विपुल अमृतलाल शाह की एलियन की दुनिया में अक्षय कुमार की एंट्री, ‘समुक’ की शूटिंग हुई शुरू

अक्षय कुमार अब उस दुनिया में कदम रख रहे हैं, जहां वह पहले कभी नहीं गए हैं और वह है एलियन की दुनिया में। अभिनेता ने विपुल अमृतलाल शाह और कनिष्क वर्मा की महत्वाकांक्षी सर्वाइवल-एक्शन थ्रिलर ‘समुक’ की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में इंटरनेशनल क्रिएचर और स्टंट टीम को साथ लाया गया है, ताकि भारत की सबसे बड़ी थिएट्रिकल जॉनर फिल्मों में से एक बनाई जा सके।

विपुल अमृतलाल शाह द्वारा प्रोड्यूस, कनिष्क वर्मा द्वारा डायरेक्ट और आशीन ए. शाह द्वारा को-प्रोड्यूस की जा रही यह फिल्म बड़े स्तर पर पैन-इंडियन थिएट्रिकल रिलीज के लिए तैयार की जा रही है, जिसकी प्रोडक्शन एंबिशन ग्लोबल है। यह प्रोजेक्ट दो साल से ज्यादा समय से डेवलपमेंट में है।

कनिष्क वर्मा और शाह ने मिलकर एक ऐसी दुनिया तैयार की है, जिसमें मिलिट्री रियलिज्म, सर्वाइवल हॉरर और एलियन मिथोलॉजी को एक साथ दिखाया जाएगा। शाह ने बतौर प्रोड्यूसर ऐसी कहानियां चुनने की पहचान बनाई है, जो दर्शकों की पसंद को समझती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हमेशा किसी तय फॉर्मूले पर चलें।

उनकी फिल्मों में थ्रिलर, फैमिली ड्रामा, रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और अब एलियन सर्वाइवल जैसे अलग-अलग जॉनर देखने को मिले हैं, लेकिन इन सभी में एक मजबूत हुक वाली कमर्शियल कहानी चुनने की उनकी सोच नजर आती है। उन्होंने ऐसी कहानियों को भी सपोर्ट किया है, जिनके लिए बड़े स्केल और टेक्निकल मेहनत की जरूरत होती है और इसके लिए सही क्रिएटिव टैलेंट को साथ जोड़ा जाता है।

‘समुक’ के साथ उनका यही नजरिया एक अनजान दुनिया में पहुंच रहा है, जहां एक मास इंडियन स्टार को इंटरनेशनल क्रिएचर और एक्शन टीम के साथ जोड़ा गया है और पूरी फिल्म का प्रोडक्शन इसी के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।

‘समुक’ को खास बनाता है इसका मॉन्स्टर को लेकर पुराने जमाने वाला तरीका अपनाने का फैसला। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हो चुके क्रिएचर इफेक्ट्स डिजाइनर एलेक गिलिस ने फिल्म के सेंट्रल एलियन को डिजाइन किया है। एलेक गिलिस ‘एलियन’ और ‘प्रिडेटर’ फ्रेंचाइजी के साथ-साथ ‘एलियन: रोमुलस’ पर भी काम कर चुके हैं। फिल्म में ब्रिटिश एक्शन डायरेक्टर ल्यूक टंबर समेत कई इंटरनेशनल टेक्नीशियन्स को भी शामिल किया गया है। ल्यूक फिल्म के एक्शन को डिजाइन करने के साथ उसे डायरेक्ट भी कर रहे हैं, ताकि फिल्म में एक फिजिकली डिमांडिंग और अलग तरह का एक्शन देखने को मिले।

दिल्ली के रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसी घटना, CBI अफसर बनकर कारोबारी के घर पहुंची फर्जी टीम, पत्नी ने ऐसे खोली पोल

Delhi Fake CBI Raid: बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म ‘स्पेशल 26’ शायद सबने देखी होगी, जिसमें एक्टर अक्षय कुमार और अनुपम खेर फर्जी CBI अधिकारी बनकर बिजनेसमैन और नेताओं के घर छापेमारी करते हैं। ऐसी ही एक घटना दिल्ली के रोहिणी के इलाके से भी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ठीक ‘स्पेशल 26’ की तरह कुछ लोग खुद को CBI अधिकारी बताकर एक कारोबारी के घर पर फर्जी रेड करने पहुंचे। हालांकि, कारोबारी की पत्नी ने जब उनसे पहचान का सबूत और वैध सर्च वारंट मांगा, तो सभी लोग वहां से चले गए।

परिवार की शिकायत के मुताबिक, करीब 8 से 10 लोग CBI अधिकारी बताकर घर पहुंचे और कहा कि वे तलाशी लेने आए हैं। उस समय बिजनेसमैन की पत्नी घर पर थीं और उन्होंने गेट खोलने से मना कर दिया। उन्होंने उन लोगों से कहा कि वे अंदर आने से पहले अपनी पहचान साबित करें और सही सर्च वारंट दिखाएं।

शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि उस ग्रुप ने उन्हें अंदर आने देने के लिए दबाव डाला और मना करने पर धमकी दी। हालांकि, वह उनकी पहचान के सबूत और जरूरी दस्तावेज मांगती रहीं।

CBI की बताई जा रही यह टीम लगभग 90 मिनट तक घर के बाहर खड़ी रही, जिससे शक और बढ़ गया।

CCTV में रिकॉर्ड हुई घटना

इलाके में लगे CCTV कैमरों में उस ग्रुप की हरकतें रिकॉर्ड हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि जांच टीम इस फुटेज की जांच कर रही है ताकि शामिल लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके और उनके इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की जा सके।

जब वे लोग बाहर ही खड़े रहे, तो आस-पास के लोग भी वहां जमा हो गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। उन्होंने उस ग्रुप से पहचान-पत्र, सर्च वारंट या कथित रेड (छापे) के लिए जारी नोटिस की कॉपी दिखाने को कहा।

बताया जाता है कि उस ग्रुप ने कहा कि कागजात उनकी गाड़ी में हैं। जब उनसे कागजात लाने के लिए कहा गया, तो वे यह कहकर वहां से चले गए कि वे कागजात ले आएंगे, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौटे।

परिवार ने पुलिस से किया संपर्क

इसके बाद परिवार ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की एक टीम घर पहुंची और शिकायत करने वाले का बयान दर्ज किया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपियों ने CBI का लोगो लगा हुआ कपड़ा पहन रखा था और उनके पास ऐसे पहचान पत्र भी थे, जिनमें उन्हें CBI अधिकारी बताया गया था। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्रवाई असली और आधिकारिक लगे।

शिकायतकर्ता के पिता को WhatsApp पर मिला फर्जी नोटिस

मामले में उस समय एक और नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के पिता को बाद में WhatsApp पर एक नोटिस मिला। शिकायत के मुताबिक, इस नोटिस पर कथित तौर पर CBI डायरेक्टर का नाम और हस्ताक्षर थे।

हालांकि, बाद में वह मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन परिवार ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था और शिकायत के साथ पुलिस को सौंप दिया था।

परिवार का आरोप है कि नोटिस फर्जी था और इसका मकसद कथित रेड को CBI का अधिकृत ऑपरेशन दिखाना था। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस नोटिस की असलियत की जांच कर रही है, जबकि घटना की जांच जारी है।

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अजय देवगन, शाहरुख, टाइगर पर लटकी FDA की तलवार, अक्षय कुमार का नाम नहीं शामिल, जानिए कानून क्या कहता है

फ़ूड सेफ़्टी चीफ़ और महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंडे ने एक्टर्स शाहरुख़ खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को उनके ‘विमल इलायची’ विज्ञापनों के सिलसिले में नौ पेज का विस्तृत ‘शो-कॉज़ नोटिस’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया है। उन्हें इस मामले में अपनी भूमिका के बारे में सफ़ाई देनी होगी और 15 दिनों के अंदर अपने सोशल मीडिया हैंडल से सभी प्रमोशनल कंटेंट को पूरी तरह हटाना होगा।

कानून क्या कहता है? सरोगेट एडवरटाइज़िंग मुख्य मुद्दा क्यों है? शाहरुख़ खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ पर क्या कार्रवाई हो सकती है? अक्षय कुमार ने इस मामले को कानूनी तौर पर कैसे संभाला?

विमल मामले में सरोगेट एडवरटाइज़िंग मुख्य मुद्दा क्यों है?

सरोगेट विज्ञापन एक विपणन रणनीति है जिसमें कोई कंपनी प्रतिबंधित या सीमित उत्पाद को किसी अन्य अनुमत उत्पाद के नाम पर, उसी ब्रांड पहचान का उपयोग करके प्रचारित करती है। यह विज्ञापन प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए एक कानूनी खामी के रूप में काम करता है। जब शराब या तंबाकू जैसे उत्पाद टेलीविजन और प्रिंट विज्ञापनों के लिए कानूनी रूप से प्रतिबंधित होते हैं, तो कंपनियां “ब्रांड स्ट्रेचिंग” का उपयोग करके समान लोगो, संगीत, रंग और नारों के साथ एक कानूनी उत्पाद का विपणन करती हैं।

विज्ञापित उत्पाद पूरी तरह से कानूनी है। उदाहरणों में इलायची, माउथ फ्रेशनर, क्लब सोडा, पैकेटबंद पानी या संगीत सीडी शामिल हैं। कंपनी वास्तव में जिस उत्पाद को बेचना चाहती है, वह कानूनी रूप से सार्वजनिक प्रचार के लिए प्रतिबंधित है (जैसे गुटखा, पान मसाला, व्हिस्की या बीयर)। कानूनी “सरोगेट” के लिए मशहूर हस्तियों के विज्ञापनों से दर्शकों को लुभाकर, ब्रांड अपनी मजबूत और लोगों के दिमाग में बनी रहने वाली पहचान बनाए रखता है। जब कोई उपभोक्ता किसी स्टोर पर जाता है, तो वह तुरंत ब्रांड नाम पहचान लेता है और प्रतिबंधित उत्पाद खरीद लेता है।

