Noida Investment News: जेवर एयरपोर्ट के पास लगेंगी 25 नई कंपनियां; ₹3,155 करोड़ का निवेश और 9,000 को मिलेगी नौकरी

Noida Investment News: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए 25 कंपनियों को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) जारी किए हैं। इसके तहत करीब 95 एकड़ क्षेत्र में ₹3,155 करोड़ का निवेश आएगा। इसके साथ ही इससे 9,000 से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों के विस्तार से यमुना सिटी को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

ऑटोमोबाइल से लेकर दवा उद्योग तक लगेंगी यूनिट

YEIDA की ओर से जारी किए गए लेटर ऑफ इंटेंट के तहत विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेंगी। इनमें ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग, हस्तशिल्प और परिधान उद्योग शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि प्रस्तावित निवेश अलग-अलग क्षेत्रों में होने से यहां कई तरह के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

किस सेक्टर में कितनी कंपनियां लगाएंगी यूनिट?

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, 25 कंपनियों को अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए LOI जारी किए गए हैं।

सेक्टर 8D: 11 कंपनियां

सेक्टर 29: 8 कंपनियां

सेक्टर 24: 3 कंपनियां

सेक्टर 6: 2 कंपनियां

सेक्टर 28: 1 कंपनी

इन औद्योगिक परियोजनाओं को निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इनमें अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे संबंधित उद्योगों को एक ही क्षेत्र में विकसित करने और औद्योगिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गेनवेल कॉमोसलेस करेगी सबसे बड़ा निवेश

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित परियोजनाओं में गेनवेल कॉमोसलेस (Gainwell Commosales) सबसे बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने 20 एकड़ मिश्रित उपयोग वाली जमीन पर इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग परियोजना स्थापित करने के लिए 497 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना से करीब 850 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मल्टीटेक्स फिल्ट्रेशन इंजीनियर्स (Multitex Filteration Engineers) पांच एकड़ जमीन पर हेवी फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने के लिए 282 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

दूसरी ओर, साइनो लाइफसाइंसेज (Cyno Lifesciences) ने 2.5 एकड़ जमीन पर दवाओं और औषधियों के निर्माण की यूनिट लगाने के लिए 206 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ी औद्योगिक भूखंडों की मांग

अधिकारियों के मुताबिक, 15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने के बाद यमुना सिटी में औद्योगिक भूखंडों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। एयरपोर्ट के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की संभावनाओं के चलते कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

एयरपोर्ट के विकास के साथ इस क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में नए औद्योगिक निवेश को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अब तक 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्राधिकरण लगातार भूखंडों का आवंटन कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 118 भूखंडों का कब्जा आवंटियों को सौंपा जा चुका है। जबकि 63 मामलों में लीज डीड निष्पादित की गई है। इसके अलावा 62 औद्योगिक इकाइयों के भवन निर्माण नक्शों को मंजूरी मिल चुकी है। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, 15 उद्यमियों ने अपनी इकाइयों में कामकाज शुरू कर दिया है, जबकि 12 इकाइयों ने फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया है।

रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

यमुना सिटी में प्रस्तावित 3,155 करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजनाएं तय योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो हजारों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ सहायक उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग और अन्य सेवाओं में भी अवसर पैदा हो सकते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों का विस्तार गौतमबुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे सकता है।

ये भी पढ़ें- Saudi-Houthi War: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का फिर बड़ा हमला! रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में भारतीय की मौत, 10 अन्य इंडियन घायल

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज! 8,000 हेक्टेयर में बनेगा इंडस्ट्रियल नोड, रोजगार और निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट

Development in Noida-Greater Noida: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्राधिकरण की ओर से तैयार की जा रही महायोजना और औद्योगिक विकास की योजनाओं में इसे महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इंडस्ट्रियल नोड के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

YEIDA की ओर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्राधिकरण के निदेशक मंडल की ओर से भी इस प्रस्ताव का अवलोकन किया गया है। इसके लिए महायोजना तैयार करने की दिशा में कंसल्टेंट के चयन की कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण के मुताबिक, इंडस्ट्रियल नोड के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास योजनाबद्ध तरीके से औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने से क्षेत्र में कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की भी तैयारी

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास के साथ-साथ इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। प्राधिकरण की योजना Yiwu International Trade City की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र विकसित करने की है। प्रस्तावित ट्रेड सिटी में क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों की प्रदर्शनी, बिक्री और निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने और वैश्विक व्यापार के अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ ट्रेड सिटी को जोड़ने की योजना क्षेत्र के कारोबारी ढांचे को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

