VIDEO: ‘ये हमारा मंदिर है’, लोहागढ़ किले में सिगरेट पीने को लेकर टूरिस्ट से भिड़ा युवक, वीडियो हुआ वायरल

महाराष्ट्र के फेमस लोहागढ़ किले का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक लोकल युवक दिल्ली से आए कुछ टूरिस्ट को किले के अंदर सिगरेट पीने से मना करता है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोहागढ़ किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित ऐतिहासिक धरोहर है। यहां पर स्मोकिंग, शराब और किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का इस्तेमाल या उन्हें साथ लाना नियमों के खिलाफ है। वीडियो के वायरल होने के बाद से लोग इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

लोहागढ़ किले में टूरिस्टों का वीडियो वायरल

‘एक्स’ पर शेयर किए गए वीडियो में एक लोकल युवक किले के अंदर स्मोकिंग कर रहे टूरिस्ट से सवाल करता नजर आता है। वह उनसे पूछता है, “तुम्हें यहां सिगरेट पीने की इजाजत किसने दी?” जब टूरिस्ट ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी नियम की जानकारी नहीं थी और वहां ऐसा कोई बोर्ड भी नहीं दिखा, जिस पर स्मोकिंग करने की मनाही लिखी हो, तो स्थानीय युवक ने कहा, “तुम्हें कॉमन सेंस होना चाहिए। क्या तुम मंदिर के अंदर स्मोकिंग करोगे? ये किला हमारा मंदिर है।” वीडियो में पर्यटक बार-बार कहते सुनाई देते हैं कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि किले के परिसर में स्मोकिंग करना मना है।

टूरिस्टों को दी चेतावनी

इस दौरान एक टूरिस्ट ने स्थानीय युवक से शांत रहने की बात कही, जबकि दूसरे ने कहा कि उनका नियम तोड़ने का कोई इरादा नहीं था। इसके बाद स्थानीय युवक ने उनके सिगरेट के पैकेट अपने पास रख लिए ताकि वे किले के अंदर दोबारा स्मोकिंग न करें। साथ ही उसने चेतावनी दी कि अगर वे फिर से सिगरेट पीते हुए मिले, तो वह इस मामले की शिकायत पुलिस से करेगा।

 

लोगों ने दिया रिएक्शन

सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने स्थानीय युवक की सराहना की। वहीं, कुछ लोगों का मानना था कि टूरिस्टों को समझाने का तरीका थोड़ा शांत और संयमित होना चाहिए था। एक यूजर ने लिखा, “ऐतिहासिक और धार्मिक जगहों का सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है। ऐसे स्थानों की रक्षा के लिए लोगों ने अपने प्राण दिए हैं, इसलिए यहां कॉमन सेंस दिखाना जरूरी है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसके लिए हर जगह बोर्ड लगाने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, पर्यटक होने के कारण उन्हें समझाने का तरीका थोड़ा नरम होना चाहिए था और अपशब्दों से बचना चाहिए था।”

लोगों ने उठाए सवाल

वहीं, कुछ लोगों ने स्थानीय युवक के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “अगर किसी को नियमों की जानकारी नहीं है, तो उसे शांति से समझाना चाहिए। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की क्या जरूरत थी?” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “अगर पहली बार समझाने के बाद भी कोई नियम नहीं मानता, तो उसकी शिकायत करनी चाहिए। लेकिन किसी से बात करते समय मर्यादा और शालीनता भी बनाए रखनी चाहिए।”

Viral Video: ‘वह बहुत केयरिंग हैं…’ केतन अग्रवाल की सगाई का पुराना वीडियो वायरल, सिया का बयान बना चर्चा का विषय

Viral Video: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की कथित हत्याकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इसी बीच केतन की सगाई का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में उनकी मंगेतर सिया गोयल, केतन की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद ख्याल रखने वाला और अच्छा इंसान बताती नजर आती हैं। घटना के बाद यह वीडियो दोबारा वायरल होने से लोगों के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

बता दें 18 जून को केतन अग्रवाल की पुणे के लोहगढ़ किले में मौत हो गई थी। वहीं केतन की हत्या का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन पर है। आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी।

वायरल हो रहा वीडियो

वायरल हो रहे इस पुराने वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल अपनी सगाई के समारोह में मंच पर साथ नजर आते हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर दोनों से बातचीत करती है और सिया से पूछती है कि उन्हें केतन की कौन-सी बात सबसे ज्यादा पसंद है और आखिर वह उनके लिए इतने खास क्यों हैं। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने सिया से पूछा, “एक होने वाले पति के तौर पर केतन की ऐसी कौन-सी बात है, जिसकी वजह से वह आपके लिए ‘हीरो नंबर 1’ हैं?”

