NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए शुरू किए गए बड़े अभियान का हिस्सा है।

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इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। 

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आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। इस घोषणा के कुछ घंटे बाद मंत्रिमंडल ने मसौदे को मंजूरी दी।

भारतीय Gen-Z ने मेलोनी से की पीएम मोदी की शिकायत, छात्र बोले, मोदीजी को समझाओ न प्‍लीज

Gen-Z protest

नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और नतीजों को लेकर सड़कों पर उतरे Gen-Z छात्रों ने अब विरोध का एक बेहद अनूठा और रचनात्मक 'डिजिटल' रास्ता खोज निकाला है। अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए छात्रों ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट का रुख कर लिया है।

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय 'Melodi' (मोदी + मेलोनी) ट्रेंड का सहारा लेते हुए भारतीय युवाओं ने मेलोनी के पोस्ट्स के कमेंट सेक्शन को अपने तीखे व्यंग्य, मजेदार रील्स और गुहार से पाट दिया है। कुल मिलाकर छात्रों ने मेलोनी से पीएम मोदी की शिकायत कर डाली। सड़कों पर बैनर-पोस्टर लहराने के साथ-साथ यह डिजिटल विरोध अब इंटरनेट पर ज़बरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है।

मेलोनी के कमेंट सेक्शन में पहुंचे 'नीट एस्पिरेंट्स'
जब इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तस्वीरें शेयर कीं, तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं रहा होगा कि भारत के लाखों मेडिकल छात्र वहां अपनी फरियाद और मोदी जी की शिकायत लेकर पहुंच जाएंगे।

इंटरनेट पर एक्टिव Gen-Z छात्रों ने मेलोनी और पीएम मोदी की ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग पर चुटकी लेते हुए कमेंट्स की बाढ़ ला दी। छात्रों का कहना है कि “जब हमारी बात सीधे नहीं सुनी जा रही, तो क्यों न 'इंटरनेशनल इन्फ्लुएंस' का इस्तेमाल किया जाए!”

‘मैम, जरा बोलिए ना’: मेलोनी के अकाउंट पर दिखे ये मजेदार कमेंट्स
मेलोनी के इंस्टाग्राम पोस्ट के नीचे भारतीय छात्रों के कमेंट्स पढ़कर कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पा रहा है। कुछ सबसे ज्यादा वायरल और ट्रेंडिंग कमेंट्स हैं:

'मेलाडी' बॉन्ड का वास्ता: “मेलोनी मैम, आपकी और हमारे पीएम की दोस्ती बहुत अच्छी है। प्लीज उनसे बोलिए न कि नीट (NEET) के छात्रों का दुख समझें और री-एग्जाम करवाएं!” और पेपर लीक रूकवाए। अपने बॉयफ्रेंड से कहो, बच्‍चों की बातें सुन लें। मोदी अच्‍छा आदमी नहीं है, इन्‍हें छोड दो। आप बोलो तो आपकी तो मोदी जी सुन लेंगे।

पंचायत स्टाइल में गुहार: मैम! हमारे वाले पीएम सर आपकी बात तो पक्का सुनेंगे। एक बार बस बोल दीजिए कि NTA की जांच बिठाई जाए।”

'रिलेशनशिप' वाला तंज: मैम, सच्चा दोस्त वही होता है जो सही समय पर सही सलाह दे। आप ही हमारे पीएम को समझाइए कि 720 में से 720 नंबर बांटना कितना अजीब है!”

इटैलियन पिज्जा और चाय का तंज: अगली बार जब आप चाय-पिज्जा पर मिलें, तो प्लीज हमारी नीट की मार्कशीट भी टेबल पर रख दीजिएगा!