295 औद्योगिक भूखंडों में तेजी से बढ़ रहा काम

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने के लिए भूखंड आवंटन के बाद निर्माण और उत्पादन की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है। प्राधिकरण के मुताबिक 4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 औद्योगिक भूखंडों में 181 भूखंडों के लीज डीड का निपटारा हो चुका है। इनमें 152 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है। जबकि 69 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। वहीं 13 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में भी औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां 203 भूखंडों के सापेक्ष 123 भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें 75 भूखंडों पर कब्जा दिया जा चुका है और 28 पर निर्माण शुरू हो गया है।

आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर

मेडिकल डिवाइस पार्क में 3D Prototype Lab, Electronics Assembly Facility, IoMT, Biomaterial, Common IT Facility और Tooling Room जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर भी काम चल रहा है। इसका उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को जरूरी तकनीकी और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा सेक्टर-29 के अपैरल पार्क में 159, एमएसएमई पार्क में 503 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 188 भूखंडों का आवंटन हो चुका है। अपैरल पार्क में 110 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 83 आवंटियों को कब्जा भी मिल चुका है। सेक्टर-33 के टॉय पार्क में 148 भूखंड आवंटित किए गए हैं।

महायोजना से तय होगी भविष्य की दिशा

YEIDA की ओर से आगरा-अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है। संशोधित महायोजना रिपोर्ट प्राधिकरण की 88वीं बोर्ड बैठक में प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए। प्राप्त सुझावों की जांच के बाद उनके निस्तारण की संस्तुति की गई है। संशोधित ड्राफ्ट महायोजना तैयार की जा रही है, जो क्षेत्र के भविष्य के भूमि उपयोग और विकास की दिशा तय करेगी।

ये भी पढ़ें- ग्रेटर नोएडा के अवैध कमर्शियल निर्माणों पर NGT की सख्त रुख! GNIDA को दिया 10 दिनों का अल्टीमेटम

साथ ही औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण और उत्पादन की गति बढ़ाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था के माध्यम से लीज डीड, कब्जा, मानचित्र स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।

(ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट)

ग्रेटर नोएडा के अवैध कमर्शियल निर्माणों पर NGT की सख्त रुख! GNIDA को दिया 10 दिनों का अल्टीमेटम

Greater Noida News: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे कथित अवैध व्यावसायिक निर्माण के मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) को ऐसे सभी अवैध व्यावसायिक निर्माणों की पूरी लिस्ट और उनसे संबंधित कार्रवाई का डिटेल्स 10 दिनों के भीतर रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश पूर्व गाजियाबाद पार्षद राजेंद्र त्यागी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। मामले की सुनवाई 24 सितंबर को NGT की प्रिंसिपल बेंच के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर अफरोज अहमद ने की।

GNIDA को नोटिस और कोर्ट के आदेशों का देना होगा ब्योरा

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने कहा कि GNIDA को अपनी कार्रवाई से जुड़े पूरे डिटेल्स के साथ उन उल्लंघनकर्ताओं को जारी किए गए नोटिस और अदालतों द्वारा पारित आदेशों की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। NGT ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर की तारीख तय की है।

मामले में GNIDA की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने जुलाई में जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा था। अब ट्रिब्यूनल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 10 दिनों के भीतर आवश्यक जानकारी रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है।

पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन का आरोप

  • याचिका में ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करते हुए निर्माण परियोजनाएं चलाए जाने का आरोप लगाया गया है।
  • इसमें पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment) संबंधी अधिसूचना के प्रावधानों का पालन नहीं करने तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) से आवश्यक सहमति प्राप्त किए बिना संचालन करने जैसे आरोप शामिल हैं।
  • मामले में NGT ने पहले जुलाई में UPPCB को ग्रेटर नोएडा में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन में शुरू की गई कथित अवैध निर्माण परियोजनाओं के आरोपों की जांच और सत्यापन करने का निर्देश दिया था।

UPPCB ने कहा- GNIDA ने नहीं दी परियोजनाओं की जानकारी

  • 23 सितंबर को UPPCB की ओर से दाखिल रिपोर्ट में NGT को बताया गया कि GNIDA ने संबंधित परियोजनाओं का विवरण साझा नहीं किया।
  • बोर्ड के मुताबिक, इस संबंध में GNIDA को 17 अगस्त और 16 सितंबर को पत्र भेजे गए थे। लेकिन इसके बावजूद परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
  • इसके बाद NGT ने GNIDA से कहा कि वह कथित अवैध निर्माणों से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध कराए।
  • इसमें प्राधिकरण की ओर से अब तक जारी किए गए नोटिस, उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई और संबंधित अदालतों के आदेशों का विवरण भी शामिल होगा।

10 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

NGT के इस आदेश के बाद GNIDA को निर्धारित समयसीमा में कथित अवैध व्यावसायिक निर्माणों की सूची और उनसे जुड़ी कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 दिसंबर को तय की गई है।

