दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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मजदूरों ने जमीन खोदी तो मिलीं 49 सोने की ईंटें, खजाने की कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

बेल्जियम में सीवर सिस्टम बनाने के लिए जमीन की खुदाई कर रहे निर्माण मजदूरों के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। खुदाई के दौरान जमीन के नीचे से अचानक बड़ी मात्रा में सोना बरामद हुआ और देखते ही देखते पूरा निर्माण स्थल हैरानी का केंद्र बन गया। मजदूरों को वहां सोने की ईंटें और सिक्के मिले, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 98 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में खजाना सामने आने के बाद मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सोने को अपने कब्जे में लिया और उसकी गिनती व जांच के बाद सुरक्षित सरकारी खजाने में रखवा दिया।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में मजदूरों को यकीन ही नहीं हुआ कि जमीन के नीचे इतना कीमती खजाना छिपा हो सकता है। अब हर किसी के मन में सवाल है कि आखिर करोड़ों का यह सोना वहां पहुंचा कैसे?

सीवर बनाने के लिए खोदी जमीन, निकल आया सोना

यह हैरान करने वाला मामला बेल्जियम के Dendermonde इलाके का है, जो राजधानी ब्रुसेल्स से करीब 18 मील उत्तर में स्थित है। यहां निर्माण कार्य के दौरान मजदूर जमीन की खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें भारी मात्रा में सोना दिखाई दिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, खुदाई में “बड़ी मात्रा में सोना” बरामद हुआ। अचानक सामने आए इस खजाने ने काम कर रहे मजदूरों को कुछ पल के लिए सकते में डाल दिया।

49 सोने की ईंटें और सिक्कों से भरी बाल्टी

पुलिस द्वारा साझा की गई तस्वीरों में मेज पर 49 सोने की ईंटें रखी नजर आईं। इसके अलावा एक बाल्टी में बड़ी संख्या में सोने के सिक्के भी दिखाई दिए। पूरे खजाने की अनुमानित कीमत करीब 90 लाख यूरो यानी 98 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। इतनी बड़ी रकम का सोना एक साथ मिलने की खबर ने इलाके में भी हलचल मचा दी।

मजदूरों को पहले यकीन ही नहीं हुआ

खजाना मिलने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सोने को अपने कब्जे में ले लिया। बरामद खजाने की सूची तैयार करने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा वाले सरकारी खजाने में सुरक्षित रख दिया गया। 18 वर्षीय छात्र और निर्माण मजदूर Kobe ने बेल्जियम के VRT को बताया कि शुरुआत में मजदूरों को अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था।

जमीन के नीचे छिपा था इतना बड़ा राज

आमतौर पर निर्माण कार्य के दौरान जमीन से पत्थर, मिट्टी या पुरानी चीजें मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन करोड़ों रुपये का सोना मिलना बेहद असाधारण घटना है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह सोना वहां कैसे पहुंचा और इसे जमीन के नीचे किसने छिपाया था। इस अनोखी खोज ने एक साधारण निर्माण स्थल को अचानक करोड़ों के खजाने की कहानी में बदल दिया है।

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Ketan Murder Case: केतन हत्याकांड में ये लाल इलेक्ट्रिक कार बनी सबसे बड़ा सुराग, वायरल वीडियो से खुल रहे नए राज

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। वहीं हत्या के मामले में जांच अब उस लाल इलेक्ट्रिक कार पर केंद्रित हो गई है, जिसका इस्तेमाल घटना वाले दिन लोहगढ़ किले जाने के लिए किया गया था। पुलिस इस कार की गहन जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।

जांच में अब तक सामने आया है कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले पर एक चट्टान से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में शामिल लाल इलेक्ट्रिक कार वही है, जो घटना से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में दिखाई दी थी। एक वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल कार का सनरूफ खोलकर सफर करते नजर आए थे। वहीं, दूसरे वीडियो में केतन अपनी जन्मदिन की पार्टी के दौरान सिया को फूल देते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को मुख्य आरोपी मान रही है। जांच के तहत शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से भी पूछताछ की गई। पूछताछ शुरू होने से पहले सिया के माता-पिता पूजा गोयल और प्रवीण गोयल भी लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे थे।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

केतन अग्रवाल हत्याकांड में महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मंजूरी दे दी है। साथ ही वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। यह फैसला केतन अग्रवाल के परिवार की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लिया गया। परिवार ने मामले में जल्द न्याय और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में तेजी से पूरी कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।

Ketan Murder Case: ‘सिया को पहले से थी सारी जानकारी…’, केतन हत्याकांड में पिता ने तोड़ी चुप्पी, किया ये बड़ा दावा

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले पर मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस जांच में सामने आ रही उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है कि केतन के लुक और उनके ‘हेयर विग’ के कारण उनकी मंगेतर इस शादी से नाखुश थी और इसी वजह से हत्या की गई।

विग की वजह से की गई हत्या?

