Lohia Corp IPO: जानिए दूसरे दिन इश्यू को कितना रिस्पॉन्स, कितना चल रहा जीएमपी

लोहिया कॉर्प के आईपीओ का आज दूसरा दिन है। अब तक इश्यू में निवेशकों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। 24 जुलाई को दोपहर से पहले तक यह इश्यू करीब 45 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। यह जानकारी एनएसई के डेटा पर आधारित है। कंपनी इश्यू से 1,101.28 करोड़ रुपये जुटाने वाली है।

Lohia Corp आईपीओ में ऑफर फॉर सेल के जरिए 1,43,52,274 शेयर बेचेगी। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में यह इश्यू 84 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 43 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) की कैटेगरी में 19 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है।

लोहिया कॉर्प ने आईपीओ में प्रति शेयर 405-425 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इनवेस्टर गेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, लोहिया कॉर्प के शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 15 रुपये चल रहा है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर शेयर की लिस्टिंग 3.5 फीसदी प्रीमियम के साथ हो सकती है।

इस इश्यू में कम से कम शेयरों के लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 35 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर निवेशक के कम से कम 14,875 रुपये का निवेश करना होगा। एक इनवेस्टर मैक्सिमम शेयरों के 13 लॉट के लिए निवेश कर सकता है। FY26 में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी की कुल इनकम 25.3 फीसदी बढ़कर 1,737.87 करोड़ रुपये रही।

आईपीओ में बोली लगाने वाले निवेशकों को शेयर का एलॉटमेंट 28 जुलाई को हो जाने की संभावना है। कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर 30 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं। शेयर बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। यह कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाती है। यह कानपुर की कंपनी है। इस साल 31 मार्च को कंपनी का कुल एसेट्स 1,304.66 करोड़ रुपये का था।

यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। इस हफ्ते बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें दिन गिरकर बंद हुए। निफ्टी 0.43 फीसदी यानी 102 अंक गिरकर 23,767 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.43 फीसदी यानी 331 अंक की कमजोरी के साथ 76,059 पर बंद हुआ। इसकी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है।

Sotefin IPO Listing: ढहते मार्केट में अपर सर्किट, ₹187 के शेयरों ने लिस्टिंग पर मचाया धमाल

Sotefin IPO Listing: ऑटोमेटेड कार पार्किंग सिस्टम कंपनी सोटेफिन भारत के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹187 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹205.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 9.63% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹215.25 (Sotefin Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 15.11% मुनाफे में हैं।

Sotefin Bharat IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सोटेफिन भारत का ₹90 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-20 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.82 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.78 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 48 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.13 करोड़ कोलकाता में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹8.17 करोड़ प्रस्तावित नए ऑफिस प्रेमिसेज की जरूरतों, ₹40.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Sotefin के बारे में

सोफेटिन भारत मैकेनाइज्ड और ऑटोमेटेड पार्किस सॉल्यूशंस ऑफर करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फुल्ली ऑटोमेटेड रोबोटिक पार्किंग सिस्टम, पजल पार्किंग सिस्टम, टावर पार्किंग सिस्टम और स्टैक पार्किंग सिस्टम हैं। कंपनी O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) और आफ्टर सेल्स सर्विसेज भी ऑफर करती है। मार्च 2026 तक कंपनी 55 प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी थी और फिलहाल देश कई कई शहरों के साथ-साथ अमेरिका और दुबई में 30 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 66% की अधिक रफ्तार से बढ़कर ₹17.37 करोड़ और टोटल इनकम 44% से अधिक तेजी से बढ़कर ₹118.23 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹24.01 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹70.57 करोड़ पड़े थे।

Lohia Corp IPO: 27 एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹492 करोड़

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: कल से खुलेगा लोहिया कॉर्प का ₹1101 करोड़ का आईपीओ, पैसा लगाने से पहले जान लें ब्रोकरेज की राय

Lohia Corp IPO GMP and Details: प्राइमरी मार्केट में निवेशकों को पैसा बनाने का एक और जबरदस्त मौका मिलने जा रहा है। टेक्निकल टेक्सटाइल और वोवन प्लास्टिक इंडस्ट्री के लिए मशीनरी बनाने वाली कंपनी लोहिया कॉर्प लिमिटेड का करीब ₹1,101 करोड़ का आईपीओ कल यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल रहा है।

बाजार में एंट्री से पहले ही ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने भी इस इश्यू को लंबी अवधि के लिए ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। आइए जानते हैं इस आईपीओ का प्राइस बैंड, जीएमपी, जरूरी तारीखें, कंपनी की वित्तीय सेहत और ब्रोकरेज की राय।

Lohia Corp IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹404 से ₹425 प्रति शेयर
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹14,875
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित है। इश्यू का साइज ₹1,101.28 करोड़ है जिसमें प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयरों की बिक्री कर रहे है। चूंकि यह पूरी तरह से OFS है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को जाएगी, कंपनी के खाते में कोई फंड नहीं आएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय सेहत

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल और Raffia इंडस्ट्री के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट बनाने वाली ग्लोबल दिग्गज है। यह सीमेंट, उर्वरक, केमिकल्स, फूड ग्रेंस और बैग्स की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक और बोरे बनाने की मशीनें बनाती है।

वित्त वर्ष 2025 में भारतीय वोवन राफिया मशीनरी बाजार में कंपनी की 40.7% की हिस्सेदारी थी, जबकि वैश्विक बाजार में इसकी हिस्सेदारी 15.4% है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 64.16% बढ़कर ₹193.45 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹117.84 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 24.70% बढ़कर ₹1,717 करोड़ पर पहुंच गया।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है जीएमपी?

InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 22 जुलाई को लोहिया कॉर्प का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹40 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इसका अपर प्राइस बैंड ₹425 है इस हिसाब से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस: ₹465 प्रति शेयर (₹425 + ₹40) रह सकता है। इस GMP पर निवेशकों को करीब 10% का लिस्टिंग गेन मिलने की संभावना है।

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ब्रोकरेज की राय क्या है?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने इस आईपीओ को ‘Subscribe for Long Term’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालांकि कंपनी का राजस्व मुख्य रूप से एक ही सेगमेंट पर निर्भर है, लेकिन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मजबूत पकड़ और ग्रोथ क्षमता को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lohia Corp IPO: ₹404-₹425 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 23 जुलाई से खुलेगा ₹1100 करोड़ का इश्यू

कानपुर की कंपनी लोहिया कॉर्प ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जुलाई को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹404-₹425 प्रति इक्विटी शेयर रहेगा। निवेशक कम से कम 35 शेयरों और उसके मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, लोहिया कॉर्प का लक्ष्य अपने पब्लिक इश्यू के जरिए ₹1,102.08 करोड़ जुटाने का है। यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें लोहिया परिवार की ओर से 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों को ​बिक्री के लिए रखा जाएगा। कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। नतीजतन, IPO से हासिल होने वाली पूरी रकम शेयर बेचने वालों को मिलेगी।

लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में टेप एक्सट्रूजन लाइंस, सर्कुलर लूम्स, कोटिंग और लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग और कनवर्जन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन, ट्विस्टर वाइंडर, मोनोफिलामेंट एक्सट्रूजन लाइंस, रीसाइक्लिंग मशीन और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं। पॉलीप्रोपाइलीन (PP) और हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन (HDPE) से बुने हुए फैब्रिक और बोरे (राफिया) बनाने वाली मशीनरी के मामले में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। लोहिया कॉर्प के प्रमोटर राज कुमार लोहिया, गौरव लोहिया, अमित कुमार लोहिया हैं।

30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

IPO में एंकर इनवेस्टर 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 जुलाई को होगी। लिस्टिंग के बाद लोहिया कॉर्प का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹4,490.13 करोड़ होने की उम्मीद है। कंपनी ने अगस्त 2025 में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर फिर से फाइल किए थे और दिसंबर 2025 में SEBI से मंजूरी मिली थी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में OFS का साइज 4.22 करोड़ इक्विटी शेयरों का था। यह अब घटकर 2.59 करोड़ इक्विटी शेयर रह गया है।

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IPO में रिजर्व हिस्सा

इस IPO में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए और बाकी 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। लोहिया कॉर्प के लिस्टेड कॉम्पिटीटर्स में राजू इंजीनियर्स, लक्ष्मी मशीन वर्क्स (LMW) और ममता मशीनरी जैसे नाम शामिल हैं। इश्यू के लिए इक्विरस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लोहिया कॉर्प का शुद्ध मुनाफा 64.2% बढ़कर ₹193.5 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले ₹117.8 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू 24.7% बढ़कर ₹1,717 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹1,376.9 करोड़ था।

SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश

SBI Funds Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपाओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। हर कैटेगरी के निवेशकों के धांसू रिस्पांस के बाद आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹574 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को मंगल होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रे मार्केट से 16% से अधिक लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹92.5 यानी 16.11% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोल लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या आप भी अनलिस्टेड मार्केट में शेयर खरीद रहे हैं? तो पहले ये बातें जान लीजिए

शेयरों के अनिलिस्टेड बाजार में पहले कभी इनवेस्टर्स की ऐसी दिलचस्पी नहीं दिखी थी। आज निवेशक कंपनी के शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने तक का इंतजार नहीं करना चाहते। वे आईपीओ से महीनों या सालों से पहले शेयर खरीद रहे हैं। उन्हें लगता है कि पहले निवेश करने पर लिस्टिंग के वक्त उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। लेकिन, हाल में कुछ कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग से एक बात साफ हो गई है कि शेयरों में पहले निवेश करने का मतलब यह नहीं है कि आप सस्ते में शेयर खरीद रहे हैं।

हम एचडीपी फाइनेंशियल सर्विसेज का उदाहरण लेते हैं। अनलिस्टेड मार्केट में इस शेयर का प्राइस 1,000-1,300 रुपये चल रहा था। एक बार तो यह 1,525 रुपये तक पर पहुंच गया था। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर के लिए 700-740 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसी तरह टाटा कैपिटल के शेयर के प्राइस अनलिस्टेड मार्केट में 700-1,125 रुपये पहुंच गए थे। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर की कीमत 310-326 रुपये तय की थी।

