भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा एक्शन : STF जवान गिरफ्तार, हथियार डालने के बाद भी गोली चलाने का आरोप

बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने STF के आरोपी जवान अक्षय को आरा से गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार सुबह स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के इस जवान को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। भरत तिवारी की मौत के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि STF के जवान को शुक्रवार सुबह आरा से गिरफ्तार किया गया।

भरत तिवारी की मां ने की ये मांग

वहीं, भरत तिवारी की मां आशा देवी ने इस गिरफ्तारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में शामिल बाकी पुलिस अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पत्रकारों से कहा, “यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हमारी मुलाकात के दौरान मिले आश्वासन का नतीजा है। गिरफ्तारी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मुठभेड़ में शामिल बाकी अधिकारियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार, 17 जून को जब टीम भरत तिवारी को गिरफ्तार करने पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जिसमें भरत तिवारी घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, भरत तिवारी के परिवार का दावा है कि उन्होंने गोली चलने से पहले ही सरेंडर कर दिया था। परिवार का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में वह निहत्थे दिखाई दे रहे हैं, जब पुलिस ने उन पर गोली चलाई। हालांकि, PTI इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने इसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए। वहीं, भोजपुर घटना में समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में राज्य पुलिस ने पिछले महीने अपने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया था।

Bharat Tiwari Encounter: भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद उनके भाई चंदन तिवारी ने कर दिया बड़ा ऐलान, अंतिम संस्कार के बाद करेंगे ये काम

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर परिवार का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मृतक के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया से बातचीत में न्याय की मांग करते हुए लोगों से समर्थन की अपील की है। चंदन तिवारी ने यह भी ऐलान किया है कि वह अपने भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद दिल्ली में इंसाफ की मांग करते हुए प्रदर्शन करेंगे। उन्होने कहा कि मेरी गुज़ारिश है कि आप वहां आकर मेरा साथ दें। भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार पुलिस सवालों के घेर में है।

चंदन तिवारी ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, “मैं इतना कहना चाहता हूं कि अपने भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद मैं दिल्ली जाऊंगा। मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि वहां आकर मेरा समर्थन करें।” उनके इस बयान को परिवार की ओर से न्याय की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार उठा रहा एनकाउंटर पर सवाल

भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद परिजन कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। परिवार का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए। चंदन तिवारी के दिल्ली जाने और समर्थन मांगने के बयान के बाद इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया भी तेज हो सकती है। परिवार न्यायिक जांच और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पड़ताल की मांग कर रहा है।

जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई

फिलहाल मामले की जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार है। एनकाउंटर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों और पुलिस के पक्ष की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में सभी दावों को जांच पूरी होने तक आरोप और प्रत्यारोप के रूप में ही देखा जा रहा है।

भरत के गांव पहुंचे प्रशांत किशोर

इस बीच, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर बुधवार को भोजपुर जिले में हालिया कथित पुलिस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले भरत भूषण तिवारी के पैतृक गांव पहुंचे और उसके परिजनों से मुलाकात की। जन सुराज पार्टी के पदाधिकारियों ने बताया कि भरत भूषण के परिजनों ने न्याय दिलाने में किशोर से मदद की अपील की थी। उन्हें पंचायत बैठक में आमंत्रित किया था।

किशोर ने भोजपुर में पत्रकारों से कहा, “पीड़ित परिवार की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। उन्हें न तो पैसा चाहिए, न मुआवजा और न ही सरकारी नौकरी। उन्हें न्याय चाहिए और न्याय तभी मिलेगा जब उस व्यक्ति की हत्या करने वालों तथा ऐसा करने का आदेश देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।”

उन्होंने मांग की है कि न्यायिक जांच किसी रिटायर जज के बजाय कार्यरत जज की निगरानी में कराई जाए और जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाए। किशोर ने कहा कि न्यायिक जांच का दायरा केवल जिला पुलिस प्रशासन तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि बिहार के गृह विभाग, विशेष कार्य बल (एसटीएफ), पुलिस महानिदेशक और राज्य के गृह मंत्री की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

एनकाउंटर के बाद बवाल

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में बिलौती गांव के भरत भूषण तिवारी की पिछले सप्ताह पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने इसे कथित रूप से फर्जी मुठभेड़ बताते हुए पुलिस पर न्यायेतर हत्या का आरोप लगाया है। जन सुराज पार्टी ने रविवार को पटना में मोमबत्ती मार्च निकालकर तिवारी के लिए न्याय की मांग की थी।

मुठभेड़ के बाद अधिकारियों ने कहा था कि तिवारी लगातार पुलिस पर गोलीबारी कर रहा था, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर तिवारी एनकाउंट से पहले हथियार डालते हुए नजर आ रहा है।

तिवारी की मां की शिकायत के आधार पर इस मामले में घटना से जुड़े कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

भोजपुर जिले के बिलौती गांव में आयोजित ‘महापंचायत’ को संबोधित करते हुए किशोर ने कहा कि मामले में पटना में बैठे शीर्ष अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह लोगों के साथ पटना जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात का प्रयास करेंगे और मुलाकात नहीं होने पर उनके आवास का घेराव करेंगे।