टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बदली पहचान, अब Tata.Cars नाम से दिखेगी कंपनी

टाटा ग्रुप की पैसेंजर गाड़ी बनाने वाली कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles (TMPV) अब ग्राहकों के सामने Tata.Cars नाम से नजर आएगी। कंपनी के MD और CEO शैलेश चंद्रा ने यह जानकारी दी। अब डीलरशिप, शोरूम और मार्केटिंग में Tata.Cars नाम ज्यादा दिखेगा।

हालांकि, कंपनी का कानूनी नाम नहीं बदला है। Tata Motors Passenger Vehicles ही कंपनी की रजिस्टर्ड कॉरपोरेट एंटिटी रहेगी। यह बदलाव सिर्फ ग्राहकों के सामने कंपनी की पहचान को लेकर है।

Tata.Cars नाम क्यों अपनाया?

पैसेंजर गाड़ी कंपनी Tata Motors अपने इस कारोबार की अलग पहचान मजबूत करना चाहती है। कंपनी पेट्रोल और डीजल के साथ इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी बेचती है। ऐसे में Tata.Cars नाम के जरिए पैसेंजर गाड़ी कारोबार को एक साफ ब्रांड पहचान देने की कोशिश है।

EV पर Tata ने कब लगाया था दांव?

Tata Motors Passenger Vehicles ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर उस समय दांव लगाया था, जब भारत में EV का बाजार काफी शुरुआती दौर में था। उस समय लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर ज्यादा भरोसा नहीं था। चार्जिंग स्टेशन भी बहुत कम थे।

यानी समस्या दोनों तरफ थी। ग्राहक चार्जिंग की कमी के कारण EV नहीं खरीद रहे थे। कंपनियां कम EV होने की वजह से चार्जिंग नेटवर्क पर बड़ा निवेश नहीं कर रही थीं। Tata Motors ने इस चक्र को तोड़ने की कोशिश की।

Tata Group की कंपनियों ने दिया साथ

EV का पूरा इकोसिस्टम बनाने में Tata Group की कई कंपनियों ने मदद की। Tata Power ने चार्जिंग नेटवर्क में सहयोग किया। Tata AutoComp ने कंपोनेंट्स में मदद की। Tata Technologies, Tata Elxsi और TCS ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ा सपोर्ट दिया।

कंपनी का मानना था कि EV से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। इससे इंपोर्टेड फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता भी घट सकती है। बाद में Tata Motors भारत के इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ी बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल हो गई।

Tata Motors Passenger Vehicles शेयर

Tata Motors Passenger Vehicles का शेयर गुरुवार, 27 अगस्त को 0.86% बढ़कर ₹315.80 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 17.47% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 22.77% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या आप भी अनलिस्टेड मार्केट में शेयर खरीद रहे हैं? तो पहले ये बातें जान लीजिए

शेयरों के अनिलिस्टेड बाजार में पहले कभी इनवेस्टर्स की ऐसी दिलचस्पी नहीं दिखी थी। आज निवेशक कंपनी के शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने तक का इंतजार नहीं करना चाहते। वे आईपीओ से महीनों या सालों से पहले शेयर खरीद रहे हैं। उन्हें लगता है कि पहले निवेश करने पर लिस्टिंग के वक्त उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा। लेकिन, हाल में कुछ कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग से एक बात साफ हो गई है कि शेयरों में पहले निवेश करने का मतलब यह नहीं है कि आप सस्ते में शेयर खरीद रहे हैं।

हम एचडीपी फाइनेंशियल सर्विसेज का उदाहरण लेते हैं। अनलिस्टेड मार्केट में इस शेयर का प्राइस 1,000-1,300 रुपये चल रहा था। एक बार तो यह 1,525 रुपये तक पर पहुंच गया था। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर के लिए 700-740 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसी तरह टाटा कैपिटल के शेयर के प्राइस अनलिस्टेड मार्केट में 700-1,125 रुपये पहुंच गए थे। लेकिन, कंपनी ने आईपीओ में शेयर की कीमत 310-326 रुपये तय की थी।