देसी अंदाज: मैम, भाभी जी समझकर आपसे हक से कह रहे हैं… NTA का कुछ करवाइए, यहां बच्चे डिप्रेशन में हैं! Gen-Z छात्रों के इस कदम ने यह साफ कर दिया है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी मांगों को रखने के लिए सिर्फ नारेबाजी पर निर्भर नहीं है। डार्क ह्यूमर और पॉप-कल्चर रेफरेंस का सहारा लेकर वे गंभीर से गंभीर मुद्दे को ट्रेंडिंग टॉपिक बनाने का हुनर रखते हैं।

सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह का 'मीम प्रोटेस्ट' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींचता है और यह बिना किसी हिंसा या तोड़फोड़ के अपनी बात को पुरजोर तरीके से दुनिया के सामने रखने का एक नया तरीका बन चुका है।

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी ने क्या कहा? किरन रिजिजू ने सब बताया

NEET paper leak: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि देश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पीएम मोदी ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए… उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया… उन्होंने दोषियों को सजी देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई कमी न हो।”

उन्होंने आगे कहा, “NDA चल रहे मीनसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा। देश के हित में लाए जाने वाले बिलों को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी आग्रह करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वे देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए मिलकर काम करें।”

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों से संसद के विधायी कार्यों में एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों से भी रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के हित में सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसमें हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं। इस वर्ष पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

यह एग्जाम भारत में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS), बीयूएमएस (BUMS) सहित विभिन्न मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।

इसी दौरान सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसमें कई छात्रों ने गलत अंक दिए जाने और कुछ मामलों में दूसरे छात्रों के परिणाम जारी होने जैसी शिकायतें की थीं। इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

NEET UG 2026 Result जारी! पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने किया टॉप, लड़कियों का शानदार रहा प्रदर्शन

NEET UG Result 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट), NEET UG 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट और फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। एग्जाम में शामिल हुए 20 लाख से अधिक उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। इस बार पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से 715/720 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR 1) प्राप्त की है। कुल 11.21 लाख उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं। क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं। एग्जाम 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी।

क्यों जल्दी जारी हुआ रिजल्ट?

NTA द्वारा जारी फाइनल आंसर-की के अनुसार, परीक्षा का एक सवाल ड्रॉप कर दिया गया है। इसी आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किए गए हैं। NTA ने कहा कि NEET-UG के नतीजे समय पर घोषित किए गए हैं ताकि मेडिकल कोर्स में एडमिशन और उम्मीदवारों की काउंसलिंग का शेड्यूल योजना के अनुसार आगे बढ़ सके।

सभी क्वालिफ़ाई करने वाले उम्मीदवारों में से 58 प्रतिशत से ज़्यादा महिलाएं हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के क्वालिफ़ाई करने की दर भी अधिक रही। परीक्षा में शामिल होने वाली 56.8 प्रतिशत महिलाएं क्वालिफ़ाई हुईं हैं। जबकि पुरुषों के मामले में यह आँकड़ा 55.1 प्रतिशत था।

लड़कियों का प्रदर्शन रहा बेहतर

इस साल NEET UG 2026 में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा:-

  • कुल सफल उम्मीदवारों में 58% से अधिक लड़कियां हैं।
  • परीक्षा में शामिल हुई 56.8% छात्राएं सफल रहीं।
  • 55.1% छात्र क्वालिफाई कर सके।

कैटेगरी के अनुसार सफल उम्मीदवार

जनरल (General): 2.91 लाख

OBC-NCL: 5.12 लाख

SC: 1.59 लाख

ST: 63,716

जनरल-EWS: 95,026

PwBD: 3,666

PwD: 303

साथ ही सभी कैटेगरी के कट-ऑफ अंक और पर्सेंटाइल भी जारी कर दिए गए हैं।

कितने छात्रों ने बनाए बड़े स्कोर?

