NSE से ज्यादा GMP तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा, जानिए इस इश्यू की सबसे जरूरी बातें

एनएसई का आईपीओ 16 सितंबर को एंकर इनवेस्टर्स के लिए खुल गया। यह इश्यू 17 सितंबर को बाकी निवेशकों के लिए खुल जाएगा। लेकिन, जैसे-जैसे एनएसई के आईपीओ के खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसके शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) घट रहा है। इसके शेयर से ज्यादा जीएमपी तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा है।

खुलने के कुछ ही घंटों में 20% सब्सक्राइब हुआ इश्यू

Hero Motors का आईपीओ 16 सितंबर को खुल गया है। इसे इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। NSE के डेटा के मुताबिक, 10:25 बजे तक यह इश्यू 20 फीसदी तक सब्सक्राइब हो गया था। यह आईपीओ 1,000 करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ में 18 सितंबर तक इनवेस्ट किया जा सकता है।

आईपीओ में कंपनी 600 करोड़ के नए शेयर इश्यू करेगी

हीरो मोटर्स ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 79-84 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इनवेस्टर्स को 600 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 400 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी की प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ओएफएस में शेयर बेच रही हैं।

हीरो मोटर्स के शेयर पर जीएमपी एनएसई से काफी ज्यादा

हीरो मोटर्स के शेयरों पर 16 सितंबर को करीब 23 फीसदी जीएमपी चल रहा था। यह जानकारी इनवेस्टरगेन के डेटा पर आधारित है। एनएसई के शेयर का जीएमपी घटकर 9 फीसदी से कम रह गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP से सिर्फ शेयर की लिस्टिंग या लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। यह एक्चुअल लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इनवेस्टर्स को सिर्फ जीएमपी देखकर किसी आईपीओ में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए 

हीरो मोटर्स आईपीओ से मिले पैसे में से 190 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी करीब 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर करेगी। कंपनी का प्लांट यूपी के गौतम बुद्ध नगर में है। कंपनी इस प्लांट के लिए इक्विपमेंट खरीदना चाहती है, जिसका इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए होगा।

BMW AG, Ducati Motor जैसी कंपनियां हीरो मोटर्स की ग्राहक

हीरो मोटर्स ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) के लिए इंजीनियर्सड पावरट्रेन सॉल्यूशंस की डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग करती है। इसका ऑपरेशंस कई देशों में है, जिनमें अमेरिका, यूरोप और आसियान के देश शामिल है। इसके ग्राहकों में दुनिया की कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इनमें BMW AG, Ducati Motor Holding, Enviolo International, Formula Motorsport और HWA AG शामिल हैं।

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16 सितंबर को लंबे समय बाद बाजार में आई रिकवरी

हीरो मोटर्स के आईपीओ के खुलने के दिन बाजार में रिकवरी है। शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी दोपहर में 0.58 फीसदी यानी 134 अंक चढ़कर 23,253 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.52 फीसदी यानी 388 अंक के उछाल के साथ 74,391 पर चल रहा था।

खुल गया ₹1000 करोड़ का Hero Motors IPO, पैसे लगाने से पहले चेक करें डिटेल्स और ब्रोकरेजेज का रुझान

Hero Motors IPO: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। ₹1000 करोड़ का आईपीओ खुलने से पहले ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनाी समेत 15 एंकर निवेशकों से यह ₹300 करोड़ जुटा चुकी हैं, जिन्हें प्रति शेयर ₹84 के भाव पर 3.57 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह ₹10 यानी 11.90% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही किसी आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।

Hero Motors IPO: डिटेल्स

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ आज 16 सितंबर को खुला है और 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू में ₹79-₹84 के प्राइस बैंड और 178 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इस इश्यू के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे तो ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग 85.57% से घटकर 61.63% रह जाएगी। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का एलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा जिसके बाद बीएसई और एनएसई पर 23 सितंबर को इसकी लिस्टिंग होगी। इसका रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

