पटियाला में किराए का घर देखने गए दंपति पर पिटबुल का हमला, पत्नी की सर्जरी, CCTV वीडियो वायरल

पटियाला में किराए का घर देखने गए दंपति पर पिटबुल का हमला, पत्नी की सर्जरी,  CCTV वीडियो वायरल

pitbull

पंजाब के पटियाला में किराए का घर देखने गए एक दंपती पर पालतू पिटबुल ने अचानक हमला कर दिया। हमले में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का कथित CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आसपास के लोग डंडों की मदद से कुत्ते को दंपति से दूर करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। एक निजी बैंक में मैनेजर अंकित सभरवाल अपनी पत्नी शिफाली सभरवाल, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, के साथ प्रॉपर्टी डीलर के जरिए घुमन नगर में किराए का मकान देखने पहुंचे थे।

 

गेट खुलते ही पिटबुल ने किया हमला

अंकित के मुताबिक, जैसे ही मकान का गेट खोला गया, अचानक एक पिटबुल बाहर निकल आया और शिफाली पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उनके हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों को बुरी तरह नोंच डाला, जिससे गहरे घाव हो गए। शिफाली के परिवार ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनके हाथ और पैरों की प्लास्टिक सर्जरी की गई। फिलहाल वह निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

 

अंकित ने बताया कि पत्नी को बचाने की कोशिश के दौरान उन्हें भी पैरों और पीठ पर कुत्ते के काटने से गहरी चोटें आईं। उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर कई जगह टांके आए हैं। अंकित ने कहा, “मुझे पूरे शरीर पर टांके लगे हैं। मेरी पत्नी के हाथ और पैरों की सर्जरी हुई है। मैं न्याय चाहता हूं। मालिक के कहने के बावजूद कुत्ता नहीं रुका। सर्जरी के बाद मेरी पत्नी डॉक्टरों की निगरानी में है।”

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CCTV में दंपती पर हमला करता दिखा कुत्ता

 

सोशल मीडिया पर सामने आए कथित CCTV फुटेज में पिटबुल दंपती पर हमला करता दिखाई दे रहा है। आसपास के लोग कुत्ते को भगाने और दंपती को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दंपती कुत्ते से बचने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक महिला घर से डंडा लेकर आती है और कुत्ते को रोकने का प्रयास करती है, लेकिन वह सफल नहीं होती। इसके बाद दो-तीन अन्य लोग भी डंडे लेकर मौके पर पहुंचते हैं और किसी तरह घायल दंपती को कुत्ते से दूर खींचकर ले जाते हैं।

 

पुलिस ने लिया मामले का संज्ञान

 

अंकित ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पालतू कुत्ते को खुले में घूमने देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया। DSP जंगजीत रंधावा ने बताया कि पुलिस ने वीडियो की पुष्टि की और पीड़ित परिवार से संपर्क किया।

 

DSP के मुताबिक, शिफाली की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि पालतू जानवर के काटने या किसी व्यक्ति को घायल करने के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत FIR दर्ज की जा सकती है।

 

खतरनाक नस्ल के कुत्तों पर कार्रवाई की तैयारी

 

DSP रंधावा ने कहा कि खतरनाक नस्ल के कुत्तों को लेकर अदालत के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि 15 अगस्त के बाद पुलिस अभियान चलाकर ऐसे मामलों की जांच और सत्यापन कर सकती है। पटियाला के मेयर कुंदन गोगिया ने भी कहा कि शहर में आक्रामक नस्ल के कुत्तों को पालतू जानवर के रूप में रखने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है। इस मुद्दे पर नगर निगम की हाउस बैठक में चर्चा की जाएगी और विशेष प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा।

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पटियाला में बढ़े डॉग अटैक के मामले

इस घटना ने शहर में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पटियाला में हाल के दिनों में कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। 9 अगस्त को गुरु नानक नगर इलाके में एक लड़की पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इस मामले में भी मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Bharat Tiwari : एनकाउंटर में मारे गए भारत तिवारी के परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

Bharat Tiwari : एनकाउंटर में मारे गए भारत तिवारी के परिवार को मिलेगी आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी, बिहार सरकार का बड़ा फैसला

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। राज्य सरकार भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए 28 वर्षीय भारत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देगी। इसके साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। भारत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में काफी विवाद हुआ था। पुलिस की ओर से बल प्रयोग को लेकर सवाल उठे थे और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई थी।

 

न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर फैसला

 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार भारत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार न्यायिक जांच के निष्कर्षों के आधार पर परिवार को सहायता उपलब्ध कराएगी।

 

क्या है भारत तिवारी एनकाउंटर मामला?

 

भारत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, 17 जून को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। पुलिस का आरोप है कि भारत तिवारी ने अवैध हथियार से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

 

पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई, जिसमें भारत तिवारी के पैर में गोली लगी। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

हालांकि, भारत तिवारी के परिवार ने पुलिस के दावे को खारिज किया। परिवार का आरोप है कि उन्होंने गोलीबारी से पहले ही आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था।

 

सोशल मीडिया पर सामने आया कथित वीडियो

 

इस मामले में सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो भी सामने आया था। इसमें भारत तिवारी को एनकाउंटर से कुछ समय पहले अपना हथियार फेंकते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया।

 

पुलिस का कहना था कि भारत तिवारी लगातार पुलिस पर गोली चला रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उनके पैर में गोली लगी थी।

 

दूसरी ओर, परिवार और कई स्थानीय लोगों ने भारत तिवारी को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। उनका कहना था कि वह नियमित रूप से स्थानीय समस्याओं और लोगों की शिकायतों को सरकारी अधिकारियों के सामने उठाते थे।

 

मामले में STF कांस्टेबल गिरफ्तार

 

घटना के बाद उठे सवालों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। इसी मामले में STF के कांस्टेबल अक्षय कुमार को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है।

 

जुलाई में भी भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। गिरफ्तार पुलिसकर्मी की पहचान अक्षय के रूप में की गई थी।

 

प्रशांत किशोर ने भी उठाए सवाल

 

इस मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर समेत विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश से कराई जाए, न कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश से।

 

विपक्षी नेताओं ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

 

भारत तिवारी की मौत को लेकर उठे विवाद के बीच अब राज्य सरकार की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है।

भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा एक्शन : STF जवान गिरफ्तार, हथियार डालने के बाद भी गोली चलाने का आरोप

बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने STF के आरोपी जवान अक्षय को आरा से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार सुबह स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के इस जवान को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। भरत तिवारी की मौत के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि STF के जवान को शुक्रवार सुबह आरा से गिरफ्तार किया गया।

भरत तिवारी की मां ने की ये मांग

वहीं, भरत तिवारी की मां आशा देवी ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में शामिल बाकी पुलिस अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पत्रकारों से कहा, “यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हमारी मुलाकात के दौरान मिले आश्वासन का नतीजा है। गिरफ्तारी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुठभेड़ में शामिल बाकी अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार, 17 जून को जब टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें भरत तिवारी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, भरत तिवारी के परिवार का दावा है कि उन्होंने गोली चलने से पहले ही सरेंडर कर दिया था। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में वह निहत्थे दिखाई दे रहे हैं, जब पुलिस ने उन पर गोली चलाई। हालांकि, PTI इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने इसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए। वहीं, भोजपुर घटना में समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में राज्य पुलिस ने पिछले महीने अपने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया था।