‘मुसाफिर कैफे’ जैसा जीवन चाहते हैं! नौकरी छोड़ने से पहले इन 5 बातों को न करें नजरअंदाज

आपने भी कभी सोचा है कि शहर की भागदौड़ छोड़कर पहाड़ों में सुकून से जिंदगी बिताई जाए! सुबह उठते ही सामने खूबसूरत पहाड़ हों, हाथ में गर्म कॉफी हो और न ट्रैफिक की टेंशन, न ऑफिस की मीटिंग। नेटफ्लिक्स की मुसाफिर कैफे देखने के बाद यह सपना कई लोगों का अपना सपना भी बन गया है। लेकिन पहाड़ों की जिंदगी सिर्फ खूबसूरत नजारों तक नहीं होती। वहां नई शुरुआत करने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना बहुत जरूरी है, ताकि बाद में आपका सपना मुश्किल में न बदल जाए:

 

असलियत को समझें (Reality Check)

4,400+ Woman Using A Laptop In The Mountain Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

पहाड़ों में रहना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन वहां रोजमर्रा की जिंदगी भी होती है। अगर आप कैफे, होमस्टे (homestay) या कोई छोटा बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो उसमें भी खूब मेहनत करनी पड़ती है। छुट्टियां (vacation) मनाने और हमेशा वहीं रहने में बहुत फर्क होता है। इसलिए फैसला लेने से पहले कुछ दिन वहां रहकर माहौल को जरूर समझें।

 

 

पैसों की सही योजना बनाएं (Financial Planning)

Swiss Traditional House In Rural Switzerland Stock Photo, Picture and Royalty Free Image. Image 12060831.नौकरी छोड़ने से पहले अपनी बचत जरूर देखें। नया काम शुरू होने में समय लग सकता है और शुरुआत में कमाई भी कम हो सकती है। ऐसे में किराया, बिजली, स्टाफ, सामान और दूसरे खर्च चलते रहते हैं। इसलिए कम से कम 6 महीने से 1 साल तक का खर्च पहले से बचाकर रखें।

लोगों से अपनापन बनाएं (Local Community)

Inside a legacy mountain house with snowy views of Wyoming's Grand Tetons

अगर पहाड़ों में बसना चाहते हैं, तो सिर्फ घर लेना काफी नहीं है। वहां रहने वाले लोगों से अच्छे रिश्ते बनाना भी जरूरी है। उनकी संस्कृति को समझें, लोकल लोगों के साथ काम करें। इससे नई जगह पर बसना आसान हो जाता है।

पहाड़ों की जिंदगी को अपनाएं (Mountain Lifestyle)

पहाड़ों में हर सुविधा शहर जैसी नहीं मिलती। कई जगह इंटरनेट धीमा हो सकता है, अस्पताल दूर हो सकते हैं और बारिश या बर्फबारी में आने-जाने में भी दिक्कत हो सकती है। इसलिए वहां की लाइफस्टाइल को अपनाने के लिए पहले से तैयार रहें।

 

अपनी स्किल्स का इस्तेमाल करें (Keep Your Skills)

नौकरी छोड़ने का मतलब यह नहीं कि पुरानी स्किल्स बेकार हो जाएंगी। अगर आप राइटिंग, डिजाइनिंग, आईटी, डिजिटल मार्केटिंग या किसी और फील्ड में काम करते हैं, तो पहाड़ों से भी ऑनलाइन काम कर सकते हैं। इससे नई शुरुआत के दौरान आपकी कमाई भी बनी रहेगी और स्ट्रेस भी कम होगा।

 

66 लाख रुपये की नौकरी छोड़ने वाली महिला ने खोला राज, बताया क्यों कम वेतन वाली नौकरी लगी बेहतर