SBI Funds Management के आईपीओ में भी यही बात देखने को मिली। कंपनी ने अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे शेयर के प्राइस के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर आईपीओ में प्राइस तय किए। इन सभी कंपनियों के शेयरों में अनलिस्टेड मार्केट में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स नोशनल लॉस उठा रहे थे। इसकी वजह यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में किसी तरह की कमी आई। इसकी वजह है कि अनलिस्टेड मार्केट में शेयर की कीमतें जरूरत से ज्यादा चढ़ गई थीं।

इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स उपर्युक्त मामलों से कुछ बातें समझ सकते हैं:

1 अनिलिस्टेड मार्केट में स्टॉक एक्सचेंजों की तरह शेयर का प्राइस डिस्कवर नहीं होता

यह समझ लेना जरूरी है कि लिस्टेड मार्केट के मुकाबले अनिलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइस अलग तरह से डिस्कवर होता है। अनलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइवेट ट्रांजेक्शन होता है। इस बाजार में शेयर खरीदने वालों और बेचने वालों की संख्या सीमित होती है। इस वजह से कुछ मुट्ठीभर खरीदारी शेयरों की वैल्यूएशंस को बढ़ा देते हैं। दरअसल, कंपनी के आईपीओ लॉन्च होने की खबर आते ही अनलिस्टेड बाजार में शेयर की कीमत चढ़ने लगती है।

2. अच्छी कंपनी में भी आपका निवेश खराब हो सकता है

अच्छी कंपनी का मतलब यह नहीं है कि आप उसके शेयर में किसी भी कीमत पर निवेश करें। हर निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि वह इनवेस्टमेंट अर्निंग्स, बुक वैल्यू, ग्रोथ की संभावना और रिटर्न प्रोफाइल के लिहाज से कितनी वैल्यू ऑफर करता है। यह भी समझना जरूरी है कि आईपीओ में शेयर की वैल्यूएशन व्यापक प्रोसेस से तय होती है। इसमें इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड, ग्रोथ आउटलुक और बाजार में चल रही स्थितियों का हाथ होता है।

3. FOMO फंडामेंटल एनालिसिस की जगह नहीं ले सकता

कई निवेशक सिर्फ मौका चूक जाने के डर (FOMO) से निवेश करते हैं। इससे शेयर की कीमत में बुलबुला बनता है। इनवेस्टर्स को किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करना और उसे समझना जरूरी है। लेकिन, व्यावहारिक रूप से बहुत कम निवेशक ऐसा करते हैं। सिर्फ दूसरों को देख किसी शेयर में निवेश करने से बड़ा लॉस हो सकता है।

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Lohia Corp IPO: कानपुर की लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

लोहिया कॉर्प का आईपीओ 23 जुलाई को खुलेगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी इश्यू में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। सिर्फ कंपनी के प्रमोटर्स अपने शेयर बेचेंगे।

ओएफएस में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे

Lohia Corp कानपुर की कंपनी है। यह टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाती है। ऑफर फॉर सेल में प्रमोटर्स 2.59 करोड़ शेयर बेचेंगे। 23 जुलाई को ही दो और आईपीओ आ रहे हैं। इसलिए इनवेस्टर्स को सोच-समझकर आईपीओ में निवेश करने की सलाह है। आईपीओ से आने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स की जेब में जाएगा। कंपनी को कोई पैसा नहीं मिलेगा।

30 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट होंगे शेयर 

कंपनी ने ओएफएस में बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या घटा दी है। पहले ओएफएस में 4.22 करोड़ शेयरों को बेचने का प्लान था। इस इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स 27 जुलाई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। शेयरों का ऐलॉटमेंट 28 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर स्टॉक एक्सचेंज में 30 जुलाई को लिस्ट हो जाएंगे। कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज के लिए 2 लाख शेयर रिजर्व किए हैं। कंपनी ने अभी प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया है।

कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल्स के मशीनरी बनाती है

इस आईपीओ का सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ओएफएस में लोहिया फैमिली अपने शेयर्स बेचेगी। लोहिया कॉर्प टेक्निकल टेक्सटाइल्स के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। यह टेप एक्सट्रूशन लाइंस, सर्कुलर लूम, कोटिंग एंड लैमिनेशन लाइंस, प्रिंटिंग एंड कनवर्सन मशीन, मल्टीफिलामेंट यार्न मशीन जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है।

FY26 में प्रॉफिट में 64.2 फीसदी का उछाल

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 64.2 फीसदी बढ़कर 193.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले प्रॉफिट 117.8 करोड़ रुपये था। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24.7 फीसदी बढ़कर 1,717 करोड़ रुपये रहा। Rajoo Engineers, Lakshmi Machine Works (LMW) और ममता मशीनरी इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां हैं।

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शेयर बाजार के सेंटीमेंट में इम्प्रूवमेंट 

यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों के सेंटिमेंट में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। अमेरिका-ईरान की लड़ाई फिर से उग्र रूप धारण करने और क्रूड की कीमतों में उछाल के बावजूद शेयर बाजारों में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। निफ्टी 24,000 अंक के लेवल के ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में जबर्दस्त तेजी आई।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।