Ashoka Buildcon को RVNL से मिला ₹602 करोड़ का प्रोजेक्ट, अब 31 अगस्त को रहेगी शेयरों पर नजर

Ashoka Buildcon Shares: दिग्गज सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी अशोक बिल्डकॉन को रेलव विकास निगम लिमिटेड (RVNL) से ₹602.16 करोड़ (जीएसटी मिलाकर) का एक कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने इसकी जानकारी आज 29 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। ऐसे में अशोका बिल्डकॉन के शेयरों पर इसका असर सोमवार 31 अगस्त को मार्केट खुलने पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 28 अगस्त को बीएसई पर यह 0.22% की गिरावट के साथ ₹112.70 पर बंद हुआ है। एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 4 नवंबर 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹214.35 पर था जिससे 4 महीने में यह 52.88% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹101.00 पर आ गया था।

कैसा ऑर्डर मिला है Ashoka Buildcon को RVNL से?

अशोक बिल्डकॉन को रेल विकास निगम लिमिटेड से उत्तराखंड में बन रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन की चार सुरंगों के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली सुरंगों T-13, T-14, T-15 और T-16 से जुड़ा है। इसके तहत कंपनी को सुरंगों के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम करना है। इनमें सब-स्टेशन, हाई-टेंशन और लो-टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग, यूपीएस सिस्टम, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी को 30 महीने के भीतर यह कॉन्ट्रैक्ट पूरा करना है। इसके अलावा कंपनी को रेल विकास निगम के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉरमेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी। इसमें डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड दो साल है यानी काम पूरा होने के बाद दो साल तक तय शर्तों के अनुसार किसी कमी या खराबी की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी।

ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का

इस महीने की शुरुआत में अशोक बिल्डकॉन ने आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी से महाराष्ट्र में एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिलने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट में सालाना लगभग ₹126.5 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्जेज है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन बनाया जाएगा। इस कंपनी को 24 महीने के भीतर काम पूरा करना है और इसके बाद 35 वर्षों तक O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) का काम संभालना है।

इससे पहले जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ था। इसमें तिमाही के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं हैं। ऑर्डर बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों का था, जिसमें रोड ईपीसी ₹6,783 करोड़ और रोड एचएएम ₹1,519 करोड़ है और कुल मिलाकर ये ऑर्डर बुक का करीब 54.5% हिस्सा हैं। रेलवे के ₹1,346 करोड़ के ऑर्डर्स को मिलाकर सड़क और रेलवे कंपनी का ऑर्डर बुक का करीब 63% हिस्सा हैं। ऑर्डर बुक में ₹5,066 करोड़ यानी 33.2% हिस्सा पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन तो ₹536 करोड़ यानी 3.5% हिस्सा बिल्डिंग ईपीसी की है।

₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

Ather Energy New Launch: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी एथर एनर्जी ने आज 29 अगस्त को अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कोणार्क (Konark) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत कंपनी ने ₹99,99 रखी है। इसके जरिए कंपनी ने मास-मार्केट सेगमेंट में एंट्री की है। इससे पहले एथर की पहचान मुख्य रूप से प्रीमियम/स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से थी लेकिन अब कोणार्क के साथ इसने पहली बार बड़े मास-मार्केट सेगमेंट में गंभीरता से प्रवेश किया है। कंपनी ने इसे अपने सालाना कम्युनिटी डे प्रोग्राम में लॉन्च किया है।

Ather Energy के Konark की खास बातें

एथर एनर्जी ने कोणार्क की शुरुआती कीमत ₹99,999 रखी है।

यह स्कूटर कई अलग-अलग रेंज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इस लाइनअप में 100 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹99,999 और 125 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹1,21,999 है। दोनों की बिक्री सितंबर 2026 में शुरू होने वाली है।

161 किमी रेंज वाला एक और वैरिएंट आने वाला है जिसकी कीमत ₹1,44,999 रखी गई है तो 200 किमी रेंज वाले कोणार्क को भी Q3 2027 में लाने की योजना है। एथर के प्रोडक्ट रोडमैप में कोणार्क जेड भी है, जिसके 125 किमी और 161 किमी रेंज वाला वेरिएंट Q2 2027 में आ सकता है।

