Ketan Agarwal Murder Case: केतन की हत्या करने से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी शादी! WhatsApp चैट से हुआ खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर धक्का देकर नीचे गिराने और उनकी मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। अब इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि केतन की मंगेतर और इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर पहले से शादीशुदा थीं।

News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने चार महीने पहले अपने परिवारों से छिपाकर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

खबरों के मुताबिक, उनके फोन से मिली WhatsApp चैट से यह बात सामने आई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन चैट ने इस गुपचुप शादी का राज खोल दिया है और पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है।

आरोप है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर मार डाला गया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।

WhatsApp चैट और इंटरनेट हिस्ट्री से कथित तौर पर क्या पता चला?

News18 के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की जांच की। पिछले छह-सात महीनों के डिजिटल डेटा की जांच के दौरान, जांच करने वालों को पता चला कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन परिवारों के डर से इसे छिपाकर रखा था।

पुलिस को शक है कि इसी गुपचुप शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची गई थी।

‘मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ’: सिया ने कथित तौर पर चेतन से क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर 14 जून को ही की गई थी, लेकिन सिया आखिरी पल में घबरा गई और कोशिश नाकाम रही। इसके बाद, उसने कथित तौर पर चेतन को मैसेज किया, “मुझमें यह करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ – हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से नीचे धकेल देंगे।” जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर 18 जून को मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

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Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब क्या होगा? पंचशील टेस्ट से जमानत तक, जानिए आगे की पूरी कहानी

पूरे देश को हिला देने वाले पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों की 11 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ की बजाय मामले से जुड़े सबूतों की जांच और उन्हें मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में अब जांच का सबसे बड़ा फोकस डिजिटल सबूतों पर है। जांच एजेंसियां सिया गोयल के मोबाइल से मिले डेटा और कोड में लिखे गए मैसेज को समझने की कोशिश कर रही हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस को हाल ही में स्नैपचैट की एक चैट मिली है। इसमें सिया ने कथित तौर पर अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की जानकारी मांगी थी ताकि टिकट बुक किया जा सके। चैट में उसने यह भी लिखा था कि यह “ऐसी शादी के लिए है जो कभी नहीं होगी।” अब जांचकर्ता दूसरे संदिग्ध कोड वाले मैसेज भी खंगाल रहे हैं। उनका पता लगाना है कि क्या इस कथित साजिश में सिया और चेतन के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था।

इन सबूतों पर टिकी जांच

इस मामले में लोहगढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देने की घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए पुलिस पूरे मामले को परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर मजबूत बनाने में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष को ऐसे सबूत पेश करने होंगे, जिनसे घटनाओं की पूरी कड़ी साफ तौर पर जुड़ जाए और यह साबित हो सके कि आरोपियों की भूमिका ही अपराध की ओर इशारा करती है।

जांच में पुलिस कई अहम सबूतों को जोड़कर मामला मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसमें घटनास्थल का पंचनामा, घटना का री-क्रिएशन (दोबारा घटनाक्रम तैयार करना) और वह जगह भी शामिल है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस की थी। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए बताए जा रहे कपड़ों और केतन के जले हुए पासपोर्ट की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

क्या है पंचशील टेस्ट?

पंचशील टेस्ट सुप्रीम कोर्ट का एक अहम कानूनी सिद्धांत है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी मामले में सीधे गवाह नहीं होते और फैसला परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर करना होता है। साल 1984 में ‘शरद बिरधीचंद सारडा बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके पांच मुख्य सिद्धांत बताए थे।इन पांच सिद्धांतों में यह जरूरी है कि सभी तथ्य पूरी तरह साबित हों, सबूत अपराध से साफ तौर पर जुड़े हों, उनकी विश्वसनीयता मजबूत हो, किसी दूसरी संभावना की गुंजाइश न बचे और सभी सबूत मिलकर ऐसी अटूट कड़ी बनाएं जो सीधे आरोपी की ओर इशारा करे।

शुरुआत में पुलिस दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयानों की सच्चाई जानने के लिए उनका पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराना चाहती थी। लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों ने इन टेस्ट के लिए अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। भारतीय कानून के अनुसार, किसी आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस को इन टेस्ट की मांग वापस लेनी पड़ी और अब जांच दूसरे सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

