तमिलनाडु: मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनाव में 80 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान

तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम (सुरक्षित) विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मंगलवार शाम 6 बजे दोनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी 605 पोलिंग बूथों पर मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई।

सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं का उत्साह देखने को मिला। शुरुआती दौर में सुबह 9 बजे तक धीमी गति (15-17 फीसदी) से शुरू हुआ मतदान दिन ढलने के साथ तेजी पकड़ता गया। दोपहर 3 बजे तक मदुरंतकम में 70.31 प्रतिशत और धारापुरम में 68.08 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे, जो शाम 5 बजे बढ़कर क्रमशः 83.86 और 78.53 प्रतिशत तक पहुंच गया।

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चुनाव आयोग के अनुसार, शाम 6 बजे कतार में लगे सभी मतदाताओं द्वारा वोट डाले जाने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत 80 से 85 प्रतिशत से भी अधिक रहने का अनुमान है। मतदान के बाद सभी ईवीएम मशीनों को सील कर कड़ी सुरक्षा और अर्धसैनिक बलों के पहरे में स्ट्रांग रूम भेज दिया गया है। मतों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

यह उपचुनाव तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली लगभग पांच महीने पुरानी ‘टीवीके’ सरकार के लिए एक बड़े राजनीतिक परीक्षण और जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई इन दो सीटों पर 4.35 लाख कुल मतदाताओं ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। मदुरंतकम से 27 और धारापुरम से 22 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। मुख्य मुकाबला टीवीके, द्रमुक, अन्नाद्रमुक, वामपंथी दलों और नाम तमिलर काची के बीच देखने को मिल रहा है।

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ज्ञानेश है भाजपा का हथियारः उद्धव

मुंबई। शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के ‘हथियार’ के रूप में काम करने का आरोप लगाया। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और भविष्य के चुनाव मतपत्र से कराने की मांग की।

सीईसी और एसआईआर के खिलाफ ठाकरे बंधुओं के नेतृत्व में मुंबई में निकाले गए ‘विराट गर्जना मोर्चा’ में हजारों लोग शामिल हुए। मार्च के बाद हुई रैली में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट और विजय वडेट्टीवार तथा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख भी शामिल हुए।

उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि अगर एसआईआर मतदाता सूची से बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिए कराया गया था तो सरकार बताए कि देश में अवैध रूप से रह रहे कितने बांग्लादेशियों का पता लगाया गया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘ज्ञानेश कुमार भाजपा का हथियार हैं।’

निर्वाचन आयोग को निशाना बनाते हुए उद्धव ने दावा किया कि महाराष्ट्र में एसआईआर के दौरान दो करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह की कवायद में पश्चिम बंगाल में 30 लाख और तमिलनाडु में 70 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

उद्धव ठाकरे ने नूर्नबर्ग मुकदमों की तर्ज पर भाजपा नेताओं के खिलाफ अभियोजन की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘भाजपा और इन अधिकारियों को समझ लेना चाहिए कि देश में भी ऐसा ही होगा।’

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की लड़ाई किसी एक पार्टी या नेता, धर्म या जाति के लिए नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए है। उद्धव ने दावा किया, ‘भाजपा को समझ लेना चाहिए कि लोग आज शांत हैं। अगर वे आक्रोशित हो गए तो वे उसका सिंहासन जला देंगे।’

उद्धव ने भाजपा पर न केवल वोट और विधायकों को ‘चुराने’ का आरोप लगाया, बल्कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे को भी ‘चुराने’ का आरोप लगाया।

शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ने इस सप्ताह की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े मामले की तत्काल सुनवाई नहीं करने को लेकर उच्चतम न्यायालय की भी आलोचना की। यह मामला राज्य में उपचुनाव से एक दिन पहले तत्काल सुनवाई के लिए उठाया गया था। अदालत इस मामले पर पांच अक्टूबर को सुनवाई करेगी, जबकि राज्य की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव छह अक्टूबर को होने हैं।