ये भी पढ़ें- Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा 200 एकड़ का लॉजिस्टिक्स पार्क! YEIDA बोर्ड की बैठक में 8,000 हेक्टेयर के इंडस्ट्रियल हब को मंजूरी

जेवर एयरपोर्ट के पास घर बनाने का शानदार मौका! YEIDA ने निकाली ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट्स की बड़ी स्कीम

YEIDA Plot Scheme: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने शुक्रवार को ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट के लिए अलग-अलग स्कीम लॉन्च की हैं। इन दोनों कैटेगरी में 10-10 प्लॉट शामिल हैं।

एयरपोर्ट के जून में शुरू होने के बाद से इस इलाके में रिहायशी और होटल प्रोजेक्ट्स के लिए प्लॉट की मांग में तेजी देखने को मिली है।

कहां-कहां हैं ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट?

ग्रुप हाउसिंग के लिए चुने गए प्लॉट सेक्टर 17, 18, 20 और 22D में हैं। इन प्लॉट का आकार 11,513 वर्ग मीटर से लेकर 50,600 वर्ग मीटर तक है।

सेक्टर 17 में सबसे ज्यादा 4 प्लॉट रखे गए हैं। वहीं, सेक्टर 18 और सेक्टर 20 में 1-1 प्लॉट उपलब्ध है। इसके अलावा सेक्टर 22D में 4 प्लॉट हैं।

सेक्टर 22D में मौजूद प्लॉट्स में सबसे बड़ा प्लॉट 50,600 वर्ग मीटर का है। इसकी रिजर्व कीमत करीब 265 करोड़ रुपये रखी गई है।

वहीं, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट के लिए अलॉटमेंट रेट 52,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है।

बता दें कि बोली लगाने वालों को हर प्लॉट के लिए 5 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस और 10% अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी। प्लॉट के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर शाम 5 बजे तक है।

आवेदनों की जांच और मूल्यांकन के बाद आर्थिक और तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं के नाम 16 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद प्लॉट का अंतिम आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए किया जाएगा। ई-नीलामी 18 नवंबर को सुबह 11 बजे शुरू होगी।

होटल प्लॉट की भी स्कीम

होटल प्लॉट स्कीम के लिए, YEIDA सेक्टर 29 में 6 और सेक्टर 28 में 4 प्लॉट दे रहा है। सभी प्लॉट का साइज 3,100 वर्ग मीटर से 10,000 वर्ग मीटर के बीच है।

होटल प्लॉट के लिए YEIDA ने 87,010 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। इस हिसाब से 10,000 वर्ग मीटर के सबसे बड़े प्लॉट की रिजर्व कीमत करीब 91 करोड़ रुपये होगी।

इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोलीदाताओं के नाम 2 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद 4 नवंबर को सुबह 11 बजे से ई-नीलामी शुरू होगी।

प्लॉट रिजर्व करने के लिए बोली लगाने वालों को प्रति वर्ग मीटर ₹87,010 देने होंगे, जिससे 10,000 वर्ग मीटर वाले प्लॉट की रिजर्व कीमत ₹91 करोड़ हो जाती है। इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोली लगाने वालों के नाम 2 नवंबर को दिखाए जाएंगे और ई-नीलामी 4 नवंबर को सुबह 11 बजे होगी।

अलॉटी (प्लॉट पाने वाले) को अर्नेस्ट मनी के तौर पर 10% रकम जमा करनी होगी। फिर पहले जमा की गई अर्नेस्ट मनी को एडजस्ट करने के बाद, प्लॉट के कुल प्रीमियम का 40% हिस्सा अलॉटमेंट की तारीख से 60 दिनों के भीतर जमा करना होगा।

इसके अलावा, कुल प्रीमियम का बाकी 60% हिस्सा दो साल में चार छमाही किस्तों में चुकाना होगा।

इस स्कीम के तहत, कॉर्नर प्लॉट के लिए 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा, ग्रीन बेल्ट की तरफ वाले प्लॉट के लिए 5% और 45 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क के किनारे वाले प्लॉट के लिए भी 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा। प्लॉट का अलॉटमेंट लीज डीड बनने की तारीख से 90 साल की अवधि के लिए लीजहोल्ड आधार पर किया जाएगा।

होटल की ऊंचाई कितनी होगी?

