Noida Residential Scheme: नोएडा के इन सेक्टरों में प्लॉट खरीदने का मौका! 19 इंडस्ट्रियल प्लॉट पर लगी रिकॉर्ड बोली! यूपी में नौकरी की होगी बरसात

Noida Residential Scheme: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में औद्योगिक जमीन की मांग का एक और बड़ा संकेत सामने आया है। नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय वर्ष 2026-27 की औद्योगिक भूखंड योजना के तहत 19 प्लॉट के लिए हुई ई-नीलामी में बोली ने आरक्षित कीमत को काफी पीछे छोड़ दिया। इन प्लॉट का कुल आरक्षित मूल्य करीब ₹86 करोड़ था। लेकिन ई-ऑक्शन में इनकी बोली बढ़कर करीब ₹238 करोड़ तक पहुंच गई। यानी आरक्षित मूल्य से करीब ₹152 करोड़ ज्यादा की बोली लगी।

224 आवेदन, 195 आवेदक बोली के लिए योग्य

नोएडा प्राधिकरण की इस योजना के तहत 19 औद्योगिक प्लॉट के लिए कुल 224 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की जांच के बाद 195 आवेदकों को योग्य पाया गया। इसके बाद योग्य बोलीदाताओं ने बैंक के ई-ऑक्शन पोर्टल के जरिए नीलामी में हिस्सा लिया। बुधवार को हुई ई-नीलामी में बोलीदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। आखिरी बोली कुल मिलाकर करीब ₹238 करोड़ तक पहुंच गई। प्राधिकरण के लिए यह नतीजा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 19 भूखंडों का कुल आरक्षित मूल्य सिर्फ ₹86 करोड़ के आसपास रखा गया था।

किन सेक्टरों में हैं ये औद्योगिक प्लॉट?

  • नोएडा प्राधिकरण की योजना में शामिल ये औद्योगिक भूखंड सेक्टर-3, सेक्टर-6, सेक्टर-7, सेक्टर-9, सेक्टर-10, सेक्टर-80, सेक्टर-162 और सेक्टर-164 में स्थित हैं। इन प्लॉट का आकार भी एक जैसा नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनका क्षेत्रफल करीब 58.56 वर्ग मीटर से लेकर 7,990 वर्ग मीटर तक है।
  • यानी योजना में छोटे आकार के प्लॉट से लेकर अपेक्षाकृत बड़े औद्योगिक भूखंड तक शामिल किए गए थे। अलग-अलग सेक्टरों में स्थित होने के कारण इनकी लोकेशन और संभावित औद्योगिक उपयोग भी अलग-अलग हो सकता है।

मई में लॉन्च हुई थी स्कीम

  • नोएडा प्राधिकरण ने इस औद्योगिक भूखंड योजना को मई 2026 में लॉन्च किया था। योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-बोली की प्रक्रिया में कुछ समय लगा। सितंबर में ई-नीलामी पूरी होने के बाद अब सफल बोलीदाताओं के अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • सितंबर की शुरुआत में नोएडा प्राधिकरण ने IT/ITeS प्लॉट के लिए भी नई कीमत व्यवस्था तय की थी। प्राधिकरण ने ऐसे प्लॉट के लिए ₹86,000 प्रति वर्ग मीटर की एक समान आवंटन दर तय की थी। यह फैसला नोएडा में उपलब्ध औद्योगिक जमीन की सीमितता और निवेश की मांग के बीच लिया गया था।

अब सफल बोलीदाताओं की DPR की होगी जांच

  • E-ऑक्शन पूरा होने के बाद अब सिर्फ बोली लगना ही अंतिम चरण नहीं है। नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ पुष्प राज सिंह के मुताबिक, सफल बोलीदाताओं की DPR (Detailed Project Report) की जांच की जाएगी।
  • इस प्रक्रिया के जरिए प्रस्तावित परियोजनाओं, संभावित निवेश और उनसे पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों का आकलन किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि इन प्लॉट पर कौन-कौन सी औद्योगिक यूनिट्स स्थापित होंगी। उनसे कितना निवेश या रोजगार पैदा होगा। इसकी तस्वीर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

नोएडा में औद्योगिक जमीन की मांग क्यों अहम है?

  • नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, नोएडा करीब 20,316 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला एक योजनाबद्ध औद्योगिक शहर है। शहर में पहले से कई औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र विकसित हैं और दिल्ली से सड़क संपर्क के साथ-साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत है।
  • ऐसे में उपलब्ध औद्योगिक जमीन के लिए प्रतिस्पर्धी बोली लगना इस बात का संकेत है कि कंपनियां और निवेशक नोएडा में औद्योगिक गतिविधियों के लिए जमीन हासिल करने में रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, इन 19 प्लॉट पर वास्तविक निवेश और रोजगार का आंकड़ा संबंधित परियोजनाओं की DPR और उनके क्रियान्वयन के बाद ही सामने आएगा।

निवेश और रोजगार पर अब निगाहें

ई-ऑक्शन में आरक्षित मूल्य की तुलना में काफी ऊंची बोली लगने के बाद अब अगला फोकस इन प्लॉट पर प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के विकास पर रहेगा। सफल आवेदकों की परियोजनाओं की जांच और DPR के आकलन के बाद यह स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में कितना निवेश आएगा। साथ ही यह भी देखना होगा कि इससे कितने रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।

नोएडा के लिए यह प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि औद्योगिक जमीन सीमित होने के बीच नए प्लॉट के आवंटन से शहर में नई मैन्यूफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध होती है। हालांकि, ₹238 करोड़ की बोली को सीधे ₹238 करोड़ के नए औद्योगिक निवेश के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से भूखंडों के लिए लगी बोली की राशि है। वास्तविक प्रोजेक्ट निवेश इससे अलग और आगे तय होगा।

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Noida Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा मौका! YEIDA ला रहा 2 नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम, जानिए सबकुछ

YEIDA Residential Plot Schemes: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रेजिडेंशियल प्लॉट की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) नवरात्रि के दौरान दो नई रिहायशी प्लॉट योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। नई योजनाओं में पहली स्कीम कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इन दोनों योजनाओं की घोषणा अक्टूबर में होने की संभावना है।

आपके बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुए थे। इसके दो दिन बाद कार्गो टर्मिनल भी खुल गया था। YEIDA के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि अथॉरिटी अभी स्कीम की बारीकियों पर काम कर रही है। जल्द ही प्लॉट की सही संख्या और अन्य जानकारी की घोषणा की जाएगी।

40 वर्गमीटर के प्लॉट वाली होगी LIG स्कीम

हाल ही में YEIDA ने अक्टूबर में नवरात्रि के दौरान दो नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, इनमें से एक स्कीम कम आय वाले ग्रुप के लिए होगी। इसमें 40 वर्ग मीटर के प्लॉट मिलेंगे। दूसरी स्कीम आम जनता के लिए होगी। इसमें प्लॉट का साइज़ 162 से 300 वर्ग मीटर के बीच होगा।

दोनों स्कीम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पास सेक्टर 5-A में शुरू की जाएंगी। यानी अलग-अलग जरूरत और बजट वाले लोग अपनी पसंद के आकार का प्लॉट हासिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे सीमित बजट वाले लोगों को एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का मौका मिल सकेगा।

पहले प्लॉट मिल चुका है तो नहीं कर पाएंगे अप्लाई

YEIDA ने योजनाओं में पारदर्शिता और ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को मौका देने के लिए एक अहम शर्त रखी है। जिन लोगों को पहले नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी या YEIDA की किसी पिछली रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम में प्लॉट मिल चुका है, वे इन नई स्कीम के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। इसका उद्देश्य उन लोगों को दोबारा लाभ लेने से रोकना है, जिन्हें पहले ही किसी प्राधिकरण की योजना के तहत रिहायशी प्लॉट आवंटित किया जा चुका है।

प्लॉट की कीमत समेत अन्य जानकारी

फिलहाल, यमुना प्राधिकरण के मुताबिक इस एरिया में रेजिडेंशियल प्लॉट का आवंटन रेट 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर है। हालांकि, नई योजनाओं में प्लॉट की अंतिम कीमत और अन्य शुल्क से जुड़ी जानकारी प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यह कदम यमुना अथॉरिटी द्वारा जून में एयरपोर्ट के पास ही लकी ड्रॉ के जरिए भारी संख्या में रेजिडेंशियल प्लॉट अलॉट करने के ठीक बाद उठाया गया है। अप्रैल में घोषित उस स्कीम को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

जून में 973 प्लॉट के लिए आए थे 1.1 लाख आवेदन

नई योजनाओं की घोषणा ऐसे समय में हो रही है जब YEIDA की पिछली रिहायशी प्लॉट योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इतने ही प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज़्यादा वैलिड एप्लीकेशन आए थे। बेहतर एयर कनेक्टिविटी, शानदार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाके में बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ की संभावनाओं ने इस क्षेत्र को घर खरीदारों के लिए एक आकर्षक जगह बना दिया है। यह स्कीम अप्रैल में घोषित की गई थी। इसमें 973 प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोएडा एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी जमीन को लेकर लोगों में कितनी मजबूत दिलचस्पी है।

नोएडा एयरपोर्ट के कारण बढ़ी इलाके की डिमांड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस इलाके में कनेक्टिविटी एवं निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। बेहतर हवाई संपर्क के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है। यही वजह है कि एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी प्लॉट की योजनाओं में बड़ी संख्या में लोग अप्लाई कर रहे हैं। अब नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित इन दो नई स्कीमों पर भी हजारों-लाखों लोगों की नजर रहने की उम्मीद है।

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