कई लोग बेहतर करियर, बड़ी सैलरी और ऊंचे पद को सफलता की पहचान मानते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस मैक्लेलैंड ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। 66 लाख रुपये सालाना कमाने वाली इस महिला ने तनाव और लगातार दबाव से परेशान होकर अपनी हाई-प्रोफाइल नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने कम वेतन वाली रिसेप्शनिस्ट और ऑफिस मैनेजर की नौकरी चुनी। ग्रेस का कहना है कि कम पैसे के बावजूद इस फैसले ने उन्हें वह चीजें वापस दीं, जो उनकी पुरानी नौकरी उनसे छीन रही थी समय, ऊर्जा और मानसिक शांति। उनकी कहानी बताती है कि कभी-कभी करियर में आगे बढ़ने से ज्यादा जरूरी खुद की खुशहाली और संतुलित जिंदगी होती है।

40% कम सैलरी, लेकिन मिली सुकून भरी जिंदगी सिडनी की रहने वाली ग्रेस ने कई साल तक बड़े पदों पर काम किया। मगर लगातार तनाव, चिंता और काम के दबाव ने उन्हें इस कदर प्रभावित किया कि उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बदलने का फैसला किया। नई नौकरी में उनकी कमाई 40% कम हो गई, लेकिन बदले में उन्हें समय, ऊर्जा और मानसिक शांति मिली।

छोटे पद से शुरू किया सफर, मेहनत से बनीं मैनेजर

ग्रेस ने अपने करियर की शुरुआत एक रिटेल कंपनी में सेल्स एसोसिएट के तौर पर की थी। करीब पांच साल तक मेहनत करने के बाद उन्हें कई प्रमोशन मिले और वह कंपनी के बड़े स्टोर की मैनेजर बन गईं। यह पद उनके लिए बड़ी उपलब्धि था, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारियां और दबाव भी कई गुना बढ़ गए।

सफलता मिली, लेकिन खुद को खोने लगीं

ग्रेस ने बताया कि स्टोर मैनेजर बनने के बाद वह खुद को साबित करने के दबाव में रहने लगी थीं। लंबे काम के घंटे, रोजाना लंबा सफर और लगातार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद ने उनकी जिंदगी मुश्किल बना दी। उन्होंने कहा कि काम इतना थका देने वाला हो गया था कि ऑफिस के बाद उनके पास किसी और चीज के लिए ऊर्जा ही नहीं बचती थी।

66 लाख की नौकरी भी नहीं दे पाई खुशी

तनाव बढ़ने के बाद ग्रेस ने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्हें लग रहा था कि शायद किसी नए माहौल में चीजें बेहतर होंगी। उन्हें लग्जरी रिटेल कंपनी में करीब 1 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग 66 लाख रुपये) की नौकरी मिली, जिसमें बोनस और विदेश यात्रा जैसे फायदे भी थे।

लेकिन अच्छी सैलरी के बावजूद उन्हें अंदर से खालीपन महसूस होता रहा। उन्हें लगा कि वह सिर्फ काम कर रही हैं, लेकिन उस काम से जुड़ाव महसूस नहीं कर पा रही हैं।

फिर चुना आसान रास्ता, बदली सफलता की परिभाषा

दूसरी बार नौकरी छोड़ने के बाद ग्रेस ने तय किया कि अब वह ऐसा काम करेंगी जिसमें जिंदगी के लिए भी समय बचे। करीब एक महीने का ब्रेक लेने के बाद उन्होंने घर के पास एक जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव रोल के लिए आवेदन किया। जुलाई 2024 में उन्होंने रिसेप्शनिस्ट और ऑफिस मैनेजर के रूप में नई शुरुआत की।

कम पैसे में ज्यादा खुशी मिली

आज ग्रेस ऑफिस के रोजमर्रा के काम संभालती हैं और टीम को सपोर्ट करती हैं। हालांकि उनकी कमाई पहले से काफी कम है, लेकिन वह इस फैसले को अपनी जिंदगी का सही कदम मानती हैं। उनके मुताबिक यह नौकरी उनके लिए एक “रीसेट बटन” की तरह साबित हुई, जहां वह खुद को दोबारा समझ सकीं और आगे की दिशा तय कर सकीं।