बिल्डिंग नियमों के अनुसार, होटल की बिल्डिंग की ऊंचाई पर कोई सीमा नहीं है। हालांकि, सेक्टर 28 और 29 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हैं, इसलिए बिल्डिंग की मंजूर ऊंचाई लगभग 29 मीटर है।

YEIDA के CEO आर.के. सिंह ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट की वजह से हाल ही में ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा, “जमीन की कमी को देखते हुए, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी जैसे वर्टिकल प्रोजेक्ट बनाना सबसे अच्छा है। साथ ही, अगले महीने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज तैयार हो जाएगा। इससे गुरुग्राम, पलवल, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे आस-पास के इलाकों की ग्रेटर नोएडा और जेवर से आसानी से कनेक्टिविटी हो सकेगी।”

यह भी पढ़ें: “एक आतंकवादी देश मुझसे सवाल पूछ रहा है?” पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर एस. जयशंकर का तीखा पलटवार

नेतन्याहू Vs ममदानी: इजरायली PM और न्यूयॉर्क मेयर के बीच हो गई जबर्दस्त भिड़ंत, Genocide वाले बयान से मचा बवाल

Netanyahu vs Mamdani: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दिए भाषण को लेकर निशाना साधा है। ममदानी ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू ने अपने भाषण में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई को सही ठहराने के लिए “बेबुनियाद झूठ” दोहराए। इससे गाजा में इजरायल के युद्ध और नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा को लेकर दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक टकराव और बढ़ गया है।

जोहान ममदानी ने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने भाषण का इस्तेमाल फिलिस्तीनियों के नरसंहार को सही ठहराने के लिए बेबुनियाद झूठ दोहराने में किया। फिर भी, कोई भी झूठ इस सच्चाई को नहीं बदल सकता कि वह अभी भी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे हैं, जिसमें उन पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप है।”

बता दें कि जोहरान ममदानी की ये बातें नेतन्याहू के UNGA भाषण में न्यूयॉर्क के मेयर पर सीधे हमले के कुछ घंटों बाद आईं। नेतन्याहू ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने ऐसे हालात बनाने में भूमिका निभाई है, जिनमें न्यूयॉर्क में रहने वाले यहूदी अब सुरक्षित महसूस नहीं करते।

नेतन्याहू ने कहा, “मिस्टर ममदानी, जब से आप इस शहर के मेयर चुने गए हैं, न्यूयॉर्क में कई यहूदी अब सुरक्षित महसूस नहीं करते।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने उनसे कहा है, “यह वह शहर नहीं है जिसे हम जानते थे। यह बहुत तेजी से बदल गया है।”

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी पर ऐसे लोगों के साथ जुड़े होने का भी आरोप लगाया, जिन्हें उन्होंने हमास का समर्थक और इजरायल व यहूदी समुदायों का विरोधी बताया।

नेतन्याहू ने कहा, “आप हमास का समर्थन करने के दोषी अपराधियों की तारीफ करते हैं। आप हसन पिकर जैसे लोगों को अपना दोस्त मानते हैं, जिन्होंने कहा था कि अमेरिका 9/11 का हकदार था।” उन्होंने एक फिलिस्तीनी पत्रकार का भी जिक्र किया जिसे जोहरान ममदानी ने अपने घर बुलाया था। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि उस पत्रकार ने हमास द्वारा इजरायली बंधकों की पिटाई और उन पर अत्याचार का वीडियो बनाया था, लेकिन बाद में उस फुटेज को पब्लिश करने से इनकार कर दिया।

नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी की पत्नी की सोशल मीडिया गतिविधियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उन पोस्ट को “लाइक” किया था जिनमें 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के हमले की तारीफ की गई थी और एक ऐसी पोस्ट भी जिसमें कहा गया था कि तेल अवीव का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। हालांकि, जोहान ममदानी ने हमास का समर्थन करने के आरोपों को खारिज किया है।

वहीं, नेतन्याहू ने भी इजरायल पर नरसंहार करने के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने जोहरान ममदानी से कहा, “आप इजरायल पर बार-बार नरसंहार का झूठा आरोप लगाते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा, “इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, इजरायल ने नरसंहार को रोका।”

जोहरान ममदानी और नेतन्याहू के बीच टकराव

यह टकराव जोहरान ममदानी की उस पुरानी मांग के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि नेतन्याहू को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के वारंट के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ICC ने नवंबर 2024 में नेतन्याहू और उस समय के इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इन पर गाजा पट्टी में कथित तौर पर युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप था। हालांकि, इजरायल इन आरोपों को खारिज दिया है और उसने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी है।

जोहरान ममदानी ने इससे पहले अमेरिकी फेडरल सरकार से नेतन्याहू के खिलाफ ICC वारंट को लागू करने की मांग की थी और कहा था कि न्यूयॉर्क में इजरायली प्रधानमंत्री का “स्वागत नहीं” है। मेयर पद के लिए अपने चुनाव प्रचार के दौरान, जोहरान ममदानी ने यह भी वादा किया था कि अगर नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: नोएडा एयरपोर्ट के पास सुनहरा मौका! YEIDA की नई स्कीम में 10 प्लॉट की ई-नीलामी शुरू

