Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

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किआ ने भारतीय बाजार में अपनी प्रीमियम SUV Kia Sorento को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। कंपनी इस SUV को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में स्थानीय स्तर पर असेंबल कर रही है। Kia Sorento को भारत में 6-सीटर और 7-सीटर दोनों कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है।

 

हाइब्रिड और डीजल इंजन का विकल्प

Kia Sorento में भारतीय ग्राहकों को दो पावरट्रेन विकल्प मिलेंगे। इसमें पहला 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन है, जबकि दूसरा 2.2-लीटर डीजल इंजन है। दोनों इंजन विकल्पों के साथ ग्राहक फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) का विकल्प चुन सकते हैं।

 

हाइब्रिड सेटअप में पेट्रोल इंजन 180 bhp की पावर और 265 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ इलेक्ट्रिक मोटर 65 bhp और 264 Nm का टॉर्क देती है। यह सिस्टम 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है। वहीं, 2.2-लीटर डीजल इंजन 193 bhp की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है।

 

दमदार और प्रीमियम डिजाइन

 

Kia Sorento को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज के अनुसार तैयार किया गया है। इसके फ्रंट में Kia की पहचान वाली बड़ी Tiger Nose ग्रिल दी गई है। ग्रिल पर क्रोम सराउंड और हनीकॉम्ब पैटर्न मिलता है। SUV में वर्टिकली अरेंज्ड LED हेडलैंप दिए गए हैं, जिनके साथ Y-शेप LED DRLs मिलते हैं। फ्रंट बंपर में बड़े एयर इनटेक, LED फॉग लैंप और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट जैसा एलिमेंट दिया गया है।

 

साइड प्रोफाइल में SUV को लंबा और सीधा सिल्हूट दिया गया है। इसमें 19-इंच डुअल-टोन अलॉय व्हील्स, व्हील आर्च पर ब्लैक क्लैडिंग, रूफ रेल्स और क्रोम विंडो सराउंड मिलते हैं।

 

पीछे की तरफ L-शेप LED टेल-लैंप दिए गए हैं, जो SUV के साइड हिस्से तक फैले हुए हैं। टेलगेट के बीच में Kia की ब्रांडिंग है, जबकि नीचे डुअल एग्जॉस्ट आउटलेट और सिल्वर फिनिश वाला स्किड-प्लेट एलिमेंट दिया गया है।

 

इंटीरियर में मिलेंगी प्रीमियम सुविधाएं

 

Sorento के केबिन को ग्रे-ब्लैक और बेज-ब्लैक कलर थीम में पेश किया गया है। डैशबोर्ड पर दो बड़े 12.3-इंच डिस्प्ले दिए गए हैं। इनमें से एक डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और दूसरा इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए है। किआ ने इंटरफेस को पर्सनलाइज करने के लिए Marvel, Disney और Pixar आधारित 9 डिस्प्ले थीम भी दिए हैं।

 

क्लाइमेट कंट्रोल के लिए अलग 5-इंच स्क्रीन नहीं दी गई है। इसके बजाय इंफोटेनमेंट स्क्रीन के नीचे टच-सेंसिटिव पैनल दिया गया है, जिसमें रोटरी कंट्रोल और क्लाइमेट व मीडिया के बीच स्विच करने की सुविधा मिलती है।

 

6 और 7 सीट का विकल्प

 

Kia Sorento को ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से 6 या 7 सीट के साथ चुन सकेंगे। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं, जबकि 7-सीटर वर्जन में बेंच सीट मिलती है। फ्रंट सीटों में 10-वे पावर एडजस्टमेंट, वेंटिलेशन और लंबर सपोर्ट दिया गया है। को-ड्राइवर सीट में 'बॉस मोड' मिलता है, जिससे पीछे बैठे यात्रियों के लिए ज्यादा लेगरूम बनाया जा सकता है। दूसरी रो की सीटों को इलेक्ट्रिकली फोल्ड किया जा सकता है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो की कैप्टन सीटों के लिए वेंटिलेशन की सुविधा भी मिलती है।

 

फीचर्स की लंबी लिस्ट

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। इनमें:

 

  • 12-स्पीकर Bose ऑडियो सिस्टम
  • पैनोरमिक सनरूफ
  • हेड-अप डिस्प्ले
  • पावर्ड टेलगेट
  • वायरलेस स्मार्टफोन चार्जिंग
  • डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर
  • फ्रंट और रियर डैशकैम
  • ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस
  • Level 2+ ADAS

 

शामिल हैं।

 

कंपनी ने Sorento में रियल-टाइम जनरेटिव AI फंक्शन भी पेश किया है। Kia का दावा है कि यह फीचर वैश्विक स्तर पर इस मॉडल में पहली बार दिया गया है।

 

चार ड्राइविंग मोड और AWD के लिए Terrain Mode

 

SUV में Normal, Eco, Sport और Smart चार ड्राइविंग मोड दिए गए हैं। AWD वेरिएंट में Snow, Sand और Mud जैसे अतिरिक्त टेरेन मोड भी मिलते हैं।

 

सेफ्टी के लिहाज से Sorento में 10 एयरबैग, डिजिटल इनसाइड रियर-व्यू मिरर, ऑटोमेटेड पार्किंग असिस्टेंस, फ्रंट-रियर डैशकैम और Level 2+ ADAS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