विमल केस

मुंधे की मुख्य कानूनी दलील यह है कि “विमल इलायची” का विज्ञापन एक प्रतिबंधित चीज़ के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन (यानी किसी दूसरी चीज़ के बहाने असल चीज़ का प्रचार) के बराबर है। रेगुलेटर का कहना है कि माउथ फ्रेशनर (इलायची) के विज्ञापन में इस्तेमाल की गई ब्रांडिंग, रंगों का तालमेल और दिखाने का तरीका खास तौर पर इस तरह से डिज़ाइन किया गया है ताकि विमल पान मसाला की ब्रांड पहचान को और मज़बूत और बेहतर बनाया जा सके। चूँकि ग्राहक इस ब्रांड के नाम को प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद से बहुत ज़्यादा जोड़कर देखते हैं, इसलिए इलायची वाले विकल्प का प्रचार करना राज्य में विज्ञापन पर लगी रोक से बचने का एक गैर-कानूनी तरीका है।

कानून क्या कहता है

महाराष्ट्र FDA प्रमुख की कार्रवाई पूरी तरह से उन खाद्य सुरक्षा कानूनों पर आधारित है जो गुमराह करने वाले विज्ञापनों और प्रतिबंधित पदार्थों के अप्रत्यक्ष प्रचार को रोकते हैं। महाराष्ट्र में, सार्वजनिक स्वास्थ्य को होने वाले खतरों के कारण पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों की बिक्री, निर्माण, वितरण और विज्ञापन पर पूरी तरह से रोक है।

अभिनेताओं को भेजे गए नोटिस में खास तौर पर उन कानूनी प्रावधानों का ज़िक्र किया गया है जो खाद्य मानकों और विज्ञापनों को नियंत्रित करते हैं:

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24: यह कानून किसी भी व्यक्ति को भोजन की बिक्री, आपूर्ति या सेवन को बढ़ावा देने के लिए अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल होने, या किसी उत्पाद की गुणवत्ता या सामग्री के बारे में गलत या गुमराह करने वाली बातें कहने से सख्ती से रोकता है।

खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) नियम, 2018: ये नियम खाद्य विज्ञापनों में जवाबदेही तय करते हैं। इनके अनुसार, प्रचार के दौरान किया गया कोई भी दावा स्पष्ट, सच्चा और गुमराह न करने वाला होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन होने पर, अधिकारियों के पास सुधारात्मक विज्ञापन जारी करने या पूरे अभियान को पूरी तरह से बंद करने का आदेश देने का अधिकार है।

Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा नोटिस

Maharashtra FDA Action: बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची विज्ञापन को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर ‘शो-कॉज नोटिस’ यानी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA को आशंका है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद Vimal Pan Masala के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा हो सकता है।

FDA ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भागीदारी और Vimal ब्रांड को जिस तरीके से पेश किया गया है, उसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। बताए गए कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों के तहत गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। सात ही एंडोर्स करने वालों पर तीन साल तक किसी भी प्रोडक्ट को एंडोर्स करने पर रोक लगाई जा सकती है।

साथ 2022 में एक्टर अक्षय कुमार ने शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ विमल इलायची के विज्ञापन में दिखने के बाद आलोचना का सामना करने पर फैंस से माफी मांगी थी। उनकी यह सार्वजनिक माफी तब आई जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि इस ad को एक्टर द्वारा तंबाकू प्रोडक्ट को प्रमोट करने के तौर पर देखा जा सकता है।

शाहरुख, अजय और टाइगर को कहां भेजा गया नोटिस?

FDA ने एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विज्ञापन के जरिए राज्य में बैन प्रोडक्ट ‘पान मसाला’ को इनडायरेक्ट रूप से प्रमोट करने के लिए नोटिस जारी किया है। ये तीनों एक्टर्स 2024 में पान मसाला कंपनी ‘विमल’ की इलायची को प्रमोट करने वाले एक विज्ञापन के लिए साथ आए थे। महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे की ओर से 11 अगस्त को जारी शो-कॉज नोटिस में एक्टर्स को तुरंत कैंपेन से हटने और ऐड से जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट को अपने आखिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से हटाने का निर्देश दिया गया।

NDTV के मुताबिक, मुंडे ने 9 पेज के नोटिस में कहा है, “विज्ञापन की जांच करने पर पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह ad ‘विमल’ ब्रांड को प्रमोट करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। पान मसाला महाराष्ट्र राज्य में बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर बैन है।” उन्होंने कहा कि विज्ञापन में ‘विमल इलायची’ शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया गया है। इससे विमल पान मसाला ब्रांड के साथ जुड़ाव बनता हुआ दिखता है।

