न्यूज़रूम से वड़ा पाव के ठेले तक | Journalist Couple VadaPav Business | Patrakar Couple VadaPav Wale

न्यूज़रूम से वड़ा पाव के ठेले तक | Journalist Couple VadaPav Business | Patrakar Couple VadaPav Wale

#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:
12 साल तक मीडिया में काम किया, लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब जसवीर सिंह जस्सी और पत्नी सुधा शाह की नौकरियाँ चली गईं। आर्थिक तंगी आई, लोगों ने ताने मारे और कई बार लगा कि अब आगे कोई रास्ता नहीं है।
फिर मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर गए और वहाँ पर खाए एक वड़ा पाव ने उनकी ज़िंदगी की दिशा बदल दी।
आज यही कपल नोएडा सेक्टर 19 में अपना वड़ा पाव स्टॉल चलाता है और मेहनत से अपनी नई पहचान बना रहा है।
उनकी कहानी याद दिलाती है कि कोई काम छोटा नहीं होता, अगर आप उसे ईमानदारी और हौसले से करते हैं।
आपके लिए सफलता का असली मतलब क्या है?
@patrakarcouple

न्यूज़रूम से वड़ा पाव के ठेले तक | Journalist Couple Vada Pav Business | Patrakar Couple Vada Pav Wale | Noida

[Journalist couple started vada pav business in Noida, journalist turned street food entrepreneur, Couple lost jobs and started their own business, Small business success story, From job loss to successful business]

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

₹30 हजार से शुरू किया सैंडविच का ठेला, आज ₹25 लाख महीना! फेल इंटरनेट कैफे के बाद ऐसे बदली अभिषेक की किस्मत

कारोबार में पहली कोशिश नाकाम हो जाए तो बहुत से लोग दोबारा जोखिम लेने से बचते हैं। लेकिन भोपाल के अभिषेक साहू की कहानी कुछ अलग है। करीब 15 साल पहले शुरू किया गया उनका इंटरनेट कैफे एक साल के अंदर बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय महज ₹30 हजार के लोन से एक छोटे से सैंडविच कार्ट की शुरुआत की। आज उनका यही छोटा कारोबार सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

पहला बिजनेस एक साल में ही हो गया बंद

अभिषेक साहू करीब 15 साल पहले भोपाल पहुंचे थे। उन्होंने शुरुआत इंटरनेट कैफे से की। उस दौर में इंटरनेट कैफे एक अच्छा बिजनेस आइडिया माना जाता था, लेकिन उनका कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चला।

करीब एक साल बाद ही उन्हें इंटरनेट कैफे बंद करना पड़ा। पहली कोशिश की असफलता के बावजूद अभिषेक ने कारोबार करने का विचार नहीं छोड़ा। इस बार उन्होंने ऐसा बिजनेस चुना, जिसमें कम पूंजी लगाकर शुरुआत की जा सके।

₹30 हजार जुटाए और बदल दी दिशा

पहले कारोबार के बाद अभिषेक ने फूड बिजनेस की तरफ रुख किया। उन्होंने ₹30 हजार का लोन लिया और एक छोटा सा सैंडविच कार्ट शुरू किया। खास बात यह थी कि उनके पास सैंडविच बनाने की कोई बड़ी प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं थी। उन्होंने YouTube की मदद से अलग-अलग सैंडविच की रेसिपी सीखीं और फिर उन्हें अपने छोटे से कार्ट पर आजमाना शुरू किया। यानी दूसरी शुरुआत बड़े निवेश या बड़े सेटअप से नहीं, बल्कि सीमित पैसे और खुद सीखने की कोशिश से हुई।

धीरे-धीरे लोगों को पसंद आने लगा स्वाद

शुरुआत में यह एक छोटा सा सैंडविच कार्ट था, लेकिन समय के साथ ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। लोगों को सैंडविच पसंद आने लगे और धीरे-धीरे इस छोटे कारोबार ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। अभिषेक के बिजनेस की कहानी में सोशल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके सैंडविच कार्ट पर बनी एक Instagram Reel वायरल हो गई। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से लोग उनके सैंडविच का स्वाद लेने पहुंचने लगे।

अब 30-50 मिनट तक इंतजार करते हैं ग्राहक

कभी जिस कारोबार की शुरुआत एक छोटे कार्ट से हुई थी, आज उसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ग्राहक सैंडविच के लिए इंतजार करने को भी तैयार रहते हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, कई ग्राहकों को ऑर्डर के लिए करीब 30 से 50 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद लोगों की भीड़ कम नहीं हुई।

हर दिन सैकड़ों सैंडविच की बिक्री

सोशल मीडिया पर अभिषेक की कहानी शेयर करने वाले यूजर प्रथम के मुताबिक, उनका Hari Har Sandwich अब हर दिन लगभग 600 से ज्यादा सैंडविच बेचता है। वीकेंड पर यह संख्या और बढ़ जाती है। पोस्ट में दावा किया गया है कि शनिवार और रविवार जैसे दिनों में 1,000 से ज्यादा सैंडविच बिकते हैं। इसी पोस्ट के अनुसार, इस छोटे से फूड बिजनेस का मासिक टर्नओवर करीब ₹25 लाख तक पहुंच चुका है।