इस पर सिया ने बिना झिझक मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वह बहुत केयरिंग और दयालु हैं।” सिया की यह बात सुनकर केतन भी मुस्कुराते नजर आए। इसके बाद होस्ट ने इसे “ओह मोमेंट” बताया, जिस पर समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का अभिवादन किया।

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने लिखा, “और बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जाता है… सिया गोयल को। क्या एक्सप्रेशन्स, क्या मुस्कान। इस वीडियो को देखकर कोई यकीन नहीं करेगा कि वह केतन अग्रवाल से सगाई या शादी नहीं करना चाहती थीं। केतन और उनके परिवार के लिए दुख है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “इसने तो एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को भी पीछे छोड़ दिया।” एक और यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि सब कुछ पहले से इस तरह प्लान किया गया था कि केतन की मौत एक हादसा लगे और किसी को शक न हो।” लोगों ने इस वीडियो पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं।

Ketan Agarwal Murder Case: केतन की हत्या करने से पहले सिया ने चेतन से कर ली थी शादी! WhatsApp चैट से हुआ खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहागढ़ किले से कारोबारी केतन अग्रवाल को कथित तौर पर धक्का देकर नीचे गिराने और उनकी मौत के मामले ने पूरे देश को हिला दिया था। अब इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि केतन की मंगेतर और इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल कथित तौर पर पहले से शादीशुदा थीं।

News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का दावा है कि आरोपी सिया गोयल और उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने चार महीने पहले अपने परिवारों से छिपाकर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी।

खबरों के मुताबिक, उनके फोन से मिली WhatsApp चैट से यह बात सामने आई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन चैट ने इस गुपचुप शादी का राज खोल दिया है और पूरे मामले को एक नया मोड़ दिया है।

आरोप है कि 18 जून को केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलकर मार डाला गया था। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है।

WhatsApp चैट और इंटरनेट हिस्ट्री से कथित तौर पर क्या पता चला?

News18 के मुताबिक, पुलिस ने आरोपियों के फोन से मिले कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री की जांच की। पिछले छह-सात महीनों के डिजिटल डेटा की जांच के दौरान, जांच करने वालों को पता चला कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही शादी कर ली थी, लेकिन परिवारों के डर से इसे छिपाकर रखा था।

पुलिस को शक है कि इसी गुपचुप शादी के बाद केतन को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची गई थी।

‘मुझमें हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ’: सिया ने कथित तौर पर चेतन से क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि केतन अग्रवाल की हत्या की पहली कोशिश कथित तौर पर 14 जून को ही की गई थी, लेकिन सिया आखिरी पल में घबरा गई और कोशिश नाकाम रही। इसके बाद, उसने कथित तौर पर चेतन को मैसेज किया, “मुझमें यह करने की हिम्मत नहीं है, तुम भी आओ – हम दोनों मिलकर उसे चट्टान से नीचे धकेल देंगे।” जांचकर्ताओं का कहना है कि दोनों ने कथित तौर पर 18 जून को मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

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बारिश में इन किलों की खूबसूरती देखकर भूल जाएंगे हिल स्टेशन, जरूर बनाएं ट्रिप का प्लान!

बारिश का मौसम आते ही महाराष्ट्र के पहाड़, घाटियां और ऐतिहासिक किले हरियाली से भर जानते हैं। मानसून में इन किलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है और बादलों, झरनों व ठंडी हवाओं के बीच ट्रेकिंग का एक्सपीरियंस बेहद यादगार बन जाता है। अगर आप नेचर और एडवेंचर का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, तो ये किले आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं:

1. सिंहगढ़ किला, पुणे

पुणे में सिंहगढ़ किले का समय, प्रवेश शुल्क, टिकट की कीमत; सिंहगढ़ किले के खुलने और बंद होने का समय, छुट्टियां और फोन नंबर

सिंहगढ़ किला पुणे से लगभग 30 किलोमीटर दूर है और महाराष्ट्र के सबसे पॉपुलर ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में से एक माना जाता है। यह किला छत्रपति शिवाजी महाराज और तानाजी मालुसरे के शौर्य से जुड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में यहां चारों तरफ घनी हरियाली, ठंडी हवाएं और बादलों से घिरी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं, जो पूरे माहौल को बेहद खूबसूरत बना देती हैं।

यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेक बहुत कठिन नहीं है, इसलिए परिवार और नए ट्रेकर्स भी आसानी से आ सकते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे झरने जर्नी को और भी रोमांचक बना देते हैं। किले की ऊंचाई से पुणे शहर और आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। सुबह जल्दी या शाम के समय यहां का मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहता है। दुकानों पर मिलने वाला पिठला-भाकरी, कांदा भजी और गर्म चाय इस ट्रिप का स्वाद और बढ़ा देते हैं।