NTA ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की है। इनमें प्रमुख नाम हैं:-

जिगमेट यांगचेन लामो (लद्दाख) – 530 अंक

ध्रुव त्रिपाठी (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) – 606 अंक

फहमीदा अनीस (लक्षद्वीप) – 573 अंक

इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों के टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की गई है। कुल 17 राज्य टॉपर्स ने 700 या उससे अधिक अंक। जबकि 26 राज्य टॉपर्स ने 690 से अधिक अंक हासिल किए हैं।

परीक्षा शुल्क वापसी की प्रक्रिया

NTA ने बताया कि 3 मई को आयोजित परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार परीक्षा शुल्क की वापसी (Refund) के लिए अपनी बैंक खाते की जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अब तक 11.46 लाख से अधिक उम्मीदवार अपनी बैंक डिटेल्स जमा कर चुके हैं।

ऐसे करें रिजल्ट चेक

री-NEET UG 2026 परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड की मदद से अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी होने के साथ ही अब उम्मीदवारों की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर होगी, जिसके जरिए देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होगी।

NEET-UG Paper Leak: CBI का बड़ा दावा, लातूर कोचिंग संचालक के मोबाइल से मिले 111 सवाल NTA पेपर से करते हैं मैच

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे मजबूत सबूत दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया है। दरअसल, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग ऑपरेटर शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले हाथ से लिखे 136 सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर क्वेश्चन पेपर से मेल खाते हैं। जिससे इस दावे को और मजबूती मिलती है कि परीक्षा का पेपर टेस्ट से पहले ही लीक हो गया था।

बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘मोटेगांवकर सर की RCC’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 1.6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

CBI ने लगाया आरोप

CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से कुछ दिन पहले, 23 अप्रैल को लीक हुए सवाल मिले थे। एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक कथित चेन के जरिए हुआ जिसमें लातूर के बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मनोज शिरुरे और केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर व NTA पैनल के पूर्व सदस्य PV कुलकर्णी शामिल थे।

CBI का दावा है कि कुलकर्णी के पास कथित तौर पर प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और इन्हीं के जरिए सवाल बाहर आए। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पेपर लीक 5 लाख रुपये के बदले किया गया था।

फिलहाल, इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है और ये आरोप CBI की उन दलीलों का हिस्सा हैं जो कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध करते हुए पेश की गई हैं।

CBI ने यह भी कहा है कि लीक हुए प्रश्न पत्र की PDF कॉपी टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये में बेची गई थी। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले कुछ अभ्यर्थियों के बीच 150 पेज का “गेस पेपर” भी बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। इनमें से लगभग 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के सवालों से मेल खाते पाए गए, जिससे पता चलता है कि उम्मीदवारों के पास पेपर का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही मौजूद था।

जांच महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची

महाराष्ट्र से जुड़ा मामला तब सामने आया जब जांच करने वालों ने परीक्षा से पहले सामने आए तथाकथित “गेस पेपर” के सर्कुलेशन की जांच शुरू की।

शुरुआती जांच में पता चला था कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में 100 से ज्यादा सवाल असली NEET-UG पेपर से मेल खाते थे, जिसके बाद अधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक फैल गई, जहां जांच करने वालों ने लातूर के ट्यूटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की।

NEET पेपर लीक विवाद कब शुरू हुआ?

बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद तब शुरू हुआ, जब राजस्थान में छात्रों के बीच घूम रहे एक कथित “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न-पत्र) और असली प्रश्न-पत्र में बहुत ज्यादा समानता पाई गई। बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि 100 से ज्यादा सवाल एक जैसे थे, जिसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, जांचकर्ताओं को एक संगठित नेटवर्क का पता चला जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैले प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग चलाने वाले और उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद मामला CBI को सौंप दिया गया।

इस कथित लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 3 मई की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा, जिससे 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए।

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NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

CAT 2026 Notification: जल्द जारी किया जाएगा कैट 2026 का नोटिफिकेशन, यहां जानें आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न

CAT 2026 Notification: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) और भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान (IIT) में मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाने वाला कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। आईआईएम जल्द ही इसके लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। इससे देश भर में मैनेजमेंट प्रोग्राम के लिए साल का एडमिशन साइकिल शुरू हो जाएगा। पिछले साल के ट्रेंड को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि कैट 2026 का नोटिफिकेशन जुलाई में जारी हो सकता है। पिछले साल कैट का विज्ञापन जुलाई में पब्लिश हुआ था।