‘कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं’

इस नोटिस में कहा गया है कि इससे कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं। बैन प्रोडक्ट की ब्रांड पहचान को इनडायरेक्ट रूप से बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इसमें राज्य-व्यापी बैन ऑर्डर का भी जिक्र किया गया है, जो पब्लिक हेल्थ और सेफ्टी नियमों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में पान मसाला बनाने, स्टोर करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर सख्ती से रोक लगाता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर इलायची या इसी तरह के प्रोडक्ट के नाम से ‘विमल’ ब्रांड का इस्तेमाल पान मसाला/तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स की ब्रांड पहचान और कंज्यूमर्स के आकर्षण को बनाए रखने, मजबूत करने या बढ़ाने के मकसद से किया जाता है, तो ऐसा कम्युनिकेशन सिर्फ एक इंडिपेंडेंट प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं माना जाएगा। बल्कि यह बैन/रिस्ट्रिक्टेड प्रोडक्ट का इनडायरेक्ट या सरोगेट प्रमोशन हो सकता है।”

FDA को किस बात पर है आपत्ति?

ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सवाल उठाया है कि Vimal Elaichi के नाम से किया गया विज्ञापन कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन वाले उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं कर रहा। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला पर बैन लागू है। ताजा प्रतिबंध 13 जुलाई से प्रभावी हुआ है। यह एक साल तक लागू रहेगा।

10 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना

महाराष्ट्र FDA ने इस मामले में ‘Food Safety and Standards Act (FSS Act), 2006’ की धारा 24 और धारा 53 का हवाला दिया है। धारा 24 भ्रामक या धोखा देने वाले खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

FDA ने नोटिस में ‘Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018’ का भी उल्लेख किया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। तीनों एक्टर्स से जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन

अभिनेताओं को नोटिस ऐसे समय पर जारी किए गए हैं जब महाराष्ट्र FDA ने गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के खिलाफ अभियान तेज कर रखा है। FDA के आंकड़ों के मुताबिक, “25 मई से 31 जुलाई के बीच अधिकारियों ने 658 ठिकानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।” इस दौरान, 519 FIR दर्ज की गईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित उत्पादों के कथित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहन भी जब्त किए गए, जिनमें रखे सामान की कीमत करीब ₹6.6 करोड़ बताई गई।

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पुलिस के साथ मिलकर भी कार्रवाई

FDA का अभियान सिर्फ खाद्य विभाग तक सीमित नहीं है। 12 जून को FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यहां प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू या निकोटीन वाले पान मसाला उत्पादों का कारोबार संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा हो। इन मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के प्रावधानों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया था।

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Bharat Tiwari : एनकाउंटर में मारे गए भारत तिवारी के परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

Bharat Tiwari : एनकाउंटर में मारे गए भारत तिवारी के परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

bharat tiwari encounter

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। राज्य सरकार भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए 28 वर्षीय भारत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। भारत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में काफी विवाद हुआ था। पुलिस की ओर से बल प्रयोग को लेकर सवाल उठे थे और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई थी।

 

न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर फैसला

 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार भारत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार न्यायिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर परिवार को सहायता उपलब्ध कराएगी।

 

क्या है भारत तिवारी एनकाउंटर मामला?

 

भारत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, 17 जून को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। पुलिस का आरोप है कि भारत तिवारी ने अवैध हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

 

पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई, जिसमें भारत तिवारी के पैर में गोली लगी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

हालांकि, भारत तिवारी के परिवार ने पुलिस के दावे को खारिज किया। परिवार का आरोप है कि उन्होंने गोलीबारी से पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था।

 

सोशल मीडिया पर सामने आया कथित वीडियो

 

इस मामले में सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो भी सामने आया था। इसमें भारत तिवारी को एनकाउंटर से कुछ समय पहले अपना हथियार फेंकते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया।

 

पुलिस का कहना था कि भारत तिवारी लगातार पुलिस पर गोली चला रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उनके पैर में गोली लगी थी।

 

दूसरी ओर, परिवार और कई स्थानीय लोगों ने भारत तिवारी को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। उनका कहना था कि वह नियमित रूप से स्थानीय समस्याओं और लोगों की शिकायतों को सरकारी अधिकारियों के सामने उठाते थे।

 

मामले में STF कांस्टेबल गिरफ्तार

 

घटना के बाद उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इसी मामले में STF के कांस्टेबल अक्षय कुमार को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।

 

जुलाई में भी भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। गिरफ्तार पुलिसकर्मी की पहचान अक्षय के रूप में की गई थी।

 

प्रशांत किशोर ने भी उठाए सवाल

 

इस मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर समेत विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश से कराई जाए, न कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश से।

 

विपक्षी नेताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

 