SBI Funds Management के आईपीओ में भी यही बात देखने को मिली। कंपनी ने अनलिस्टेड मार्केट में चल रहे शेयर के प्राइस के मुकाबले 30 फीसदी से ज्यादा डिस्काउंट पर आईपीओ में प्राइस तय किए। इन सभी कंपनियों के शेयरों में अनलिस्टेड मार्केट में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स नोशनल लॉस उठा रहे थे। इसकी वजह यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में किसी तरह की कमी आई। इसकी वजह है कि अनलिस्टेड मार्केट में शेयर की कीमतें जरूरत से ज्यादा चढ़ गई थीं।

इसका मतलब है कि इनवेस्टर्स उपर्युक्त मामलों से कुछ बातें समझ सकते हैं:

1 अनिलिस्टेड मार्केट में स्टॉक एक्सचेंजों की तरह शेयर का प्राइस डिस्कवर नहीं होता

यह समझ लेना जरूरी है कि लिस्टेड मार्केट के मुकाबले अनिलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइस अलग तरह से डिस्कवर होता है। अनलिस्टेड मार्केट में शेयर का प्राइवेट ट्रांजेक्शन होता है। इस बाजार में शेयर खरीदने वालों और बेचने वालों की संख्या सीमित होती है। इस वजह से कुछ मुट्ठीभर खरीदारी शेयरों की वैल्यूएशंस को बढ़ा देते हैं। दरअसल, कंपनी के आईपीओ लॉन्च होने की खबर आते ही अनलिस्टेड बाजार में शेयर की कीमत चढ़ने लगती है।

2. अच्छी कंपनी में भी आपका निवेश खराब हो सकता है

अच्छी कंपनी का मतलब यह नहीं है कि आप उसके शेयर में किसी भी कीमत पर निवेश करें। हर निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि वह इनवेस्टमेंट अर्निंग्स, बुक वैल्यू, ग्रोथ की संभावना और रिटर्न प्रोफाइल के लिहाज से कितनी वैल्यू ऑफर करता है। यह भी समझना जरूरी है कि आईपीओ में शेयर की वैल्यूएशन व्यापक प्रोसेस से तय होती है। इसमें इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड, ग्रोथ आउटलुक और बाजार में चल रही स्थितियों का हाथ होता है।

3. FOMO फंडामेंटल एनालिसिस की जगह नहीं ले सकता

कई निवेशक सिर्फ मौका चूक जाने के डर (FOMO) से निवेश करते हैं। इससे शेयर की कीमत में बुलबुला बनता है। इनवेस्टर्स को किसी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के बिजनेस के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करना और उसे समझना जरूरी है। लेकिन, व्यावहारिक रूप से बहुत कम निवेशक ऐसा करते हैं। सिर्फ दूसरों को देख किसी शेयर में निवेश करने से बड़ा लॉस हो सकता है।

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अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी, हाल में आए IPO में निवेशकों को लगी बड़ी चपत

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।

इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।

यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।

UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।

PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।

इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।

 

 

Chartist Talk: जुलाई में निफ्टी के 25000 के स्तर को पार करने की संभावना कम, जोरदार कमाई के लिए इस हफ्ते इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Stocks to Watch: 24100 के पार Gift Nifty, आज Sensex की एक्सपायरी को V-Mart और Airtel समेत इन पर फोकस

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 142.00 प्वाइंट्स यानी 0.59% की बढ़त के साथ 24,186.00 पर है। चूंकि आज जुलाई सीरीज में सेंसेक्स की पहली वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 01 जुलाई को सेंसेक्स (Sensex) 443.97 प्वाइंट्स यानी 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 140.10 प्वाइंट्स यानी 0.59% के उछाल के साथ 24,005.85 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

तिमाही बिजनेस अपडेट

Punjab & Sind Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पंजाब एंड सिंध बैंक का टोटस बिजनेस 15.33% बढ़कर ₹2.67 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 12.16% बढ़कर ₹1.47 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 19.5% बढ़कर ₹1.19 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए रेश्यो भी 76.19% से सुधरकर 81.18% पर पहुंच गया।

Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 13.6% बढ़कर ₹15.28 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 13.3% बढ़कर ₹8.43 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 13.9% बढ़कर ₹6.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का घरेलू सीएएसए रेश्यो भी 38.97% से सुधरकर 39.64% पर पहुंच गया।