बता दें, यह परीक्षा आईआईएम में एमबीए पाठ्यक्रम का मेन गेटवे है और कई दूसरे बिजनेस स्कूल भी प्रवेश के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। आईआईएम में प्रवेश के लिए कैट स्कोर एक जरूरी क्राइटेरिया है। हालांकि, अंतिम चयन के लिए शॉर्टलिस्ट कैंडिडेट की सूचि संबंधित आईआईएम की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हर आईआईएम शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट को सीधे इंटरव्यू लेटर भेजेगा। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि देश के सभी आईआईएम और अन्य प्रबंधन संस्थानों के शॉर्टलिस्टिंग के क्राइटेरिया अलग-अलग होते हैं।

आईआईएम प्रवेश प्रक्रिया समझें

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आईआईएम और अन्य प्रबंधन संस्थान अपने-अपने योग्यता मानदंड के आधार पर इंटरव्यू चरण के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करते हैं। यह एक-दूसरे से अलग हो सकते हैं। इस प्रक्रिया में राइटिंग एबिलिटी टेस्ट (WAT), ग्रुप डिस्कशन (GD) और पर्सनल इंटरव्यू (PI) शामिल हो सकते हैं।

कैट 2026 में परीक्षार्थियों का प्रदर्शन प्रवेश प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा होगी। आईआईएम सहित सभी प्रमुख प्रबंधन संस्थान प्रवेश प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग और रैंकिंग में कैंडिडेट्स का पिछला शैक्षिक प्रदर्शन, काम का अनुभव, जेंडर और एकेडमिक डाइवर्सिटी और इसी तरह के दूसरे इनपुट जैसे दूसरे फैक्टर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रक्रिया, शैक्षिक कट-ऑफ और मूल्यांकन मानदंडों को दिया गया वेटेज अलग-अलग आईआईएम में अलग-अलग हो सकता है।

ज्यादातर आईआईएम इंटरव्यू और लिखित परीक्षा का समायोजन करते हैं। कुछ में ग्रुप एक्सरसाइज या अतिरिक्त टेस्ट भी शामिल होते हैं। हाल के साइकल में कई आईआईएम ने इन-पर्सन इंटरव्यू जारी रखे हैं जबकि कुछ ने इन्हें हाइब्रिड ऑप्शन के साथ पूरा किया है।

प्रवेश प्रक्रिया के लिए जरूरी डिटेल्स

पर्सनल डिटेल्स : आपको अपना नाम, जन्म की तारीख, जेंडर, कैटेगरी, स्कैन किए हुए पासपोर्ट-साइज फोटो और सिग्नेचर डालने होंगे।

शैक्षिक : 10वीं और 12वीं कक्षा की मार्कशीट या स्कोर और आपकी बैचलर डिग्री, और मास्टर या प्रोफेशनल डिग्री।

काम का अनुभव : उम्मीदवारों को कंपनी के नाम, पद और अवधि देने होंगे। इसमें समय के हिसाब से एम्प्लॉयमेंट ब्रेक या एग्जिट की डिटेल हो।

पाठ्यक्रम : कैंडिडेट्स को उन 21 हिस्सा लेने वाले आईआईएम में से खास पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स (PGP) और फेलो प्रोग्राम्स (FPM/PhD) चुनने होंगे जिनके लिए वे अप्लाई करना चाहते हैं, साथ ही पसंदीदा इंटरव्यू सिटी भी चुननी होगी।

परीक्षा शहर : आवेदकों को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट लिखने के लिए प्राथमिकता के अनुसार पांच पसंदीदा परीक्षा शहर चुनने का ऑप्शन दिया जाएगा।

डिक्लेरेशन : परीक्षार्थियों को शर्तों से सहमत होना होगा, यह सत्यापित करना होगा कि दी गई सभी जानकारी सही है, और अपना सबमिशन फाइनल करने के लिए पंजीकरण शुल्क देना होगा।