भारत तिवारी की मौत को लेकर उठे विवाद के बीच अब राज्य सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है।

Rajesh Sharma: प्रभास स्टारर ‘फौजी’ के सेट पर बीमार पड़े राजेश शर्मा अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, सामने आया हेल्थ अपडेट

Rajesh Sharma: प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने की घटना के कुछ दिनों बाद, अस्पताल से छुट्टी मिलने पर एक्टर राजेश शर्मा मुंबई स्थित अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। हालांकि अनुभवी एक्टर की हालत ठीक बताई जा रही है और उम्मीद है कि वे जल्द ही काम पर लौटेंगे, लेकिन इस घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं।

फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इलाज के बाद शर्मा घर लौट आए हैं और अभी ठीक हो रहे हैं। इस बात की पुष्टि करते हुए FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, “राजेश शर्मा जी को हाल ही में अस्पताल से छुट्टी मिली है। वे अभी मुंबई में अपने घर पर ठीक हो रहे हैं। वे आने वाले दिनों में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए विदेश भी जाने वाले हैं।”

हाल ही में, उनके पारिवारिक दोस्त और एक्टर सुदीपा चटर्जी ने बताया कि शर्मा की हालत ‘काफी बेहतर’ है और उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। चटर्जी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “अब वे थोड़े बेहतर हैं। किसी अनजान कीड़े के काटने की वजह से यह हुआ है; टेस्ट किए जा रहे हैं और उनकी हालत पर नज़र रखी जा रही है। इलाज चल रहा है और पिछले दो दिनों में वे काफी बेहतर हुए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “राजेश जी की मां बहुत बुज़ुर्ग हैं और उनकी बहन विदेश में थीं, इसलिए वे हमारे पारिवारिक दोस्त हैं। जब हमें इस बारे में पता चला, तो हम तुरंत अस्पताल पहुंचे और तभी मैंने अपना पहला बयान भी दिया।”

सुदीपा ने आगे बताया, “हैदराबाद से लौटने के बाद जब वे घर पर थे, तो उन्हें बुखार था। उन्हें लगा कि यह बुखार है या शायद मच्छर के काटने की वजह से हो सकता है, इसलिए वे घर आ गए। घर पर बेचैनी महसूस होने के बाद वे पास के अस्पताल गए, जहां उन्हें भर्ती कर लिया गया।”

शर्मा की सेहत से जुड़ी खबरें इस महीने की शुरुआत में तब सामने आईं, जब एक्ट्रेस और उनकी पारिवारिक दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक बयान शेयर किया; हालांकि, बाद में उस बयान को हटा दिया गया। बयान में कहा गया था कि हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में ‘फ़ौजी’ की शूटिंग के दौरान एक्टर को किसी कीड़े ने काट लिया था। इसमें आगे बताया गया कि इस घटना के बाद उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद वे कोलकाता गए और इलाज के लिए ढाकुरिया के मणिपाल अस्पताल में भर्ती हुए।

हालांकि, ‘फौजी’ के मेकर्स ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। ‘गुल्टे’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की टीम के सदस्यों ने बताया कि राजेश ने अपनी तय शूटिंग लगभग एक हफ़्ते पहले ही पूरी कर ली थी और वे सेट से जा चुके थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कीड़े के काटने की घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

एक्टर अक्षय कुमार, जिन्होंने ‘भूत बंगला’ में शर्मा के साथ काम किया है, ने भी इस खबर पर प्रतिक्रिया दी और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “शूटिंग के दौरान कीड़े के काटने के बाद मेरे प्यारे दोस्त राजेश की सेहत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। उम्मीद है कि महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह से ठीक कर देंगे। जल्दी ठीक हो जा यार, अभी साथ बैठकर बहुत हंसना है।”

राजेश शर्मा या उनके प्रतिनिधियों ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। शर्मा ने कई सालों में बेहतरीन काम किया है। उन्होंने ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘चिल्लर पार्टी’, ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘स्पेशल 26’, ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘इंडियाज़ मोस्ट वांटेड’ और ‘भूत बंगला’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया है।

Arshad Warsi: अरशद वारसी ने मुंबई में बेची 6.25 करोड़ में दुकान, मुनाफा जान रह जाएंगे हैरान

Arshad Warsi: मुंबई में बड़े रियल एस्टेट सौदे करने वाले बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की लंबी लिस्ट में अरशद वारसी भी शामिल हो गए हैं। इस बार, एक्टर ने अंधेरी वेस्ट में एक कमर्शियल दुकान बेची है, जिससे उन्हें एक दशक से भी पहले किए गए निवेश पर अच्छा-खासा फायदा हुआ है।

‘लियासेस फ़ोर्स’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अरशद ने लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में यह दुकान 6.25 करोड़ रुपये में बेची। यह डील 1 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी। एक्टर ने यही प्रॉपर्टी फरवरी 2012 में 2.12 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा में खरीदी थी।