अब लोग उनकी जिंदगी से सीख ले रहे हैं

ग्रेस का कहना है कि अब जब लोग उनसे उनके काम के बारे में पूछते हैं तो उन्हें रिसेप्शनिस्ट बताने में कोई झिझक नहीं होती। बल्कि कई लोग उनकी शांत और संतुलित जिंदगी से प्रभावित होते हैं। काम के अलावा मिले समय में उन्होंने अपने पुराने शौक भी वापस शुरू किए। वह अब क्रोशे बनाती हैं और सोशल मीडिया के जरिए इससे कमाई भी कर रही हैं।

नौकरी से छंटनी हुई तो इस शख्स को मिल गया जीवन बदलने का मौका, AI की मदद से मिल गई 1.5 करोड़ की जॉब! जानिए कैसे

एक ही कंपनी में दस साल बिताने के बाद नौकरी छूटने से किसी का भी आत्मविश्वास डगमगा सकता है। एक प्रोफेशनल के लिए, उसके बाद के महीने अनिश्चितता, बार-बार रिजेक्शन और ऐसे इंटरव्यू से भरे रहे जिनसे कोई नतीजा नहीं निकला।

हार मानने के बजाय, उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका बदल दिया। इंटरव्यू की प्रैक्टिस करने और अपने जवाबों को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके, उन्हें आखिरकार एक नई नौकरी मिल गई, जिसमें सालाना लगभग 1.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिलता है।

AI ने उनके इंटरव्यू की तैयारी का तरीका बदल दिया

इस प्रोफेशनल ने Reddit पर “kml3141” यूज़रनेम से अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि एक ही कंपनी में 10 साल काम करने और तीन प्रमोशन पाने के बाद फरवरी के आखिर में उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। यह फैसला एक झटके जैसा था, और अगले पांच महीने नौकरी की मुश्किल तलाश में बीते। उन्होंने कई इंटरव्यू दिए लेकिन उन्हें बार-बार निराशा का सामना करना पड़ा।

कुछ पद रद्द कर दिए गए, कुछ को होल्ड पर डाल दिया गया, जबकि कुछ पद आखिरकार कंपनी के अंदर के लोगों से ही भर दिए गए। अपने चांस बेहतर करने के लिए, उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी में AI का इस्तेमाल करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे AI टूल्स में जॉब डिस्क्रिप्शन पेस्ट करते थे और उन लोगों के बारे में भी जानकारी शेयर करते थे जो उनका इंटरव्यू लेने वाले थे।

इसके बाद AI ने उन्हें इंटरव्यू में पूछे जा सकने वाले संभावित सवालों का अंदाजा लगाने, इंटरव्यू लेने वालों के बारे में जानकारी जुटाने और STAR मेथड का इस्तेमाल करके जवाब तैयार करने में मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि AI की मदद से वे इंटरव्यू के दौरान बहुत ज़्यादा बातें करने के बजाय अपने जवाब छोटे और काम की बात पर केंद्रित रख पाए।

Got an offer!!

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u/kml3141 in

Layoffs

आखिरकार मेहनत रंग लाई

कई महीनों की खोज के बाद, उन्हें एजेंसी इंडस्ट्री से बाहर की एक कंपनी से नौकरी का ऑफर मिला। इस नई नौकरी में सालाना सैलरी $155,000 (लगभग ₹1.5 करोड़) है, साथ ही 15% सालाना बोनस और पहले दिन से ही एम्प्लॉई बेनिफिट्स भी मिलेंगे। इसमें फ्लेक्सिबल वर्किंग अरेंजमेंट्स के साथ हाइब्रिड वर्क मॉडल की सुविधा भी है।

हालांकि उन्होंने सैलरी पर बातचीत (नेगोशिएशन) करने के बारे में सोचा था, लेकिन उन्होंने ऑफर स्वीकार करने का फैसला किया क्योंकि यह उनकी पिछली नौकरी की कमाई से ज़्यादा था। पीछे मुड़कर देखने पर, Reddit यूज़र ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें धैर्य रखने और लगातार अप्लाई करते रहने का महत्व सिखाया, भले ही कोई नौकरी पहुंच से बाहर लग रही हो।

