Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा अपडेट, आरोपी सिया और चेतन ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दी सहमति

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति दे दी है।जिसके बाद पुलिस अब सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी, दोनों का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। इसके लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई है और सरकारी वकील ने भी इसकी पुष्टि की है।

सिया गोयल का होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

गोयल के वकील विपुल डुसिंग ने बताया कि 20 साल की सिया ने गुरुवार को लोनावाला ग्रामीण पुलिस को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है। बता दें कि ऐसे टेस्ट के लिए आरोपी की सहमति कानूनी तौर पर जरूरी होती है।

वहीं, जांचकर्ताओं का मानना है कि इस टेस्ट से मामले से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं, क्योंकि अब तक जांच मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य और तकनीकी सबूतों पर आधारित रही है।

18 जून को हुई केतन की हत्या

पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले की करीब 400 मीटर गहरी खाई में धक्का देकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस का कहना है कि सिया गोयल की इसी साल नवंबर में केतन अग्रवाल से शादी होने वाली थी। दोनों की सगाई फरवरी में हुई थी। आरोप है कि शादी से बचने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई। फिलहाल दोनों आरोपी 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं।

केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों करवाना चाहती है?

इस केस में कई चुनौतियां हैं क्योंकि पुलिस को कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला है और न ही कोई ऐसा CCTV फुटेज मिला है जिसमें उस जगह को दिखाया गया हो जहां से केतन अग्रवाल के कथित तौर पर चट्टान से गिरने की बात कही जा रही है। पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से कॉल रिकॉर्ड और डेटा (रीसायकल बिन की फाइलों सहित) डिलीट कर दिए थे, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

इसके अलावा, शादी की तैयारियों को लेकर परिवार के सदस्यों और आरोपियों के अलग-अलग बयानों ने कथित मकसद का पता लगाने की कोशिशों को और मुश्किल बना दिया है। ऐसे में पुलिस का मानना है कि पॉलीग्राफ (लाइ डिटेक्टर) टेस्ट से आरोपियों के बयानों की सच्चाई जांचने, विरोधाभासों का पता लगाने और जांच में नए सुराग मिलने में मदद मिल सकती है।

लाइ डिटेक्टर टेस्ट से क्या पता चल सकता है?

हालांकि, पॉलीग्राफ के नतीजों को कोर्ट में सीधे सबूत के तौर पर नहीं माना जाता, लेकिन जांच करने वाले अक्सर इनका इस्तेमाल जांच के एक टूल के तौर पर करते हैं। इस टेस्ट में व्यक्ति के सवालों के जवाब देने के दौरान उसके शरीर की प्रतिक्रियाओं, जैसे सांस लेने का तरीका, दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और त्वचा की कंडक्टिविटी को रिकॉर्ड किया जाता है। इसके बाद जांच करने वाले इन प्रतिक्रियाओं में आए बदलावों का विश्लेषण करते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि जरूरी सवालों के जवाब सामान्य प्रतिक्रियाओं (बेसलाइन रिस्पॉन्स) से काफी अलग हैं या नहीं।

लाइ डिटेक्टर टेस्ट के बारे में कानून क्या कहता है?

सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में ‘सेल्वी बनाम कर्नाटक राज्य’ मामले में एक अहम फैसला सुनाया था। इसमें कहा गया था कि पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को-एनालिसिस और ब्रेन-मैपिंग टेस्ट संबंधित व्यक्ति की सहमति के बिना नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने माना कि ऐसे टेस्ट जबरदस्ती करने से संविधान के आर्टिकल 20(3) के तहत खुद के खिलाफ गवाही न देने के अधिकार और आर्टिकल 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन होता है। इसलिए, पॉलीग्राफ टेस्ट करने से पहले आरोपी की अपनी मर्जी से सहमति लेना जरूरी है।

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Ketan Agarwal Murder: मंगेतर सिया गोयल के प्रेमी के पिता ने तो अलग ही दावा कर दिया, बोले- असली सच कुछ और!