यह दुकान अंधेरी वेस्ट में ‘ग्रेनविले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड’ के ग्राउंड फ्लोर पर है और इसका कारपेट एरिया 684 वर्ग फुट (63.87 वर्ग मीटर) है। खरीदार की पहचान उमंग राजकुमार बुधराजा के तौर पर हुई है। खरीद के हिस्से के तौर पर, खरीदार ने 37.50 लाख रुपये स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर चुकाए। बिक्री की कीमत के आधार पर, प्रॉपर्टी लगभग 91,400 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से बेची गई।

जब अरशद ने 2012 में दुकान खरीदी थी, तो उन्होंने स्टांप ड्यूटी के तौर पर 10 लाख रुपये से ज़्यादा और रजिस्ट्रेशन चार्ज के तौर पर 30,000 रुपये चुकाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील पर कमेंट के लिए न तो अरशद वारसी और न ही खरीदार से संपर्क हो पाया। काम की बात करें तो, अरशद वारसी तीन दशकों से ज्यादा समय से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उन्हें ‘मुन्ना भाई MBBS’, ‘गोलमाल’, ‘धमाल’ और ‘जॉली LLB’ जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है।

यह प्रॉपर्टी मुंबई के मशहूर लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में है, जो शहर के सबसे व्यस्त हाई-स्ट्रीट शॉपिंग और कमर्शियल हब में से एक बन गया है। इस इलाके में रेस्तरां, कैफ़े, बुटीक, सैलून, जिम और प्रीमियम रिटेल आउटलेट हैं, जिसकी वजह से यहाँ कमर्शियल जगहों की बहुत मांग रहती है। अरशद वारसी अभी अक्षय कुमार के साथ ‘धमाल 4’ में नजर आ रहे हैं।

Saif Ali Khan: टाइम टू वेकअप…, ‘धुरंधर’ के बाद बॉलीवुड में आए बदलाव को लेकर बोले सैफ अली खान

Saif Ali Khan: एक्टर सैफ अली खान भी उन फिल्मी हस्तियों की लंबी लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के रिलीज होने के बाद से भारतीय सिनेमा का नजरिया बदल गया है। एक नए इंटरव्यू में सैफ ने फिल्म के साउंडट्रैक और म्यूजिक के नए तरह के इस्तेमाल की तारीफ करते हुए इसे ‘क्रांतिकारी’ बताया।

‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के साथ एक इंटरव्यू में सैफ से पूछा गया कि क्या हाल-फिलहाल में स्क्रिप्ट चुनने के उनके तरीके में कोई बदलाव आया है। इस पर एक्टर ने कहा, “मैं ‘धुरंधर’ से पहले और उसके बाद के समय को अलग-अलग देखता हूं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम समय के साथ आगे बढ़ते हैं या नहीं, और जागते हैं या नहीं। हर फिल्म के लिए नया एल्बम बनाने के बजाय शानदार म्यूजिक बनाना और दुनिया भर से अलग-अलग तरह की चीजों को अपनाना – जिसमें अंग्रेज़ी भाषा से भी न डरना शामिल है – एक बहुत ही सही और साफ-सुथरा विचार लगता है।”

‘धुरंधर’ का म्यूजिक शाश्वत सचदेव ने तैयार किया था। उन्होंने न सिर्फ़ ‘शरारत’ और ‘गहरा हुआ’ जैसे ओरिजिनल गाने बनाए, बल्कि ‘इश्क जलाकर’, ‘लुट ले गया’ और ‘रन डाउन द सिटी – मोनिका’ जैसे नए गाने बनाने के लिए पुराने क्लासिक गानों को रीमिक्स भी किया। यही तरीका इसके सीक्वल ‘धुरंधर द रिवेंज’ में भी अपनाया गया, जिसमें ओरिजिनल म्यूजिक, रीक्रिएशन और रीमिक्स का मिक्स था। दोनों फिल्मों के साउंडट्रैक की काफी तारीफ हुई और वे स्ट्रीमिंग चार्ट्स में टॉप पर रहे।

रीमिक्स और संगीत की तारीफ करते हुए, सैफ ने खास तौर पर ‘शरारत’ गाने का जिक्र किया, जो फिल्म का एक डांस नंबर है और जिसमें आयशा खान और क्रिस्टल डिसूजा नजर आती हैं। एक्टर ने कहा, “सोचिए अगर यह चीज इतनी क्रांतिकारी हो कि किसी खूबसूरत लीडिंग एक्ट्रेस को सिर्फ ‘आइटम’ नंबर के लिए हायर करने का तरीका ही बदल दे। अगर आप इसे सिर्फ एक गाने की तरह देखें और इन दोनों लड़कियों को वैसे ही परफॉर्म करते हुए देखें जैसे किसी शादी में होता है, तो यह बिल्कुल भी अजीब नहीं लगता।” ‘शरारत’ गाना रणवीर सिंह के किरदार, हमजा की शादी के सीन में है, जिसमें ये दोनों एक्ट्रेस डांसर के तौर पर नजर आती हैं। उनके डांस के बीच-बीच में कहानी के दूसरे सीन भी दिखाए गए हैं।