South Indian Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर साउथ इंडियन बैंक का टोटल डिपॉजिट्स 11.39% बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ और ग्रास एडवांसेज 17.01% बढ़कर ₹1.04 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 14.61% बढ़कर ₹41,493 करोड़ और सीएएसए रेश्यो 32.06% से सुधरकर 32.99% पर पहुंच गया।

Tamilnad Mercantile Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडियन बैंक का टोटस बिजनेस 23.04% बढ़कर ₹1.21 लाख करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 19.7% बढ़कर ₹64,409 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 27.01% बढ़कर ₹57,306 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का सीएएसए 16.94% बढ़कर ₹16,852 करोड़ पर पहुंच गया।

Dhanlaxmi Bank Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर धनलक्ष्मी बैंक का टोटस बिजनेस 21.12% बढ़कर ₹35,188 करोड़, टोटल डिपॉजिट्स 17.1% बढ़कर ₹19,403 करोड़ और ग्रास एडवांसेज 26.5% बढ़कर ₹15,785 करोड़ पर पहुंच गया।

Ashiana Housing Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में आशियाना हाउसिंग का एरिया बुकिंग सालाना आधार पर गिरकर 5.05 लाख स्क्वेयर फीट से 3.61 लाख स्क्वेयर फीट पर आ गया तो बिके एरिया की वैल्यू भी फिसलकर ₹430.97 करोड़ से ₹357.8 करोड़ पर आ गई।

V-Mart Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी-मार्ट रिटेल का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹1,089 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 1% से 9% पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में 15 स्टोर खोले तो 1 बंद किया।

Sai Silks Kalamandir Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में साई सिल्क्स कलामंदिर का रेवेन्यू सालाना आधार पर 1% गिरकर ₹375 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने कर्नाटक में दो नए स्टोर के जरिए 30 हजार स्क्वेयर फीट का रिटेल स्पेस जोड़ा।

V2 Retail Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में वी2 रिटेल का स्टैंडएलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 58.25% बढ़कर ₹997 करोड़ और सेम-स्टोर-सेल्स ग्रोथ 5% से 7.5% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने 57 नए स्टोर खोले और 1 बंद किया।

JTL Industries Q1 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जेटीएल इंडस्ट्रीज की सेल्स वॉल्यूम 18% बढ़कर 1.18 लाख टन पर पहुंच गई।

मंथली बिजनेस अपडेट

Force Motors (June YoY)

जून महीने में फोर्स मोटर्स की टोटल सेल्स सालाना आधार पर 23.5% बढ़कर 3,568 यूनिट्स पर पहुं गई। इसमें घरेलू सेल्स सालाना आधार पर 26.63% बढ़कर 3,547 यूनिट्स पर पहुंचा लेकिन निर्यात 76.14% गिरकर 21 यूनिट्स पर आ गया।

NMDC (June YoY)

जून महीने में सालाना आधार पर एनएमडीसी के लौह अयस्क का उत्पादन 44.3% बढ़कर 5.15 टन और इसकी सेल्स 11.2% बढ़कर 3.98 टन पर पहुंच गई।

Stocks to Watch : इन पर भी रहेगी नजर

Lupin

13-17 अप्रैल 2026 के बीच जांच के बाद अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से अमेरिका के न्यू जर्सी के सोमरसेट में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए लुपिन को EIR (एस्टैब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट) मिली है, जिसमें वॉलंटरी एक्शन इंडिकेटेड (VAI) क्लासिफिकेशन को संतोषजनक बताया गया है। वहीं यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (EMA) ने पीडियाट्रिक इन्वेस्टिगेशन प्लान (PIP) के आधार पर NaMuscla के मार्केटिंग ऑथराइजेशन की शर्तों में बदलाव को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी में मौजूदा 167 mg स्ट्रेंथ के अलावा दो नई डोज स्ट्रेंथ-62 एमजी और 83 एमजी कैप्सूल भी शामिल हैं।

Hero MotoCorp

हीरो मोटोकॉर्प ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में ₹750 करोड़ से अधिक के निवेश के साथ अपने दूसरे ग्लोबल पार्ट्स सेंटर (GPC) का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य में उसका कुल निवेश ₹3,200 करोड़ से ज्यादा हो जाएगा।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज और टेनेको एलएलसी ने मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए अपनी ग्लोबल पार्टनरशिप को और मजबूत किया है। टेनेको अगले पांच वर्षों में इस साझेदारी में $10.0 करोड़ से अधिक का निवेश कर सकती है।