उद्धव ने दावा किया, ‘यह दिखाता है कि वे सभी संस्थानों को किस तरह नियंत्रित कर रहे हैं।’ राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में एसआईआर की प्रक्रिया रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि देश में भविष्य के चुनाव मतपत्र के जरिए कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे 2017-18 से ही राजनीतिक नेताओं को निर्वाचन निकाय में कथित ‘अनियमितताओं’ के बारे में बताते रहे हैं।

मनसे प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ईवीएम और मतदाता सूची के मुद्दे पर तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। उन्होंने दोनों नेताओं से इन मुद्दों के स्पष्ट होने तक चुनाव का बहिष्कार करने का आग्रह भी किया था।

दक्षिण मुंबई के मेट्रो सिनेमा से शुरू हुआ विरोध मार्च कुछ ही दूरी तय कर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय पहुंचा। एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित इस मार्च में सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की गई।

मार्च में राजनीतिक दलों के झंडे ले जाने की अनुमति नहीं थी। प्रतिभागियों से केवल राष्ट्रीय तिरंगा साथ रखने को कहा गया था। प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि शहर एक बार फिर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया है। सभी भारतीयों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए दीपके ने कहा, ‘अब या कभी नहीं।’

निर्वाचन सदन को घेरेगा विपक्ष

नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक में बुधवार को बड़ा फैसला हुआ। बैठक में शामिल पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और इस्तीफा नहीं देने पर छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय यानी नई दिल्ली के अशोक रोड पर स्थित निर्वाचन सदन का घेराव करेंगी। इस बीच दो से आठ अक्टूबर के बीच ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विपक्षी पार्टियां पूरे देश में मार्च निकालेंगी।

गौरतलब है कि बुधवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ‘इंडिया’ ब्लॉक की पार्टियों की बैठक हुई, जिसमें 19 पार्टियों के दो दर्जन से ज्यादा नेता शामिल हुए। सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सीपीएम महासचिव एमए बेबी सहित कई बड़े नेता बैठक में शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे वर्चुअल तरीके से बैठक में शामिल हुए। डीएमके और आम आदमी पार्टी ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। समाजवादी पार्टी की ओर से दो सांसद बैठक में शामिल हुए।

करीब तीन घंटे चली बैठक में तीन बातों पर सहमति बनी। विपक्षी पार्टियों ने तय किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाए। चुनाव आयोग से विपक्ष ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही नाम हटाने से पहले वोटर को नोटिस और अपील का मौका देने की मांग भी की गई। विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में 19 पार्टियां शामिल हुईं, जिनके लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद हैं।

बैठक के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है। बैठक में ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को चोर और डाकू कहा। उन्होंने कहा कि विपक्ष बड़ा आंदोलन करेगा और जरुरत हुई तो चांद, तारों तक जाएगा। राहुल गांधी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ साथ प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं। राहुल ने कहा, ‘हम एक गठबंधन हैं और देश में बड़ा बदलाव लाएंगे’। तेजस्वी यादव ने फॉर्म छह में किए गए बदलाव को विपक्ष की बड़ी जीत बताया।

हाल के चुनाव अवैध है: राहुल

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्लुसी की बैठक में कहा कि हाल के सभी चुनाव अवैध हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार से समझौता कर चुके हैं। करीब ढाई घंटे तक चली सीडब्लुसी की बैठक के बारे में सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि राहुल ने कांग्रेस नेताओं से उनके ऊपर भरोसा करने को कहा। उन्होंने एक नियुक्ति पैनल की बैठक के बाद का किस्सा सुनाते हुए कहा कि बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माना की उनके बाद राहुल ही प्रधानमंत्री बनेंगे। यह किस्सा सुना कर राहुल ने कहा कि मोदी को जैसे उनके ऊपर भरोसा है वैसे ही कांग्रेस नेताओं को भी रखना चाहिए।