कोर्ट में अब जमानत की लड़ाई शुरू

सिया गोयल और चेतन चौधरी अब पुलिस हिरासत की जगह न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में दोनों की ओर से जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके वकीलों का कहना है कि पुलिस जरूरी डिजिटल डिवाइस पहले ही जब्त कर चुकी है, इसलिए अब उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की जरूरत नहीं है। वहीं, सिया गोयल की ओर से अदालत में कौन वकील पेश होगा, इसे लेकर भी नया कानूनी विवाद सामने आया है। इस मामले में एक चर्चित वकील का नाम सामने आया है और 10 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस की भी चर्चा हो रही है।

Ketan Murder Case: 640 मिनट तक इंटरनेट बंद! केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी की ‘ऑफलाइन’ चाल ने खोले कई राज

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी चेतन चौधरी का करीब 10 घंटे तक इंटरनेट बंद रखना पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस का मानना है कि 18 जून को चेतन ने जानबूझकर लगभग 640 मिनट तक अपना मोबाइल इंटरनेट बंद रखा, ताकि उसकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड सामने न आए। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी असामान्य हरकत से उन्हें पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद मिली।

जांच के अनुसार, चेतन ने सुबह करीब 7 बजे अपना मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसने अपनी लोकेशन और ऑनलाइन गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, दिन में लोहगढ़ किले की ओर जाते समय उसने बातचीत करने के लिए बीच-बीच में अपने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी इस्तेमाल किया।

पहचान छिपाने के लिए पहनी मोटी हुडी

पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भीषण गर्मी के बावजूद मोटी हुडी पहन रखी थी। पुलिस का दावा है कि उस समय तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, फिर भी वह ट्रेकिंग रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे सिया गोयल ने पहले से तय योजना के तहत विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर इशारा किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद चेतन चौधरी अपनी छिपी हुई जगह से बाहर आया और उसने केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

चेतन की ‘ऑफलाइन’ चाल नहीं आई काम

पुलिस जांच के मुताबिक, कई घंटे तक इंटरनेट बंद रखने के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने शाम करीब 5:40 बजे दोबारा अपना मोबाइल इंटरनेट चालू किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जांच के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी में आया यह अचानक बदलाव उनके लिए एक अहम सुराग बना। इससे पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा समझने में काफी मदद मिली।

मामले की जांच के तहत रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में लोहगढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और पूरी घटना को दोहराकर देखा। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने का रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई हरकतों और पूरी घटना के क्रम को फिर से तैयार कर उसकी जांच की।

Ketan Agarwal: आखिर सिया को शादी से पहले क्यों चाहिए थे 3 साल? पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

पुणे में हुई एक युवक की मौत का मामला हर दिन नए खुलासों के साथ और रहस्यमय होता जा रहा है। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। जांच एजेंसियां अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और आरोपियों की गतिविधियों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही हैं। इस केस में सामने आई नई जानकारियों ने लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं और मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

शादी टालने की थी कथित योजना

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस मामले का मकसद आर्थिक लाभ या पारिवारिक विवाद नहीं था। जांच एजेंसियों का दावा है कि सिया गोयल कथित तौर पर यह शादी नहीं करना चाहती थीं। पुलिस का आरोप है कि उन्हें लगता था कि केतन की मौत के बाद परिवार उन पर दोबारा शादी का दबाव कई साल तक नहीं डालेगा।

पुराने रिश्ते की भी हो रही जांच

जांच में यह भी सामने आया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल की जान-पहचान सगाई से पहले की थी। पुलिस के अनुसार, दोनों जनवरी में दोस्तों के साथ उदयपुर घूमने गए थे और करीब पांच दिन साथ रहे। इसके कुछ सप्ताह बाद फरवरी में सिया की केतन से सगाई हुई थी।

भाई के जरिए हुई थी पहचान

पुलिस का कहना है कि चेतन पहले से सिया के परिवार को जानता था। उसकी पहचान सिया के बड़े भाई साहिल गोयल से क्रिकेट के जरिए हुई थी। बाद में सिया और चेतन के बीच फिर से संपर्क बढ़ा।

2,004 फोन कॉल्स ने बढ़ाया शक

जांच अधिकारियों के अनुसार, जनवरी से अब तक सिया और चेतन के बीच 2,004 बार फोन पर बातचीत हुई। दोनों ने कुल 238 घंटे तक एक-दूसरे से बात की। पुलिस इन कॉल रिकॉर्ड्स को कथित साजिश के अहम सबूत के तौर पर जांच रही है।

घटना से एक दिन पहले हुई मुलाकात

पुलिस के मुताबिक, 17 जून को, यानी घटना से एक दिन पहले, दोनों पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसी मुलाकात में कथित योजना पर चर्चा हुई थी।