 

Kia Sorento: एक नजर में

 

शुरुआती कीमत: ₹27.99 लाख (एक्स-शोरूम)

  • सीटिंग: 6-सीटर/7-सीटर
  • इंजन: 1.6-लीटर टर्बो पेट्रोल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और 2.2-लीटर डीजल
  • ड्राइव: FWD/AWD
  • हाइब्रिड पावर: 180 bhp + इलेक्ट्रिक मोटर
  • डीजल पावर: 193 bhp
  • हाइब्रिड गियरबॉक्स: 6-स्पीड ऑटोमैटिक
  • डीजल गियरबॉक्स: 8-स्पीड DCT
  • सेफ्टी: 10 एयरबैग और Level 2+ ADAS

Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

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कमरे की खुशबू के पीछे होता है केमिकल खेल! जानिए कैसे बनता है रूम फ्रेशनर

रूम फ्रेशनर आजकल लगभग हर घर में इस्तेमाल होने लगा हैं। कमरे में अच्छी खुशबू लाने और बदबू दूर करने के लिए लोग कई तरह के रूम फ्रेशनर इस्तेमाल करते हैं। इनकी खुशबू से कमरा फ्रेश और अच्छा महसूस होता है, लेकिन इन्हें रोज और लंबे समय तक इस्तेमाल करना हार्मफुल हो सकता है। रूम फ्रेशनर की सेफ्टी उसमें इस्तेमाल किए गए केमिकल और उसकी मात्रा पर डिपेंड करती हैं। रूम फ्रेशनर कम मात्रा सांस के जरिए अंदर लेने से नुकसान कम होता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा या लगातार इस्तेमाल करना सेफ नहीं होता है। कुछ लोगों को तेज खुशबू या उसमें मौजूद कुछ केमिकल से सिरदर्द, एलर्जी, स्किन में जलन या सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है।

रूम फ्रेशनर अलग-अलग खुशबू में आते हैं, इनमें फ्रेगरेंस केमिकल और एसेंशियल ऑयल शामिल होते हैं। कई लिक्विड फ्रेशनर में खुशबू वाले तेल को आइसोप्रोपाइल अल्कोहल जैसे सॉल्वेंट के साथ मिलाया जाता है, ताकि खुशबू आसानी से हवा में फैल सके। कुछ प्लग-इन फ्रेशनर गर्म होकर खुशबू फैलाते हैं। कुछ प्रोडक्ट्स में केमिकल भी हो सकते हैं। इसलिए कमरे को खुशबूदार बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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1. ब्रीथिंग का ध्यान

रूम फ्रेशनर से खुशबू के साथ कुछ VOCs यानी वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स भी हवा में फैल सकते हैं। थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने से नुकसान नहीं है, लेकिन लंबे समय तक इनके कॉन्टैक्ट में रहने से परेशानी हो सकती है। फ्रेशनर स्प्रे करने के बाद खांसी, गले में जलन, सांस लेने में दिक्कत या घुटन महसूस हो, तो तुरंत ताजी हवा वाली जगह पर जाएं। छोटे और बंद कमरे में बहुत ज्यादा स्प्रे करने से बचना बेहतर है।

2. बच्चों से दूर रखें

रूम फ्रेशनर जैसे लिक्विड रिफिल, रीड डिफ्यूजर, जेल और फ्रेगरेंस बीड्स बच्चों की पहुंच में नहीं होने चाहिए। कुछ बीड्स देखने में अट्रैक्टिव लग सकते हैं, जिससे बच्चा उन्हें गलती से मुंह में डाल सकता है। रूम फ्रेशनर का लिक्विड निगलने पर मुंह और पेट में जलन, मतली या उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है। बच्चा गलती से इसे निगल ले, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

3. प्लग-इन और ऑटोमैटिक स्प्रे में सावधानी

प्लग-इन फ्रेशनर को ऐसी जगह लगाएं जहां बच्चे या पालतू जानवर आसानी से उसे छू न सकें। इस्तेमाल से पहले पैकेज पर दिए इंस्ट्रक्शन जरूर पढ़ें। वहीं, कुछ ऑटोमैटिक स्प्रे और एयरोसोल फ्रेशनर में जलने वाले तत्व हो सकते हैं। इसलिए इन्हें माचिस, मोमबत्ती, गैस या सिगरेट जैसी खुली आग से दूर रखें।

4. स्किन या आंख के लिए सावधानी

यदि रूम फ्रेशनर स्किन पर गिर जाए, तो अफेक्टेड एरिया को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इससे जलन, लालिमा या एलर्जी जैसी परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है। फ्रेशनर आंख में चला जाए, तो आंख को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। धोने के बाद भी जलन बनी रहे, तो डॉक्टर से चेकअप जरूर कराएं।

5. रूम वेंटिलेशन का इस्तेमाल

रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से और कम मात्रा में करना बेहतर है। कमरे को बंद करके लगातार फ्रेशनर चलाने के बजाय खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बनाए रखें। बदबू को सिर्फ फ्रेशनर से छिपाने के बजाय उसका असली कारण जानें। फिर भी यदि परेशानी बनी रहे तो इसका इस्तेमाल करना बंद कर दें।