CJI Video: कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत का पहला रिएक्शन, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले

Delhi Protest Update: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर अदालत आ सकता है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर पहला बयान दिया है। CJI ने बताया कि उन्हें रविवार 11 अक्टूबर को मुलाकात के अनुरोध से जुड़ा पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने उसी रात जवाब देकर मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा।” उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है, और हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”

CJI सूर्यकांत ने यह बयान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। चीफ जस्टिस के इस बयान को विपक्षी नेताओं के उस अनुरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर CJI से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने और ज्ञापन सौंपने की मांग की थी।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात क्यों नहीं करेंगे CJI?

इससे पहले CJI जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। पीटीआई के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली- लोकतंत्र के लिए मार्च’ का नाम दिया है। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके आरोपों पर उचित कार्रवाई हो।

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दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई जगह बैरिकेडिंग

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट गेट बंद कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक कुछ स्टेशनों के गेट बंद रहेंगे।

Noida Investment News: जेवर एयरपोर्ट के पास लगेंगी 25 नई कंपनियां; ₹3,155 करोड़ का निवेश और 9,000 को मिलेगी नौकरी

Noida Investment News: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए 25 कंपनियों को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) जारी किए हैं। इसके तहत करीब 95 एकड़ क्षेत्र में ₹3,155 करोड़ का निवेश आएगा। इसके साथ ही इससे 9,000 से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों के विस्तार से यमुना सिटी को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

ऑटोमोबाइल से लेकर दवा उद्योग तक लगेंगी यूनिट

YEIDA की ओर से जारी किए गए लेटर ऑफ इंटेंट के तहत विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेंगी। इनमें ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग, हस्तशिल्प और परिधान उद्योग शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि प्रस्तावित निवेश अलग-अलग क्षेत्रों में होने से यहां कई तरह के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

किस सेक्टर में कितनी कंपनियां लगाएंगी यूनिट?

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, 25 कंपनियों को अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए LOI जारी किए गए हैं।

सेक्टर 8D: 11 कंपनियां

सेक्टर 29: 8 कंपनियां

सेक्टर 24: 3 कंपनियां

सेक्टर 6: 2 कंपनियां

सेक्टर 28: 1 कंपनी

इन औद्योगिक परियोजनाओं को निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इनमें अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे संबंधित उद्योगों को एक ही क्षेत्र में विकसित करने और औद्योगिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गेनवेल कॉमोसलेस करेगी सबसे बड़ा निवेश

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित परियोजनाओं में गेनवेल कॉमोसलेस (Gainwell Commosales) सबसे बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने 20 एकड़ मिश्रित उपयोग वाली जमीन पर इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग परियोजना स्थापित करने के लिए 497 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना से करीब 850 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मल्टीटेक्स फिल्ट्रेशन इंजीनियर्स (Multitex Filteration Engineers) पांच एकड़ जमीन पर हेवी फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने के लिए 282 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

दूसरी ओर, साइनो लाइफसाइंसेज (Cyno Lifesciences) ने 2.5 एकड़ जमीन पर दवाओं और औषधियों के निर्माण की यूनिट लगाने के लिए 206 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ी औद्योगिक भूखंडों की मांग

अधिकारियों के मुताबिक, 15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने के बाद यमुना सिटी में औद्योगिक भूखंडों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। एयरपोर्ट के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की संभावनाओं के चलते कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

एयरपोर्ट के विकास के साथ इस क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में नए औद्योगिक निवेश को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अब तक 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्राधिकरण लगातार भूखंडों का आवंटन कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 118 भूखंडों का कब्जा आवंटियों को सौंपा जा चुका है। जबकि 63 मामलों में लीज डीड निष्पादित की गई है। इसके अलावा 62 औद्योगिक इकाइयों के भवन निर्माण नक्शों को मंजूरी मिल चुकी है। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, 15 उद्यमियों ने अपनी इकाइयों में कामकाज शुरू कर दिया है, जबकि 12 इकाइयों ने फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया है।

रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

यमुना सिटी में प्रस्तावित 3,155 करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजनाएं तय योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो हजारों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ सहायक उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग और अन्य सेवाओं में भी अवसर पैदा हो सकते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों का विस्तार गौतमबुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे सकता है।

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