कैट परीक्षा पैटर्न

कैट परीक्षा पैटर्न के तीन हिस्से होते हैं, वर्बल एबिलिटी और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, डेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एबिलिटी। कैट 2026 देश भर के आईआईटी जैसे बड़े संस्थानों में एमबीए या पीजीडीएम में प्रवेश चाहने वाले उम्मीदवारों के लिए 120 मिनट का होता है।

CSIR UGC NET June 2026: csirnet.nta.nic.in पर जारी हुआ एडमिट कार्ड, पासवर्ड और एप्लिकेशन नंबर की मदद से करें डाउनलोड

NEET UG 2026 Re-exam: एनटीए कभी भी जारी कर सकता है फाइनल आंसर की, तुरंत देखने के लिए एप्लिकेशन नंबर की होगी जरूरत

NEET UG 2026 Re-exam: कई उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद स्नातक स्तरीय नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET UG) 2026 अब अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जल्द ही अपनी ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की फाइनल आंसर की जारी कर सकता है। इस परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी फाइनल आंसर की जारी होने के बाद उसे चेक कर सकेंगे। फाइनल आंसर की के बाद, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट भी जल्द ही जारी किया जाएगा।

कैंडिडेट फाइनल आंसर की जारी होने का इंतजार कर रहे हैं, जो प्रोविजनल आंसर की में उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन को देखने के बाद तैयार की जाएगी। परीक्षार्थी अपनी लॉगिन डिटेल्स, आवेदन संख्या और जन्म तिथि का इस्तेमाल करके आधिकारिक वेबसाइट से नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की ओएमआर रिस्पॉन्स शीट, फाइनल आंसर की और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जरूरी तारीखें

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से जुड़ी जरूरी तारीखें और इवेंट्स नीचे दी गई टेबल में हैं :

जानकारी तारीख

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तारीख : 21 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम प्रोविजनल आंसर की : 25 जून 2026

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की : जल्द आने की उम्मीद

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट : 20 जुलाई 2026 संभावित

आधिकारिक वेबसाइट : neet.nta.nic.in

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की कैसे डाउनलोड करें?

  • ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की लिंक पर क्लिक करें, यह होमपेज पर मिलेगा।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की पीडीएफ स्क्रीन पर दिखेगी।
  • सभी क्वेश्चन पेपर सेट के सही जवाब चेक करें।
  • पीडीएफ को डाउनलोड करके भविष्य में इस्तेमाल के लिए सेव कर लें।
  • नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट बनाम फाइनल आंसर की

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम ओएमआर शीट और फाइनल आंसर की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान जारी किए जाने वाले दो अलग-अलग डॉक्यूमेंट हैं। ओएमआर शीट उन जवाबों की स्कैन की हुई कॉपी होती है जिन्हें कैंडिडेट परीक्षा के दौरान मार्क करते हैं। इससे परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान दिए गए जवाबों को चेक कर सकते हैं और अनुमानित स्कोर पा सकते हैं।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम फाइनल आंसर की में आधिकारिक जवाब होते हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता और ऑब्जेक्शन विंडो के दौरान उठाए गए सभी ऑब्जेक्शन से वेरिफाई किया जाता है। ओएमआर शीट सभी कैंडिडेट के लिए है और इसे तभी पाया जा सकता है जब वे अपनी डिटेल्स के साथ लॉगिन करें लेकिन फाइनल आंसर की सभी के लिए समान होती है। एनटीए इसका इस्तेमाल आंसर शीट को चेक और वेरिफाई करने और नीट यूजी 2026 री-एग्जाम रिजल्ट तैयार करने के लिए करता है। फाइनल आंसर की जारी होने के बाद, आगे कोई चैलेंज या ऑब्जेक्शन नहीं लिया जाएगा।

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NEET UG Result 2026: 20 जुलाई को जारी होगा नीट यूजी रिजल्ट, जानें एनटीए अधिकारी ने क्या दिया अपडेट