महाराष्ट्र के पुणे में बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई कथित हत्या के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जहां एक तरफ पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धकेला था, वहीं अब इस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के परिवार ने सामने आकर एक बेहद अलग और बड़ा दावा कर दिया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में जबरन फंसाया जा रहा है और असली सच्चाई वह नहीं है जो सामने आ रही है। आइए जानते हैं आरोपी चेतन के पिता और उसके रिश्तेदारों ने इस पूरे कांड को लेकर क्या बड़े दावे किए हैं।

पिता बाबूलाल चौधरी का दावा – बेटे ने केतन को धक्का नहीं दिया

बिजनेसमैन केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया है। बाबूलाल चौधरी का दावा है कि उनके बेटे ने खुद परिवार को इस घटना के बारे में जो बताया है, वह पुलिस की कहानी से बिल्कुल अलग है। बाबूलाल चौधरी के मुताबिक, ‘चेतन ने हमें साफ तौर पर बताया है कि उसने उस लड़के (केतन) को लोहगढ़ किले से धक्का नहीं दिया था। घटना के वक्त वह केतन से काफी दूर खड़ा था। जब केतन अग्रवाल खाई में गिरा, तो उस समय वह लड़की (सिया गोयल) ही बिल्कुल उसके पास खड़ी थी।’ हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बाबूलाल चौधरी ने आगे कहा कि मैं यह नहीं जानता कि लड़की ने उसे धक्का दिया या नहीं, लेकिन चेतन ने हमसे यही कहा था कि वह खुद उस वक्त थोड़ा पीछे की तरफ दूर खड़ा हुआ था।

‘हम तो सिया गोयल को जानते तक नहीं, कल ही सुना नाम’

आरोपी चेतन के पिता ने सिया गोयल के साथ किसी भी तरह के पारिवारिक संबंध या जानकारी होने से पूरी तरह इनकार किया है। बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनके परिवार को इस घटना से पहले सिया गोयल के बारे में कोई भनक तक नहीं थी। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन सुबह चेतन ने अपनी मां और मुझसे सिर्फ इतना कहा था कि उसकी एक मीटिंग है और वह उसी के लिए जा रहा है। घर से निकलने से पहले उसने हमें इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी थी। बाबूलाल ने आगे का कि हमने उस लड़की को कभी नहीं देखा और हम उसके बारे में बिल्कुल कुछ नहीं जानते। सच तो यह है कि मुझे कल ही उस लड़की का नाम सिया पता चला है, इससे पहले मैंने उसे कभी नहीं देखा था। पिता ने साफ तौर पर कहा कि उनके बेटे को इस पूरे मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और इस मामले में उसकी कोई संलिप्तता नहीं है।

रिश्तेदार बोले- चेतन स्पोर्ट्समैन है, मीडिया एकतरफा कहानी दिखा रहा है

चेतन चौधरी के एक रिश्तेदार उदाराम चौधरी ने भी चेतन का बचाव करते हुए उसे पूरी तरह बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि मीडिया इस पूरे मामले को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उदाराम चौधरी ने कहा कि, ‘इस मामले में चेतन पूरी तरह से निर्दोष है। मीडिया इस मुद्दे को बहुत ज्यादा हवा दे रहा है और सिर्फ एकतरफा नजरिया ही दिखा रहा है, जबकि चेतन इसमें शामिल नहीं है। चेतन एक स्पोर्ट्समैन है और बेहद सीधा-साधा इंसान है। आज तक बाजार में किसी भी व्यक्ति की तरफ से उसके खिलाफ एक भी शिकायत सामने नहीं आई है।’ सिया के साथ रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को चेतन और उस लड़की के बीच के किसी भी तरह के संबंध के बारे में कोई अंदाजा नहीं था।

पुलिस की थ्योरी: दोनों ने मिलकर की हत्या

चेतन चौधरी के परिवार के इन दावों के उलट पुलिस की जांच और थ्योरी कुछ और ही कहती है। पुणे पुलिस के अनुसार 18 जून को लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं थी बल्कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेला था। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों पुलिस कस्टडी में हैं।

