Hero Motors Share Price: 10% के लोअर सर्किट पर शेयर, लेकिन लिस्टिंग प्राइस से अब भी यह 56% ऊपर

Hero Motors Share Price: फीके लिस्टिंग के बाद से लगातार तीन दिनों तक ऊपर चढ़ने के बाद हीरो मोटर्स के शेयर आज 28 सितंबर को धड़ाम हो गए। टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि मार्केट में इसके शेयरों का कोई खरीदार नहीं बचा। हालांकि फिर इसने रिकवरी की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर है। लगातार तीन दिनों में आईपीओ प्राइस से करीब 69% मजबूत होने के बाद आज कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में मुनाफावसूली के चलते यह 10% के लोअर सर्किट ₹127.67 पर आ गया, जोकि आईपीओ प्राइस से 52% ऊपर है। निचले स्तर पर खरीदारी के साथ फिलहाल बीएसई पर यह 6.15% की गिरावट के साथ ₹133.12 पर है। मार्केट में माहौल की बात करें तो घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आज 1-1% से अधिक नीचे आए।

अब तक कैसी रही हीरो मोटर्स के शेयरों की चाल

हीरो मोटर्स के ₹1000 करोड़ के आईपीओ के तहत आईपीओ निवेशकों को ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए थे, जिसकी पिछले हफ्ते 23 सितंबर, 2026 को 2% डिस्काउंट पर एंट्री हुई थी। हालांकि फिर इसने रिकवरी की और लगातार तीन कारोबारी दिनों में यह करीब 69% मजबूत हुआ। इसके बाद आज जब मार्केट खुला तो शेयरों की चाल ही पलट गई और टूटकर यह लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि यह लोअर सर्किट भी आईपीओ प्राइस से 52% और लिस्टिंग प्राइस से 56% प्रीमियम पर रहा।

Hero Motors IPO को कैसा मिला था रिस्पांस

ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था जो ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं और बाकी ₹400 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं, जिसे प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ने बेचे थे। कंपनी के सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों यानी FY2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% और टोटल इनकम 6% की रफ्तार से बढ़ा है।

NSE का शेयर टूटकर आया आईपीओ प्राइस के नीचे, खरीदारी का मौका या फटाफट बेच डालें होल्डिंग?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hero Motors IPO Listing: 2% डिस्काउंट पर लिस्ट ₹84 का शेयर, हीरो मोटर्स ने आईपीओ निवेशकों को किया निराश

Hero Motors IPO Listing: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 7 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹84 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹82.10 और NSE पर ₹82.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला, बल्कि 2% से अधिक पूंजी ही घट गई। लिस्टिंग के बाद शेयरों ने रिकवरी की कोशिश की। उछलकर BSE पर यह ₹83.82 (Hero Motors Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.21% घाटे में हैं।

Hero Motors IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 सितंबर तक खुला था। यह आईपीओ ओवरऑल 7.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 7.32 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 10.47 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.62 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के4,76,19,047 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200.00 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी, ₹171.99 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹60.25 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Hero Motors के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।