उनकी पोस्ट को दूसरे Reddit यूज़र्स से भी काफी सपोर्ट मिला। एक यूज़र ने पूछा, “बधाई हो! आपने इंटरव्यू की तैयारी कैसे की? आजकल वे ज़्यादातर व्यवहार और स्थिति-आधारित (बिहेवियरल और सिनेरियो-बेस्ड) इंटरव्यू पर ज़ोर देते हैं।”एक और यूज़र ने लिखा, “बधाई हो! यहां दूसरों का हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद।”

एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “अरे OP, इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई। अगर आपको कोई दिक्कत न हो, तो क्या मैं आपसे DM में उन प्रॉम्प्ट्स के बारे में कुछ मदद ले सकता हूं जिनका आपने इस्तेमाल किया था? ये इंटरव्यू की तैयारी में मेरे काम आ सकते हैं। मुझे आपसे कुछ मेंटरशिप चाहिए।”

एक और यूज़र ने बताया, “मैंने एक एजेंसी के लिए काम किया था और मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगा। आपकी नई नौकरी के लिए शुभकामनाएं! अब इस बात पर ध्यान दें कि आपके पास एक बड़ा इमरजेंसी फंड हो और आप अपना कोई भी बकाया कर्ज़ चुका दें।”

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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मुंबई में शख्स ने लाखों की सैलरी छोड़ किया 1.5 करोड़ का इन्वेस्टमेंट’, रेस्टोरेंट और निवेश से हो रही 4 लाख की कमाई

एक व्यक्ति, जिसने ऐसा रास्ता चुना जिसे कई लोग जोखिम भरा मानते थे, अब आर्थिक आजादी और काम और निजी जिंदगी के बीच बेहतर संतुलन का आनंद ले रहा है। सोशल मीडिया पर अंकित पांडे द्वारा साझा की गई उनकी कहानी ने ऑनलाइन कई लोगों को प्रेरित किया है।

पोस्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने मुंबई में अपनी 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी छोड़ दी, जबकि लोगों ने उससे कहा कि वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है। उसने अपना फ्लैट लगभग 3 करोड़ रुपये में बेच दिया और कोई दूसरा महंगा अपार्टमेंट खरीदने के बजाय अपने होमटाउन वापस चला गया।

उसने लगभग 20 लाख रुपये में जमीन खरीदी, 50 लाख रुपये में घर बनवाया और दो रेस्टोरेंट खोलने के लिए लगभग 50 लाख रुपये का निवेश किया। आज, दोनों रेस्टोरेंट जोमैटो और स्विगी पर लिस्टेड हैं और कर्मचारी उन्हें मैनेज करते हैं। बताया जाता है कि इन बिजनेस से उसे इतना मुनाफा होता है कि वह हर महीने लगभग 3 लाख रुपये बचा लेता है।

उसने फिक्स्ड डिपॉजिट में भी 1.5 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उसे ब्याज के तौर पर हर महीने लगभग 1 लाख रुपये मिलते हैं। कुल मिलाकर, उसकी मासिक आय लगभग 4 लाख रुपये बताई जाती है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।

एक यूजर ने लिखा, “बिना किसी विरासत, बिना किसी असली सोशल सर्कल और शहर से बिना किसी सच्चे लगाव के, मेट्रो शहर में सिर्फ एक औसत सैलरी पर गुज़ारा करना, एक दुखद जीवन जैसा लगता है।”एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, “भले ही यह सच्ची कहानी हो, लेकिन जब वह होमटाउन गया तो उसके पास 3 करोड़ रुपये की पूंजी और पहले की बचत थी, जिससे बिजनेस और नई ज़िंदगी शुरू की जा सकती थी। हर किसी के पास, जो मेट्रो से होमटाउन जाता है, ऐसी सुविधा नहीं होती। अच्छी कहानी है, लेकिन ज़्यादातर लोगों के लिए आदर्श या उनसे जुड़ी हुई नहीं है।”

एक तीसरे व्यक्ति ने कहा, “यह इतना आसान नहीं है! रेस्टोरेंट का बिजनेस ही जोखिम भरा होता है! इतने सारे लाइसेंस और रिश्वत, लेबर की समस्याएं, सफाई के सर्टिफिकेट वगैरह, जिन्हें कॉम्पिटिटर निशाना बना सकते हैं! मैं रोज़ रेस्टोरेंट बंद होते देखता हूं!”