NEET UG Result 2026: दो बार नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 दे चुके 22 लाख परीक्षार्थी अब रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन्हें एमबीबीएस एडमिशन और नए शैक्षिक सत्र शुरू होने में देरी की भी चिंता सता रही है। लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से एक राहत भरी खबर आ रही है। परीक्षा एजेंसी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) को जानकारी दी है कि नीट यूजी 2026 रिजल्ट 20 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा।

हालांकि, एजेंसी ने अभी रिजल्ट की पक्की तारीख नहीं बताई है, लेकिन एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रिजल्ट जल्द से जल्द जारी करने के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारी ने स्टूडेंट्स को यह भी भरोसा दिलाया कि री-एग्जाम की वजह से हुई देरी के कारण एमबीबीएस शैक्षिक सत्र शुरू होने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें, नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को हुआ था, जिसमें लगभग 22 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इससे पहले, 03 मई 2026 को हुए नीट यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों की वजह से कैंसिल कर दिया गया था।

अधिकारी ने कहा, “हम अभी कोई तारीख नहीं बताना चाहेंगे, लेकिन रिजल्ट 20 जुलाई तक आ जाएगा। आमतौर पर, एग्जाम के 45 दिनों के अंदर रिजल्ट घोषित कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार, क्योंकि हमने 37 दिनों में एग्जाम कराया है, इसलिए हम रिजल्ट बहुत पहले घोषित कर देंगे।” नीट यूजी री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की 25 जून को जारी की गई थी, और कैंडिडेट्स को 28 जून तक आपत्ति करने का समय दिया गया था। अधिकारी के मुताबिक, परीक्षार्थियों की ओर से करीब 10,000 चुनौतियां दी गई हैं।

एजेंसी अब फाइनल आंसर की और रिजल्ट तैयार करने से पहले हर ऑब्जेक्शन को रिव्यू कर रही है। अधिकारी ने आगे कहा, “हमें सभी चैलेंज को एक-एक करके स्कैन करना होगा, सपोर्टिंग एविडेंस की जांच करनी होगी और उनमें से हर एक का जवाब देना होगा।” एनटीए ने यह भी कहा कि री-एग्जाम के बावजूद, एमबीबीएस प्रवेश कार्यक्रम और नए शैक्षिक सत्र के शेड्यूल पर कोई असर नहीं होगा। हालांकि, काउंसलिंग टाइमटेबल अभी तक अनाउंस नहीं किया गया है।

नीट यूजी रिजल्ट घोषित होने के बाद, मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ), एम्स, JIPMER, सेंट्रल यूनिवर्सिटी और डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगी। स्टेट अथॉरिटी बाकी 85% स्टेट कोटा सीटों के लिए काउंसलिंग शेड्यूल अलग से घोषित करेंगी। इस बीच, तमिलनाडु समेत कुछ राज्यों ने नीट यूजी 2026 रिजल्ट के इंतजार के बीच नए शैक्षिक सत्र में प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है।

काउंसलिंग के लिए परीक्षार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, काउंसलिंग फीस पे करनी होगी, और अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स भरने होंगे। सीटें नीट रैंक, श्रेणी, आरक्षण नियम, पसंद और सीट की उपलब्धता के आधार पर दी जाती हैं। सीट हासिल करने वाले उम्मीदवार को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और प्रवेश के लिए अपने अलॉटेड कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा।

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ICSSR Postdoctoral Fellowship 2026: पोस्टडॉक्टोरल और सीनियर फेलोशिप के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 21 जुलाई तक करें अप्लाई

ICSSR Postdoctoral Fellowship 2026: इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) में वित्त वर्ष 2026–2027 के लिए पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप और सीनियर फेलोशिप स्कीम के लिए ऑनलाइन आवदेन शुरू हो गए हैं। इन दोनों फेलोशिप में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आईसीएसएसआर की आधिकारिक वेबसाइट पर 21 जुलाई, 2026 तक पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रहेगी। उम्मीदवारों को किसी भी फेलोशिप स्कीम के तहत कोई अलग रिसर्च प्रपोजल या हार्ड कॉपी जमा नहीं करनी होगी।