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पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस (Ketan Agarwal Murder Case): महाराष्ट्र के पुणे में मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की इनसाइड स्टोरी में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस मामले को पहले ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल बेहद ठंडे दिमाग से तैयार की गई एक खौफनाक मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस जांच में अब यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड को अंजाम देने के लिए सिया गोयल ने अपने प्रेमी को आखिरी सिग्नल दिया था। ये भी सामने आया है कि महज 50 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था।

मंगेतर सिया का वह आखिरी सिग्नल और 50 मिनट का पूरा टाइमलाइन

हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिककेतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से ही हत्या का पूरा प्लान तय कर रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) गजानन तोमपे ने बताया कि दोनों के बीच पहले से सहमति थी कि जैसे ही वे सही जगह पहुंचेंगे, सिया गोयल जमीन पर बैठ जाएगी। यह बैठना ही प्रेमी चेतन चौधरी के लिए हमला करने का अलर्ट सिग्नल था। 18 जून को जैसे ही सिया पहाड़ी किले के एक सुनसान हिस्से में केतन के साथ पहुंची, वह तय प्लान के मुताबिक बैठ गई। इशारा मिलते ही पीछे से आ रहे चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे गहरी खाई में धकेल दिया और वहां से भाग निकला। लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला है कि हुडी पहने हुए आरोपी चेतन चौधरी किले के टॉप पर 10 मिनट से भी कम समय तक रुका था। उसने किले पर चढ़ने और नीचे उतरने की पूरी प्रक्रिया को महज 50 मिनट के भीतर पूरा कर लिया था। जब एक सुरक्षा गार्ड ने चेतन की एंट्री और हुडी को लेकर पूछताछ की, तो उसने बहुत ही शातिराना ढंग से झूठ बोलते हुए दावा किया कि वह वहां सिर्फ एक्सरसाइज करने के लिए आया है।

वारदात के लिए क्यों चुना गया लोहगढ़ किले का विंचू काटा?

जांचकर्ताओं के मुताबिक आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए लोहगढ़ किले के विंचू काटा रिज के पास वाले हिस्से को बहुत ही सोच-समझकर चुना था। ये पवन बांध की तरफ खुलता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किले के अन्य हिस्सों की तुलना में यह स्थान बेहद अलग-थलग और सुनसान था। आरोपी जानते थे कि वीक डेज में इस जगह पर बहुत कम संख्या में पर्यटक या विजिटर्स आते हैं। इससे पकड़े जाने का खतरा न के बराबर था। पुलिस को अंदेशा है कि इस योजना को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने इस जगह की बकायदा रेकी भी की थी।

सिया के बयानों का विरोधाभास और फोन से खुली पोल

लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े ने बताया कि इस मामले में पहला शक तब गहराया जब सिया गोयल ने पुलिस को लगातार विरोधाभासी और बदलते हुए बयान दिए। सिया ने पहले दावा किया था कि केतन एक तस्वीर के लिए पोज दे रहा था और उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। बाद में उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि केतन उसे पानी की बोतल पकड़ा रहा था और तभी वह नीचे गिर गया। जब पुलिस ने सिया का मोबाइल फोन चेक किया तो उस पूरे दिन की एक भी तस्वीर फोन में मौजूद नहीं थी। इस बात ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। जब जांचकर्ताओं ने दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो हैरान करने वाला डेटा सामने आया। केतन से सगाई होने के बावजूद सिया और चेतन पिछले कई महीनों से रिलेशनशिप में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच दोनों ने एक-दूसरे से 2000 से अधिक बार फोन पर 238 घंटे बात की थी। पुलिस के मुताबिक प्रेमी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रिप के दौरान अपना खुद का मोबाइल फोन घर छोड़ दिया था और ट्रैकिंग के समय वह अपने एक कर्मचारी के हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा था।

अंतिम संस्कार के बाद केतन की बहन को हुआ था शक

इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने और जांच में तेजी लाने का एक बड़ा श्रेय केतन अग्रवाल की बहन को भी जाता है। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद जब सिया गोयल केतन के परिवार से मिलने उसके घर आई हुई थी, तब केतन की बहन को सिया के हाव-भाव और बातों पर संदेह हुआ। बातचीत के दौरान केतन की बहन ने सिया से उस हादसे और पहाड़ी से गिरने से ठीक पहले की कड़ियों को लेकर सिलसिलेवार तरीके से कई सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिया के जवाब इतने संदिग्ध थे कि बहन को भांपते देर नहीं लगी कि कुछ तो गड़बड़ है। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना जांचकर्ताओं को दी। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश शुरू की और यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

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मंगेतर को मारने के बाद सिया गोयल चली थी मातम वाला नाटक करने, इस शातिर लड़की से यहीं पर हो गई एक चूक!