2. रायगढ़ किला, महाड

File:Raigarh fort.jpg - Wikimedia Commons

रायगढ़ किला मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा है और इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे महत्वपूर्ण किलों में गिना जाता है। मानसून के दौरान यह पूरा इलाका बादलों से ढक जाता है और हर तरफ फैली हरियाली इसे किसी स्वर्ग जैसा बना देती है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां से घाटियों और पहाड़ों का नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है।

यहां ट्रेकिंग के अलावा रोपवे की सुविधा भी अवेलेबल है, जिससे बुजुर्ग और बच्चे भी आसानी से किले तक पहुंच सकते हैं। किले के अंदर राजमहल, दरबार, बाजार और शिवाजी महाराज की समाधि देखने को मिलती है। बारिश के मौसम में किले के आसपास बहते झरने इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं और फोटोग्राफी के लिए भी यह जगह शानदार मानी जाती है।

3. हरिश्चंद्रगढ़ किला, अहिल्यानगर

महाराष्ट्र में हरिश्चंद्रगढ़ किला

हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र के सबसे पुराने और रोमांचक किलों में से एक है। यह अपनी ऊंची पहाड़ियों, घने जंगलों और फेमस कोकणकडा के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां बादल इतने करीब आ जाते हैं कि कई बार पूरा किला धुंध में छिप जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली और झरने इसे नेचर लवर के लिए किसी जन्नत से कम नहीं बनाते।

यह ट्रेक थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए यहां जाने से पहले अच्छी तैयारी करना जरूरी है। किले के पास प्राचीन मंदिर और गुफाएं भी देखने लायक हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का व्यू बेहद मनमोहक होता है और मानसून में बादलों का समुद्र जैसा नजारा देखने को मिलता है।

4. टिकोना किला, कामशेत

टिकोना किला: त्रिकोणीय पहाड़ी किले के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

टिकोना किला अपनी ट्राइएंगुलर शेप के कारण काफी पॉपुलर है। यह किला पवना झील के पास है और मानसून के समय इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बारिश में यहां की पहाड़ियां, हरियाली और बादलों से घिरी जगह टूरिस्ट को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है।

यह ट्रेक आसान है, इसलिए नए ट्रेकर्स के लिए भी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। किले की चोटी से पवना झील और आसपास की घाटियों का दृश्य बेहद अट्रैक्टिव दिखाई देता है। रास्ते में छोटे झरने और पत्थरों के बीच से गुजरने वाला ट्रेक रोमांच को और बढ़ा देता है।

5. राजगढ़ किला, पुणे

File:Rajgad Fort in Pune, Maharashtra.jpg - Wikimedia Commons

राजगढ़ किला कई वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज की राजधानी रहा था। यह किला अपने विशाल क्षेत्र, मजबूत किलेबंदी और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां हर तरफ हरियाली फैल जाती है और बादलों के बीच से दिखाई देने वाले पहाड़ बेहद आकर्षक लगते हैं।

यह ट्रेक थोड़ा लंबा है, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद दिखाई देने वाला व्यू सारी थकान भुला देता है। किले के अलग-अलग जगहों से घाटियों और पर्वतों का नजारा बहुत शानदार दिखाई देता है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

6. लोहागढ़ किला, लोनावला

लौहगढ़ फोर्ट में ऐसा क्या है? कितनी हसीन हैं इसकी वादियां जो कपल के लिए है फेवरेट, कैसा है यहां का मौसम, दिल्ली से कैसे जाएं - News18 हिंदी

लोहागढ़ किला मानसून ट्रेकिंग के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। लोनावला के पास यह किला बारिश के मौसम में पूरी तरह हरियाली से ढक जाता है। बादलों के बीच से गुजरते रास्ते, छोटे-छोटे झरने और ठंडी हवाएं यहां आने वाले हर टूरिस्ट को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।

यह ट्रेक आसान माना जाता है, इसलिए परिवार, बच्चे और पहली बार ट्रेकिंग करने वाले लोग भी आराम से यहां जा सकते हैं। किले का पॉपुलर ‘विंचूकाटा’ हिस्सा और ऊपर से दिखने वाला नटुरेल सीन मानसून में बेहद शानदार लगता है। फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

