Jensen Huang: ट्रंप ने लाइव पैनल में Nvidia CEO को लगाया फोन, बोले- ‘अगले 25 साल का तेल हैं डेटा सेंटर’

Jensen Huang News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (14 सितंबर) को उस वक्त सबको चौंका दिया, जब उन्होंने एक लाइव पैनल चर्चा के दौरान अमेरिका की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग को फोन कर दिया। लॉस एंजिल्स में आयोजित All-In समिट में हुआ यह फोन कॉल चर्चा का प्रमुख आकर्षण बन गया। बातचीत के दौरान ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं को खारिज करते हुए इसे एक तरह का ‘होक्स’ यानी झूठा डर बताया।

पैनल चर्चा के दौरान हुआ यह फोन कॉल ऐसे समय में आया है, जब AI के तेजी से विकास और इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर टेक इंडस्ट्री में बहस तेज है। कुछ एक्सपर्ट और AI कंपनियों के कर्मचारी विकास की रफ्तार धीमी करने की मांग कर रहे हैं।

AI की रफ्तार धीमी करने की मांग पर ट्रंप ने उठाए सवाल

फोन पर ट्रंप ने AI के विकास की रफ्तार कम करने की कोशिशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि AI को धीमा करने की कोशिश के पीछे राजनीतिक हित हो सकते हैं या फिर यह चीन के हित में जा सकता है। ट्रंप ने इस बहस को लेकर कहा कि AI के विकास को रोकने की कोशिश उन लोगों के हाथ मजबूत कर रही है, जो इसे आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते। Nvidia CEO ने भी ट्रंप की बात से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस जटिल मुद्दे को सही तरीके से समझा है।

AI सुरक्षा को लेकर चिंता जताने वाले रिसर्चर की भी तारीफ

दिलचस्प बात यह रही कि AI के खतरों को लेकर चिंता जताने वाले लोगों की आलोचना के बावजूद Huang ने Anthropic के उस रिसर्चर की तारीफ की, जिसने इन चिंताओं के कारण कंपनी से इस्तीफा दिया। Anthropic के रिसर्चर जेकब कॉक्सन ने AI के संभावित खतरों को लेकर चिंता जताते हुए कंपनी छोड़ दी थी। Huang ने उन्हें अपनी चिंताओं को सामने रखने के लिए साहसी बताया। उन्होंने कहा कि कंपनियों के भीतर व्हिसलब्लोअर्स यानी गंभीर मुद्दों की जानकारी सामने लाने वाले कर्मचारियों की बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हालांकि Huang ने यह भी कहा कि मौजूदा बहस ने AI को लेकर एक गलत विकल्प खड़ा कर दिया है। जैसे या तो तेजी से AI का विकास किया जाए या फिर AI की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनके मुताबिक दोनों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।

AI को लेकर टेक इंडस्ट्री में बढ़ी बहस

AI के मानवता के लिए संभावित खतरे को लेकर हाल के दिनों में चर्चा काफी तेज हुई है। जेकब कॉक्सन के इस्तीफे के बाद यह बहस और बढ़ गई। Coxon ने आरोप लगाया था कि Anthropic और OpenAI AI को लेकर ऐसे प्रयोग कर रहे हैं, जिनके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

इसके बाद Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने शनिवार को करीब 3,800 शब्दों का एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें AI के विकास की गति को नियंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस विचार का समर्थन OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन और SpaceX CEO एलॉन मस्क ने भी किया।

AI खर्च धीमा होने की आशंका से टेक शेयरों में गिरावट

AI को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सोमवार को टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को आशंका है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च भविष्य में धीमा पड़ सकता है। दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Nvidia के शेयरों में सोमवार को 3.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Nvidia के चिप्स का इस्तेमाल AI मॉडल को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से कंपनी को जबरदस्त फायदा मिला है।

डेटा सेंटर निर्माण के बड़े समर्थक हैं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अमेरिका में नए डेटा सेंटर बनाने की वकालत करते रहे हैं। हालांकि कई अमेरिकी राज्यों में डेटा सेंटर परियोजनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और परमिट से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। ट्रंप ने उन अमेरिकी राज्यों की आलोचना की, जो नए डेटा सेंटर बनाने के लिए परमिट देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर लोगों और राज्यों के लिए बड़ी संपत्ति और कमाई का जरिया बन सकते हैं।

