा नीति पर उठाया सवाल

CJP नेता अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'PM CARES Fund' में जमा पड़ी विशाल धनराशि पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ देश के गरीब बच्चे बिना पीने के पानी, टूटी बेंचेस और जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ PM CARES Fund में लगभग 8,000 करोड़ रुपए बिना किसी इस्तेमाल के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में पड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पैसा किसी नेता के रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखा गया है? जब देश के बच्चे एक अच्छे स्कूल और सड़कों के लिए रो रहे हैं, तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा?

पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो हेट क्राइम का शिकार हुए अब्दुल के पिता

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर दीपके बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने और बदहाली उजागर करने के कारण अब्दुल हफीज के परिवार पर प्राणघातक हमला हुआ, जिसमें उनके पिता की जान चली गई।  

  • हेट क्राइम का आरोप : पुलिस रिपोर्ट्स में पकड़े गए आरोपियों का संबंध राजनीतिक पृष्ठभूमि से बताया गया है। दीपके ने इसे साफ तौर पर 'हेट क्राइम' करार दिया।
  • मुआवजा नहीं, स्कूल चाहिए : अब्दुल के जज्बे को सलाम करते हुए दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी उस लड़के ने कोई आर्थिक मुआवजा (Compensation) नहीं मांगा। उसकी एक ही मांग है कि उसके गांव में एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बने और उसका नाम उसके दिवंगत पिता के नाम पर रखा जाए। इससे बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।  

गांधी के विचारों को कोई नहीं मार सकता

आंदोलन पर उठे हिंसा और अराजकता के सवालों पर जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि आज जब महात्मा गांधी का परिवार खुद इस मुहिम के साथ खड़ा है, तो इससे बड़ा देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन नेपाल या बांग्लादेश जैसी हिंसक घटनाओं पर आधारित नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्तों पर चलता है। जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वे आज भी उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा गांधी के सिद्धांतों में ही बसती है।

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिसा, मोदी सरकार ने इसे सेफ बनाया, अब्दुल्ला से मिलकर बोले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

omar abdulla

अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर अपने पहले कश्मीर दौरे पर श्रीनगर पहुंचे और वहां के बदलते सुरक्षा माहौल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कश्मीर को भारत का एक अहम हिस्सा माना और कहा कि मोदी सरकार ने इसे पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। उनके इस 'सुरक्षित' वाले बयान के बहुत बड़े मायने हैं, जिसे उन्होंने अपने अगले ही वाक्य में साफ भी कर दिया। गोर ने बताया कि वाशिंगटन जल्द ही अपने नागरिकों के लिए जारी 'नेगेटिव ट्रेवल एडवाइजरी' की समीक्षा करने वाला है।

राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर को भारत का एक 'बेहद खूबसूरत और महत्वपूर्ण हिस्सा'  कहा है।  उन्होंने कहा कि वो पहली बार कश्मीर आए हैं और यहां की सुंदरता को देखकर हैरान हैं। केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की तारीफें करते हुए गोर ने कहा कि क्षेत्र अब काफी सुरक्षित हो चुका है और बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक यहां आकर इसकी खूबसूरती का अनुभव जरूर करना चाहेंगे।  

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‘मैं दूसरे देश के राजदूत के सामने अपनी शिकायतें नहीं रखता’

 

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं उनकी बात सुनने के लिए अधिक उत्सुक हूं। मुझे अपनी शिकायतें किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने रखने की आदत नहीं है। हमारे मामले वॉशिंगटन में हल नहीं होने वाले हैं, बल्कि इन्हें हमारे देश की सरकार ही सुलझाएगी।” उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के राजदूत के सामने शिकायत करना उनके लिए उचित नहीं होगा। 

 

बीजेपी का विरोध प्रदर्शन, उमर ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया जवाब

इस बीच, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने बुधवार को सिविल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का कार्यक्रम बनाया है। पार्टी ने उमर अब्दुल्ला सरकार पर कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। बीजेपी के आरोपों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार में इतना भी सामर्थ्य नहीं है कि वह इस तरह के कथित भ्रष्टाचार को “छिपा” सके।

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

Vijay Thalapathy

तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला आदेश वापस ले लिया है। सरकार की तरफ से जारी इस आदेश में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने के निर्देश दिए गए थे, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी ने गैर-संवैधानिक बताते हुए विरोध किया था। अब विजय की सरकार ने बुधवार को अपना ही दिया आदेश वापस ले लिया है।

कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने बुधवार को अपना पिछला निर्देश वापस ले लिया, जिसमें सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के छात्रों और युवाओं को विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों में भाग लेने से रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया था।