यह एथर के न्यू-जेनेरेशन ईएल प्लेटफॉर्म पर बनाया जाने वाला पहला प्रोडक्शन स्कूटर है।

कोणार्क के साथ एथर अपने पोर्टफोलियो को 450 और रिट्जा की रेंज से आगे बढ़ाया है।

कोणार्क के दाम एथर की ही रिट्जा से कम रखे गए हैं और मार्केट में इसकी सीधे टीवीएस और बजाज से भिड़ंत होगी। ₹99,999 की कीमत पर इसका एंट्री-लेवल वेरिएंट टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक सी2501 (Bajaj Chetak C2501) की कीमत के लगभग बराबर है। वहीं ₹1,21,999 वाला 125 किलोमीटर रेंज का कोणार्क की भिड़ंत एथर के ही एंट्री-लेवल रिट्जा एस (Rizta S) के मुकाबले में आ जाता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,21,499 है।

कीमत के मुकाबले रेंज की बात करें तो कोणार्क का 100 किलोमीटर वाला वेरिएंट चेतक सी2501 की 113 किलोमीटर और एंट्री-लेवल आईक्यूब की 114 किलोमीटर रेंज के मुकाबले अधिक स्पष्ट फायदा नहीं देता है। हालांकि 144 किलोमीटर वाला वेरिएंट अधिक क्षमता वाले iQube और Chetak वेरिएंट के करीब पहुंचता है, तो यह एथर की अधिक प्रीमियम 450 रेंज से नीचे रहता है।

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OpanAI vs SpaceX: चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई और एलॉन मस्क (Elon Musk) के स्पेसएक्स (SpaceX) के बीच की साझेदारी खत्म हो सकती है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ओपनएआई स्पेसएक्स के कोडिंग-टूल कंपनी कर्सर (Cursor) को एआई मॉडल की उपलब्धता बंद करने की योजना बना रही है। इस कदम से ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एलॉन मस्क के बीच लंबे समय से चल रही कड़वाहट भरी टक्कर और बढ़ गई है। बता दें कि जून में स्पेसएक्स ने कर्सर बनाने वाले स्टार्टअप एनीस्फीयर (Anysphere) को $6 हजार करोड़ की ऑल-स्टॉक डील में खरीदने का ऐलान किया था और इस महीने की शुरुआत में यह अधिग्रहण पूरा हो गया।

OpanAI vs SpaceX: Cusror को क्यों बंद होगी सर्विसेज?

ओपनएआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कर्सर को एआई मॉडल नहीं देने का फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि स्पेसएक्स उनकी तकनीक का इस्तेमाल तय शर्तों के अनुसार करेगा। ओपनएआई ने यह भरोसा नहीं होने की वजह एलॉन मस्क की कंपनियों का ओपनएआई के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स की शर्तों के उल्लंघन के लंबे अनुभव को बताया। वहीं इस मामले को लेकर कर्सर के को-फाउंडर माइकल ट्रुएल (Michael Truell) का कहना है कि वह ओपनएआई के शुरुआती यूजर्स में से एक है और अब इसके साथ मौजूदा मुद्दे को सुलझाने के लिए वहीं ओपनएआई की टीम से बातचीत कर रहे हैं।

ओपनएआई का कहना है कि स्पेसएक्स जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम करने के लिए खास कॉन्ट्रैक्ट्स होता है और इसमें यह तय किया जाता है कि तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सुरक्षा के साथ किया जाए। ओपनएआई के मुताबिक कर्सर को उसकी सर्विसेज 12 नवंबर 2026 तक बंद की जा सकती है। ओपनएआई का कहना है कि कर्सर के साथ कॉन्ट्रैक्ट में स्वामित्व में बदलाव के बादसीमित समय में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अधिकार मिल गया है।

Elon Musk vs Sam Altman: लंबा है टकराव

एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच कई वर्षों से टकराव चल रही है, और यह कोर्ट केस तक पहुंच गया। सुनवाई के दौरान मस्क के वकील ने कहा था कि मस्क और दूसरे गवाहों ने ऑल्टमैन के झूठे होने की गवाही दी है तो ओपनएआई का कहना था कि मस्क कंपनी पर कंट्रोल चाहते थे।