Bharti Airtel

भारती एयरटेल की सब्सिडियरी एयरटेल मनी ने टाइप II नॉन-डिपॉजिट-टेकिंग NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के तौर पर कमर्शियल कामकाज शुरू कर दिया है।

Syngene International

सिद्धार्थ मित्तल ने 1 जुलाई से पीटर बेन की जगह सिनजीन इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ का पद संभाल लिया है।

Studds Accessories

भरत गोयल को 1 जुलाई से स्टड्स एक्सेसरीज का सीएफओ नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने मनीष मेहता को 1 जुलाई से सीएफओ के पद से हटाकर सीनियर मैनेजमेंट कैटेगरी में वाइस प्रेसिडेंट–टैक्सेशन एंड कंप्लायंस बनाया है।

Coal India

कोल इंडिया को बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड से 600 MW का सोलर प्लांट लगाने के लिए ₹2,831.11 करोड़ का लेटर ऑफ अवार्ड मिला है।

Srivasavi Adhesive Tapes

बेंगलुरु रूरल में श्रीवासवी एडहेसिव टेप्स के पॉलिमर डिवीजन (यूनिट 5) ने एक ग्लोबल मल्टीनेशनल कंपनी के साथ पर्चेजिंग एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी PP, HDPE, फैब्रिक और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की सप्लायर बन गई है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नौमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की मल्टी-बिलियन डॉलर की फार्मेसी चेन के साथ अपने लॉन्ग टर्म एक्सक्लूसिव OTC (ओवर-द-काउंटर) दवा सप्लाई एग्रीमेंट को रिन्यू किया है। नए एग्रीमेंट में प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ाई गई है, समय-सीमा बढ़ाई गई है और कॉन्ट्रैक्ट की वैल्यू भी काफी ज्यादा है। रिन्यू हुए एग्रीमेंट की वैल्यू साढ़े सात साल की बढ़ी हुई अवधि के लिए AUD 20.2 करोड़ (लगभग ₹1,300 करोड़) यानी सालाना लगभग AUD 2.7 करोड़ है। इस एग्रीमेंट में आपसी सहमति से इसे और तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी शामिल है।

लिस्टिंग

आज सीएसएम टेक के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज लॉयड्स एंटरप्राइजेज और चेमबॉन्ड मैटेरियल टेक के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो गुजरात एनर्जी के स्पिन ऑफ की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; RVNL, Lemon Tree और Lupin समेत इन स्टॉक्स पर खास वजहों से रहेगी नजर

Stocks to Watch: अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले और अमेरिका-ईरान के शांति समझौते पर दुनिया के अधिकतर बाजारों से मजबूत रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 121.00 प्वाइंट्स यानी 0.51% की बढ़त के साथ 24,076.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 जून को सेंसेक्स (Sensex) 347.14 प्वाइंट्स यानी 0.45% के उछाल के साथ 77,155.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.55 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 24,085.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास निगम को ईस्ट कोस्ट रेलवे से भद्रक-विजयनगरम सेक्शन पर नेरगुंडी-बारंग और खुर्दा रोड-विजयनगरम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए EPC मोड पर पुल बनाने के लिए ₹967.92 करोड़ का काम मिला है।

HFCL

एचएफसीएल को उत्तर प्रदेश में भारतनेट फेज-III प्रोजेक्ट के लिए रेल विकास निगम से ₹2,666.09 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में टेलीकॉम इक्विपमेंट और उससे जुड़े सामानों की सप्लाई, ऑप्टिकल फाइबर केबल टेलीकॉम नेटवर्क बनाना और 10 साल तक प्रोजेक्ट का रखरखाव करना शामिल है।

Bosch Home Comfort

प्रमोटर बॉश ग्लोबल सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज 18-19 जून को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए बॉश होम कम्फर्ट में 7.97% तक हिस्सेदारी (21.7 लाख शेयर) बेचेगी। कुल ऑफर साइज में 0.75% का ग्रीनशू ऑप्शन भी शामिल है। फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,150 तय किया गया है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने राजस्थान के श्री गंगानगर में लेमन ट्री होटल खोलने का ऐलान किया है जिसके बाद राजस्थान में इसके होटलों की संख्या 23 हो गई है। इस होटल का मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स करेगी।