दिसंबर 2025 और मार्च 2026 में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ फिल्मों की दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रहीं और उन्होंने कुल मिलाकर ₹3100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। ‘धुरंधर 2’ अब तक की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है। रणवीर के अलावा, आदित्य धर की इन फिल्मों में अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर. माधवन, राकेश बेदी और सारा अर्जुन भी शामिल थे।

सैफ अली खान हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘कर्तव्य’ में नजर आए थे। इस क्राइम थ्रिलर में उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब वह पीरियड ड्रामा ‘हम हिंदुस्तानी’ और प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ में नजर आएंगे। ‘हैवान’ के जरिए वह लगभग दो दशक बाद अक्षय कुमार के साथ फिर से काम करेंगे।

Akshay Kumar: अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने ‘हेरा फेरी 3’ के राइट्स को लेकर दी चेतावनी, गलत काम करने वालों के खिलाफ करेंगे कानूनी कार्रवाई

Akshay Kumar: ‘हेरा फेरी 3’ एक ऐसी फ़िल्म है जो किसी और चीज़ से ज़्यादा अपने से जुड़े विवादों की वजह से चर्चा में रही है। पहले कास्ट में बदलाव, फिर परेश रावल का अचानक बाहर जाना और वापस आना, उसके बाद डायरेक्टर का बदलना और अब प्रियदर्शन का फ़िल्म से अलग होना—यह विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

अब, ‘कंप्लीट सिनेमा’ के 4 जुलाई, 2026 के अंक में छपे एक पब्लिक नोटिस में, अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ ने घोषणा करते हुए कहा कि फ़िल्म को बनाने और कमर्शियली इस्तेमाल करने के अधिकार सिर्फ़ और सिर्फ़ उन्हीं के पास हैं।

बाद में, अक्षय कुमार के फैन क्लब ने पब्लिक नोटिस का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें डिस्ट्रीब्यूटर, एग्ज़िबिटर, सिनेमा चेन, OTT प्लेटफॉर्म, टेलीविज़न ब्रॉडकास्टर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य सभी संबंधित लोगों को संबोधित किया गया था।

अक्षय के प्रोडक्शन हाउस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, “आम जनता और खास तौर पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को यह सूचित किया जाता है कि ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स LLP’ के पास ‘हेरा फेरी 3’ (‘फिल्म’) नाम की सिनेमैटोग्राफ फिल्म को बनाने, डिस्ट्रीब्यूट करने, मार्केटिंग करने, इस्तेमाल करने, कमर्शियलाइज़ करने और उससे जुड़े अन्य सभी काम करने का एकमात्र और एक्सक्लूसिव अधिकार है। यह अधिकार अटूट, दुनिया भर में लागू, हमेशा के लिए और बिना किसी रोक-टोक के है। इसमें फिल्म से जुड़े सभी अधिकार शामिल हैं, जो सभी तरीकों, मीडिया, प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी और फॉर्मेट में लागू होंगे, चाहे वे अभी मौजूद हों या भविष्य में बनाए जाएं।”

इसमें आगे कहा गया है, “सभी लोगों और संस्थाओं से कहा जाता है कि वे ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ के ऊपर बताए गए अधिकारों को पहचानें और उनका सम्मान करें। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी जाती है कि वे ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ की लिखित मंज़ूरी के बिना किसी ऐसी तीसरी पार्टी के साथ कोई समझौता, लेन-देन, बातचीत, प्रतिनिधित्व या डीलिंग न करें जो इस फ़िल्म से जुड़े अधिकारों का दावा करती हो।”

नोटिस में उन लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है जो इसका पालन नहीं करते हैं। नोटिस में कहा गया है, “जो कोई भी इस नोटिस के ख़िलाफ़ काम करेगा, वह पूरी तरह से अपने जोखिम पर ऐसा करेगा, और ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ कानून और इक्विटी के तहत उपलब्ध सभी अधिकारों और उपायों को सुरक्षित रखती है।”

‘हेरा फेरी’ फ़्रैंचाइज़ी की शुरुआत साल 2000 में हुई थी, जिसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फ़िल्म हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फ़िल्मों में से एक बन गई और 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ आया। फ़ैंस सालों से इसके तीसरे भाग का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन यह फ़िल्म अभी भी अनिश्चितता के बीच अटकी हुई है।

Priyadarshan: फिरोज नाडियाडवाला ने अपमान न किया होता तो ‘धुरंधर’ से भी…, ‘हेरा फेरी 3’ को लेकर बोले प्रियदर्शन