ग्रेटर नोएडा में जमीन की मिलेगी अब ज्यादा कीमत, अथॉरिटी ने 50% बढ़ाया जमीन का मुआवजा, जानिए Noida से YEIDA तक नया रेट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के हित को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों की जमीन के मुआवजे की दर को 4,125 रुपये बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के फैसले को मंजूरी दे दी है। जिससे मुआवजे की दर में रिकॉर्ड 55.5 फीसदी की वृद्धि हो गई है। वहीं इस फैसले के बाद से किसानों को अब पहले के मुकाबले काफी अधिक भुगतान मिलेगा। इसके साथ ही 6% आबादी प्लॉट की योजना दुबारा शुरू की गई है। 2016 में खत्म किए गए इस प्रावधान को अब दोबारा शुरू किया गया है।

इसके तहत जो किसान 6 फीसदी आबादी प्लॉट का ऑप्शन चुनेंगे, उन्हें 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की नई दर लागू होने से ग्रेटर नोएडा के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दुबारा शुरू हुई आबादी प्लॉट सुविधा

TOI से बात करते हुए GNIDA के एडिशनल CEO सुनील कुमार सिंह के बताया, आबादी प्लॉट सुविधा वर्ष 2016 में बंद कर दी गई थी, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू किया गया है। सिंह ने कहा, “जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, 6 फीसदी आबादी प्लॉट का विकल्प चुनने वाले किसानों को अलग से विकसित किए गए आवासीय सेक्टरों में प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।” बता दें, मुआवजे को लेकर किसानों और अथॉरिटी के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे।

कितने जमीन की जरूरत

अधिकारी ने बताया कि, शहर के दूसरे चरण के विकास के लिए करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। फिलहाल पहले चरण में 31,733 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जिसमें 117 गांव आते हैं। दूसरे चरण में 140 और गांवों को शामिल किया जाना है। यह काम पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा का नियोजित क्षेत्र करीब 71 हजार हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा।

कई बड़े प्रोजेक्ट्स है शामिल

ग्रेटर नोएडा के पहले फेज में अथॉरिटी ने रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का अधिग्रहण किया था। इनमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की औद्योगिक टाउनशिप और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। अब दूसरे फेज में दादरी और सिकंदराबाद के आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत एक्वा लाइन के डिपो-बोडाकी कॉरिडोर के विस्तार के लिए भी जमीन ली जाएगी। इसके अलावा सिरसा गांव से यमुना अथॉरिटी क्षेत्र को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क के करीब 10 किलोमीटर के अधूरे हिस्से को पूरा करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

किसानों के लिए आसान बनाई जाएगी प्रक्रिया

आबादी प्लॉट को भी सामान्य रिहायशी प्लॉट की तरह ही विकसित किया जाएगा, ताकि किसानों को मिलने वाली जमीन व्यवस्थित तरीके से तैयार हो सके। जमीन की रजिस्ट्री अथॉरिटी के नाम होने के साथ किसानों को प्लॉट से जुड़ा रिजर्वेशन लेटर भी दिया जाएगा। इसके अलावा, जमीन खरीदने की पूरी प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाने की तैयारी है। इसके लिए एडिशनल CEO की निगरानी में एक अलग लैंड एक्विजिशन सेल बनाया जाएगा, जहां किसानों को जरूरी जानकारी और मदद मिल सकेगी। इससे उन्हें अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुआवजे की रकम में भी पारदर्शिता बरतते हुए भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।

आबादी प्लॉट के लिए 40 से 2,500 वर्ग मीटर तक जमीन दी जाएगी। इसके अलावा, जमीन पर बने मकान या अन्य संपत्तियों के लिए किसानों को जमीन की कीमत के अलावा अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा।

नोएडा एयरपोर्ट के पास एस्कॉर्ट्स कुबोटा बनाएगी ऐसा प्लांट जो बदल देगी ट्रैक्टर इंडस्ट्री का चेहरा! जानिए ₹2000 करोड़ का पूरा प्लान

Noida Airport News: एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में अपने नए विशाल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए भूमि पूजन किया है। 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर जिले के सेक्टर-10 में हुए इस शिलान्यास के साथ ही कंपनी ने 2000 करोड़ रुपये से अधिक के शुरुआती इन्वेस्टमेंट का भी ऐलान किया है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया प्लांट 154 एकड़ में तैयार होगा। यह कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर कमिटमेंट है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ जापानी मूल कंपनी कुबोटा के ग्लोबल एक्सपोर्ट को भी स्पीडअप करना है।