Balkrishna Industries

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बोर्ड ने Saroj Kumar Khuntia को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है, जो 18 जून से प्रभावी होगा। वहीं मधुसूदन बजाज रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने पर कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और KMP (की मैनेजेरियल पर्सनल) के पद से हट गए।

Lupin

लुपिन ने अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने ANDA (एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशन) को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में 40mg और 80mg की एजिलसार्टन मेडोक्सोमिल टैबलेट लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह एज़ुरिटी फार्मा की ‘एडार्बी’ (Edarbi) दवा का बायोइक्विवैलेंट है। इसका इस्तेमाल वयस्कों में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए किया जाता है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Corona Remedies

प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रिसकैपिटल की सहयोगी कंपनी सेपिया इन्वेस्टमेंट्स ने कोरोना रेमेडीज के 43.28 लाख शेयर (7.07% हिस्सेदारी) ₹748.9 करोड़ में बेच दी। इसके अलावा एंकर पार्टनर्स (Anchor Partners) ने भी कंपनी के 1.61 लाख शेयर (0.26% हिस्सेदारी) ₹28 करोड़ में बेच दी। ये ब्लॉक डील प्रति शेयर ₹1,730 के भाव पर हुईं। मार्च 2026 तक सेपिया इन्वेस्टमेंट्स की इस फार्मा कंपनी में 19.76% हिस्सेदारी (1.2 करोड़ शेयर) थी।

कोरोना रेमेडीज की इस ब्लॉक डील में एबरडीन एशियन स्मॉलर कंपनीज इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट पीएलसी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, फैक्ट्री म्यूचुअल इंश्योरेंस कंपनी, टीसीडब्ल्यू व्हाइट ओक इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, अशोका व्हाइटओक इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी एक्स-चाइना फंड, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, इनवेस्को म्यूचुअल फंड और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे देशी-विदेशी निवेशकों ने हिस्सा लिया।

DOMS Industries

इटैलियन स्टेशनरी और विदेशी प्रमोटर FILA (Fabbrica Italiana Lapis ed Affini) ने डोम्स इंडस्ट्रीज में 7% इक्विटी हिस्सेदारी (42.48 लाख शेयर) ₹934.7 करोड़ में बेच दी। इनमें से 23.4 लाख शेयरों की बिक्री प्रति शेयर ₹2,200.55 और 19.08 लाख शेयरों की बिक्री प्रति शेयर ₹2,200.07 के भाव पर हुई। वहीं दूसरी तरफ एक्सिस म्यूचुअल फंड ने ₹79.56 करोड़ के अतिरिक्त 3.61 लाख शेयर और एसबीआई म्यूचुअल फंड ने ₹284.77 करोड़ के 12.94 लाख शेयर खरीदे। यह खरीदारी प्रति शेयर ₹2,200 के भाव पर हुई।

Finolex Industries

एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने पीवीसी पाइप बनाने वाली कंपनी फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज के प्रति शेयर ₹169.71 के भाव पर 42.7 लाख शेयर और ₹169.62 के भाव पर 37.77 लाख शेयर यानी 80.47 लाख शेयर (1.29% हिस्सेदारी) ₹136.54 करोड़ में बेच दी। मार्च 2026 तक एचडीएफसी लाइफ के पास कंपनी में 1.3% हिस्सेदारी (80.5 लाख शेयर) थी।

Baazar Style Retail

गर्ग ब्रदर्स ने बाजार स्टाइल रिटेल के 8.75 लाख शेयर (1.14% हिस्सेदारी) ₹28.76 करोड़ में प्रति शेयर ₹328.72 के भाव पर बेच दी। मार्च 2026 तक गर्ग ब्रदर्स के पास बाजार स्टाइल रिटेल में 1.38% हिस्सेदारी (10.51 लाख शेयर) थी।

लिस्टिंग

आज सुसान इलेक्ट्रिकल्स की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, टाटा टेक्नोलॉजीज, जेएसडब्ल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, ईमुद्रा, जीएचसीएल, मोनिका अल्कोबेव, स्वास्तिक इन्वेस्टस्मार्ट और विमटा लैब्स के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो ओएसिसि सिक्योरिटीज के राइट्स की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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