मंगलवार को जारी एक आदेश में कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी ने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा 17 अगस्त, 2026 को जारी पिछला आदेश वापस ले लिया गया है। यह आदेश तमिलनाडु के सभी सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों को जारी किया गया था।

क्या था आदेश : 17 अगस्त के एक पत्र में, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों से कहा कि वे स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों, पुलिस और ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि छात्र-छात्राएं और युवा ऐसे विरोध प्रदर्शनों में शामिल न हों। यह निर्देश 14 अगस्त के एक सरकारी पत्र का ज़िक्र करता है, जिसमें इस मामले पर अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया था। “बेहद ज़रूरी” (Most Urgent) मार्क किए गए इस संदेश में कॉलेजों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे की गई कार्रवाई की जानकारी तुरंत 'डायरेक्टरेट ऑफ़ कॉलेजिएट एजुकेशन' को सौंपें।

सूत्रों के मुताबिक, TVK सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और ज़िला प्रशासन से कहा है कि वे छात्रों की भागीदारी रोकने के लिए मिलकर कार्रवाई करें। यह आदेश राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के बीच जारी किया गया है और दो राजनीतिक समूहों द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शनों में छात्रों और युवाओं की भागीदारी को लेकर सरकार की चिंता के बाद आया है।

सीजेपी पर BJP की प्रतिक्रिया : इस आदेश पर BJP नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। BJP नेता विनोज़ पी. सेल्वम ने वामपंथी संगठनों और CJP को “अराजकता फैलाने वाले” (Agents of Chaos) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके नेता छात्रों को गुमराह करते हैं और उन्हें नतीजों का सामना करने के लिए अकेला छोड़कर खुद अपने घरों को लौट जाते हैं। उन्होंने विजय सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से बचने और अपने करियर पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह अपनी सहयोगी पार्टी CPI(M) के दबाव में आकर इस नोटिफिकेशन को वापस न ले।

क्यों वापस लिया आदेश : तमिलनाडु सरकार के इस आदेश के सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने इसका विरोध किया था और इस आदेश को “गैर-संवैधानिक” बताया था। पार्टी ने विजय सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की थी। यह पूरा विवाद ऐसे समय शुरू हुआ था, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। CJP और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का विजय सरकार का आदेश राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया था और इसी वजह से सरकार ने आदेश वापस ले लिया है।

Tamil Nadu Budget 2026: शादी पर लड़की को सोने का सिक्का, जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी, जानें बजट में क्या-क्या है

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु के वित्तमंत्री मैरी विल्सन ने 5 अगस्त को विजय सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट में कई वेल्फेयर स्कीम के लिए बड़ा आवंटन किया गया है। साथ ही सरकार का फोकस टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। लेकिन, बजट में कुछ स्कीम के लिए आवंटित फंड की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।

लड़की की शादी पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी

सरकार ने दो गोल्ड असिस्टेंस स्कीम के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है। गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के तहत लड़की की शादी पर सरकार सोने का एक 8 ग्राम का सिक्का और सिल्क की एक साड़ी देगी। दरअसल, टीवीके प्रमुख सी जोसफ विजय ने चुनाव से पहले राज्य की जनता से ये वादे किए थे।

सरकारी अस्पताल में जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी

गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के लिए 812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 560 करोड़ रुपये का आवंटन गोल्ड रिंग स्कीम के लिए किया गया है। इस स्कीम के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को सरकार की तरफ से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस स्कीम से सरकार अस्पताल की सेवाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप के लिए 2000 करोड़ आवंटन

बजट में कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने की स्कीम के लिए 2,000 रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने हज सब्सिडी का भी ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत पहली बार हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को सरकारी की तरफ 35,000 से 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

राज्य सरकार पर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 

राज्य के वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में NEET की जगह 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला देने की अपील केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए कई उपाय कर रही है। इससे पहले टीवीके सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक व्हाइट पेपर पेश किया था। इस राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी गई।

9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न स्कूल बनेंगे

राज्य के बजट में स्कूलों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर एक खास स्कीम शुरू करने जा रही है। इस स्कीम में 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

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परिवारों को मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम पहले से लागू

वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही परिवारों के लिए मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम शुरू कर चुकी है। शराब की 717 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। विल्सन ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्यायन और सभी के लिए आवास पर है।

Tamil Nadu Budget 2026: सीएम विजय का Gen Z बजट! युवाओं के लिए AI, फ्री लैपटॉप और रोजगार का बड़ा पैकेज