बारिश वाली सैर पर जाने से पहले ये तैयारी जरूर करें

लोहगढ़ किला, लोनावला: एक संपूर्ण गाइड

बारिश के मौसम में ट्रेकिंग का आनंद तभी मिलता है, जब सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। हमेशा अच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते पहनें ताकि फिसलन वाले रास्तों पर बैलेंस बना रहे। मौसम देखकर ट्रिप की प्लानिंग बनाएं। अपने साथ रेनकोट, अतिरिक्त कपड़े, पानी, हल्का भोजन, प्राथमिक उपचार किट और मोबाइल के लिए वाटरप्रूफ कवर जरूर रखें। झरनों, तेज बहते पानी और खतरनाक चट्टानों के बहुत करीब जाने से बचें। साथ ही जिस जगह पर जाएं उसे साफ-सुथरा छोड़कर लौटें।

बारिश के मौसम में अगर आप ट्रेकिंग का आनंद लेना चाहते हैं, तो ये सभी किले आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए। बस सही तैयारी और जरूरी सावधानियों के साथ ट्रैवल करें, ताकि आपका सफर सेफ और यादगार बन सके। यकीन मानिए, इन किलों की मानसूनी वादियां और बादलों से घिरे नज़ारे आपको बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देंगे।

Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब क्या होगा? पंचशील टेस्ट से जमानत तक, जानिए आगे की पूरी कहानी

पूरे देश को हिला देने वाले पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों की 11 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद अब जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ की बजाय मामले से जुड़े सबूतों की जांच और उन्हें मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं।

अब आगे क्या होगा?

इस मामले में अब जांच का सबसे बड़ा फोकस डिजिटल सबूतों पर है। जांच एजेंसियां सिया गोयल के मोबाइल से मिले डेटा और कोड में लिखे गए मैसेज को समझने की कोशिश कर रही हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस को हाल ही में स्नैपचैट की एक चैट मिली है। इसमें सिया ने कथित तौर पर अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की जानकारी मांगी थी ताकि टिकट बुक किया जा सके। चैट में उसने यह भी लिखा था कि यह “ऐसी शादी के लिए है जो कभी नहीं होगी।” अब जांचकर्ता दूसरे संदिग्ध कोड वाले मैसेज भी खंगाल रहे हैं। उनका पता लगाना है कि क्या इस कथित साजिश में सिया और चेतन के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति भी शामिल था।

इन सबूतों पर टिकी जांच

इस मामले में लोहगढ़ किले से कथित तौर पर धक्का देने की घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए पुलिस पूरे मामले को परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर मजबूत बनाने में जुटी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष को ऐसे सबूत पेश करने होंगे, जिनसे घटनाओं की पूरी कड़ी साफ तौर पर जुड़ जाए और यह साबित हो सके कि आरोपियों की भूमिका ही अपराध की ओर इशारा करती है।

जांच में पुलिस कई अहम सबूतों को जोड़कर मामला मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसमें घटनास्थल का पंचनामा, घटना का री-क्रिएशन (दोबारा घटनाक्रम तैयार करना) और वह जगह भी शामिल है, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को धक्का देने की प्रैक्टिस की थी। इसके अलावा, घटना के समय पहने गए बताए जा रहे कपड़ों और केतन के जले हुए पासपोर्ट की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है।

क्या है पंचशील टेस्ट?

पंचशील टेस्ट सुप्रीम कोर्ट का एक अहम कानूनी सिद्धांत है। इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब किसी मामले में सीधे गवाह नहीं होते और फैसला परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर करना होता है। साल 1984 में ‘शरद बिरधीचंद सारडा बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इसके पांच मुख्य सिद्धांत बताए थे।इन पांच सिद्धांतों में यह जरूरी है कि सभी तथ्य पूरी तरह साबित हों, सबूत अपराध से साफ तौर पर जुड़े हों, उनकी विश्वसनीयता मजबूत हो, किसी दूसरी संभावना की गुंजाइश न बचे और सभी सबूत मिलकर ऐसी अटूट कड़ी बनाएं जो सीधे आरोपी की ओर इशारा करे।

शुरुआत में पुलिस दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयानों की सच्चाई जानने के लिए उनका पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराना चाहती थी। लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी, दोनों ने इन टेस्ट के लिए अपनी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। भारतीय कानून के अनुसार, किसी आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस को इन टेस्ट की मांग वापस लेनी पड़ी और अब जांच दूसरे सबूतों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

कोर्ट में अब जमानत की लड़ाई शुरू

सिया गोयल और चेतन चौधरी अब पुलिस हिरासत की जगह न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में दोनों की ओर से जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उनके वकीलों का कहना है कि पुलिस जरूरी डिजिटल डिवाइस पहले ही जब्त कर चुकी है, इसलिए अब उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की जरूरत नहीं है। वहीं, सिया गोयल की ओर से अदालत में कौन वकील पेश होगा, इसे लेकर भी नया कानूनी विवाद सामने आया है। इस मामले में एक चर्चित वकील का नाम सामने आया है और 10 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस की भी चर्चा हो रही है।