बहरहाल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर हुए खुलासे पर विचार के लिए हुई कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह समझौता कर चुके हैं और देश की चुनाव व्यवस्था ‘फिक्स’ है। हाल के सभी चुनाव अवैध हैं”। राहुल गांधी ने आगे कहा, “चाहे ईवीएम हो या मतदाता सूची, दोनों से छेड़छाड़ की गई है। दोनों का इस्तेमाल भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति के तौर पर कर रही है”।

बैठक में पार्टी ने एक प्रस्ताव मंजूर किया, जिसमें कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें। इसके अलावा एसआईआर को तत्काल रोकने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। कांग्रेस ने इसमें कहा है कि हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नाम बहाल किए जाएं। मंगलवार को हुई बैठक में 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के मुद्दों को संसद में उठाएगी और प्रदर्शन करेगी।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं। उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। मोदी सरकार ने व्यवस्थित रूप से उस मजबूत लोकतांत्रिक नींव को खोखला कर दिया है जिसे हमारे पूर्वजों ने बनाया था”। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने युवाओं को वोट देने से रोकने की साजिश रची है। फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में गैरकानूनी तरीके से बदलाव किया गया”।

Viral Video: मशहूर चाट युद्ध के बाद अब सामने आया ‘चटनी संग्राम’, हापुड़ की पकौड़ा दुकान का वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक छोटी-सी खाने की दुकान अचानक ऐसी जगह में बदल गई, जहां कुछ देर के लिए लात-घूंसे और डंडे चलने लगे। धौलाना थाना क्षेत्र के देहरा गांव में पकौड़े की दुकान पर चटनी को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई और दुकान के आसपास मारपीट का माहौल बन गया।

घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में कई लोग एक-दूसरे से भिड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद लोग सहमे हुए इस पूरे घटनाक्रम को देखते नजर आते हैं।

हरी चटनी नहीं मिली तो बिगड़ गई बात

NDTV के रिपोर्ट के मुताबिकके मुताबिक, विवाद की शुरुआत कुछ ग्राहकों की नाराजगी से हुई। उन्हें पकौड़ों के साथ हरी चटनी के बजाय मीठी इमली की चटनी परोसी गई थी। चटनी को लेकर हुई कहासुनी ने कुछ ही समय में उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि नाराज लोगों ने दुकानदार से मारपीट शुरू कर दी।

दुकानदार के पक्ष में आसपास के कई लोग पहुंच गए। इसके बाद मामला दो पक्षों के बीच भिड़ंत में बदल गया और सड़क पर जमकर हंगामा शुरू हो गया।

दुकान का सामान भी बना हथियार

वायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य काफी उग्र दिखाई देता है। लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। कुछ के हाथों में बेल्ट और पत्थर दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने पकौड़े बनाने में इस्तेमाल होने वाला बड़ा लोहे का छलना उठाया और उससे दूसरे व्यक्ति पर वार कर दिया।

मारपीट के दौरान एक शख्स की शर्ट तक खिंच गई। एक अन्य व्यक्ति पर पत्थर से हमला किए जाने का दृश्य भी वीडियो में नजर आता है। पास खड़ी एक महिला ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन झगड़ रहे लोगों को रोकना आसान नहीं था। पुलिस के मुताबिक, घटना में चार लोग घायल हुए हैं।

VIDEO सामने आते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद धौलाना थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। सर्किल ऑफिसर मुनीष चंद्र के मुताबिक, देहरा गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट की जानकारी मिली है। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण शुरू कराया है और वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक शांति भंग करने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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राजद ने रांची में प्रदर्शन किया, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इ्स्तीफे की मांग

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के अंदर मतभेद की सामने आई खबर को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने यहां विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की।

शनिवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने आयोग पर चुनावों में भाजपा को “अनुचित लाभ” पहुंचाने का आरोप लगाया।

राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम दास सिंह ने आरोप लगाया, “बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में जन भावनाएं भाजपा के खिलाफ थीं। लेकिन सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनावों को प्रभावित करने और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर कराया। उन्होंने कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

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यह घटनाक्रम ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खबर के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे, जबकि एसआईआर का राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन पूर्ण आयोग की देखरेख में हो रहा था।

राजद नेता सिंह ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बिहार में करीब 65 लाख और बंगाल में करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।

राजद की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने आरोप लगाया, “राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद कुमार पूरी तरह उदासीन रहे। उन्होंने न केवल एसआईआर प्रक्रिया और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि मतदान हो जाने के बाद वोट प्रतिशत में बदलाव की साजिश भी रची।

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Hero Motors IPO Listing: 2% डिस्काउंट पर लिस्ट ₹84 का शेयर, हीरो मोटर्स ने आईपीओ निवेशकों को किया निराश

Hero Motors IPO Listing: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 7 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹82.10 और NSE पर ₹82.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला, बल्कि 2% से अधिक पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹83.82 (Hero Motors Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.21% घाटे में हैं।

Hero Motors IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 7.32 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 10.47 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.62 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के4,76,19,047 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200.00 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी, ₹171.99 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹60.25 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Hero Motors के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

खुल गया ₹1000 करोड़ का Hero Motors IPO, पैसे लगाने से पहले चेक करें डिटेल्स और ब्रोकरेजेज का रुझान

Hero Motors IPO: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। ₹1000 करोड़ का आईपीओ खुलने से पहले ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनाी समेत 15 एंकर निवेशकों से यह ₹300 करोड़ जुटा चुकी हैं, जिन्हें प्रति शेयर ₹84 के भाव पर 3.57 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह ₹10 यानी 11.90% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही किसी आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।

Hero Motors IPO: डिटेल्स

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ आज 16 सितंबर को खुला है और 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू में ₹79-₹84 के प्राइस बैंड और 178 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इस इश्यू के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे तो ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग 85.57% से घटकर 61.63% रह जाएगी। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का एलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा जिसके बाद बीएसई और एनएसई पर 23 सितंबर को इसकी लिस्टिंग होगी। इसका रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

अब आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग और हीरो साइकिल्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

हीरो मोटर्स के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

Hero Motors IPO: क्या है ब्रोकरेजेज की राय

SBI Securities

ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने हीरो मोटर्स के आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी के कामकाज पर नजर रखना चाहेगी।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2026 के लिए 83.8x P/E पर है जो इसकी कम रेवेन्यू ग्रोथ और कुछ ही बड़े ग्राहकों पर निर्भरता को देखते हुए दूसरी कंपनियों के मुकाबले महंगा है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी की तकनीकी क्षमताओं के साथ-साथ ई-मोबिलिटी और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स में विस्तार उम्मीद जगाती हैं लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन में भविष्य की ग्रोथ को पहले ही शामिल कर लिया गया है।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू का 61.4% हिस्सा सिर्फ पांच ग्राहकों से आया। ऐसे में इन ग्राहकों की मांग और सोर्सिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव का इसके बिजनेस पर असर दिख सकता है।

Anand Rathi

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का मानना है कि आईपीओ फुल्ली प्राइस्ड है लेकिन इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हीरो मोटर्स ने इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एप्लीकेशन के लिए तैयार किए गए पावरट्रेन सॉल्यूशन पर फोकस करके ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है। डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइपिंग, वैलिडेशन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज के दम पर यह ऑटोमोटिव ओईएम को सिस्टम-लेवल और कंपोनेंट-लेवल सॉल्यूशन मुहैया कराती है।

हीरो मोटर्स के पोर्टफोलियो में सीवीटी, ईवी ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिक मोटर, ड्राइव यूनिट और गियर सेट शामिल हैं।