‘अगले 20-25 साल का तेल हैं डेटा सेंटर’

ट्रंप ने डेटा सेंटर की अहमियत बताते हुए कहा कि ये आने वाले दशकों में अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने डेटा सेंटर को अगले 20 से 25 वर्षों का तेल करारा देते हुए कहा कि इसका महत्व इंटरनेट से भी बड़ा हो सकता है। AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। AI मॉडल को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिसके लिए बड़े और अत्याधुनिक डेटा सेंटर जरूरी हैं।

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AI की सुस्त रफ्तार पर तेज गिरावट, 13% टूट गया SoftBank का शेयर, ये है कनेक्शन

सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह करीब तीन महीने में सबसे तेज स्पीड से नीचे फिसल गया। यह दबाव ऐसे समय में आया है, जब एंथ्रॉपिक पीबीसी (Anthropic PBC) और चैटजीपीटी (ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने डेवलपर्स से सुरक्षा कारणों से एआई डेवलपमेंट की स्पीड सुस्त करने को कहा है। इसके चलते जापान के टेक इंवेस्टर सॉफ्टबैंक (SoftBank) को लेकर मार्केट की चिंता बढ़ गई और धड़ाधड़ इसके शेयरों की बिक्री बढ़ गई। जापान के मार्केट में इसके शेयर आज सोमवार 14 सितंबर को 13% से अधिक टूट गए जोकि जून के आखिरी दिनों के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी गिरावट है।

SoftBank को क्यों लगा झटका

एआई की रफ्तार सुस्त करने की अपील ने सॉफ्टबैंक के शेयरों को तगड़ा झटका दिया है। इसकी वजह ये है कि एआई इंडस्ट्री में निवेश के लिए सॉफ्टबैंक लगातार ताबड़तोड़ कर्ज ले रहा है और यह ओपनएआई के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार है। इसमें सॉफ्टबैंक का कुल निवेश अक्टूबर तक करीब $6.5 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि सॉफ्टबैंक के फाउंडर मासायोशी सोन (Masayoshi Son) के एआई की संभावनाओं पर अत्यधिक भरोसे को लेकर अब निवेशक चिंता जता रहे हैं। मासायोशी ने अरबों डॉलर के कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, लेकिन रेवेन्यू कितना मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने ‘एआई बबल’ की आशंकाओं को खारिज कर दिया है लेकिन इस आक्रामक रणनीति के चलते सॉफ्टबैंक भारी-भरकम वोलैटिलिटी के रिस्क में आ गई है।

क्या है सॉफ्टबैंक की योजना?

सॉफ्टबैंक की योजना ¥1 ट्रिलियन ($6.5 बिलियन) यानी ₹62 हजार करोड़ से अधिक के रिटेल बॉन्ड जारी करने की है। इसके अलावा ओपनएआई के शेयरों से जुड़े करीब $1000 करोड़ के लोन हासिल करने की है। यह एबीबी रोबोटिक्स और डिजिटलब्रिज जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए फंड जुटा रही है। सॉफ्टबैंक की योजना दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने की भी है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

AI बेकाबू! Dario Amodei, Sam Altman और Elon Musk आए साथ; ग्रोथ की रफ्तार सुस्त करने पर राजी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसी इंडस्ट्री की एक दिग्गज कंपनी एंथ्रॉपिक (Anthropic) के सीईओ डेरियो एमोडेई (Dario Amodei) इसकी रफ्तार कम करने की वकालत कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम आल्टमैन (Sam Altman) और टेस्ला (Tesla) के मालिक एलॉन मस्क (Elon Musk) से सपोर्ट मिला है। डेरियो का कहना है कि एआई डेवलपमेंट की रफ्तार सुस्त करनी होगी ताकि भविष्य में इंसानों का एडवांस्ड एआई सिस्टम्स पर नियंत्रण न खो जाए। एमोडेई ने ये बातें ऐसे समय में कही है जब कई टेक एक्सपर्ट्स एआई के अनियंत्रित विकास और इस्तेमाल को लेकर चिंता जता चुके हैं।

