How to Buy Home: ₹30000 की सैलरी में भी खरीद सकते हैं अपना घर, समझिए कैसे बनाएं पूरा प्लान

How to Buy Home: अपना घर खरीदने का सपना हर कोई देखता है। लेकिन महीने की सैलरी ₹30,000 के आसपास हो, तो लगता है कि आज के जमाने में घर खरीदना शायद मुमकिन नहीं है। किराया, राशन, बिजली का बिल और बच्चों की फीस देने के बाद बचता ही कितना है? ऐसे में होम लोन की EMI चुकाना बड़ी जिम्मेदारी लगती है।

हालांकि, कम सैलरी में भी घर खरीदा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी कमाई के हिसाब से घर चुनें। बड़ा लोन लेने के बजाय ऐसी EMI रखें, जिसे हर महीने आसानी से चुका सकें। आइए, उदाहरण से समझते हैं कि ₹30,000 की सैलरी में घर खरीदने का प्लान कैसे बना सकते हैं।

₹30,000 की सैलरी पर कितना होम लोन लें?

BASIC Home Loan के CEO और को-फाउंडर अतुल मोंगा का कहना है कि अगर आप ₹10 लाख का होम लोन लेते हैं, तो ब्याज दर और लोन की अवधि के हिसाब से EMI करीब ₹10,000 हो सकती है। मोंगा के मुताबिक, अगर आपकी सैलरी ₹30,000 है, तो घर खरीदना सिर्फ कमाई पर निर्भर नहीं करता। ये भी जरूरी है कि आप घर खरीदने की कितनी अच्छी तैयारी करते हैं। घर

इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आपकी सैलरी ₹30,000 है। इसमें से ₹8,000 घर और किराने, ₹3,000 बिजली और दूसरे बिलों, ₹4,000 आने-जाने और ₹5,000 परिवार के अन्य खर्चों में जाते हैं। इस तरह कुल खर्च ₹20,000 हुआ। अब आपके पास ₹10,000 बचते हैं।

सैलरी के हिसाब से खर्च का पूरा हिसाब समझें

महीने का हिसाबरकम
कुल सैलरी₹30,000
राशन और घर का खर्च₹8,000
बिजली, मोबाइल और दूसरे बिल₹3,000
आने-जाने का खर्च₹4,000
परिवार के दूसरे खर्च₹5,000
कुल खर्च₹20,000
खर्च के बाद बची रकम₹10,000

ये सिर्फ उदाहरण है। आप अपने परिवार के खर्च के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकते हैं। जैसे कि कुछ पैसे बचाकर इमरजेंसी के लिए रख सकते हैं।

डाउन पेमेंट के लिए पैसे कैसे जुटाएं?

बैंक आमतौर पर घर की पूरी कीमत का लोन नहीं देते। घर खरीदते समय आपको भी कुछ पैसा लगाना पड़ता है। इसी को डाउन पेमेंट कहते हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी जैसे खर्च भी हो सकते हैं।

मान लीजिए, आपको ₹15 लाख का घर पसंद आया। बैंक ₹12 लाख का लोन देने को तैयार है। ऐसे में बाकी ₹3 लाख आपको अपनी तरफ से लगाने होंगे। रजिस्ट्री और दूसरे खर्चों के लिए अलग से पैसा भी चाहिए हो सकता है।

इसलिए घर खरीदने से पहले बचत शुरू करें। हर महीने ₹5,000 बचाने पर एक साल में ₹60,000 जमा होंगे। इसी तरह, तीन साल में ब्याज को छोड़कर ₹1.80 लाख जमा हो सकते हैं। अगर परिवार से आर्थिक मदद मिले या बोनस की रकम बचा सकें, तो डाउन पेमेंट का लक्ष्य जल्दी पूरा हो सकता है।

