क्या है सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का केस जिसकी अब CBI करेगी जांच? 2020 से अबतक ये सब हुआ

Disha Salian Case: दिवंगत बॉलीवुड सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार (2 सितंबर) को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का आदेश दिया। इस दौरान अदालत ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि जांच अधिकारी को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिल जाएं। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि जांच के लिए एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।

यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका के बाद एक बार फिर बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने आया था। सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?

‘बिना सबूत किसी को भी आरोपी न माना जाए’

हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक जांच में किसी के खिलाफ ठोस सबूत न मिल जाएं, तब तक किसी को भी आरोपी न माना जाए। अदालत ने कहा, “अगर कोई गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) बनता है, तो इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता है, तो जजों ने जांच अधिकारी (I.O.) को आदेश दिया है कि वे सक्षम अदालत में मामले को बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करें।” दिशा के पिता को प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने की इजाजत दी गई है।

CBI दर्ज करेगी FIR, वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे जांच

हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद CBI जांच को आगे बढ़ाएगी। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में मामले को लेकर कई सवाल और आरोप सामने आए तथा दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की।

सतीश सालियान का बयान भी दर्ज होगा

CBI जांच के दौरान दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाएगा। उनके आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि किसी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को मामले में उचित निष्कर्ष और न्यायिक रूप से स्वीकार्य क्लोजर मिल सके।

आदित्य ठाकरे को लेकर कोर्ट का अहम रुख

मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।

Disha Salian Case_

जांच एजेंसी को उपलब्ध सबूतों, बयानों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ानी होगी। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों या राजनीतिक दावों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। ठाकरे की ओर से पहले भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। उनके वकील ने अदालत में याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों का विरोध किया था।

कोर्ट के फैसले के बाद भावुक हुए दिशा के पिता

हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अदालत के आदेश के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी। दिशा सालियान की मौत के मामले में पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावे और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुंबई पुलिस ने पहले मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश से इनकार किया था। जबकि दिशा के परिवार की ओर से बाद में गंभीर संदेह जताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की गई।

ये भी पढ़ें- Ghaziabad Traffic: गाजियाबाद वालों के लिए बड़ी राहत! शाहबेरी रोड होगी चौड़ी, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने वाले 50,000 लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

रियल लाइफ हीरो हैं ‘अन्ना’128 महिलाओं को दिलाई आज़ादी | Suniel Shetty | The Better India Hindi

हम अक्सर सुनील शेट्टी को उनकी फिल्मों, डायलॉग्स और “अन्ना” वाली पहचान के लिए जानते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय उन्होंने ऐसी 128 महिलाओं की मदद की, जो मानव तस्करी के जाल में फंसी हुई थीं।
शायद यही वजह है कि लोग उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक अच्छा इंसान मानते हैं।
रील लाइफ में हीरो बनना आसान है। असल चुनौती रियल लाइफ में किसी के लिए उम्मीद बनना है। सुनील शेट्टी की यह कहानी याद दिलाती है कि इंसान की असली पहचान उसके काम, उसके दिल और उन जिंदगियों से बनती है जिन्हें वह छू जाता है।
इसीलिए आज करोड़ों लोगों के लिए वह सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि हमारे अपने “अन्ना” हैं। :heart:
क्या आपको सुनील शेट्टी की यह कहानी पहले पता थी?

Suniel.shetty
ahan.shetty

[ Suniel Shetty real life hero, Suniel Shetty humanitarian work, 128 women rescued, human trafficking rescue, Bollywood actor social work ]#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

‘मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए…’; NEET पेपर लीक को लेकर CJP के प्रोटेस्ट पर बोले सलमान खान

Salman Khan Neet News: नीट पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों को नुकसान पहुंचा, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। सलमान खान ने छात्रों के रुख की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत के निर्माण के लिए मेहनत, ईमानदारी और पढ़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें खुशी है कि देश के छात्र बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। लेकिन इसके हिंसक रूप लेने की खबरें बेहद दुखद हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सोच-समझकर लिखी गई पोस्ट में कहा, “यह आंदोलन इतना शांतिपूर्ण था, लेकिन यह देखकर दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह जानकर और देखकर खुशी होती है कि देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है।”

युवाओं को दी सलाह

हालांकि, सलमान खान ने यह भी कहा कि इन प्रदर्शनों को राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। सलमान ने छात्रों के साहस और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पीढ़ी शिक्षा के प्रति गंभीर है। भविष्य में देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से किया गया यह आंदोलन सही दिशा में उठाया गया कदम है।

अभिनेता ने इस मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील करते हुए कहा, “यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए। इस आंदोलन का श्रेय सिर्फ देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार भी छात्रों का पूरा सहयोग करेगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए जीत की स्थिति होगी।” सलमान खान ने यह भी कहा कि भारत को भविष्य में दुनिया का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनना चाहिए, जिसके लिए मजबूत और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इस बीच, 20 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के आरोपों को लेकर दायर तीन जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार जारी है। वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें यह भरोसा दिलाए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। न ही उनके खिलाफ कोई FIR या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक ने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है, फिर भी वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं।