डिलीट किए गए चैट और मैसेज खंगाल रही पुलिस

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से कथित तौर पर WhatsApp चैट, Instagram मैसेज और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। पुलिस अब फॉरेंसिक जांच के जरिए हटाए गए डेटा को रिकवर कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच

फिलहाल पुलिस की जांच डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना महज हादसा थी या इसके पीछे पहले से कोई कथित साजिश रची गई थी।

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Ketan Murder Case: 17 करोड़ की शाही शादी की चल रही थी तैयारी, अब हत्याकांड ने बाद बदल गई पूरी कहानी

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की शादी इस साल नवंबर में उदयपुर में धूमधाम से होने वाली थी। 26 वर्षीय केतन की फरवरी में 20 साल की सिया गोयल से सगाई हुई थी। दोनों परिवार शादी को यादगार बनाने की तैयारी में जुटे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के लिए उदयपुर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में भव्य समारोह की योजना बनाई गई थी। इस शादी पर 5 करोड़ से 17 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान बताया गया था। लेकिन शादी की तैयारियों के बीच केतन की मौत के बाद पूरा मामला अब एक चर्चित हत्याकांड की जांच में बदल गया है।

शादी की थी शाही तैयारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी को भव्य बनाने के लिए उदयपुर के एक आलीशान रिसॉर्ट की बुकिंग की गई थी। मेहमानों के लिए प्राइवेट विमान की व्यवस्था करने की भी योजना थी। शादी की तैयारियां कई महीने पहले ही शुरू हो चुकी थीं। सिया गोयल की मां पूजा गोयल ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया, “हमने शादी के लिए उदयपुर का अनंता रिसॉर्ट बुक किया था। इसकी बुकिंग पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। पूरी शादी पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी थी।”

नवंबर में होनी थी शादी

जिस शादी का दोनों परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह कभी हो ही नहीं सकी। 18 जून को लोनावला के पास लोहगढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई। शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन पुलिस को अब हत्या का शक है। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और इसे ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा दिखाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया है कि सगाई के बाद भी सिया और चेतन के बीच कथित तौर पर संबंध बने हुए थे।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवार और समाज के दबाव की वजह से वह पीछे नहीं हट पा रही थी। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस मोबाइल फोन रिकॉर्ड, चैट और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है। जिस शादी में परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाने की तैयारी थी, उसकी जगह अब अदालत में कानूनी कार्रवाई और केतन अग्रवाल की मौत की आपराधिक जांच ने ले ली है।

Ketan Murder Case: केतन हत्याकांड में ये लाल इलेक्ट्रिक कार बनी सबसे बड़ा सुराग, वायरल वीडियो से खुल रहे नए राज

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। वहीं हत्या के मामले में जांच अब उस लाल इलेक्ट्रिक कार पर केंद्रित हो गई है, जिसका इस्तेमाल घटना वाले दिन लोहगढ़ किले जाने के लिए किया गया था। पुलिस इस कार की गहन जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।

जांच में अब तक सामने आया है कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले पर एक चट्टान से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में शामिल लाल इलेक्ट्रिक कार वही है, जो घटना से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में दिखाई दी थी। एक वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल कार का सनरूफ खोलकर सफर करते नजर आए थे। वहीं, दूसरे वीडियो में केतन अपनी जन्मदिन की पार्टी के दौरान सिया को फूल देते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को मुख्य आरोपी मान रही है। जांच के तहत शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से भी पूछताछ की गई। पूछताछ शुरू होने से पहले सिया के माता-पिता पूजा गोयल और प्रवीण गोयल भी लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे थे।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

केतन अग्रवाल हत्याकांड में महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मंजूरी दे दी है। साथ ही वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। यह फैसला केतन अग्रवाल के परिवार की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लिया गया। परिवार ने मामले में जल्द न्याय और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में तेजी से पूरी कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।

Ketan Murder Case: परिवार को पहले से थी सिया-चेतन के रिश्ते की भनक? केतन हत्याकांड में सामने आए कई नए राज

पुणे के 25 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल के हत्या के जांच के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्या की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, केतन की शादी सिया गोयल से इसलिए तय की गई थी क्योंकि उसके परिवार को सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। परिवार को यह भी लगा कि दोनों के परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी बड़ा अंतर है, जिसके चलते उन्होंने जल्द शादी कराने का फैसला लिया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों का मानना है कि इस रिश्ते का पता चलने के बाद परिवार ने सिया की शादी केतन अग्रवाल से कराने का फैसला लिया। उनका मानना था कि केतन शादी के लिए सही है। पुणे रुलर पुलिस के अनुसार, जनवरी में आयोजित एक सामुदायिक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी की बढ़ती नजदीकियों की जानकारी उसके परिवार को मिली थी। इसके बाद परिवार ने इस रिश्ते को लेकर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।