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क ने ओपनएआई पर $15 हजार करोड़ का मुकदमा किया था। मस्क ने कंपनी और ऑल्टमैन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने फायदे के लिए कंपनी के मूल नॉन-प्रॉफिट मिशन से धोखाधड़ी करके एक चैरिटी को हड़प लिया। इस साल की शुरुआत में एक फेडरल जूरी ने मस्क के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि उन्होंने बहुत देर से केस फाइल किया था।

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Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

ChatGPT Ads: अब चैटजीपीटी पर जवाब के साथ दिखेंगे विज्ञापन, लेकिन OpenAI ने की है खास व्यवस्था!

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी…’ Anthropic CEO की पत्नी और जेफरी एपस्टीन के बीच ईमेल्स लीक! AI की दुनिया में मचा हड़कंप

Anthropic CEO Wife Cami Clark Epstein Emails: दुनिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों में से एक एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई (Dario Amodei) की पत्नी कैमी क्लार्क (Cami Clark) को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन और कैमी क्लार्क के बीच 2011-2012 की पुरानी ईमेल बातचीत इंटरनेट पर लीक हो गई है।

अमरीकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों और ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, शादी से पहले कैमी क्लार्क ने अपने एक बिजनेस प्रोजेक्ट के लिए जेफरी एपस्टीन से फंडिंग मांगी थी। इस खुलासे के बाद सिलिकॉन वैली और सोशल मीडिया पर जबरदस्त बवाल खड़ा हो गया है।

‘हमारे पास फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी है…’ लीक ईमेल्स में क्या-क्या है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ईमेल बातचीत साल 2011 और 2012 के दौरान की है, जब कैमी क्लार्क अपनी एक बिजनेस पार्टनर मिशेल कैपोसेफालो के साथ महिलाओं पर केंद्रित एडल्ट-कंटेंट वेंचर शुरू करने की योजना बना रही थीं।

एक साहित्यिक एजेंट जॉन ब्रॉकमैन के जरिए कैमी की पहचान एपस्टीन से हुई थी। कैमी ने एपस्टीन को याद दिलाते हुए लिखा, ‘हमारे पास फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी है। क्या आपको कुछ याद आया?’ इस पर एपस्टीन ने जवाब दिया, ‘हां, बिल्कुल याद है।’

कैमी ने आगे पूछा कि क्या वे इस बिजनेस में निवेश करने के इच्छुक हैं? हालांकि, एपस्टीन ने आखिरकार यह कहते हुए मना कर दिया, ‘कैंट डू सेक्स टीवी यानी Sex TV नहीं कर सकता।’

ईमेल्स से साफ है कि एपस्टीन ने इस वेंचर में कोई पैसा नहीं लगाया था। लेकिन इसके बाद भी कैमी ने उन्हें हाउसवार्मिंग पार्टी में इनवाइट किया और प्रोफेशनल नेटवर्किंग के जरिए उनसे जुड़ी रहीं।

एपस्टीन के आपराधिक मामलों से कोई संबंध नहीं

लीक हुए दस्तावेजों और रिपोर्ट में इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि कैमी क्लार्क जेफरी एपस्टीन की किसी भी गैर-कानूनी या आपराधिक गतिविधियों में शामिल थीं। न ही उन्हें एपस्टीन के काले कारनामों की जानकारी होने का कोई जिक्र है। ईमेल्स केवल एक शुरुआती बिजनेस प्रोजेक्ट और फंडिंग मांगने तक ही सीमित थे।

एंथ्रोपिक और सिलिकॉन वैली में कैमी क्लार्क का प्रभाव

भले ही कैमी क्लार्क के पास ‘एंथ्रोपिक’ में कोई आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन वे अपने पति डारियो अमोदेई की सबसे करीबी सलाहकार मानी जाती हैं। सिलिकॉन वैली नेटवर्क में उनकी भूमिका काफी अहम रही है:

कैमी ने ही गूगल के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एरिक श्मिट की मुलाकात अपने पति से कराई थी। इसके बाद एरिक श्मिट ने साल 2021 में एन्थ्रोपिक की 12.4 करोड़ डॉलर फंडिंग राउंड में शुरुआती निवेशक के रूप में पैसा लगाया था।