Arshad Warsi: अरशद वारसी ने मुंबई में बेची 6.25 करोड़ में दुकान, मुनाफा जान रह जाएंगे हैरान

Arshad Warsi: मुंबई में बड़े रियल एस्टेट सौदे करने वाले बॉलीवुड सेलेब्रिटीज की लंबी लिस्ट में अरशद वारसी भी शामिल हो गए हैं। इस बार, एक्टर ने अंधेरी वेस्ट में एक कमर्शियल दुकान बेची है, जिससे उन्हें एक दशक से भी पहले किए गए निवेश पर अच्छा-खासा फायदा हुआ है।

‘लियासेस फ़ोर्स’ (Liases Foras) को मिले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अरशद ने लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में यह दुकान 6.25 करोड़ रुपये में बेची। यह डील 1 जुलाई, 2026 को रजिस्टर हुई थी। एक्टर ने यही प्रॉपर्टी फरवरी 2012 में 2.12 करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा में खरीदी थी।

यह दुकान अंधेरी वेस्ट में ‘ग्रेनविले को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड’ के ग्राउंड फ्लोर पर है और इसका कारपेट एरिया 684 वर्ग फुट (63.87 वर्ग मीटर) है। खरीदार की पहचान उमंग राजकुमार बुधराजा के तौर पर हुई है। खरीद के हिस्से के तौर पर, खरीदार ने 37.50 लाख रुपये स्टैम्प ड्यूटी के तौर पर चुकाए। बिक्री की कीमत के आधार पर, प्रॉपर्टी लगभग 91,400 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से बेची गई।

जब अरशद ने 2012 में दुकान खरीदी थी, तो उन्होंने स्टांप ड्यूटी के तौर पर 10 लाख रुपये से ज़्यादा और रजिस्ट्रेशन चार्ज के तौर पर 30,000 रुपये चुकाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील पर कमेंट के लिए न तो अरशद वारसी और न ही खरीदार से संपर्क हो पाया। काम की बात करें तो, अरशद वारसी तीन दशकों से ज्यादा समय से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उन्हें ‘मुन्ना भाई MBBS’, ‘गोलमाल’, ‘धमाल’ और ‘जॉली LLB’ जैसी फ़िल्मों के लिए जाना जाता है।

यह प्रॉपर्टी मुंबई के मशहूर लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में है, जो शहर के सबसे व्यस्त हाई-स्ट्रीट शॉपिंग और कमर्शियल हब में से एक बन गया है। इस इलाके में रेस्तरां, कैफ़े, बुटीक, सैलून, जिम और प्रीमियम रिटेल आउटलेट हैं, जिसकी वजह से यहाँ कमर्शियल जगहों की बहुत मांग रहती है। अरशद वारसी अभी अक्षय कुमार के साथ ‘धमाल 4’ में नजर आ रहे हैं।

Rajpal Yadav Case: अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले फिर जाएंगे जेल

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: दिल्ली हाईकोर्ट से बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कोर्ट ने शुक्रवार को चेक बाउंस मामले में सुनवाई करते हुए उनकी सजा को बरकरार रखा और उनके व्यवहार को संदिग्ध बताया। इसके साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें दोबारा जेल भेज जाए।

राजपाल यादव के खिलाफ क्या मामला है?

बता दें कि 2010 में, राजपाल यादव ने अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। पैसे न चुका पाने के आरोपों के बाद, यह मामला एक लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गया।

अप्रैल 2018 में, एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की। ​​जून 2024 में, हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी और उनसे लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने के लिए “ईमानदार और सच्चे कदम” उठाने को कहा। हालांकि, इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया, क्योंकि वे पैसे चुकाने के अपने वादों को पूरा करने में बार-बार नाकाम रहे थे।

सरेंडर करने से पहले अभिनेता राजपाल ने बॉलीवुड हंगामा से बात की और एक इमोशनल टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता।” एक्टर के सरेंडर करने के बाद उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में डाल दिया गया।

इंडस्ट्री राजपाल यादव के समर्थन में आई

वहीं, राजपाल यादव के मुश्किल समय में, कई एक्टर्स ने उन्हें आर्थिक मदद देने का फैसला किया और इंडस्ट्री के दूसरे लोगों से भी इस मुश्किल घड़ी में उनकी मदद करने की अपील की। ​​सोनू सूद, अजय देवगन और सलमान खान से लेकर गुरमीत चौधरी तक, कई लोगों ने उन्हें सपोर्ट किया। साथ ही, कई सिंगर्स और फिल्ममेकर्स ने उन्हें एडवांस पेमेंट दिया और अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स में उन्हें कास्ट किया। बता दें कि राजपाल यादव को इस मामले में 16 फरवरी को जमानत मिल गई थी।

यह भी पढ़ें: Anjali Anand: टैलेंट के दम पर नहीं बॉडी की वजह से रोल होते हैं ऑफर, एक्ट्रेस अंजलि आनंद ने बयां किया दर्द