यहां पहले फेज में बनेंगे 60000 ट्रैक्टर

कंपनी इस इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कैंपस को कई फेज में तैयार करेदी। पहले फेज में सालाना 60000 ट्रैक्टर और 15000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट यूनिट्स की कैपिसिटी तैयार होगी। इसके साथ सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी फैसिलिटी भी डेवलप की जाएंगी। कंपनी के मुताबिक जब इसके सभी फेज पूरे हो जाएंगे, तो यह दुनिया भर में फैले कुबोटा ग्रुप के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में से एक बन जाएगा।

इस कैंपस में एक ही छत के नीचे ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इंजन बनाए जाएंगे। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए काम करेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के कई नए अवसर पैदा करेगा।

नोएडा एयरपोर्ट के पास होने का क्या है फायदा?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित इस प्लांट को बेहतरीन लोकेशन एडवांटेज मिलेगा। यह साइट जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब है। यह इलाका आने वाले समय में एक बड़ा रीजनल कार्गो हब बनने जा रहा है। ऐसे में इस प्लांट को देश भर में सामान भेजने के लिए मजबूत रोड कनेक्टिविटी और एक्सपोर्ट के लिए सीधा एयर कार्गो एक्सेस मिलेगा। इसके अलावा NCR में पहले से मौजूद विशाल इंजीनियरिंग और सप्लायर नेटवर्क का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

भारत पर कुबोटा का बड़ा दांव: 2030 का विजन

यह प्रोजेक्ट कुबोटा कॉरपोरेशन के मिड-टर्म बिजनेस प्लान 2030 का हिस्सा है। इसमें भारत को समूह के प्रमुख ग्रोथ मार्केट्स में शामिल किया गया है। कुबोटा कॉरपोरेशन के सीईओ शिंगो हानाडा के मुताबिक नए प्लांट का यह पैमाना कुबोटा की विकास रणनीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत अब कुबोटा के लिए सिर्फ एक बड़ा बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग हब बन रहा है।

आपको बता दें कि नवंबर 2025 में YEIDA ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ अगस्त 2024 में हुए एक एमओयू के आधार पर एस्कॉर्ट्स कुबोटा को 4500 करोड़ रुपये के कुल ट्रैक्टर निर्माण यूनिट के लिए लगभग 200 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इससे 4000 नौकरियां मिलने का अनुमान था। हाल ही में जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है, वह उसी बड़े विजन का पहला और संशोधित फेज्ड स्कोप है।

2030-31 तक फार्म मेकेनाइजेशन को नई दिशा देने का लक्ष्य

एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा ने कहा कि कंपनी प्रोडक्ट-लीड ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने इस साल अपने तीन ब्रांड्स के तहत 42 नए उत्पाद और पिछले दो सालों में 50 से अधिक उत्पाद लॉन्च किए हैं, जिससे धान की खेती, फोर-व्हील-ड्राइव और अन्य सेगमेंट्स में खाली जगहों को भरा गया है।

अप्रैल से जुलाई के दौरान कंपनी ने अपने संयुक्त पैन-इंडिया नेटवर्क के दम पर लगातार अपने मार्केट शेयर में बढ़ोतरी की है। निखिल नंदा ने कहा है कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत में फार्म मेकेनाइजेशन को स्पीडअप करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य 2030-31 तक एक ऐसा फुल-सॉल्यूशन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो सिर्फ कम कीमतों पर नहीं, बल्कि वैल्यू पर केंद्रित हो। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटलाइजेशन की बड़ी भूमिका होगी।

ये भी पढ़ें- Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट को मिला बड़ा रोड लिंक! 74 km का एक्सप्रेसवे जेवर को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, एक्सपर्ट्स से समझिए रियल एस्टेट को कैसे मिलेगा बूस्ट

आपको बता दें कि साल 1944 में स्थापित एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत और वैश्विक बाजारों में फार्मट्रैक, पावरट्रैक और कुबोटा ब्रांड्स के तहत बिक्री करती है। वहीं 1890 में ओसाका (जापान) में शुरू हुई कुबोटा कॉरपोरेशन दुनिया के 120 से अधिक देशों में कृषि, कंस्ट्रक्शन और इंजन वर्टिकल्स में काम करती है और एस्कॉर्ट्स कुबोटा में मेजॉरिटी की हिस्सेदारी रखती है।

Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर 23C में बनेगा नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल! ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी और मेडिकल हब को लेकर ये है प्लान

Noida Airport News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) तक पहुंचने और वहां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के राज्यों के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के नजदीक एक इंटरसिटी बस टर्मिनल बनाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में सिटी बसों की संख्या बढ़ाने समेत स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्टों को भी हरी झंडी दी गई है।

सेक्टर-23 में बनेगा इंटरसिटी बस टर्मिनल

YEIDA के फैसले के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-23 में ‘इंटरसिटी बस टर्मिनल’ विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आसपास के शहरों और कस्बों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा के जरिए जोड़ना है।

