ChatGPT से लेकर फेक Insta अकाउंट तक… पुलिस के 5053 पेज की चार्जशीट से खुले केतन हत्याकांड के कई अनसुलझे राज

पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में 18 जून को युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। केतन की हत्या के आरोप में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके साथी रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। वहीं अब पुणे पुलिस ने इस हत्याकांड का पूरा ब्यौरा अदालत में दिया है। पुणे की अदालत में 5,053 पेज की चार्जशीट में पुलिस ने 26 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश का पूरा ब्यौरा दिया है। पुलिस के मुताबिक, केतन की 18 जून को लोहागढ़ किले से धक्का दिए जाने के बाद मौत हो गई थी। चार्जशीट में पुलिस ने इस मामले से जुड़ी घटनाओं और कथित साजिश की जानकारी दी है।

बता दें, केतन अग्रवाल की मौत के बाद पुलिस ने उसकी मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन और सिया दोनों पुणे के रहने वाले थे। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में एक बड़े समारोह में उनकी शादी होने वाली थी।

मारने के लिए किया रिसर्च

पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि केतन अग्रवाल की हत्या के लिए तीनों आरोपियों ने महीनों तक बाकायदा रिसर्च और प्लानिंग की थी। चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश कई चरणों में बनी। शुरुआत में आरोपियों के बीच उसे गंभीर रूप से घायल करने की बात हुई। इसके बाद उन्होंने हमला करने के लिए महाराष्ट्र के बाहर से किसी व्यक्ति को बुलाने पर भी विचार किया। लेकिन, बाद में आरोपियों ने कथित तौर पर यह काम खुद करने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बाहरी व्यक्ति को प्लान में शामिल करने का विचार इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि वह राज खोल सकता है। बाद में वह व्यक्ति इस मामले में गवाह बन गया।

चैटजीपीटी और पॉडकास्ट सुने

चार्जशीट के मुताबिक, इसके बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी ने खुद केतन अग्रवाल को मारने की तैयारी शुरू कर दी। चार्जशीट में कहा गया कि दोनों ने हत्या से जुड़ी फिल्में देखीं, चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया और पुलिस से बचने के तरीकों से जुड़े पॉडकास्ट सुने। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मेघालय के चर्चित हनीमून हत्या मामले के बारे में भी जानकारी जुटाई थी, जिसमें इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की मई 2025 में मेघालय में हनीमून के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस का दावा कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोनावाला के आसपास कई जगहों की रेकी की और एक सुनसान जगह की तलाश की। दोनों कथित तौर पर टाइगर पॉइंट समेत कई जगहों पर गए और आखिर में लोहागढ़ किले को चुना।

क्यों चुना गया लोहागढ़

चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने आखिर में लोहागढ़ किले को इसलिए चुना क्योंकि पिछले साल मार्च में वहां एक महिला की मौत हो चुकी थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों को लगा कि केतन अग्रवाल की मौत को सेल्फी लेते समय अचानक गिरने की घटना बताया जा सकता है। चार्जशीट के मुताबिक, 14 जून को सिया गोयल और केतन अग्रवाल लोहागढ़ गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया ने केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन केतन ने पेड़ पकड़कर खुद को बचा लिया। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा कि उसने सांप देखा था और केतन को बचाने की कोशिश की थी।

पासपोर्ट फाड़ कर फेंक दिया

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया गोयल 4 जून को लोहागढ़ किला जाना चाहती थी, क्योंकि आरोपियों की कथित योजना बाली जाने से पहले ही केतन अग्रवाल को मारने की थी। चार्जशीट के अनुसार, 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए जाते समय सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया और उसे एक कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया। पुलिस का दावा है कि पासपोर्ट खराब होने की वजह से दोनों की बाली यात्रा रद्द हो गई।

नकली इंस्टा अंकाउट भी बनाया

पुलिस का आरोप है कि रितेश हांगे ने आरोपियों की एक जान-पहचान वाली महिला की तस्वीर का इस्तेमाल कर ‘माही’ नाम से एक नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। पुलिस के मुताबिक, इस अकाउंट से केतन अग्रवाल को मैसेज भेजे गए और उसे 18 जून को लोहागढ़ जाने के लिए तैयार किया गया। उसे बताया गया था कि यह सिया गोयल से जुड़ा सरप्राइज बर्थडे प्लान है।

चार्जशीट के मुताबिक, केतन अग्रवाल की मौत के बाद नकली इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया गया था। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को चेतन चौधरी किले के एक दूसरे रास्ते से अंदर गया और बाद में सिया गोयल के इशारे पर उसके साथ शामिल हो गया।

सिया ने केतन को दिया धक्का

पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन का ध्यान भटकने पर उसे पीछे से धक्का दिया, जिसके बाद चेतन ने उसे लात मारी और वह किले से नीचे गिर गया। पुलिस ने बताया कि चार्जशीट में पांच चश्मदीदों समेत 100 से ज्यादा लोगों के बयान शामिल हैं। इसके अलावा जांच में मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, कॉल रिकॉर्ड और दूसरी तकनीकी जानकारी को भी सबूत के तौर पर शामिल किया गया है।

Ketan Murder Case: 640 मिनट तक इंटरनेट बंद! केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी की ‘ऑफलाइन’ चाल ने खोले कई राज

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी चेतन चौधरी का करीब 10 घंटे तक इंटरनेट बंद रखना पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस का मानना है कि 18 जून को चेतन ने जानबूझकर लगभग 640 मिनट तक अपना मोबाइल इंटरनेट बंद रखा, ताकि उसकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड सामने न आए। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी असामान्य हरकत से उन्हें पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद मिली।

जांच के अनुसार, चेतन ने सुबह करीब 7 बजे अपना मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसने अपनी लोकेशन और ऑनलाइन गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, दिन में लोहगढ़ किले की ओर जाते समय उसने बातचीत करने के लिए बीच-बीच में अपने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी इस्तेमाल किया।

पहचान छिपाने के लिए पहनी मोटी हुडी

पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भीषण गर्मी के बावजूद मोटी हुडी पहन रखी थी। पुलिस का दावा है कि उस समय तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, फिर भी वह ट्रेकिंग रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे सिया गोयल ने पहले से तय योजना के तहत विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर इशारा किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद चेतन चौधरी अपनी छिपी हुई जगह से बाहर आया और उसने केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

चेतन की ‘ऑफलाइन’ चाल नहीं आई काम

पुलिस जांच के मुताबिक, कई घंटे तक इंटरनेट बंद रखने के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने शाम करीब 5:40 बजे दोबारा अपना मोबाइल इंटरनेट चालू किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जांच के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी में आया यह अचानक बदलाव उनके लिए एक अहम सुराग बना। इससे पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा समझने में काफी मदद मिली।

मामले की जांच के तहत रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में लोहगढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और पूरी घटना को दोहराकर देखा। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने का रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई हरकतों और पूरी घटना के क्रम को फिर से तैयार कर उसकी जांच की।