एथिकल AI का दावा करने वाली कंपनी के लिए संवेदनशील समय

एंथ्रोपिक वही कंपनी है जो गूगल और ओपनएआई (OpenAI) को सीधी टक्कर देने वाला AI मॉडल ‘क्लॉड’ (Claude) बनाती है। कंपनी ने बाजार में अपनी पहचान ‘सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक AI’ (Ethical AI) विकसित करने वाले ब्रांड के रूप में बनाई है। ऐसे संवेदनशील समय में सीईओ की पत्नी का नाम इस तरह के पुराने विवाद से जुड़ने के कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

यह पुरानी ईमेल बातचीत डारियो अमोदेई से शादी और एंथ्रोपिक की स्थापना से सालों पुरानी है, लेकिन जेफरी एपस्टीन का नाम सामने आने के चलते यह खबर वैश्विक टेक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर द वॉल स्ट्रीट जर्नल और अमरीकी न्याय विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए पत्राचार की जानकारी दी गई है, इसे किसी प्रकार का आपराधिक आरोप न माना जाए।

ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini ने 1 अरब यूजर्स का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, यूजर बेस के मामले में ChatGPT अभी भी आगे है, लेकिन Gemini तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और OpenAI की बढ़त को लगातार कम कर रहा है।

 

ChatGPT और Gemini के 1 अरब यूजर्स

OpenAI और Google दोनों अपने जनरेटिव AI टूल्स के साथ 1 अरब यूजर्स के आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। Google के CEO सुंदर पिचाई ने बताया कि Gemini के मासिक यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई है। उन्होंने इसे Google का अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रोडक्ट बताया। यह घोषणा OpenAI के उस बयान के कुछ सप्ताह बाद आई है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि ChatGPT भी 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा पार कर चुका है।

 

हालांकि, दोनों कंपनियां यूजर्स की संख्या को अलग-अलग तरीके और अलग-अलग समय अवधि के आधार पर मापती हैं। इसके बावजूद एक बात स्पष्ट है कि AI असिस्टेंट बेहद तेजी से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं।

 

ChatGPT के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा Gemini

 

Gemini के यूजर्स की संख्या फरवरी में करीब 75 करोड़ थी, जो जुलाई के अंत तक बढ़कर 95 करोड़ हो गई और इसके बाद 1 अरब के आंकड़े को पार कर गई। वहीं, OpenAI ने फरवरी में ChatGPT के 90 करोड़ साप्ताहिक एक्टिव यूजर्स होने की जानकारी दी थी। बाद में कंपनी ने बताया कि ChatGPT के मासिक यूजर्स की संख्या 1 अरब से ज्यादा हो गई है। हालांकि, OpenAI ने हाल का मासिक यूजर आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

 

दोनों कंपनियों द्वारा अलग-अलग टाइमफ्रेम में यूजर डेटा जारी किए जाने के कारण सीधे तौर पर तुलना करना आसान नहीं है। फिर भी मौजूदा आंकड़ों से संकेत मिलता है कि ChatGPT की पहुंच फिलहाल ज्यादा है, जबकि Gemini बेहद तेजी से इस अंतर को कम कर रहा है।

 

Google के इकोसिस्टम से Gemini को बड़ा फायदा

Gemini की तेज ग्रोथ की एक बड़ी वजह Google का विशाल इकोसिस्टम है। Gemini को Android और Google की कई सेवाओं में गहराई से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि ऐसे लोग भी Gemini का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो खास तौर पर किसी AI चैटबॉट की तलाश में नहीं आए थे।

 

Google ने यह भी बताया कि Gemini के 10 करोड़ से ज्यादा एक्टिव iPhone यूजर्स हैं। इससे संकेत मिलता है कि Gemini के कुल यूजर बेस का बड़ा हिस्सा Android से आता है। Google के लिए यह एक महत्वपूर्ण बढ़त है, क्योंकि कंपनी Gemini को लगातार ज्यादा डिवाइस और सेवाओं में शामिल कर रही है।

 

AI हार्डवेयर पर भी OpenAI की नजर

 