क्या कहना है Anthropic के Dario Amodei का

एमोडेई ने एआई के खतरों को लेकर एक निबंध लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि एआई जिंदगी की क्वालिटी में काफी सुधार कर सकता है, लेकिन इसमें बड़े खतरे भी हैं। उनका कहना है कि एआई की रफ्तार सुस्त करनी ही होगी और अगर इसकी ग्रोथ बिना कंट्रोल के जारी रही तो एक ऐसा समय भी आ सकता है कि जब इंसानों की इस पर नियंत्रण की क्षमता पीछे रह जाए।

एमोडेई ने X (पूर्व नाम Twitter) पर लिखा है कि एआई इंडस्ट्री की रफ्तार सुस्त क्यों होनी चाहिए और ऐसा करने के लिए तीन चरण की योजना भी पेश की है, जिसमें से पहले चरण को एंथ्रॉपिक ने एकतरफा तौर पर अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है। एमोडेई का कहना है कि एंथ्रॉपिक थर्ड पार्टी एवैल्युएटर्स को अपने सिस्टम तक स्थायी एंप्लॉयी के लेवल का एक्सेस देगी, ताकि वे सेफ्टी की जांच कर सकें, घटनाओं की जानकारी दे सकें और ट्रेनिंग के दौरान एआई मॉडल के अलाइनमेंट का आकलन कर सकें।

किस कारण जता रहे खतरा

एमोडेई का कहना है कि उन्होंने 12 साल से एआई पर इसलिए काम किया क्योंकि उनका मानना है कि यह इंसानों की जिंदगी बेहतर कर सकता है और अगले पांच साल में यह बड़ी अधिकतर बीमारियों का इलाज कर सकता है, आर्थिक विकास तेज कर सकता है तो लोकतंत्र और सशक्तिकरण के नए दौर की शुरुआत कर सकता है। हालांकि अब उन्होंने चेतावनी दी है कि बाकी शक्तिशाली तकनीकों की तरह एआई के साथ भी गंभीर खतरे जुड़े हैं हुए हैं जैसे कि एआई सिस्टम पर नियंत्रण खत्म हो जाए या साइबर हमले और आतंकी हरकतों के लिए इसका गलत इस्तेमाल और आर्थिक अस्थिरता। एमोडेई का मानना है कि कमर्शियल तौर पर कॉम्पटीशन से ये रिस्क बढ़ सकते हैं।

उन्होंने इससे जुड़े खतरे को लेकर ओपनएआई और हगिंग फेस से जुड़े एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एआई एजेंट्स के एक ग्रुप ने उन टारगेट पर अटैक किया, जिसके लिए निर्देश ही नहीं दिया गया था। एमोडेई का कहना है कि से ऐसे ग्रुप पूरे इंटरनेट पर कब्जा भी कर सकते हैं।

क्या कहना है Tesla के Elon Musk और OpenAI के Sam Altman का

सैम आल्टमैन ने एमोडेई का सपोर्ट करते हुए कहा कि ओपनएआई में भी पिछले कुछ हफ्ते फ्रंटियर एआई के डेवलपमेंट की रफ्तार सुस्त करने पर चर्चा हुई। उन्होंने एमोडेई के थर्ड पार्टी एवैल्युएटर्स को एंप्लॉयी जैसा एक्सेस देने के आइडिया का सपोर्ट किया और कहा कि ओपनएआई में भी ऐसा होगा। एलॉन मस्क ने भी एमोडेई का सपोर्ट करते हुआ कहा कि डेरियो सही हैं।

 

भिड़े OpenAI और SpaceX, इस कारण टूटने जा रहा एआई सर्विसेज का कॉन्ट्रैक्ट

OpanAI vs SpaceX: चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई और एलॉन मस्क (Elon Musk) के स्पेसएक्स (SpaceX) के बीच की साझेदारी खत्म हो सकती है। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ओपनएआई स्पेसएक्स के कोडिंग-टूल कंपनी कर्सर (Cursor) को एआई मॉडल की उपलब्धता बंद करने की योजना बना रही है। इस कदम से ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एलॉन मस्क के बीच लंबे समय से चल रही कड़वाहट भरी टक्कर और बढ़ गई है। बता दें कि जून में स्पेसएक्स ने कर्सर बनाने वाले स्टार्टअप एनीस्फीयर (Anysphere) को $6 हजार करोड़ की ऑल-स्टॉक डील में खरीदने का ऐलान किया था और इस महीने की शुरुआत में यह अधिग्रहण पूरा हो गया।

OpanAI vs SpaceX: Cusror को क्यों बंद होगी सर्विसेज?

ओपनएआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि कर्सर को एआई मॉडल नहीं देने का फैसला इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि स्पेसएक्स उनकी तकनीक का इस्तेमाल तय शर्तों के अनुसार करेगा। ओपनएआई ने यह भरोसा नहीं होने की वजह एलॉन मस्क की कंपनियों का ओपनएआई के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट्स की शर्तों के उल्लंघन के लंबे अनुभव को बताया। वहीं इस मामले को लेकर कर्सर के को-फाउंडर माइकल ट्रुएल (Michael Truell) का कहना है कि वह ओपनएआई के शुरुआती यूजर्स में से एक है और अब इसके साथ मौजूदा मुद्दे को सुलझाने के लिए वहीं ओपनएआई की टीम से बातचीत कर रहे हैं।

ओपनएआई का कहना है कि स्पेसएक्स जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम करने के लिए खास कॉन्ट्रैक्ट्स होता है और इसमें यह तय किया जाता है कि तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सुरक्षा के साथ किया जाए। ओपनएआई के मुताबिक कर्सर को उसकी सर्विसेज 12 नवंबर 2026 तक बंद की जा सकती है। ओपनएआई का कहना है कि कर्सर के साथ कॉन्ट्रैक्ट में स्वामित्व में बदलाव के बादसीमित समय में कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अधिकार मिल गया है।

Elon Musk vs Sam Altman: लंबा है टकराव

एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच कई वर्षों से टकराव चल रही है, और यह कोर्ट केस तक पहुंच गया। सुनवाई के दौरान मस्क के वकील ने कहा था कि मस्क और दूसरे गवाहों ने ऑल्टमैन के झूठे होने की गवाही दी है तो ओपनएआई का कहना था कि मस्क कंपनी पर कंट्रोल चाहते थे।

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क ने ओपनएआई पर $15 हजार करोड़ का मुकदमा किया था। मस्क ने कंपनी और ऑल्टमैन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने फायदे के लिए कंपनी के मूल नॉन-प्रॉफिट मिशन से धोखाधड़ी करके एक चैरिटी को हड़प लिया। इस साल की शुरुआत में एक फेडरल जूरी ने मस्क के खिलाफ फैसला सुनाया और कहा कि उन्होंने बहुत देर से केस फाइल किया था।

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SpaceX आया रिकॉर्ड हाई से 50% नीचे, इस कारण कमजोर हो रहा Elon Musk का शेयर

Elon Musk’s SpaceX Big Fall: एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी स्पेसएक्स ने स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री की। इसने निवेशकों को मालामाल कर दिया और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क और अमीर हो गए और वह दुनिया के इकलौते ट्रिलेनियनर यानी कि एक ट्रिलियन डॉलर यानी $1 लाख करोड़ की दौलत वाले शख्स बन गए। हालांकि अब स्पेसएक्स के शेयरों की भारी गिरावट ने मस्क की दौलत गिरा दी और अब वह ट्रिलेनियनर नहीं रह गए। 24 जुलाई को एलॉन मस्क ने X (पूर्व नाम Twitter) पर मजाकिया अंदाज में लिखा, पूर्व ट्रिलेनियर।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को $135 के भाव पर जारी हुए थे। 12 जून को मार्केट में इसकी $150 के भाव पर एंट्री हुई थी और पहले ही कारोबारी दिन $176.52 के हाई पर पहुंचने के बाद $160.95 के भाव पर बंद हुआ। इसके दो ही दिन बाद 16 जून को यह $225.64 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था लेकिन अब नास्डाक पर यह $113.50 पर यानी कि हाई लेवल से यह 49.70% नीचे आ चुका है। वैसे इसका रिकॉर्ड निचला स्तर $108.66 है जो इसने 27 जुलाई को इंट्रा-डे में छुआ।

क्यों टूट रहा SpaceX का शेयर?