आईसीएसएसआर पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप 2026 पात्रता मानदंड

आईसीएसएसआर पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप 2026 के लिए सिर्फ भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र आवेदन की आखिरी तारीख तक 45 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। SC, ST और बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले कैंडिडेट्स के लिए उम्र में पांच साल की छूट है।

आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार के पास PhD डिग्री होनी चाहिए, और उनकी रिसर्च काबिलियत पब्लिश हुए काम से दिखनी चाहिए। एप्लीकेंट्स का पब्लिकली फंडेड इंडियन यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, अप्रूव्ड PhD प्रोग्राम वाले कॉलेज, ICSSR रिसर्च इंस्टीट्यूट, मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन से अप्रूव्ड नेशनल इंपॉर्टेंस का इंस्टीट्यूशन, या किसी सरकारी रिसर्च इंस्टीट्यूट से एफिलिएटेड होना जरूरी है। फेलोशिप को एफिलिएटिंग इंस्टीट्यूशन के जरिए एक सर्विंग सीनियर सोशल साइंटिस्ट की देखरेख में मैनेज किया जाएगा, जो एसोसिएट प्रोफेसर के रैंक से नीचे का न हो, आईसीएसएसआर से मंजूरी के अधीन।

चयन प्रक्रिया

पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप स्कीम के तहत सिर्फ एक आवेदन किया जा सकता है, हालांकि उम्मीदवार दूसरी आईसीएसएसआर स्कीम के लिए अलग से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन का कई चरण में विषेय विशेषज्ञ के पैनल के सामने मूल्यांकन और प्रदर्शन होगा। अंतिम सुझाव वाजिब आईसीएसएसआई कमेटियों के सामने रखे जाएंगे। चयनित उम्मीदवार और उनसे जुड़े संस्थानों को मंजूरी के बाद अस्थायी अवॉर्ड लेटर मिलेंगे।

अनुभवी स्कॉलर्स के लिए सीनियर फेलोशिप

सीनियर फेलोशिप 45 से 70 साल के उन भारतीय शोधकर्ताओं के लिए है जिनके पास पीएचडी है और जिन्होंने सामाजित विज्ञान अध्ययन में अहम योगदान दिया है। इस स्कीम का मकसद वरिष्ठ शोधकर्ताओं को पहचाने गए थीम पर पूर्णकालिक शोध करने और सोशल और पॉलिसी चैलेंजेस की एविडेंस-बेस्ड समझ में योगदान देने में मदद करना है।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदकों को निर्धारित समय सीमा के भीतक आईसीएसएसआर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। संस्थानों को सिर्फ उन उम्मीदवारों के आवेदन आगे बढ़ाने होंगे जो आईसीएसएसआर दिशानिर्देशों के तहत तय पात्रता मानदंड को पूरा करते हैं।

फेलोशिप का समय

यह फेलोशिप दो साल के लिए पूर्णकालिक शोध कार्य है, जिसमें एक्सटेंशन का कोई प्रावधान नहीं है। चयनित शोधकर्ताओं को शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, हर महीने 31,000 रुपये के साथ-साथ सालाना 25,000 रुपये का कंटिंजेंसी ग्रांट मिलेगा।

फेलोशिप के दौरान, शोधकर्ताओं को अपने रिसर्च थीम से जुड़े पीयर-रिव्यूड जर्नल्स में कम से कम दो रिसर्च पेपर पब्लिश करने होंगे और आईसीएसएसआर समर्थन को मानना होगा। कार्यकाल के आखिर में, उन्हें एक किताब जितनी लंबी फाइनल रिपोर्ट, 3,000 से 4,000 शब्दों की समरी, पब्लिश हुए रिसर्च पेपर और एक प्लेजरिज्म रिपोर्ट जमा करनी होगी, जिसमें 10% से ज्यादा का सिमिलैरिटी इंडेक्स न दिखे।

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