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किले में हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसे शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। मंगेतर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने के बाद शातिर आरोपी लड़की सिया गोयल से जुड़ा एक और खुलासा हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस क्राइम को अंजाम देने के बाद सिया अग्रवाल परिवार के सामने मातम मनाने पहुंची थी। इसी बीच केतन की बहन की सजगता और शक ने इस पूरे नाटक का भंडाफोड़ कर दिया। इस शातिर लड़की से मातम के इस ड्रामे के दौरान ही एक ऐसी चूक हो गई जिसके बाद उसकी पूरी साजिश ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आइए जानते हैं उस मुलाकात की पूरी इनसाइड स्टोरी जिसने कातिल मंगेतर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

घर पर सांत्वना देने पहुंची थी सिया, बहन ने पकड़ ली ये बड़ी चूक

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की एक गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद लोनावला रूरल पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था क्योंकि लड़के की मंगेतर सिया ने दावा किया था कि तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन केतन की बहन इस हादसे की थ्योरी को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। केतन के अंतिम संस्कार के बाद भी उसकी बहन लगातार मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाती रही। उसे इस घटना के कई पहलू आपस में मेल खाते हुए नहीं दिख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, घटना के चार दिन बाद सिया गोयल अग्रवाल परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने और सांत्वना देने पहुंची थी। इसी मुलाकात के दौरान केतन की बहन ने उससे लोहगढ़ किले में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से और बेहद तीखे सवाल पूछे।

जब बहन ने सवाल दागना शुरू किया तो सिया के जवाबों में भारी विसंगतियां दिखने लगीं। परिवार को लगा कि सिया सीधे जवाब देने के बजाय बातों को टालने की कोशिश कर रही है। सिया की इसी घबराहट और टालमटोल ने परिवार के शक को पूरी तरह गहरा कर दिया। इसके तुरंत बाद परिवार ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया और नए सिरे से जांच की मांग की।

जून में हुडी पहनने की गलती और सीसीटीवी का सुराग

परिवार के भारी दबाव और जिद के बाद जांचकर्ताओं ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, तकनीकी सबूतों और केस से जुड़े लोगों के बयानों की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के कथित प्रेम प्रसंग का पता चला। इस पूरी मिस्ट्री को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। फुटेज में जांचकर्ताओं को जून की गर्मी के बावजूद एक शख्स हुडी पहने हुए दिखाई दिया। इस शख्स की हरकतें बेहद संदिग्ध थीं क्योंकि वह लोहगढ़ किले के आसपास लगातार केतन और सिया की गतिविधियों और मूवमेंट का पीछा कर रहा था। इस फुटेज की मदद से आखिरकार पुलिस को संदिग्ध शख्स की पहचान करने और चेतन चौधरी तक पहुंचने में बड़ी कामयाबी मिली।

परिवार का आरोप: सिया के घरवालों को सब पता था!

जांच के दौरान अग्रवाल परिवार ने सिया के परिवार पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अग्रवाल परिवार का आरोप है कि सिया के घरवाले उसके और चेतन चौधरी के अफेयर (रिश्ते) के बारे में पहले से अच्छी तरह जानते थे। इसके बावजूद उन्होंने इस बात को छुपाया और यह आश्वासन देते हुए शादी के रिश्ते को आगे बढ़ाया कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।