स्पेसएक्स के आईपीओ फाइलिंग में सामने आया था कि कंपनी कितना खर्च कर रही है और इसका टारगेट क्या है। अब जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे से लेटेस्ट तस्वीर सामने आई है जैसे कि कंपनी को जून तिमाही में करीब $430 करोड़ का नेट लॉस हुआ, $470 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ, कैपिटल एक्सपेंडिचर $1010 करोड़ रहा जिसमें से $772 करोड़ सिर्फ एआई पर खर्च हुए। जब शेयर चढ़ रहे थे तो निवेशकों ने इन खर्चों पर ध्यान नहीं दिया और इसे एलॉन मस्क के उस अनुमान से भी सपोर्ट मिला जिसमें उन्होंने कहा था कि साल 2030 के आखिरी तक स्पेसएक्स सालाना $1 ट्रिलियन रेवेन्यू हासिल कर सकती है जोकि साल 2025 के $1870 करोड़ के रेवेन्यू से 50 गुना से भी अधिक है।

हालांकि निवेशक अब इसके खर्चों पर ध्यान दे रहे हैं जिसके चलते शेयरों पर दबाव दिखा। इसके अलावा स्टारशिप की 13वीं टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से इसके मार्केट कैप में करीब $10 हजार करोड़ की गिरावट आई। स्पेसएक्स के लिए स्टारशिप काफी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, क्योंकि इसी से कंपनी की भविष्य की एआई और मंगल ग्रह से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अब आगे कैसी रहेगी चाल?

निवेशकों की नजरें अब 4 अगस्त को आने वाले स्पेसएक्स के कारोबारी नतीजे पर हैं। यह पहली बार होगा, जब एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी के तौर पर यह अपना रिजल्ट पेश करेगी। इसके अवावा 6 अगस्त को लॉक-अप एक्सपायरी होने को लेकर भी निवेशकों की नजर है। लॉक-अप एक्सपायरी से लाखों शेयर मार्केट में आ सकते हैं तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

ट्रेडिंगकी की रिपोर्ट के मुताबिक इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स ने 12 महीने के लिए इसका औसत टारगेट प्राइस $235.18 तय किया है। एनालिस्ट्स के मुताबिक हाइएस्ट टारगेट प्राइस $800 और लोएस्ट टारगेट $115 का है। स्पेसएक्स में शुरुआती दौर में निवेश करने वाले और Atreides Management के सीआईओ गैविन बेकर ने सीएनबीसी पर कहा कि उन्हें कोई चिंता नहीं है, क्योंकि आईपीओ के बाद शुरुआती दौर में गिरावट सामान्य बात है।

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दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर यानी $1 लाख करोड़ से अधिक दौलत वाले शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों की गिरावट से तगड़ा शॉक लगा। इनकी गिरावट से मस्क की दौलत से हजारों करोड़ डॉलर साफ हो गए। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर एआई और स्पेस से जुड़ी हाई-ग्रोथ कंपनियों को लेकर मार्केट की सोच में बड़े बदलाव का संकेत। टेस्ला का शेयर दिसंबर 2025 में एक साल के हाई $498.83 से करीब 21% टूटकर करीब $393 पर है। वहीं अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के बाद 12 जून को नास्डाक पर लिस्ट हुई स्पेसएक्स $225.64 के रिकॉर्ड हाई से करीब 30% टूटकर अब $157-158 के करीब आ चुका है। इस गिरावट के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ स्पेसएक्स की लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने $1.45 ट्रिलियन के रिकॉर्ड हाई से घटकर $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई है।

प्रॉफिट बुकिंग है या गहरी गिरावट?

वेस्टेड फाइनेंस के सीईओ और फाउंडर विक्रम शाह का मानना है कि टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट की दोनों वजहें हैं- प्रॉफिट बुकिंग और गहरी गिरावट। शेयरों की तेज रैली के बाद निवेशकों ने पैसा निकाला शुरू किया तो इस पर दबाव पड़ा। इसके अलावा मार्केट ने अब एआई और स्पेस इकॉनमी से जुड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन फिर से करना शुरू किया है। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैल्यूएशन आखिर कहां स्थिर होंगे।

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स के सिर्फ शेयर ही टूटे हैं, बिजनेस के स्तर पर अभी भी ज्यादा कुछ नहीं टूटा है। उन्होंने जिक्र किया कि टेस्ला ने अभी हाल में अपना सबसे मजबूत तिमाही डिलीवरी आंकड़ा पेश किया है, फिर भी शेयर टूटे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि निवेशक अभी कंपनी के इलेक्ट्रिक वेईकल बिजनेस की बजाय उसके लंबे समय के ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटैक्सी विजन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्पेसएक्स की स्थिति भी ऐसी ही है। स्टारलिंक लगातार प्रॉफिटेबल तरीके से बढ़ रहा है और कंपनी का लॉन्च बिजनेस भी विस्तार कर रहा है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग शुरुआती तेजी के बाद शेयरों पर दबाव आया है।

क्या करना चाहिए भारतीय निवेशकों को?

