Hero Motors Share Price: लिस्टिंग के बाद पहला रिजल्ट और अधिग्रहण का ऐलान, दोहरे सपोर्ट पर 7% चढ़ा शेयर

Hero Motors Share Price: हीरो मोटर्स ने एक कारोबारी दिन पहले रात में लिस्टिंग के बाद पहली बार रिजल्ट पेश किया और इसके साथ एक बड़ी खरीदारी का ऐलान भी किया। जून तिमाही में मुनाफे में करीब ढाई गुना उछाल और खरीदारी के ऐलान ने मिलकर हीरो मोटर्स के शेयरों में जोश भर दिया और यह 7% से अधिक उछल पड़ा। फिलहाल बीएसई पर यह 3.79% की बढ़त के साथ ₹161.50 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.65% चढ़कर ₹167.50 तक पहुंच गया था, जो इसके रिकॉर्ड हाई ₹179.00 के काफी करीब है।

कैसी रही Hero Motors की जून तिमाही

हीरो मोटर्स के लिए चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कंसालिडेटेड लेवल पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹3.88 करोड़ से 146.93% बढ़कर ₹9.57 करोड़ पर पहुंच गया तो ऑपरेशंस से रेवेन्यू 24.86% बढ़कर ₹319.32 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी के लिए इस वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत रही। कंपनी का ईबीआईटीडीए भी ₹18.72 करोड़ से 92.04% उछलकर ₹35.95 करोड़ और EBITDA मार्जिन भी 7.32% से 11.26% पर पहुंच गया।

ब्रिटिश कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर क्या है योजना

नतीजे के साथ-साथ हीरो मोटर्स ने खुलासा किया कि वह अपनी ब्रिटिश सब्सिडियरी कंपनी ह्यूलैंड इंजीनियरिंग (Hewland Engineering) में हिस्सेदारी बढ़ाएगी। इसके लिए कंपनी की योजना ह्यूलैंड इंजीनियरिंग के मौजूदा शेयरहोल्डर्स विलियम ह्यूलैंड (William Hewland) और सियोभेन ह्यूलैंड (Siobhan Hewland) से 39% होल्डिंग करीब 6 लाख पाउंड में खरीदेगी। इस खरीदारी के बाद ह्यूलैंड इंजीनियरिंग में हीरो मोटर्स की हिस्सेदारी 51% से बढ़कर 90% हो जाएगी। सौदे के तहत कंपनी £1 की कीमत वाले 8,039 शेयर खरीदेगी। विलियम के पास अभी ह्यूलैंड इंजीनियरिंग के 9090 और सियोभेन के पास 1010 शेयर हैं जो कुल मिलाकर कंपनी की 49% होल्डिंग के बराबर है। यह खरीदारी 6 महीने में पूरी होगी।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

हीरो मोटर्स के शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹84 के भाव पर जारी हुए हैं। आईपीओ को ओवरऑल 7 गुना बोली मिलने के बाद लिस्टिंग पर इसने निराश किया और 23 सितंबर 2026 को इसकी 2% डिस्काउंट पर एंट्री हुई। हालांकि लिस्टिंग के दिन ₹80.50 के लेवल तक टूटने के बाद यह संभल गया और ताबड़तोड़ रिकवरी करते हुए कुछ ही दिनों में 5 अक्टूबर 2026 को ₹179.00 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया। इस हाई लेवल पर आईपीओ निवेशकों का पैसा 113% से अधिक हो गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors Share Price: 10% के लोअर सर्किट पर शेयर, लेकिन लिस्टिंग प्राइस से अब भी यह 56% ऊपर

Hero Motors Share Price: फीके लिस्टिंग के बाद से लगातार तीन दिनों तक ऊपर चढ़ने के बाद हीरो मोटर्स के शेयर आज 28 सितंबर को धड़ाम हो गए। टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि मार्केट में इसके शेयरों का कोई खरीदार नहीं बचा। हालांकि फिर इसने रिकवरी की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर है। लगातार तीन दिनों में आईपीओ प्राइस से करीब 69% मजबूत होने के बाद आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में मुनाफावसूली के चलते यह 10% के लोअर सर्किट ₹127.67 पर आ गया, जोकि आईपीओ प्राइस से 52% ऊपर है। निचले स्तर पर खरीदारी के साथ फिलहाल बीएसई पर यह 6.15% की गिरावट के साथ ₹133.12 पर है। मार्केट में माहौल की बात करें तो घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज 1-1% से अधिक नीचे आए।