इस टर्मिनल के बनने के बाद यात्रियों को निजी गाड़ियों या कैब पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के विभिन्न शहरों तक बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

100 से बढ़ाकर 500 की जाएगी सिटी बसों की संख्या

YEIDA बोर्ड ने इस एरिया में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में चलने वाली सिटी बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने की मंजूरी दी गई है। इस कदम से एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, सार्वजनिक परिवहन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी।

एयरपोर्ट से आसपास के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी

YEIDA के CEO आरके सिंह के अनुसार, प्रस्तावित बस टर्मिनल एयरपोर्ट को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका मकसद यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे वे एयरपोर्ट से सीधे विभिन्न शहरों और कस्बों तक आसानी से यात्रा कर सकें।

फिलहाल,नोएडा एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ेगा। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल और सिटी बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्षेत्र के भविष्य के यातायात ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एयरपोर्ट के आसपास बनेगा 500 एकड़ का मेडिकल हब

YEIDA बोर्ड के फैसले सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं हैं। प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का भी रास्ता साफ कर दिया है।बोर्ड ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल हब बनाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में बड़े अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सेक्टर-34 में 40 एकड़ का यूनिवर्सिटी टाउनशिप

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। सेक्टर-34 में 40 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट के आसपास शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक टाउनशिप के विकास से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

50 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

इस एरिया में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। YEIDA बोर्ड ने 50 एकड़ में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए जमीन मंजूर की है। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी जमीन को मंजूरी दी गई है। इससे एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र केवल एक ट्रांसपोर्ट हब के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

सेक्टर-6 में 300 एकड़ में बनेगी ‘ताइवान सिटी’

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए YEIDA ने सेक्टर-6 में 300 एकड़ जमीन ‘ताइवान सिटी’ के लिए आरक्षित करने का भी फैसला किया है। इसका उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उद्योगों को आकर्षित करना है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को। यदि इस योजना को बड़े स्तर पर उद्योगों का समर्थन मिलता है तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का एक नया औद्योगिक केंद्र विकसित हो सकता है।

तेजी से बदलने जा रहा है एयरपोर्ट के आसपास का इलाका

YEIDA के इन फैसलों से साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास केवल हवाई यात्रा से जुड़ा ढांचा ही नहीं, बल्कि एक बड़े और आधुनिक शहरी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इंटरसिटी बस टर्मिनल, 500 सिटी बसों की योजना, 500 एकड़ का मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और ताइवान सिटी जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।

Photo: एक फ्रेम में अमित शाह और राहुल गांधी, तस्वीर ने खींचा सोशल मीडिया का ध्यान! पहली बार दिखा दुर्लभ राजनीतिक नजारा

Supriya Sule Daughter Reception Photo: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 अगस्त) रात आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की हाई-प्रोफाइल वेडिंग रिसेप्शन पार्टी में देश की राजनीति का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संसद में राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक ही फ्रेम में नजर आए।

दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही यह सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। रिसेप्शन समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर खड़े दिखाई दिए। जैसे ही अमित शाह मंच की ओर बढ़े सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री को आगे जाने का इशारा किया। हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

अमित शाह ने नवविवाहित कपल को दिया आशीर्वाद

समारोह के दौरान अमित शाह जब मंच की ओर बढ़े तो सुप्रिया सुले ने उन्हें आगे जाने का इशारा किया। फिर अमित शाह ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और नवविवाहित जोड़े के पास पहुंचे। रेवती सुले और उनके पति ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद गृह मंत्री ने नवविवाहित जोड़े को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस पूरे पल को वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने कैमरों में कैद कर लिया। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समारोह में पहुंचे। उनके साथ सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।

राहुल गांधी भी पहुंचे मंच पर

रिसेप्शन में मेहमानों का अभिवादन करने के लिए सोनिया गांधी अपने पूरे परिवार के साथ मंच पर पहुंचीं। इसी दौरान वह मंच के एक छोर की ओर चली गईं। सुप्रिया सुले उन्हें वापस नवविवाहित जोड़े के पास लेकर आईं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को भी जोड़े के बगल में खड़ा किया।

इसके बाद सुप्रिया सुले खुद एक तरफ हट गईं। फिर वहां मौजूद फोटोग्राफरों को ऐतिहासिक तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस तरह समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों एक ही कार्यक्रम और एक ही मंच के आसपास नजर आए। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी आकर्षण के केंद्र रहे।

Sule’s Daughter’s Reception_

एक समारोह में अलग-अलग दलों के बड़े नेता

दिल्ली के 6 जनपथ में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

Sule’s Daughter’s Reception

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इतने बड़े नेताओं का एक ही निजी समारोह में एक साथ पहुंचना चर्चा का विषय रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान खासतौर पर अमित शाह और राहुल गांधी की एक फ्रेम में मौजूदगी को इस आयोजन का सबसे खास ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण माना गया।