IT में 12 साल काम करने के बाद नौकरी से निकाला गया तो गांव लौट आया ये शख्स! फिर बताया अपना एक्सपीरियंस

एक ही कंपनी में दस साल से ज्यादा समय बिताने के बाद नौकरी छूटने पर ज्यादातर लोग भविष्य को लेकर परेशान हो जाते हैं। लेकिन नौकरी से निकाले जाने पर एक व्यक्ति के रिएक्शन ने ऑनलाइन कई लोगों का ध्यान खींचा है। दूसरी IT नौकरी खोजने के बजाय, उसने अपने गांव लौटने और एक नई शुरुआत करने का फैसला किया।

यह कहानी वनेश माली ने X पर शेयर की। उन्होंने बताया कि उनके दोस्त ने ऐसी स्थिति के लिए बहुत पहले ही तैयारी कर ली थी और उनका मानना ​​है कि हर किसी के पास एक बैकअप प्लान होना चाहिए। अपना अनुभव शेयर करते हुए माली ने लिखा, “मेरा एक दोस्त 12 साल से ज्यादा समय तक एक बड़ी IT कंपनी में काम करता था। वह अपने काम में बहुत माहिर था। कुछ दिन पहले कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। कई लोगों की नौकरी चली गई।”

लेकिन मेरा दोस्त, जिसकी नौकरी चली गई थी, दुखी नहीं था। उसने कहा, ‘मैं इसके लिए तैयार था। उसने तय किया कि अब वह IT में काम नहीं करेगा। IT की दुनिया बहुत तेजी से बदलती है।” वह अपने गांव वापस चला गया। वहां उसकी पहले से ही एक छोटी सी दुकान थी, जो किराए पर दी हुई थी। अब, वह उसे वापस ले लेगा और कपड़ों की अपनी दुकान खोलेगा। उसके पास परिवार की जमीन भी है और वह वहां बकरी पालन का फार्म शुरू करने की योजना बना रहा है।”

उसने मुझसे कहा, ‘हमारे पास हमेशा एक ‘प्लान B’ तैयार रहना चाहिए। जिंदगी में बहुत सारे बदलाव आते रहते हैं। अब वह गांव में अपनी नई जिंदगी को लेकर खुश और उत्साहित है। इस पोस्ट ने कई यूजर्स का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि अचानक आने वाली मुश्किलों के लिए पहले से तैयारी करना कितना जरूरी है।

एक यूजर ने कहा, “लेकिन ‘प्लान B’ के लिए हमारे पास काफी बचत होनी चाहिए और हम अपनी 20s की शुरुआत में होने चाहिए। जब ‘प्लान A’ ही ठीक से काम नहीं कर रहा हो, तो ‘प्लान B’ के बारे में कैसे सोचें। एक और व्यक्ति ने लिखा, “जिन लोगों ने ऐसी जिंदगी की योजना बनाई है, वे अब चैन की नींद सो सकेंगे।”

IT हमें सिर्फ़ ज़िंदगी जीना सिखाता है। अगर कोई नया डिप्लॉयमेंट या सेटअप फ़ेल हो जाता है, तो हमेशा बैकअप होने से मदद मिलती है। सिर्फ़ बैकअप ही प्रोडक्शन को…। एक और यूज़र ने कहा, “वाह, यही तो पॉज़िटिविटी है, यही सही नज़रिया है। मैं उसकी ज़बरदस्त तरक्की की कामना करता हूं, और इस पोस्ट ने मुझे भी अपने ‘प्लान B’ के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया।”