अब तक कैसी रही हीरो मोटर्स के शेयरों की चाल

हीरो मोटर्स के ₹1000 करोड़ के आईपीओ के तहत आईपीओ निवेशकों को ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए थे, जिसकी पिछले हफ्ते 23 सितंबर, 2026 को 2% डिस्काउंट पर एंट्री हुई थी। हालांकि फिर इसने रिकवरी की और लगातार तीन कारोबारी दिनों में यह करीब 69% मजबूत हुआ। इसके बाद आज जब मार्केट खुला तो शेयरों की चाल ही पलट गई और टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि यह लोअर सर्किट भी आईपीओ प्राइस से 52% और लिस्टिंग प्राइस से 56% प्रीमियम पर रहा।

Hero Motors IPO को कैसा मिला था रिस्पांस

ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था जो ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी ₹400 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं, जिसे प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ने बेचे थे। कंपनी के सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों यानी FY2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% और टोटल इनकम 6% की रफ्तार से बढ़ा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors Share Price: कमजोर लिस्टिंग के बाद रॉकेट बने शेयर, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

 Hero Motors Share Price: हीरो मोटर्स के शेयर 23 सितंबर को कमजोरी के साथ लिस्ट हुए। उसके बाद शेयर में जबर्दस्त तेजी दिखी। 11:45 बजे शेयर का प्राइस एनएसई पर 17.14 फीसदी चढ़कर 98.40 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 84 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। लेकिन, शेयर की लिस्टिंग 2.38 फीसदी डिस्काउंट के साथ 82 रुपये पर हुई।

लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक

23 सितंबर को Hero Motors के शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के संकेतों के मुताबिक रही। जीएमपी से इस शेयर के इश्यू प्राइस से कम कीमत पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे थे। कंपनी के आईपीओ में इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी। कंपनी ने 79-84 रुपये प्राइस बैंड तय किया था। 1000 करोड़ रुपये के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल था।

शेयर में रॉकेट जैसी तेजी से इनवेस्टर्स दुविधा में

लिस्टिंग के बाद हीरो मोटर्स के शेयरों में आई तेजी ने इनवेस्टर्स को दुविधा में डाल दिया है। सवाल है कि क्या नए निवेशकों को यह शेयर सेकेंडरी मार्केट से खरीदना चाहिए, जिन निवेशकों को शेयर एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे रखना चाहिए या प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए?

कंपनी का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा का कहना है कि हीरो मोटर्स का पावरट्रेन पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है। कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में भी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से ऑटोमोटिव सेक्टर में इसकी स्थिति काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि इन-हाउस इंजीनियरिंग कपैसिटी अच्छी है। दुनिया की कई बड़ी कंपनियां इसकी क्लाइंट्स हैं।

ज्यादा वैल्यूएशन चिंता की बड़ी वजह 

उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदगी सीवीटी हब, ईवी ट्रांसमिशंस, इलेक्ट्रिक मोटर्स जैसे सेगमेंट्स में है। इस वजह से कंपनी की स्थिति काफी स्ट्रॉन्ग है। खासकर प्रीमियम आईसीई और ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट्स में यह काफी मजबूत स्थिति में है। लेकिन, वैल्यूएशन चिंता की वजह है। आईपीओ से पहले शेयर की वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स की करीब 74 गुना थी। इस सेगमेंट की दूसरी कंपनियों का औसत पीई करीब 50.2 गुना है। इससे कंपनी के शेयर में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं दिखती।

इनवेस्टर्स शेयर में प्रॉफिट बुक सकते हैं

ओझा का मानना है कि क्लाइंट्स के मामले में कंसंट्रेशन रिस्क दिख रहा है। कंपनी की कुल रेवेन्यू में टॉप 10 क्लाइंट्स की करीब 73-78 फीसदी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन इनवेस्टर्स को आईपीओ में शेयर इश्यू हुए हैं, वे प्रॉफिट बुक कर सकते हैं। नए निवेशकों को इस शेयर में निवेश करने के लिए प्राइस कसे मामले में सही एंट्री लेवल का इंतजार करना चाहिए।