फेसटाइम, व्हाट्सएप और हजारों कॉल्स; ऐसे रची गई मर्डर की प्लानिंग

पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सिया का सच पूरी तरह उजागर हो गया। पुलिस ने जब सिया और चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी तरफ से मिले अस्पष्ट और विरोधाभासी जवाबों के बाद पुलिस ने शिकंजा और कस दिया। तकनीकी जांच से साफ हो गया कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी थी। पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन पिछले कई सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच ही दोनों ने फोन कॉल्स पर हजारों बार आपस में बात की थी। इसके अलावा पुलिस को उनके बीच फेसटाइम और वॉट्सऐप कॉल्स के जरिए भी लगातार और लगातार बातचीत करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी

शुरुआत में पुलिस को यह मनगढ़ंत कहानी सुनाने वाली सिया कि केतन फोटो खिंचवाने के लिए पोज देते समय खाई में गिर गया था, अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। पुलिस का साफ तौर पर आरोप है कि सिया और चेतन ने ही मिलकर केतन को पीछे से मौत के मुंह में धकेला था और बाद में इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। इस खौफनाक हत्याकांड और आपराधिक साजिश के आरोप में पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस पूरी मर्डर प्लानिंग और साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

झूठा था उसके प्यार का इजहार! एक हफ्ते पहले की सिया गोयल की ये इंस्टा पोस्ट देख कौन कहेगा कि ये मारने वाली थी मंगेतर को

सोशल मीडिया पर जो कहानी कल तक एक परफेक्ट लव स्टोरी की तरह नजर आ रही थी वो अब महाराष्ट्र के सबसे चौंकाने वाले हत्याकांडों में से एक बन चुकी है। इस वक्त पुणे के केतन अग्रवाल की मर्डर मिस्ट्री के खुलासे ने पूरे देश को चौंका कर रख दिया है। पुलिस ने केतन की हत्या के आरोप में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधर को अरेस्ट कर लिया है। पर सबसे अधिक लोगों के बीच सिया को लेकर चर्चा है। सिया ने अपने मंगेतर को मारने की साजिश रचने के दौरान प्यार का कैसा नाटक खेलकर रखा, ये लोगों को चौंका रहा है।

महीनों तक सिया गोयल का इंस्टाग्राम प्रोफाइल उसके मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ रोमांटिक पलों से गुलजार था। ड्रीम प्रपोजल, फूलों के सरप्राइज, डांस वीडियो, गले मिलने की तस्वीरें और शादी की प्लानिंग.. इन सबको देखकर कोई भी यही कहेगा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे। अब पुलिसिया जांच में जो सच सामने आया है उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। जिसे दुनिया प्यार का इजहार समझ रही थी वह असल में फरेब था और ऐसा धोखा था जिसने एक हंसते खेलते शख्स को मार डाला।

दिल को उसका घर मिल गया – सिया ने सगाई के बाद लिखी थीं ये बातें

एनडीटीनी की रिपोर्ट के मुताबिक सिया और केतन ने इसी साल फरवरी में अपनी सगाई का एलान किया था। इसके बाद दोनों के परिवारों ने नवंबर में होने वाली एक बेहद भव्य और आलीशान शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। इसमें लग्जरी वेन्यू, प्राइवेट जेट और महल जैसे फंक्शन शामिल होने वाले थे। सगाई के तुरंत बाद से ही सिया नियमित रूप से अपने इस रिश्ते का जश्न मनाते हुए तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रही थी। सगाई के एक महीने बाद सिया ने एक कैंडल-लिट केक की तस्वीर पोस्ट की और केतन को टैग करते हुए लिखा- चीयर्स टू वन मंथ सिंस माई हार्ट फाउंड इट्स होम (एक महीना पूरा होने की शुभकामनाएं, मेरे दिल को उसका घर मिल गया)।

इसी तरह मई की एक पोस्ट में केतन, सिया को एक फूल देते हुए नजर आ रहा था। सिया ने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था कि उसने मेरी पसंद को काफी सीरियसली ले लिया। इस पोस्ट के अंत में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते दिख रहे थे। सिया ने केतन की एक इंस्टाग्राम स्टोरी को भी अपने अकाउंट पर रीशेयर किया था। इसमें केतन ने सिया की तस्वीर के साथ लिखा था- दैट स्माइल और साथ में एक हार्ट इमोजी लगाया था।