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को मारे गए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है कि शादी से पहले ही उन्होंने सिया गोयल के परिवार को बेटे के विग पैच की जानकारी दे दी थी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण बाल झड़ने की परेशानी थी। इसी वजह से वह हेयर विग का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी सगाई तय होने से काफी पहले ही सिया गोयल और उसके परिवार को दे दी गई थी। इसलिए हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

सगाई से पहले दी गई थी ये जानकारी

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे। उन्होंने कहा कि सगाई तय होने से काफी पहले ही इस बारे में सिया गोयल और उसके परिवार को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें इस बात से कोई आपत्ति होती, तो वे शादी से इनकार कर सकते थे।” वहीं, पुलिस का मानना है कि केतन की मौत एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच के मुताबिक, इस मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान मिले सबूतों ने इसे हत्या के मामले में बदल दिया।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही है जांच

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सिया गोयल कई बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़ लेने की वजह से बच गया। पुलिस का कहना है कि 18 जून को सिया फिर केतन को लोहागढ़ किले ले गई। इस दौरान उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी। इनमें कई कॉल कई घंटों तक चली थीं। पूछताछ में चेतन ने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

Ketan Murder case: मंगेतर सिया गोयल का चैट लग गया पुलिस के हाथ! पर इस डिटेल ने तो केस को और फंसा दिया

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिसिया जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह केस सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। पुलिस के हाथ अब आरोपी मंगेतर सिया गोयल का मोबाइल चैट लगा है लेकिन इस नए डिजिटल सबूत ने पूरे मामले को और ज्यादा फंसा दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से बरामद किए गए मैसेजेस और पूछताछ के दौरान दिए गए उसके बयानों में भारी अंतर है, जिससे पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

मोबाइल चैट और बयानों में भारी विरोधाभास (Inconsistencies)

लोनावला पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सिया के मोबाइल फोन से जो चैट्स बरामद हुए हैं, वे उसके उन बयानों से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे हैं जो उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को दिए थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल सबूत घटनाक्रम को स्थापित करने में एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस अधिकारी बरामद की गई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं दोनों आरोपी प्रेमी

इस मामले ने तब और पेचीदा मोड़ ले लिया जब पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग कहानियां सुनाना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयान दिए हैं। दोनों ही आरोपी इस खौफनाक अपराध की साजिश रचने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर मढ़ रहे हैं। दोनों का कहना है कि प्लानिंग दूसरे ने की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि यह डिजिटल ट्रेल यह तय करने में मदद करेगी कि इस साजिश में किस आरोपी की कितनी भूमिका थी और इस कथित साजिश के पीछे का असल सच क्या है।

नवंबर में होनी थी शादी, पर रास्ते से हटा दिया

यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का परिणाम नजर आता है। पुलिस के मुताबिक 25 वर्षीय केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। लेकिन सिया, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले में घूमने के दौरान सिया और चेतन ने केतन को पहाड़ी से नीचे खाई में धक्का दे दिया था। इससे उसकी मौत हो गई।

हादसे से मर्डर मिस्ट्री तक पहुंची जांच

शुरुआत में इस मामले को महज एक दुर्घटना यानी पैर फिसलने से हुआ हादसा माना जा रहा था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स व फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला तो यह मामला पूरी तरह से हत्या में तब्दील हो गया। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अंतिम चार्जशीट दाखिल करने से पहले सभी उपलब्ध डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को गहनता से जांच रही है।

Ketan Agarwal Murder: मंगेतर सिया गोयल के प्रेमी के पिता ने तो अलग ही दावा कर दिया, बोले- असली सच कुछ और!

महाराष्ट्र के पुणे में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई कथित हत्या के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जहां एक तरफ पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धकेला था, वहीं अब इस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने सामने आकर एक बेहद अलग और बड़ा दावा कर दिया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में जबरन फंसाया जा रहा है और असली सच्चाई वह नहीं है जो सामने आ रही है। आइए जानते हैं आरोपी चेतन के पिता और उसके रिश्तेदारों ने इस पूरे कांड को लेकर क्या बड़े दावे किए हैं।

पिता बाबूलाल चौधरी का दावा – बेटे ने केतन को धक्का नहीं दिया

बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया है। बाबूलाल चौधरी का दावा है कि उनके बेटे ने खुद परिवार को इस घटना के बारे में जो बताया है, वह पुलिस की कहानी से बिल्कुल अलग है। बाबूलाल चौधरी के मुताबिक, ‘चेतन ने हमें साफ तौर पर बताया है कि उसने उस लड़के (केतन) को लोहगढ़ किले से धक्का नहीं दिया था। घटना के वक्त वह केतन से काफी दूर खड़ा था। जब केतन अग्रवाल खाई में गिरा, तो उस समय वह लड़की (सिया गोयल) ही बिल्कुल उसके पास खड़ी थी।’ हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बाबूलाल चौधरी ने आगे कहा कि मैं यह नहीं जानता कि लड़की ने उसे धक्का दिया या नहीं, लेकिन चेतन ने हमसे यही कहा था कि वह खुद उस वक्त थोड़ा पीछे की तरफ दूर खड़ा हुआ था।