असफलता से शुरुआत, लेकिन वहीं नहीं रुके

अभिषेक साहू की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा सिर्फ ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं है। असली बात यह है कि पहला बिजनेस बंद होने के बाद उन्होंने खुद को दोबारा आजमाया।

इंटरनेट कैफे के अनुभव के बाद उन्होंने कम पैसे वाला बिजनेस चुना, YouTube से स्किल सीखी और धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बनाया। यही छोटा कदम आगे चलकर बड़े कारोबार में बदलता गया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

प्रथम ने X पर अभिषेक की कहानी शेयर करते हुए उनके सफर को उजागर किया। पोस्ट के वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनकी दोबारा शुरुआत करने की हिम्मत की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि इस कहानी की सबसे खास बात ₹25 लाख का टर्नओवर नहीं, बल्कि पहली असफलता के बाद सिर्फ ₹30 हजार से दोबारा शुरुआत करने का फैसला है। दूसरे यूजर ने इसे एक शानदार ‘कमबैक’ बताया।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Video: भगवान को अकेला नहीं छोड़ सकता… चित्रकूट बाढ़ के बीच भावुक करने वाला नजारा! DM-SP जोड़ते रहे हाथ फिर भी मंदिर से नहीं निकले पुजारी

सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन बेचकर लाखों की कमाई! वायरल हुई सड़क किनारे की इस दुकान की कहानी

सोशल मीडिया पर इन दिनों सड़क किनारे लगी एक छोटी-सी ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन की दुकान काफी वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक व्यक्ति ने दुकानदार की संभावित कमाई का अनुमान शेयर किया। दुकान पर सिर्फ ब्रेड पकौड़ा और गुलाब जामुन मिलते हैं, लेकिन फिर भी यहां हर दिन बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि सीमित सामान बेचने के बावजूद इस स्टॉल का कारोबार काफी अच्छा चलता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर इस छोटे से बिजनेस की सफलता और संभावित कमाई को देखकर हैरानी जता रहे हैं।

कितनी होती है कमाई

सोशल मीडिया पर ये पोस्ट X यूजर अंकित पांडे ने शेयर की। उन्होंने लिखा, “यह सड़क किनारे ब्रेड पकौड़ा बेचने वाला 10 साल का कॉर्पोरेट अनुभव रखने वाले कई लोगों से भी ज्यादा कमाई करता है।” अंकित पांडे ने बताया कि सफर के दौरान वह एक ब्रेड पकौड़ा नाम के एक छोटे से स्टॉल पर पहुंचे। अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा, “यात्रा के दौरान मैं मनोज ब्रेड पकौड़ा नाम की एक छोटी-सी सड़क किनारे की दुकान पर रुका। यहां न कोई आलीशान इंटीरियर था, न एयर कंडीशनिंग और न ही महंगी ब्रांडिंग। इसके बावजूद स्वादिष्ट खाने और ग्राहकों की लगातार भीड़ ने मेरा ध्यान खींच लिया।”

एक दिन में आते हैं 400 कस्टमर

उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने दुकानदार से पूछा, “भैया, आपके पास रोज कितने ग्राहक आते हैं?” इस पर दुकानदार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “करीब 400।” पांडे के मुताबिक, ज्यादातर ग्राहक एक ब्रेड पकौड़ा और एक गुलाब जामुन का ऑर्डर करते हैं। कस्टमर की संख्या जानने के बाद अंकित ने स्टॉल की संभावित रोजाना बिक्री का अनुमान लगाया। उन्होंने लिखा, “अब एक आसान हिसाब लगाते हैं। ब्रेड पकौड़े की कीमत 15 रुपये और गुलाब जामुन की कीमत भी 15 रुपये है। यानी एक ग्राहक का औसत बिल 30 रुपये हुआ। अगर रोज करीब 400 ग्राहक आते हैं, तो 400 × 30 के हिसाब से दुकान की दैनिक बिक्री लगभग 12,000 रुपये बैठती है।”

दुकानदार की होती है अच्छी बचत

अंकित पांडे ने साफ किया कि कमाई का ये अनुमान दुकानदार की दी गई जानकारी पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, रोज के खर्च निकालने के बाद भी दुकानदार की अच्छी बचत हो जाती है। अंकित ने बताया कि दुकानदार के मुताबिक, कमाई का सही हिसाब लगाने से पहले कच्चा सामान, तेल, गैस, किराया और रोजमर्रा के दूसरे खर्चों को अलग किया जाता है। इन सभी खर्चों के बाद भी दुकानदार का दावा है कि उसकी कुल कमाई का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा बचत के रूप में रह जाता है। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

अपना अनुमान साझा करते हुए अंकित पांडे ने लिखा, “इस हिसाब से रोज करीब 8,400 रुपये की बचत होती है। यानी महीने में लगभग 2.5 लाख रुपये और सालभर में करीब 30 लाख रुपये। ये सभी आंकड़े मनोज द्वारा मेरे साथ साझा की गई जानकारी के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं।”

वायरल हुआ पोस्ट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि अच्छी क्वालिटी, सही कीमत और ग्राहकों के भरोसे के दम पर छोटे कारोबार भी शानदार कमाई कर सकते हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह कारोबार कमाई वाला जरूर है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है।” वहीं, दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “लगातार अच्छी क्वालिटी और एक जैसा स्वाद ही असली सफलता और कमाई की सबसे बड़ी वजह है।”