सिया के भाई से भी की पूछताछ

जांच के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि क्या साहिल को सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी थी। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि क्या उसने इस बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया था।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि वह अपने होने वाले पति केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। कथित तौर पर उसने कहा कि केतन के विग पहनने की वजह से वह उनसे सहज महसूस नहीं करती थी। जब अधिकारियों ने पूछा कि उसने यह बात अपने परिवार को पहले क्यों नहीं बताई, तो उसका जवाब था कि वह अपने परिवार को दुखी नहीं करना चाहती थी।

पुलिस का दावा किया कि पूछताछ के दौरान सिया ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि केतन को लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर रास्ते से हटाना, परिवार के सामने शादी से इनकार करने और उनके सवालों का सामना करने से ज्यादा आसान होगा।

केतन के पिता ने क्या कहा

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने सिर्फ बालों का एक छोटा सा हेयर पैच लगाया था और इस बात की जानकारी सगाई से पहले ही सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी। उनका कहना है कि इस तथ्य को छिपाया नहीं गया था। विशाल अग्रवाल ने रिपोर्टरों से कहा, “विग पहनना मेरे बेटे को मारने का कारण नहीं हो सकता।”

रिश्ता लाने वाले से की पुछताछ

वहीं, मामले की जांच के तहत पुलिस ने दोनों परिवारों का रिश्ता तय कराने वाले नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस उनसे शादी तय होने और दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। CNN-News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मित्तल केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मामा हैं, जबकि सिया गोयल उनकी साली पूजा गोयल की बेटी हैं। पुलिस इस पूरे मामले में उनकी भूमिका और उनसे जुड़ी जानकारी की भी जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान, मित्तल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उनका काम दोनों परिवारों को शादी का प्रपोजल देने तक ही सीमित था और शादी करवाने के अलावा उनका कोई हाथ नहीं था।

Ketan Murder Case: ‘सिया को पहले से थी सारी जानकारी…’, केतन हत्याकांड में पिता ने तोड़ी चुप्पी, किया ये बड़ा दावा

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। अब इस पूरे मामले पर मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस जांच में सामने आ रही उस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है कि केतन के लुक और उनके ‘हेयर विग’ के कारण उनकी मंगेतर इस शादी से नाखुश थी और इसी वजह से हत्या की गई।

विग की वजह से की गई हत्या?

पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले में 18 जून को मारे गए 25 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल के पिता ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल का दावा है कि शादी से पहले ही उन्होंने सिया गोयल के परिवार को बेटे के विग पैच की जानकारी दे दी थी। विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण बाल झड़ने की परेशानी थी। इसी वजह से वह हेयर विग का इस्तेमाल करता था। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी सगाई तय होने से काफी पहले ही सिया गोयल और उसके परिवार को दे दी गई थी। इसलिए हत्या की वजह विग को बताना पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

सगाई से पहले दी गई थी ये जानकारी

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को एक मेडिकल समस्या के कारण सिर के एक हिस्से के बाल झड़ गए थे। उन्होंने कहा कि सगाई तय होने से काफी पहले ही इस बारे में सिया गोयल और उसके परिवार को पूरी जानकारी दे दी गई थी। उन्होंने कहा, “अगर उन्हें इस बात से कोई आपत्ति होती, तो वे शादी से इनकार कर सकते थे।” वहीं, पुलिस का मानना है कि केतन की मौत एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। जांच के मुताबिक, इस मामले में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की भूमिका सामने आई है। शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था, लेकिन बाद में जांच के दौरान मिले सबूतों ने इसे हत्या के मामले में बदल दिया।

पुलिस हत्या की साजिश के एंगल से कर रही है जांच

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले सिया गोयल कई बार केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़ लेने की वजह से बच गया। पुलिस का कहना है कि 18 जून को सिया फिर केतन को लोहागढ़ किले ले गई। इस दौरान उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, सिया और चेतन के बीच हजारों बार बातचीत हुई थी। इनमें कई कॉल कई घंटों तक चली थीं। पूछताछ में चेतन ने कथित तौर पर बताया कि सिया सगाई तोड़ना नहीं चाहती थी, क्योंकि उसे परिवार की बदनामी का डर था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

Ketan Murder case: मंगेतर सिया गोयल का चैट लग गया पुलिस के हाथ! पर इस डिटेल ने तो केस को और फंसा दिया

पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिसिया जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह केस सुलझने के बजाय और उलझता जा रहा है। पुलिस के हाथ अब आरोपी मंगेतर सिया गोयल का मोबाइल चैट लगा है लेकिन इस नए डिजिटल सबूत ने पूरे मामले को और ज्यादा फंसा दिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से बरामद किए गए मैसेजेस और पूछताछ के दौरान दिए गए उसके बयानों में भारी अंतर है, जिससे पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

मोबाइल चैट और बयानों में भारी विरोधाभास (Inconsistencies)

लोनावला पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान सिया के मोबाइल फोन से जो चैट्स बरामद हुए हैं, वे उसके उन बयानों से बिल्कुल मेल नहीं खा रहे हैं जो उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को दिए थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल सबूत घटनाक्रम को स्थापित करने में एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस अधिकारी बरामद की गई बातचीत, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके।

एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं दोनों आरोपी प्रेमी

इस मामले ने तब और पेचीदा मोड़ ले लिया जब पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अलग-अलग कहानियां सुनाना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान अलग-अलग बयान दिए हैं। दोनों ही आरोपी इस खौफनाक अपराध की साजिश रचने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर मढ़ रहे हैं। दोनों का कहना है कि प्लानिंग दूसरे ने की थी। अब पुलिस को उम्मीद है कि यह डिजिटल ट्रेल यह तय करने में मदद करेगी कि इस साजिश में किस आरोपी की कितनी भूमिका थी और इस कथित साजिश के पीछे का असल सच क्या है।

नवंबर में होनी थी शादी, पर रास्ते से हटा दिया

यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश का परिणाम नजर आता है। पुलिस के मुताबिक 25 वर्षीय केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। लेकिन सिया, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। इसके बाद सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे अंजाम दे दिया। आरोप है कि 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका में स्थित लोहागढ़ किले में घूमने के दौरान सिया और चेतन ने केतन को पहाड़ी से नीचे खाई में धक्का दे दिया था। इससे उसकी मौत हो गई।

हादसे से मर्डर मिस्ट्री तक पहुंची जांच

शुरुआत में इस मामले को महज एक दुर्घटना यानी पैर फिसलने से हुआ हादसा माना जा रहा था। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स व फॉरेंसिक सबूतों को खंगाला तो यह मामला पूरी तरह से हत्या में तब्दील हो गया। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अंतिम चार्जशीट दाखिल करने से पहले सभी उपलब्ध डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को गहनता से जांच रही है।

मंगेतर के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद उसके घर पहुंची थी सिया गोयल और वहां उसकी बहन के सामने कर बैठी ये गलती! फिर नहीं बच पाई

पुणे के लोहगढ़ किले में 18 जून को हुई 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल की मौत को पहले एक हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही मामला पूरी तरह बदल गया। पुलिस को मिले डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों ने इस घटना को एक साजिश की ओर मोड़ दिया है। अब इसे महज दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की योजना बताया जा रहा है। जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

जैसे-जैसे पुलिस परत-दर-परत सच खंगाल रही है, वैसे-वैसे इस केस के नए पहलू सामने आ रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोग अब सच्चाई जानने को बेताब हैं।

बहन के एक सवाल से शुरू हुआ शक का खेल

न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, मामले का टर्निंग पॉइंट तब आया जब केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल घर पहुंची। बातचीत के दौरान केतन की बहन को उसके जवाबों में कुछ अजीब लगा और यहीं से परिवार को शक हुआ, जिसने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी।

2000 से ज्यादा कॉल्स, 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज

पुलिस जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से जून के बीच 2004 कॉल्स का खुलासा हुआ। दोनों के बीच करीब 238 घंटे तक लगातार बातचीत हुई, जिससे शक और गहरा गया।

घटना वाले दिन ‘गायब’ हुआ इंटरनेट और लोकेशन ट्रिक

18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद रहा। पुलिस को शक है कि लोकेशन छिपाने के लिए उसने अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया और कर्मचारी का फोन लेकर लोहगढ़ पहुंचा।

16-17 जून की ‘प्लानिंग मीटिंग’ और अगला दिन खौफनाक वारदात

जांच में सामने आया कि 16 और 17 जून को हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। दोनों ने कॉल और वीडियो कॉल के जरिए पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की।

लोहगढ़ फोर्ट पर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

18 जून को सिया केतन को किले पर लेकर पहुंची, जहां पहले से चेतन मौजूद था। एकांत जगह पर केतन को खड़ा कर उस पर हमला किया गया और उसे खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारने का आरोप है।

पुलिस का दावा

डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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