अब आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग और हीरो साइकिल्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

हीरो मोटर्स के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

Hero Motors IPO: क्या है ब्रोकरेजेज की राय

SBI Securities

ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने हीरो मोटर्स के आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी के कामकाज पर नजर रखना चाहेगी।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2026 के लिए 83.8x P/E पर है जो इसकी कम रेवेन्यू ग्रोथ और कुछ ही बड़े ग्राहकों पर निर्भरता को देखते हुए दूसरी कंपनियों के मुकाबले महंगा है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी की तकनीकी क्षमताओं के साथ-साथ ई-मोबिलिटी और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स में विस्तार उम्मीद जगाती हैं लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन में भविष्य की ग्रोथ को पहले ही शामिल कर लिया गया है।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू का 61.4% हिस्सा सिर्फ पांच ग्राहकों से आया। ऐसे में इन ग्राहकों की मांग और सोर्सिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव का इसके बिजनेस पर असर दिख सकता है।

Anand Rathi

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का मानना है कि आईपीओ फुल्ली प्राइस्ड है लेकिन इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हीरो मोटर्स ने इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एप्लीकेशन के लिए तैयार किए गए पावरट्रेन सॉल्यूशन पर फोकस करके ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है। डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइपिंग, वैलिडेशन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज के दम पर यह ऑटोमोटिव ओईएम को सिस्टम-लेवल और कंपोनेंट-लेवल सॉल्यूशन मुहैया कराती है।

हीरो मोटर्स के पोर्टफोलियो में सीवीटी, ईवी ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिक मोटर, ड्राइव यूनिट और गियर सेट शामिल हैं।

हीरो मोटर्स की ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट में भी मजबूत स्थिति है। यह भारत से ई-बाइक बनाने वाली कंपनियों को CVT हब बनाने और निर्यात करने वाली इकलौती कंपनी है। ह्यूलैंड (Hewland) में निवेश से हीरो मोटर्स की ट्रांसमिशन डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग क्षमताएं मजबूत हुई हैं तो यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ इसके जॉइंट वेंचर से कंपनी की इलेक्ट्रिक मोटर क्षमताओं को बढ़ावा मिला है।

हीरो मोटर्स की फैसिलिटीज भारत के साथ-साथ यूके और थाईलैंड में भी हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Hero Motors IPO: हीरो ग्रुप की Hero Motors Ltd अपना ₹1,000 करोड़ का IPO ला रही है। इश्यू 16 से 18 सितंबर तक खुलेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹79-84 तय किया है। इस भाव पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹3,815 करोड़ बैठता है।

IPO में ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू है। वहीं ₹400 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS में ₹395 करोड़ प्रमोटर O P Munjal Holdings और ₹5 करोड़ Hero Cycles को जाएंगे।

Hero Motors IPO का GMP

ग्रे मार्केट में भी हीरो मोटर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टगेन के मुताबिक, इसका लेटेस्ट GMP ₹24 है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 28.57% लिस्टिंग गेन का संकेत है। हालांकि, इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए क्योंकि ये लगातार बदलता रहता है।

Hero Motors की कारोबारी सेहतर

हीरो मोटर्स फ्रेश इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज घटाने और क्षमता बढ़ाने में करेगी। करीब ₹190 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। वहीं ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर प्लांट में नए उपकरण खरीदने पर खर्च होंगे।

FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 9.1% बढ़कर ₹1,188.35 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट 25.5% बढ़कर ₹41.17 करोड़ पहुंच गया। अब कंपनी के सामने बड़ी चुनौती अपनी बढ़ी हुई क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना और इन निवेशों से बेहतर रिटर्न हासिल करना है।

हीरो मोटर्स क्या करती है?