वारदात से से कुछ दिन पहले ही डाला था रोमांटिक डांस वीडियो

इस पूरी कहानी का सबसे डरावना पहलू यह है कि मर्डर की इस वारदात से कुछ ही दिन पहले यानी 19 मई को सिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बर्थडे काउंटडाउन स्टोरी शेयर की थी। इस वीडियो स्टोरी में यह कपल एक रोमांटिक गाने पर एक साथ डांस करता हुआ दिखाई दे रहा था। ऐसे में किसी को क्या पता चलता था कि केतन के प्यार में डूबने का नाटक कर रही सिया तो असल में उसे मारने की प्लानिंग कर रही है।

हवा तेज थी और पैर फिसल गया – पुलिस को सुनाई झूठी कहानी

करीब एक महीने बाद ही यह लव स्टोरी एक खौफनाक त्रासदी में बदल गई। पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक गहरी घाटी में गिरने से केतन की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने इस घटना को एक हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की। उसने लोनावला रूरल पुलिस को बताया कि जब वे दोनों तेज हवाओं के बीच तस्वीरें ले रहे थे तब केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह नीचे गिर गया। सिया के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया था।

ऐसे खुला राज: बेकरी मालकिन और ड्राई फ्रूट कारोबारी का लव अफेयर

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को जल्द ही सिया की कहानी पर शक हो गया और जब उन्होंने गहराई से तफ्तीश की तो सोशल मीडिया के पीछे छिपी एक बिल्कुल अलग और काली हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने पाया कि सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ गुप्त प्रेम प्रसंग चल रहा था। सिया की खुद की एक बेकरी है जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) के बिजनेस से जुड़ा हुआ है। दोनों की मुलाकात पिछले साल एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी और नवंबर 2025 से ही उनका यह रिश्ता शुरू हो गया था। मजे की बात यह है कि जब सिया का परिवार केतन के साथ उसकी शादी की तैयारियों में आगे बढ़ रहा था तब भी वह चेतन के साथ रिलेशनशिप में थी। पुलिस के मुताबिक चेतन इस सगाई से बिल्कुल खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा समझता था। इसी वजह से इन दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रच डाली।

7 महीने में 2004 कॉल्स, हुडी पहनकर किया था पीछा

पुलिस के मुताबिक सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किला चलने के लिए राजी किया। योजना के मुताबिक चेतन भी उनके पीछे-पीछे किले तक पहुंच गया और उनसे करीब 20 से 30 फीट की दूरी बनाकर उनके पीछे चलने लगा। ट्रेकिंग रूट के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक हुडी पहन रखी थी और वह लगातार इस कपल को ट्रैक कर रहा था। लिस का आरोप है कि जैसे ही वे दोनों एक उपयुक्त और सुनसान जगह पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से गहरी खाई में धकेल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच लगातार बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले सात महीनों के दौरान सिया और चेतन ने आपस में कुल 2004 फोन कॉल्स किए थे और दोनों ने फोन पर लगभग 238 घंटे बात की थी।

दोनों आरोपी भेजे गए 7 दिन की पुलिस कस्टडी में

इन पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। फिलहाल जांचकर्ता सबूतों की कड़ियों को जोड़ने और केतन की मौत के समय के पूरे घटनाक्रम को रीकंस्ट्रक्ट करने में जुटे हैं।

3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के केस ने देश में इस वक्त सुर्खियां बंटोर रखी हैं। इस हत्या का आरोप केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर लगा है। इस हत्याकांड की एक से एक खौफनाक कहानी सामने आ रही है जो बता रही है कि सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए कितनी शातिर चालें चलीं। अबतक इस पूरे मामले में गहरी प्लानिंग और कई बार नाकाम हुए मर्डर प्लैन्स की एक बेहद खौफनाक कहानी के रूप में सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार कोशिशें की थीं। अंततः 18 जून को वे लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में केतन को धकेलकर मार डालने में कामयाब रहे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में टीओआई के हवाले से बताया गया है कि सिया और चेतन की यह जोड़ी लगातार सही परिस्थितियों और सही जगह की तलाश में थी। जब भी योजना के मुताबिक चीजें नहीं होती थीं तो वे अपने कदम पीछे खींच लेते थे। आइए जानते हैं 3 बार फेल हुई उस साजिश की पूरी कहानी जिसका अंत चौथी बार में केतन की मौत के साथ हुआ।