नए निवेशकों को सही एंट्री प्वाइंट का इंतजार करना चाहिए

स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में हेड ऑफ वेल्थ शिवानी नयाती का भी मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन अर्निंग्स की करीब 69-74 गुनी है, जो इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों की वैल्यूएशन के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, RoNW बढ़कर 8.53 फीसदी हो गया है लेकिन EBITDA मार्जिन करीब 10.2 फीसदी है, जो प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से कम है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में 

उन्होंने कहा कि नए इनवेस्टर्स इस शेयर में निवेश के लिए बेहतर प्राइस प्वाइंट का इंतजार कर सकते हैं। जिन निवेशकों को आईपीओ में Hero Motors के शेयर एलॉट हुए हैं, वे 75-77 रुपये पर स्टॉपलॉस के साथ इस शेयर को होल्ड यानी अपने पास बनाए रख सकते हैं। 23 सितंबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में थे।

Hero Motors लाएगी ₹1000 करोड़ का ही IPO, पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव

Hero Motors IPO: पावरट्रेन सॉल्यूशंस प्रोवाइडर हीरो मोटर्स ने अपने आईपीओ का साइज घटा दिया है। बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने पब्लिक इश्यू का साइज घटाकर ₹1000 करोड़ कर दिया है। हालांकि इसमें जो कटौती हुई है, वह फ्रेश इश्यू में हुई है यानी कि अब आईपीओ के तहत नए शेयर कम जारी होंगे जबकि ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत बिकने वाले शेयरों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कंपनी की योजना आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी करने की है तो ऑफर फॉर सेल के जरिए प्रमोटर्स ₹400 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

नियमों के तहत IPO Size में कितना बदलाव करने की है मंजूरी?

हीरो मोटर्स ने जून 2025 में बाजार नियामक सेबी के पास अपना आईपीओ ड्राफ्ट यानी डीआरएचपी दाखिल किया था। इसके जरिए कंपनी की योजना ₹1,200 करोड़ जुटाने की थी जिसमें ₹800 करोड़ के नए शेयर जारी होते तो ₹400 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के तहत होनी थी। इस साल 13 अप्रैल से लागू हुए नए नियमों के बाद, जिसके तहत कंपनियों को सेबी के पास ड्राफ्ट दोबारा दाखिल किए बिना फ्रेश इश्यू के साइज में 50% तक बदलाव करने की अनुमति है, हीरो मोटर्स ने 30 जुलाई को सेबी के पास आवेदन किया। कंपनी ने फ्रेश इश्यू का साइज कम करने और कुल ऑफर साइज में बदलाव की मंजूरी मांगी। फिर 27 अगस्त के अप्रूवल लेटर के बाद कंपनी ने आईपीओ के तहत फ्रेश इश्यू साइज ₹600 करोड़ से घटाकर ₹400 करोड़ कर दिया।

और क्या हुआ है आईपीओ में बदलाव

कंपनी ने ऑफर फॉर सेल के ढांचे में भी बदलाव किया है। यह बदलाव इश्यू के तहत शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स और ओपी मुंजाल होल्डिंग्स की 27 अगस्त की चिट्ठियों के बाद किया गया। भाग्योदय इंवेस्टमेंट्स ने ₹5 करोड़ तक के शेयर बेचने का अपना ऑफर वापस लेने का फैसला किया। वहीं ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ने अपने ऑफर साइज को उतना ही बढ़ाकर ₹390 करोड़ से ₹395 करोड़ कर दिया है। अब इश्यू के तहत

ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ₹395 करोड़ के शेयर और हीरो साइकिल्स ₹5 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

हीरो मोटर्स ने नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल में भी बदलाव किया है। अब आईपीओ से मिले ₹190 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने और ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित अपने प्लांट में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी इक्विपमेंट्स की खरीदारी में खर्च करेगी। बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे। वहीं ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।