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट खरीदें या बेचें, फैसले जितना साधारण नहीं है बल्कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो एलोकेशन और निवेश के लॉन्ग-टर्म गोल्स पर फोकस करना चाहिए। उनका कहना है कि एआई और स्पेस में 5–10 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो कुछ हफ्तों की गिरावट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को यह भी देखने की सलाह दी है कि कहीं इन शेयरों में उनका एक्सपोजर पहले की तेजी के कारण जरूरत से ज्यादा तो नहीं हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय निवेशकों को बिना सोचे-समझे नई लिस्ट हुई हाई-वैल्यू अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने से सावधान किया। उनका मानना है कि अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश इतना छोटा होना चाहिए कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से पूरा पोर्टफोलियो प्रभावित न हो।

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SpaceX Shares: तीन दिनों में ₹56 लाख करोड़ स्वाहा, Elon Musk की स्पेस एक्स तीसरे दिन धड़ाम, 16% की भारी गिरावट

SpaceX Shares: अमेरिकी स्टॉक मार्केट में नैस्डैक (Nasdaq) पर धांसू एंट्री के बाद एलॉन मस्क (Elon Musk) की स्पेसएक्स की रफ्तार अब सुस्त पड़ती दिख रही है। लगातार तीसरे दिन सोमवार 22 जून को इसके शेयर धड़ाम हुए और सोमवार को तो यह 16% टूट गया। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बिकवाली के चलते निवेशकों की दौलत तेजी से नीचे आई और लगातार तीन कारोबारी दिनों में शेयरों में 23% से अधिक गिरावट के चलते निवेशकों की दौलत करीब $60 हजार करोड़ यानी ₹56 लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। स्पेसएक्स के शेयर 22 जून को नैस्डैक पर 16.43% की गिरावट के साथ $154.60 पर बंद हुए। 12 जून को इसकी मार्केट में एंट्री हुई थी और 16 जून को इसने $225.64 का रिकॉर्ड हाई छुआ था। इसके अगले ही दिन 17 जून से लाल होना शुरू हो गया। कुछ समय के लिए मार्केट कैप के मामले में इसने एमेजॉन (Amazon) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को भी पीछे छोड़ दिया था।

क्यों आया SpaceX के शेयरों पर दबाव

स्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले से निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी अपने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोजेक्ट्स के विस्तार के लिए निवेश-ग्रेड बॉन्ड जारी करके कम से कम $2 हजार करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि स्पेसएक्स ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसकी योजना कितना फंड जुटाने की है। इसके अलावा मास्पेसएक्स के पहली बार डेट मार्केट में उतरने के फैसले ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव डाला। के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट Michael O’Rourke का कहना है कि अधिकतर निवेशक जो इस शेयर में निवेश करना चाहते थे, उन्होंने लिस्टिंग के तुरंत बाद ही खरीदारी कर ली थी, जिससे सेलर्स को प्राइस एक्शन पर अधिक कंट्रोल मिल गया।

बनी हुई है खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी

गिरावट के बावजूद रिटेल इंवेस्टर्स की स्पेसएक्स में दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों में से सिर्फ 4.2% शेयर ही ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं, क्योंकि मौजूदा शेयरहोल्डर्स पर लॉक-अप प्रतिबंध लागू हैं। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक वांडा रिसर्च के आंकड़ों से सामने आया है कि लिस्ट होने के बाद शुरुआती पांच कारोबारी दिनों में इंडिविजुअल इंवेस्टर्स ने स्पेस एक्स के $40.5 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। यह निवेश इन पांच दिनों में सात बड़ी टेक कंपनियों में कुल रिटेल इंवेस्टमेंट से भी अधिक रही। सोमवार को शेयर भाव में गिरावट के दौरान भी खुदरा निवेशकों ने शेयर खरीदे, लेकिन मांग पहले की तुलना में कमजोर रही।

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।