होम लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अतुल मोंगा के मुताबिक, होम लोन लेने से पहले सबसे पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरें और प्रोसेसिंग फीस देखें। सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन लेने से बचना चाहिए। लोन की अवधि और दूसरी शर्तें भी समझना जरूरी है।

कमाई और बैंकिंग रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से आवेदन की प्रक्रिया आसान हो सकती है। अगर भविष्य में आपकी कमाई बढ़ती है और आपके पास अतिरिक्त पैसा आता है, तो लोन की कुछ रकम पहले चुकाने पर भी विचार कर सकते हैं। इसे पार्ट-प्रीपेमेंट कहते हैं। इससे बकाया लोन और कुल ब्याज घट सकता है।

मोंगा का कहना है कि आखिरकार मकसद सिर्फ होम लोन लेना नहीं होना चाहिए। जरूरी यह है कि लोन की रकम इतनी हो, जिसकी EMI परिवार लंबे समय तक आसानी से चुका सके। इसके लिए परिवार के दूसरे जरूरी खर्चों और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों से समझौता नहीं करना पड़े।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

BASIC Home Loan: 2029 तक 500 नए फाइनेंस सेंटर खोलेगी, हर साल ₹60,000 करोड़ तक होम लोन का टारगेट

BASIC Home Loan: फिनटेक कंपनी BASIC Home Loan ने 2029 तक देशभर में 500 BASIC Finance Centres खोलने की योजना बनाई है। कंपनी का मकसद होम लोन को ज्यादा आसान और तेज बनाना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी के साथ स्थानीय एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इन सेंटरों के जरिए हर साल ₹50,000-60,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करना है।

पहले इन राज्यों पर रहेगा फोकस

बेसिक होम लोन के मुताबिक, शुरुआत में कंपनी उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में विस्तार करेगी। इसके बाद पूरे देश में नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। खास फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों पर रहेगा। कंपनी अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

क्यों जरूरी हैं नए फाइनेंस सेंटर?

कंपनी का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आने के बाद भी लोग होम लोन लेते समय सलाह चाहते हैं। उन्हें सही बैंक चुनने, पात्रता समझने और दस्तावेज तैयार करने में मदद की जरूरत पड़ती है। नए BASIC Finance Centres यही काम करेंगे। यहां AI टेक्नोलॉजी और स्थानीय सलाहकार मिलकर ग्राहकों को बेहतर और तेज सेवा देंगे।

2027 तक 200 सेंटर खोलने का लक्ष्य

BASIC Home Loan के को-फाउंडर और CEO अतुल मोंगा ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने होम लोन आसान बनाया है, लेकिन भरोसा और सही सलाह आज भी उतनी ही जरूरी है। वहीं, कंपनी के सीनियर डायरेक्टर अमरदीप शर्मा ने बताया कि 2027 के आखिर तक 200 फाइनेंस सेंटर शुरू करने का लक्ष्य है। इनके जरिए हर साल ₹15,000-20,000 करोड़ के होम लोन डिस्बर्स करने की योजना है।

स्थानीय कारोबारियों को भी मिलेगा मौका

बेसिक होम लोन का इस विस्तार के साथ 400-500 नए फाइनेंस सेंटर पार्टनर्स भी जोड़ेगी। इसमें स्थानीय उद्यमियों और फाइनेंशियल एडवाइजर्स को शामिल किया जाएगा। उन्हें कंपनी का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, लेंडर्स का नेटवर्क और ऑपरेशनल सपोर्ट मिलेगा। साथ ही लगातार ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

अब तक कैसा रहा सफर?

BASIC Home Loan अब तक 4 लाख से ज्यादा परिवारों को होम लोन दिलाने में मदद कर चुकी है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी ₹50,000 करोड़ से ज्यादा के होम लोन डिस्बर्स करा चुकी है। उसके पास 30,000 से ज्यादा एजेंट्स का नेटवर्क और देशभर में 120 से ज्यादा BASIC Finance Centres हैं।

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