पहली कोशिश (31 मई): सांप का बहाना बनाकर बची आरोपी

पुलिस और केतन के परिवार द्वारा दिए गए बयानों के मुताबिक हत्या की पहली कोशिश 31 मई को लोहगढ़ किले की एक पिछली यात्रा के दौरान की गई थी। सिया ने कथित तौर पर केतन को एक पहाड़ी के किनारे के पास धक्का दे दिया था। यह प्लान फेल हो गया क्योंकि केतन ने पास की ही एक झाड़ी को पकड़ लिया और खुद को नीचे गिरने से बचा लिया। इस जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सिया ने तुरंत एक कहानी गढ़ी। उसने केतन से कहा कि उसने उसे एक सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन ने इसको सच मान लिया और उसे किसी साजिश का शक नहीं हुआ।

दूसरी कोशिश (4 जून): मां के डर ने फेरा पानी

पुलिस के मुताबिक, हत्या की दूसरी कोशिश 4 जून को पूरी तरह असफल साबित हुई। 31 मई की घटना के सदमे और डर से केतन की मां अभी भी उबर नहीं पाई थीं। इसी वजह से उन्होंने केतन को दोबारा उस किले पर जाने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया जिससे आरोपियों का प्लान धरा का धरा रह गया।

बाली ट्रिप का सस्पेंस: गायब कर दिया पासपोर्ट

इस जोड़ी द्वारा केतन को रास्ते से हटाने की कोशिशों के बीच एक ऐसी घटना भी हुई जिसने परिवार के मन में संदेह पैदा कर दिया। केतन और सिया को प्री-वेडिंग फोटो शूट के लिए 6 जून को बाली रवाना होना था। इस बीच केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो जाने के कारण यह ट्रिप अचानक रद्द करनी पड़ी। सिया ने दावा किया कि पासपोर्ट उससे कहीं गुम हो गया है। इसके चलते केतन, सिया और सिया के भाई-बहनों को इस यात्रा का विचार छोड़ना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट को छिपाया या नष्ट किया था ताकि वे इस ट्रिप पर न जा सकें।

तीसरी कोशिश (14 जून): रविवार की भारी भीड़ बनी रुकावट

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी 14 जून को एक बार फिर केतन को जान से मारने के इरादे से लोहगढ़ किला पहुंचे थे। उस दिन रविवार था, इसलिए इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर भारी भीड़ मौजूद थी। इतनी भीड़ के बीच पकड़े जाने के डर से उन्हें अपना प्लान एक बार फिर छोड़ना पड़ा।

चौथी कोशिश (18 जून): गर्मियों में हुडी पहने घूम रहा था कातिल और…

तीन नाकाम कोशिशों के ठीक चार दिन बाद, सिया और उसके पार्टनर चेतन ने तय किया कि अब सही समय आ गया है। सिया ने केतन को अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने दोबारा लोहगढ़ किला चलने के लिए मना लिया। रिपोर्ट के मुताबिक केतन के पिता ने बताया कि केतन ने असल में एक रिसॉर्ट में सेलिब्रेशन का प्लान बनाया था लेकिन सिया किले पर जाने की जिद पर अड़ी रही और उसने केतन को मनाने के लिए उसके परिवार की भी मदद ली।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया का प्रेमी चेतन चौधरी अलग से ट्रेवल करके किले पर पहुंचा और इस कपल का पीछा करने लगा। बाद में सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स गर्मियों की तेज धूप के बावजूद हुडी पहने उनका पीछा करते हुए कैद हो गया। इसी सुराग ने पुलिस को इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही ये तीनों एक अपेक्षाकृत सुनसान और एकांत रास्ते पर पहुंचे, केतन पर हमला किया गया और उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में नीचे धकेल दिया गया।

हादसे की कहानी पर परिवार को क्यों हुआ शक?

घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तस्वीरें लेने के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद इसे दुर्घटना से हुई मौत के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन केतन का परिवार इस थ्योरी को स्वीकार करने के लिए कतई तैयार नहीं था। उन्होंने पुलिस के सामने पॉइंट आउट किया कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह इस तरह छोटी सी लापरवाही से नहीं गिर सकता। परिवार की इसी जिद और दबाव के कारण पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो अंततः सिया और चेतन के कथित रिश्ते का सच और केतन की मौत के पीछे की यह खौफनाक क्रोनोलॉजी सामने आ गई।

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एक्सीडेंट नहीं थी केतन अग्रवाल की मौत…प्रेमी के लिए मंगेतर ने दिया गहरी खाई में धक्का, पुणे हत्याकांड में बड़ा खुलासा

पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल पर अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। शुरुआत में ये घटना एक एक्सीडेंट माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया है। शादी से पहले हुई इस घटना ने दोनों परिवारों की खुशियों को गहरे सदमे में बदल दिया है। लोनावाला रूरल पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की फरवरी में सगाई हुई थी और दोनों इसी साल नवंबर में शादी करने वाले थे। 18 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग करने गए थे।

सिया ने पुलिस को बताया था कि, सुबह करीब 10:30 बजे फोटो खिंचवाने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, मामले की गहराई से जांच करने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ये कोई हादसा नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई हत्या थी।

पुलिस जांच में सामने आया ये सच

पुलिस जांच में सामने आया कि, सिया गोयल कथित तौर पर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। अधिकारियों का दावा है कि इसी वजह से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर एक योजना बनाई। पुणे रूरल के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा, “18 जून 2026 को सिया गोयल और केतन अग्रवाल, जिनकी फरवरी में सगाई हुई थी, ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे। सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच सिया गोयल ने फोन कर जानकारी दी कि केतन अग्रवाल किले से फिसलकर नीचे गिर गए हैं, जिससे उनकी मौत हो गई।”

उन्होंने आगे कहा, “गोपनीय सूचनाओं, गवाहों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में पता चला कि सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी, जो करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे ने कथित तौर पर इस घटना की योजना बनाई थी। पुलिस का मानना है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का दिया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।”

पांच दिन पहले रची थी हत्या की साजिश

पुणे रूरल पुलिस सूत्रों के अनुसार, “केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश पांच दिन पहले भी रची गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले भी केतन की मौत को हादसे का रूप देने की कोशिश कर चुके थे। 31 मई को जब सिया और केतन पहली बार लोहागढ़ किले गए थे, तभी कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई थी। इसके बाद 14 जून को सिया और उसके सहयोगी केतन को फिर लोहागढ़ ले गए और सांप के हमले का डर दिखाकर उसे घाटी में धक्का देने की कोशिश की, लेकिन ये प्रयास भी नाकाम रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने 19 जून के लिए एक नई योजना तैयार की थी।

सिया के जन्मदिन को खास बनाना चाहते थे केतन

परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि, शादी से पहले केतन अग्रवाल और सिया गोयल बाली घूमने जाने वाले थे, लेकिन सिया ने कथित तौर पर ये कहकर ट्रिप कैंसिल कर दी कि उसका पासपोर्ट खो गया है। पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि केतन ने सिया के जन्मदिन को खास बनाने के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में कार्यक्रम की योजना बनाई थी और इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए थे। वहीं, सिया ने लोहागढ़ किले में प्री-वेडिंग फोटोशूट कराने की योजना बनाई थी। पुलिस को ये भी संदेह है कि सिया ने नाश्ते के लिए एक होटल में रुकने के दौरान वहां के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था।

नंवबर में होने वाली थी शादी

केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में धूमधाम से होने वाली थी। दोनों परिवार इस आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए थे और इसे बेहद भव्य बनाने की योजना बनाई गई थी। जानकारी के अनुसार, शादी के लिए जयपुर में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आलीशान पैलेस बुक किया गया था। इसके अलावा मेहमानों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए 2 निजी विमानों की भी व्यवस्था की गई थी।