Priyadarshan: फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने हाल ही में कन्फर्म किया है कि वह ‘हेरा फेरी 3’ को डायरेक्ट नहीं करेंगे, जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्टर ने अब प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उन्होंने बार-बार उनका अपमान किया है। प्रियदर्शन ने यह भी दावा किया कि अगर वह इस फिल्म को डायरेक्ट करते, तो ‘हेरा फेरी 3’ को भारत की सबसे बड़ी फिल्म फ्रैंचाइज़ी में से एक बना सकते थे।

मिड-डे के साथ बातचीत में प्रियदर्शन ने बताया कि कई बार उनका अपमान किया गया। उन्होंने कहा, “फिरोज ने अक्षय से कहा, ‘तुम्हारे पास हेरा फेरी 3 बनाने के अधिकार हैं, लेकिन इसे कभी भी प्रियदर्शन के साथ मत बनाना। बस यही मेरी गुजारिश है।’ उन्होंने कई बार मेरा अपमान किया है। उन्होंने मुझसे कहा कि हेरा फेरी (2000) का मेरा कट किसी गरीब आदमी के वर्जन जैसा लगता था और उन्हें मेरी पांच घंटे की फिल्म को एडिट करना पड़ा था।

शुरू में मैं अक्षय के साथ तीसरा पार्ट बनाने के लिए राजी हो गया था क्योंकि मुझे लगा कि मैं देश की सबसे बड़ी फ़्रैंचाइजी में से एक बना सकता हूं। अगर मैंने इसे डायरेक्ट किया होता, तो मैं इसे ‘धुरंधर’ से भी बड़ा बना सकता था। अक्षय, सुनील और परेश ने मुझसे हेरा फेरी 3 बनाने का अनुरोध किया। जब मैंने उन्हें कहानी सुनाई, तो वे सभी उत्साहित थे।”

फिल्ममेकर ने आगे कहा, “जब ‘हेरा फेरी 3’ की घोषणा हुई, तो मुझे ‘सेवन आर्ट्स फिल्म्स’ के जीपी विजयकुमार का फोन आया। उन्होंने कहा कि अगर हम यह फिल्म बनाते हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन होगा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। इसीलिए मैंने कहा कि शायद ‘हेरा फेरी 3’ कभी उन्हीं किरदारों के साथ बड़े पर्दे पर न आ पाए। हो सकता है कि आप उन्हें फिर कभी एक साथ न देख पाएं क्योंकि इसमें बहुत सारे कानूनी मसले हैं। मेरे हिसाब से, ‘हेरा फेरी’ (2000) का जन्म हुआ, ‘फिर हेरा फेरी’ (2006) बीमार पड़ गई, और ‘हेरा फेरी 3’ खत्म हो जाएगी।”

‘हेरा फेरी’ फ्रैंचाइज़ी बॉलीवुड की सबसे मशहूर कॉमेडी सीरीज़ में से एक है। यह अपने ह्यूमर, यादगार डायलॉग्स और अक्षय कुमार (राजू), सुनील शेट्टी (श्याम) और परेश रावल (बाबूराव गणपतराव आप्टे) की यादगार तिकड़ी के लिए जानी जाती है। इस फ्रैंचाइज़ी की शुरुआत 2000 में प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हेरा फेरी’ से हुई थी, और इसके बाद नीरज वोरा के निर्देशन में ‘फिर हेरा फेरी’ (2006) आई। दोनों फिल्में अमीर बनने की कोशिश में जुटी इस तिकड़ी के मज़ेदार कारनामों पर आधारित हैं, जो उन्हें लगातार मुश्किल और उलझी हुई स्थितियों में डाल देते हैं।

‘हेरा फेरी’ को एक ‘कल्ट क्लासिक’ माना जाता है और इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन कॉमेडी फ़िल्मों में से एक माना जाता है। वहीं, इसके सीक्वल ने अपने स्लैपस्टिक ह्यूमर और यादगार डायलॉग्स से इस फ़्रैंचाइज़ी की लोकप्रियता को और मज़बूत किया। समय के साथ, टेलीविज़न पर बार-बार दिखाए जाने, मीम्स और इंटरनेट कल्चर की वजह से इन फ़िल्मों के बहुत सारे फ़ैन बन गए हैं, जिससे बाबूराव, राजू और श्याम पॉप-कल्चर के सदाबहार आइकॉन बन गए हैं।

उम्मीद थी कि ‘हेरा फेरी 3’ में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की ओरिजिनल तिकड़ी फिर से साथ आएगी और प्रियदर्शन डायरेक्टर के तौर पर वापसी करेंगे। हालाँकि, मई 2025 में परेश रावल के कुछ समय के लिए प्रोजेक्ट छोड़ने और फिर वापस आने के बाद फ़िल्म मुश्किलों में घिर गई। फ़िल्म को कानूनी अड़चनों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसका भविष्य अनिश्चित हो गया है और फ़ैन्स अभी भी किसी आधिकारिक अपडेट का इंतज़ार कर रहे हैं।