OpenAI अब केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी की AI-स्पेसिफिक हार्डवेयर में भी दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। इससे भविष्य में ChatGPT के इस्तेमाल का दायरा स्मार्टफोन और कंप्यूटर से आगे बढ़ने की संभावना बन रही है।

 

अब AI की रेस सिर्फ ChatGPT तक सीमित नहीं

 

AI की प्रतिस्पर्धा अब केवल ChatGPT और Gemini तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में इस क्षेत्र में मुकाबला काफी तेज हुआ है। Google का Gemini, Anthropic का Claude, OpenAI का Codex और चीन की कई AI कंपनियों ने बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है। ChatGPT आज भी AI की दुनिया में सबसे चर्चित नामों में से एक है, लेकिन उसकी बढ़त पहले जितनी सुरक्षित नहीं दिख रही। ChatGPT और Gemini दोनों के 1 अरब यूजर्स के आंकड़े तक पहुंचने के बाद AI की अगली जंग सिर्फ नए यूजर्स जोड़ने की नहीं होगी।

 

अब कंपनियों के सामने यूजर्स को लंबे समय तक अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना, नए AI फीचर्स पेश करना और इतने बड़े यूजर बेस को मजबूत बिजनेस में बदलना बड़ी चुनौती होगी।

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

ChatGPT से दिनभर करती थी बातचीत! महिला की हुई मौत, परिवार ने OpenAI पर लगाए गंभीर आरोप

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अमेरिका में एक महिला की मौत के मामले में AI चैटबॉट को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। अलबामा की 29 साल की क्रिश्चियन फेथ मैडिसन के परिवार ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई लंबी बातचीत ने महिला की मानसिक परेशानियों को बढ़ाया और वह धीरे-धीरे इस तकनीक पर भावनात्मक रूप से निर्भर हो गईं।परिवार ने दावा किया है कि चैटबॉट ने उनकी चिंताओं और भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें बढ़ावा दिया।

इस मामले ने AI की भूमिका, सुरक्षा उपायों और मानसिक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करते समय तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ChatGPT पर लगाए गए ये आरोप

मुकदमे में दावा किया गया है कि चैटबॉट ने महिला के कुछ भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें मजबूत किया। परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने खुद को एक भरोसेमंद साथी की तरह पेश किया और महिला को यह विश्वास दिलाया कि उसके जीवन का कोई विशेष आध्यात्मिक उद्देश्य है। परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान महिला की मानसिक स्थिति बिगड़ती गई और चैटबॉट ने उसे सही मदद लेने के लिए सही ढ़ंग से प्रोत्साहित नहीं किया।

2025 में हुई थी महिला की मौत

शिकायत के अनुसार, क्रिश्चियन फेथ मैडिसन की मौत 9 जून 2025 को अलबामा में इंटरस्टेट-22 पर ट्रैफिक के बीच आने से हुई। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई बातचीत इस दुखद घटना में एक अहम कारण बनी।  इस केस में OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन का नाम भी शामिल किया गया है।

 AI कंपनियों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

यह मामला इस बात पर बड़ी बहस शुरू कर सकता है कि मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करने वाले AI सिस्टम की कानूनी जिम्मेदारी कितनी होनी चाहिए।महिला के परिवार के वकीलों का कहना है कि AI कंपनियों को ऐसे यूजर्स के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा उपाय बनाने चाहिए, जो मानसिक परेशानी के संकेत दिखाते हैं।

OpenAI ने क्या कहा?

OpenAI ने अभी अदालत में अपना औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया है और लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। कंपनी पहले कह चुकी है कि वह संकट में मौजूद यूजर्स की पहचान करने और उन्हें भरोसेमंद लोगों या आपातकालीन सेवाओं से मदद लेने के लिए प्रेरित करने वाले सुरक्षा फीचर्स को बेहतर बना रही है।

AI और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही कानूनी चुनौतियां

यह मामला उन बढ़ती कानूनी चुनौतियों में शामिल हो गया है, जिनमें AI चैटबॉट्स की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के फैसले भविष्य में AI सुरक्षा नियमों, कंपनियों की जिम्मेदारी और चैटबॉट डिजाइन के लिए नए मानक तय कर सकते हैं।

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Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।