जून में हुई थी रेवती सुले की शादी

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले ने जून में मुंबई में नागपुर के उद्योगपति सारंग लखानी के साथ शादी की थी। दिल्ली में आयोजित यह रिसेप्शन शादी के बाद आयोजित एक भव्य समारोह था। इस समारोह में राजनीति, उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।

ये भी पढ़ें- Noida Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा मौका! YEIDA ला रहा 2 नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम, जानिए सबकुछ

Noida Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा मौका! YEIDA ला रहा 2 नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम, जानिए सबकुछ

YEIDA Residential Plot Schemes: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रेजिडेंशियल प्लॉट की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) नवरात्रि के दौरान दो नई रिहायशी प्लॉट योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। नई योजनाओं में पहली स्कीम कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इन दोनों योजनाओं की घोषणा अक्टूबर में होने की संभावना है।

आपके बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुए थे। इसके दो दिन बाद कार्गो टर्मिनल भी खुल गया था। YEIDA के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि अथॉरिटी अभी स्कीम की बारीकियों पर काम कर रही है। जल्द ही प्लॉट की सही संख्या और अन्य जानकारी की घोषणा की जाएगी।

40 वर्गमीटर के प्लॉट वाली होगी LIG स्कीम

हाल ही में YEIDA ने अक्टूबर में नवरात्रि के दौरान दो नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, इनमें से एक स्कीम कम आय वाले ग्रुप के लिए होगी। इसमें 40 वर्ग मीटर के प्लॉट मिलेंगे। दूसरी स्कीम आम जनता के लिए होगी। इसमें प्लॉट का साइज़ 162 से 300 वर्ग मीटर के बीच होगा।

दोनों स्कीम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पास सेक्टर 5-A में शुरू की जाएंगी। यानी अलग-अलग जरूरत और बजट वाले लोग अपनी पसंद के आकार का प्लॉट हासिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे सीमित बजट वाले लोगों को एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का मौका मिल सकेगा।

पहले प्लॉट मिल चुका है तो नहीं कर पाएंगे अप्लाई

YEIDA ने योजनाओं में पारदर्शिता और ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को मौका देने के लिए एक अहम शर्त रखी है। जिन लोगों को पहले नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी या YEIDA की किसी पिछली रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम में प्लॉट मिल चुका है, वे इन नई स्कीम के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। इसका उद्देश्य उन लोगों को दोबारा लाभ लेने से रोकना है, जिन्हें पहले ही किसी प्राधिकरण की योजना के तहत रिहायशी प्लॉट आवंटित किया जा चुका है।

प्लॉट की कीमत समेत अन्य जानकारी

फिलहाल, यमुना प्राधिकरण के मुताबिक इस एरिया में रेजिडेंशियल प्लॉट का आवंटन रेट 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर है। हालांकि, नई योजनाओं में प्लॉट की अंतिम कीमत और अन्य शुल्क से जुड़ी जानकारी प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यह कदम यमुना अथॉरिटी द्वारा जून में एयरपोर्ट के पास ही लकी ड्रॉ के जरिए भारी संख्या में रेजिडेंशियल प्लॉट अलॉट करने के ठीक बाद उठाया गया है। अप्रैल में घोषित उस स्कीम को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

जून में 973 प्लॉट के लिए आए थे 1.1 लाख आवेदन

नई योजनाओं की घोषणा ऐसे समय में हो रही है जब YEIDA की पिछली रिहायशी प्लॉट योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इतने ही प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज़्यादा वैलिड एप्लीकेशन आए थे। बेहतर एयर कनेक्टिविटी, शानदार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाके में बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ की संभावनाओं ने इस क्षेत्र को घर खरीदारों के लिए एक आकर्षक जगह बना दिया है। यह स्कीम अप्रैल में घोषित की गई थी। इसमें 973 प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोएडा एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी जमीन को लेकर लोगों में कितनी मजबूत दिलचस्पी है।

नोएडा एयरपोर्ट के कारण बढ़ी इलाके की डिमांड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस इलाके में कनेक्टिविटी एवं निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। बेहतर हवाई संपर्क के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है। यही वजह है कि एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी प्लॉट की योजनाओं में बड़ी संख्या में लोग अप्लाई कर रहे हैं। अब नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित इन दो नई स्कीमों पर भी हजारों-लाखों लोगों की नजर रहने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें- Kalanamak Rice: ₹40 से ₹150 पहुंचा कालानमक चावल का भाव! 5 गुना बढ़ा उत्पादन, ‘बुद्ध राइस’ ने किसानों की बल्ले-बल्ले कर दी