हीरो मोटर्स की ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट में भी मजबूत स्थिति है। यह भारत से ई-बाइक बनाने वाली कंपनियों को CVT हब बनाने और निर्यात करने वाली इकलौती कंपनी है। ह्यूलैंड (Hewland) में निवेश से हीरो मोटर्स की ट्रांसमिशन डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग क्षमताएं मजबूत हुई हैं तो यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ इसके जॉइंट वेंचर से कंपनी की इलेक्ट्रिक मोटर क्षमताओं को बढ़ावा मिला है।

हीरो मोटर्स की फैसिलिटीज भारत के साथ-साथ यूके और थाईलैंड में भी हैं।

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₹99,999 में लॉन्च Ather का नया स्कूटर, Konark की मार्केट में इनसे होगी भिड़ंत

Ather Energy New Launch: दिग्गज दोपहिया इलेक्ट्रिक कंपनी एथर एनर्जी ने आज 29 अगस्त को अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कोणार्क (Konark) लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत कंपनी ने ₹99,99 रखी है। इसके जरिए कंपनी ने मास-मार्केट सेगमेंट में एंट्री की है। इससे पहले एथर की पहचान मुख्य रूप से प्रीमियम/स्पोर्टी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से थी लेकिन अब कोणार्क के साथ इसने पहली बार बड़े मास-मार्केट सेगमेंट में गंभीरता से प्रवेश किया है। कंपनी ने इसे अपने सालाना कम्युनिटी डे प्रोग्राम में लॉन्च किया है।

Ather Energy के Konark की खास बातें

एथर एनर्जी ने कोणार्क की शुरुआती कीमत ₹99,999 रखी है।

यह स्कूटर कई अलग-अलग रेंज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इस लाइनअप में 100 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹99,999 और 125 किलोमीटर रेंज वाला वेरिएंट ₹1,21,999 है। दोनों की बिक्री सितंबर 2026 में शुरू होने वाली है।

161 किमी रेंज वाला एक और वैरिएंट आने वाला है जिसकी कीमत ₹1,44,999 रखी गई है तो 200 किमी रेंज वाले कोणार्क को भी Q3 2027 में लाने की योजना है। एथर के प्रोडक्ट रोडमैप में कोणार्क जेड भी है, जिसके 125 किमी और 161 किमी रेंज वाला वेरिएंट Q2 2027 में आ सकता है।

यह एथर के न्यू-जेनेरेशन ईएल प्लेटफॉर्म पर बनाया जाने वाला पहला प्रोडक्शन स्कूटर है।

कोणार्क के साथ एथर अपने पोर्टफोलियो को 450 और रिट्जा की रेंज से आगे बढ़ाया है।

कोणार्क के दाम एथर की ही रिट्जा से कम रखे गए हैं और मार्केट में इसकी सीधे टीवीएस और बजाज से भिड़ंत होगी। ₹99,999 की कीमत पर इसका एंट्री-लेवल वेरिएंट टीवीएस आईक्यूब (TVS iQube) और बजाज चेतक सी2501 (Bajaj Chetak C2501) की कीमत के लगभग बराबर है। वहीं ₹1,21,999 वाला 125 किलोमीटर रेंज का कोणार्क की भिड़ंत एथर के ही एंट्री-लेवल रिट्जा एस (Rizta S) के मुकाबले में आ जाता है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹1,21,499 है।

कीमत के मुकाबले रेंज की बात करें तो कोणार्क का 100 किलोमीटर वाला वेरिएंट चेतक सी2501 की 113 किलोमीटर और एंट्री-लेवल आईक्यूब की 114 किलोमीटर रेंज के मुकाबले अधिक स्पष्ट फायदा नहीं देता है। हालांकि 144 किलोमीटर वाला वेरिएंट अधिक क्षमता वाले iQube और Chetak वेरिएंट के करीब पहुंचता है, तो यह एथर की अधिक प्रीमियम 450 रेंज से नीचे रहता है।

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