‘हम तो सिया गोयल को जानते तक नहीं, कल ही सुना नाम’

आरोपी चेतन के पिता ने सिया गोयल के साथ किसी भी तरह के पारिवारिक संबंध या जानकारी होने से पूरी तरह इनकार किया है। बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके परिवार को इस घटना से पहले सिया गोयल के बारे में कोई भनक तक नहीं थी। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन सुबह चेतन ने अपनी मां और मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि उसकी एक मीटिंग है और वह उसी के लिए जा रहा है। घर से निकलने से पहले उसने हमें इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी थी। बाबूलाल ने आगे का कि हमने उस लड़की को कभी नहीं देखा और हम उसके बारे में बिल्कुल कुछ नहीं जानते। सच तो यह है कि मुझे कल ही उस लड़की का नाम सिया पता चला है, इससे पहले मैंने उसे कभी नहीं देखा था। पिता ने साफ तौर पर कहा कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और इस मामले में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है।

रिश्तेदार बोले- चेतन स्पोर्ट्समैन है, मीडिया एकतरफा कहानी दिखा रहा है

चेतन चौधरी के एक रिश्तेदार उदाराम चौधरी ने भी चेतन का बचाव करते हुए उसे पूरी तरह बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि मीडिया इस पूरे मामले को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उदाराम चौधरी ने कहा कि, ‘इस मामले में चेतन पूरी तरह से निर्दोष है। मीडिया इस मुद्दे को बहुत ज्यादा हवा दे रहा है और सिर्फ एकतरफा नजरिया ही दिखा रहा है, जबकि चेतन इसमें शामिल नहीं है। चेतन एक स्पोर्ट्समैन है और बेहद सीधा-साधा इंसान है। आज तक बाजार में किसी भी व्यक्ति की तरफ से उसके खिलाफ एक भी शिकायत सामने नहीं आई है।’ सिया के साथ रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को चेतन और उस लड़की के बीच के किसी भी तरह के संबंध के बारे में कोई अंदाजा नहीं था।

पुलिस की थ्योरी: दोनों ने मिलकर की हत्या

चेतन चौधरी के परिवार के इन दावों के उलट पुलिस की जांच और थ्योरी कुछ और ही कहती है। पुणे पुलिस के अनुसार 18 जून को लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं थी बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेला था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों पुलिस कस्टडी में हैं।

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मंगेतर के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद उसके घर पहुंची थी सिया गोयल और वहां उसकी बहन के सामने कर बैठी ये गलती! फिर नहीं बच पाई

पुणे के लोहगढ़ किले में 18 जून को हुई 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल की मौत को पहले एक हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही मामला पूरी तरह बदल गया। पुलिस को मिले डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों ने इस घटना को एक साजिश की ओर मोड़ दिया है। अब इसे महज दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की योजना बताया जा रहा है। जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

जैसे-जैसे पुलिस परत-दर-परत सच खंगाल रही है, वैसे-वैसे इस केस के नए पहलू सामने आ रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोग अब सच्चाई जानने को बेताब हैं।

बहन के एक सवाल से शुरू हुआ शक का खेल

न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, मामले का टर्निंग पॉइंट तब आया जब केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल घर पहुंची। बातचीत के दौरान केतन की बहन को उसके जवाबों में कुछ अजीब लगा और यहीं से परिवार को शक हुआ, जिसने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी।

2000 से ज्यादा कॉल्स, 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज

पुलिस जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से जून के बीच 2004 कॉल्स का खुलासा हुआ। दोनों के बीच करीब 238 घंटे तक लगातार बातचीत हुई, जिससे शक और गहरा गया।

घटना वाले दिन ‘गायब’ हुआ इंटरनेट और लोकेशन ट्रिक

18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद रहा। पुलिस को शक है कि लोकेशन छिपाने के लिए उसने अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया और कर्मचारी का फोन लेकर लोहगढ़ पहुंचा।

16-17 जून की ‘प्लानिंग मीटिंग’ और अगला दिन खौफनाक वारदात

जांच में सामने आया कि 16 और 17 जून को हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। दोनों ने कॉल और वीडियो कॉल के जरिए पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की।

लोहगढ़ फोर्ट पर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

18 जून को सिया केतन को किले पर लेकर पहुंची, जहां पहले से चेतन मौजूद था। एकांत जगह पर केतन को खड़ा कर उस पर हमला किया गया और उसे खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारने का आरोप है।

पुलिस का दावा

डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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