हीरो मोटर्स, पंकज एम. मुंजाल से जुड़ी ऑटो कंपोनेंट और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह सीधे ग्राहकों को बाइक या स्कूटर नहीं बेचती। कंपनी पावरट्रेन सिस्टम, गियर और ई-बाइक ड्राइवट्रेन बनाती है। इसके ग्राहक BMW, Ducati जैसी कंपनियां और दुनिया की कई ई-बाइक कंपनियां हैं।

इसका कारोबार भारत के साथ अमेरिका, यूरोप और ASEAN देशों में भी है। कंपनी का फोकस इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर भी तेजी से बढ़ रहा है।

दूसरे ‘हीरो’ कंपनियों से कैसे अलग है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि Hero Motors और Hero MotoCorp अलग कंपनियां हैं। Hero MotoCorp बाइक और स्कूटर बनाकर सीधे ग्राहकों को बेचती है। इसके Splendor और Xtreme जैसे ब्रांड हैं। दूसरी ओर, Hero Motors मुख्य रूप से B2B कंपनी है। यानी यह दूसरी ऑटो कंपनियों के लिए कंपोनेंट और टेक्नोलॉजी तैयार करती है।

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Hero Cycles साइकिल कारोबार में है। वहीं, Hero Electric इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। चारों कंपनियां मुंजाल परिवार की अलग-अलग कारोबारी शाखाओं से जुड़ी हैं। इसलिए Hero नाम एक जैसा होने के बावजूद इनके कारोबार और निवेश की कहानी अलग है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors लाएगी ₹1000 करोड़ का ही IPO, पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव

Hero Motors IPO: पावरट्रेन सॉल्यूशंस प्रोवाइडर हीरो मोटर्स ने अपने आईपीओ का साइज घटा दिया है। बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने पब्लिक इश्यू का साइज घटाकर ₹1000 करोड़ कर दिया है। हालांकि इसमें जो कटौती हुई है, वह फ्रेश इश्यू में हुई है यानी कि अब आईपीओ के तहत नए शेयर कम जारी होंगे जबकि ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत बिकने वाले शेयरों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कंपनी की योजना आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी करने की है तो ऑफर फॉर सेल के जरिए प्रमोटर्स ₹400 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

नियमों के तहत IPO Size में कितना बदलाव करने की है मंजूरी?

हीरो मोटर्स ने जून 2025 में बाजार नियामक सेबी के पास अपना आईपीओ ड्राफ्ट यानी डीआरएचपी दाखिल किया था। इसके जरिए कंपनी की योजना ₹1,200 करोड़ जुटाने की थी जिसमें ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी होते तो ₹400 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत होनी थी। इस साल 13 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के बाद, जिसके तहत कंपनियों को सेबी के पास ड्राफ्ट दोबारा दाखिल किए बिना फ्रेश इश्यू के साइज में 50% तक बदलाव करने की अनुमति है, हीरो मोटर्स ने 30 जुलाई को सेबी के पास आवेदन किया। कंपनी ने फ्रेश इश्यू का साइज कम करने और कुल ऑफर साइज में बदलाव की मंजूरी मांगी। फिर 27 अगस्त के अप्रूवल लेटर के बाद कंपनी ने आईपीओ के तहत फ्रेश इश्यू साइज ₹600 करोड़ से घटाकर ₹400 करोड़ कर दिया।

और क्या हुआ है आईपीओ में बदलाव

कंपनी ने ऑफर फॉर सेल के ढांचे में भी बदलाव किया है। यह बदलाव इश्यू के तहत शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स और ओपी मुंजाल होल्डिंग्स की 27 अगस्त की चिट्ठियों के बाद किया गया। भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स ने ₹5 करोड़ तक के शेयर बेचने का अपना ऑफर वापस लेने का फैसला किया। वहीं ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ने अपने ऑफर साइज को उतना ही बढ़ाकर ₹390 करोड़ से ₹395 करोड़ कर दिया है। अब इश्यू के तहत

ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ₹395 करोड़ के शेयर और हीरो साइकिल्स ₹5 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

हीरो मोटर्स ने नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव किया है। अब आईपीओ से मिले ₹190 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने और ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित अपने प्लांट में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स की खरीदारी में खर्च करेगी। बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे। वहीं ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।