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार का पहला बजट (2026-27) विधानसभा में पेश कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली इस नई सरकार ने अपने पहले बजट के जरिए साफ संदेश दिया है युवा और Gen Z इस सरकार के एजेंडे के सबसे बड़े केंद्र बिंदु हैं। सिर्फ पारंपरिक कल्याणकारी योजनाओं तक सीमित रहने के बजाय 2026-27 का यह बजट शिक्षा में सुधार, डिजिटल पहुंच, रोजगार क्षमता, कौशल विकास और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर फोकस किया गया है।

बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, खेल और रोजगार से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों की घोषणा की। इसके साथ ही तमिलनाडु सरकार ने नीट (NEET) परीक्षा का विरोध दोहराते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि राज्य में मेडिकल प्रवेश को कक्षा 12वीं की पब्लिक परीक्षा के अंकों के आधार पर ही बहाल किया जाए।

स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए खोला खजाना

शिक्षा क्षेत्र को इस बजट में सबसे बड़ा आवंटन दिया गया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44527 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8393 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है। पल्ली निरईवु थिटम योजना के तहत 2132 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 3734 सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष के लिए योजना को 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 10 हजार स्कूलों के लिए सुपर क्लीन, सुपर कैंपस अभियान के तहत पहले चरण में 139 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत रोजना की सफाई, साफ पेयजल, शौचालय रखरखाव और 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

पेरुंथलैवर कामराजर मॉडल स्कूल का ऐलान हुआ है। इनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को आवासीय सुविधाएं, शिक्षा, भोजन, यूनिफॉर्म, आवास, पाठ्यपुस्तकें और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त दी जाएगी।

फ्री लैपटॉप, साइकिलें और इंटीग्रेटेड हॉस्टल

टीवीके सरकार ने छात्रों के कल्याण को कक्षाओं से आगे बढ़ाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की लागत से वेत्री लैपटॉप योजना शुरू की जा रही है। पुथिया पयनम, पुथिया वेगम योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 11वीं के 5.3 लाख स्टूडेंट्स को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी। इन साइकिलों में सुरक्षा हेलमेट और वाटर बोतल भी लगी होगी। इस पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

राज्य में हॉस्टल व्यवस्था को सुधारने के लिए ‘तमिलनाडु स्टूडेंट हॉस्टल्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन’ (TNSHIC) का गठन किया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 3200 करोड़ रुपये की लागत से 200 इंटिग्रेटेड हॉस्टल बनाए जाएंगे। इनमें 1 लाख छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी। पाठ्यक्रम सुधार कार्यक्रम ‘कत्रलिल मुधलीदम तमिलनाडु’ के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा मदुरै में 300 वार्षिक सीटों की क्षमता वाला नया लॉ कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई है।

AI मिशन, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और फ्यूचर स्किल्स

प्रौद्योगिकी के महत्व को समझते हुए बजट में AI और टेक्नोलॉजी पर खास जोर दिया गया है। तमिलनाडु AI मिशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, वर्चुअल रियलिटी और दूसरी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘तमिलनाडु AI मिशन’ का गठन किया जाएगा। यह मिशन e-Sevai 2.0 के साथ मिलकर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाएगा। AI और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के लिए बजट में 398 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने कहा है कि 2031 तक इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) के 5 लाख छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी।

रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्पोर्ट्स पर जोर

शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। वेत्रीथिरन ट्रेनिंग स्कीम के तहत 13 लाख युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल विकास प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के मौके दिए जाएंगे। एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस (IBPS) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जिला रोजगार केंद्रों के माध्यम से कोचिंग कक्षाओं का संचालन होगा। इसके लिए 3.38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। 90 करोड़ रुपये की लागत से 5 नए ITI स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, TN Spark कार्यक्रम का विस्तार 5,000 स्कूलों से बढ़ाकर 7,600 सरकारी स्कूलों तक किया जाएगा। खेलों और एथलेटिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए तमिलनाडु भर में 50 करोड़ रुपये के बजट के साथ 10 ओलंपिक सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे।

बजट में क्यों छाया रहा Gen Z और युवा वर्ग?

मौजूदा समय में पूरे देश में सरकारें Gen Z और युवाओं की आकांक्षाओं को साधने का प्रयास कर रही हैं। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्किल गैप, डिजिटल अवसर, AI तकनीक और उच्च शिक्षा जैसे मुद्दे सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में हैं। युवा मतदाता राजनीतिक नैरेटिव को दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सीएम विजय का यह पहला बजट युवाओं की इसी बदलती सोच और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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