LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

mahakaleshwar

Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

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Top News 17 August : नाग पंचमी और श्रावण के तीसरे सोमवार को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दिल्ली मार्च के तैयारी में जुटे किसान। NTA ने यूजीसी नेट की रिएक्जाम का कार्यक्रम जारी किया। AI बॉस ने मांगा लेट आने वाले कर्मचारी का इस्तीफा। CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत हो गई। 17 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

नाग पंचमी और श्रावण का तीसरा सोमवार

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं का तांता। नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी रात 12 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खुला। साल भर में केवल एक दिन ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ALSO READ: नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

 

दिल्ली मार्च की तैयारी में किसान

किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर बिताई रात। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें।

 

UGC-NET: NTA फिर लेगा 3 विषयों की परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

AI बॉस ने मांगा इस्तीफा

सैन फ्रांसिस्को में एआई से चलने वाली प्रयोगात्मक दुकान एंडॉन मार्केट में AI प्रबंधक ‘लूना’ ने एक मानव कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। कर्मचारी 23 शिफ्ट में 17 बार देर से काम पर पहुंचा था। हालांकि अंतिम फैसला AI ने अकेले नहीं लिया।

 

CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत हो गई। सीजेपी ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। सीएम शुभेंदु अधिकरी ने कहा है कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस दो अन्य की तलाश कर रही है। उन्होंने मामले में पूरा इंसाफ होने का भरोसा भी दिलाया।

UGC NET के इन तीन सब्जेक्ट का रि-एग्जाम कराएगा NTA, जारी हुआ शेड्यूल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 की कुछ परीक्षाओं को दोबारा कराने का फैसला किया है। ये फैसला अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्नपत्र को लेकर उठाई गई आपत्ति के बाद लिया गया है। एजेंसी इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी सब्जेक्ट्स का रिएग्जाम कराने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने इन तीन सब्जेक्ट्स के लिए डेट का भी ऐलान कर दिया है। NTA के इस फैसले का मकसद परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को दूर करना है। बता दें UGC-NET की जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी।

क्वेश्चन पेपर में मिली थी गड़बड़ी

X पर NTA ने बताया कि एक कमेटी ने अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच की, जिसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया। जांच में प्रश्नपत्रों में कई तरह की बड़ी गलतियां सामने आईं। इनमें तथ्यों से जुड़ी गलतियां, टाइपिंग और अनुवाद की समस्याएं, प्रसिद्ध विद्वानों के नाम का छूट जाना, किताबों के नाम में गड़बड़ी और कुछ सवालों की भाषा में कमी जैसी शिकायतें शामिल थीं।

वहीं जांच में पाया गया कि, क्वेश्चन पेपर में ग्रामर और नंबर से जुड़ी गलतियां, सही तरीके से स्पष्ट न किए गए ऑप्शन, कुछ विषयों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल और सवालों या उनके विकल्पों का दोहराव शामिल था। NTA के मुताबिक, इन सभी दिक्कतों को परीक्षा के बाद केवल गलत सवालों को हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। इसलिए इन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

कब होगा एग्जाम

UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा अब नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी। इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा, जबकि कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं, सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की नई तारीख और समय की जानकारी ध्यान से चेक कर लें।

रीएग्जाम के लिए नहीं देनी होगी कोई फीस

NTA ने साफ किया कि दोबारा होने वाली UGC-NET परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे समय-समय पर वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि परीक्षा से जुड़ा कोई जरूरी अपडेट न छूटे।

कब जारी होंगे बाकि एग्जाम के रिजल्ट

NTA ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी तय करने के लिए UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 85 सब्जेक्ट्स में 22 से 30 जून के बीच कराई थी। इनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। बाकी 84 विषयों के रिजल्ट तय समय पर जारी किए जाएंगे। NTA ने कहा है कि इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होने से बाकी विषयों के रिजल्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की दोबारा होने वाली परीक्षा के बाद भी पात्रता का नियम पहले जैसा ही रहेगा।

NEET-PG cut-off case: डीजीएचएस की अध्यक्षता वाली समिति करेगी नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया का ऑडिट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

NEET-PG cut-off case: नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 12 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान करेगी। इसे ठीक करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सलाह देगी और आंतरिक ऑडिट के लिए एक व्यवस्था बनाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत में नीट पीजी 2025-26 प्रवेश के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि समिति का गठन 23 जुलाई के नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक किया गया था। कमेटी को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डी लवनीश जी कृष्णा हेड कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ प्रवीण कुमार दास मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।

इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) और हेल्थ मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं। भाटी ने कहा कि कमेटी का काम मौजूदा पीजी प्रवेश प्रक्रिया के विस्तृत आंतरिक ऑडिट के लिए एक तंत्र बनाना और सुधार लागू करने लायक सुझाव देना है। उन्होंने बेंच को बताया कि इस काम में आठ हफ्ते लगेंगे। केंद्र का जवाब दर्ज करने के बाद बेंच ने कमेटी को आठ हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद हम इस मुद्दे पर सक्रिय तौर से चर्चा करेंगे।” पीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कमेटी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) से मेंबर्स को को-ऑप्ट कर सकती है।

पिटीशनर हरिशरण देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद और एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का सुझाव दिया। भाटी ने जवाब दिया कि सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को इस मामले में पहले ही एमिकस अपॉइंट किया जा चुका है।

नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया पर याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन और डॉक्टर सौरव कुमार, लक्ष्य मित्तल और आकाश सोनी की तरफ से फाइल की गई है। इसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के 13 जनवरी के नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें नीट पीजी 2025-26 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दिया गया था।

संशोधित योग्यता मापदंड के तहत, सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया गया, जबकि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर सातवें पर्सेंटाइल पर आ गया। SC, ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए, कट-ऑफ स्कोर 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया। पिटीशनर्स का कहना है कि यह फैसला मनमाना, गैर-संवैधानिक है और संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

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ओडिशा में परीक्षा के दौरान व्हाट्सऐप पर वायरल हुआ PG मेडिकल का पेपर, यूनिवर्सिटी ने दिए आंतरिक जांच के आदेश

Odisha Medical exam Paper Leak

Odisha Medical Exam Paper Leak: ओडिशा में पोस्टग्रेजुएट (PG) मेडिकल परीक्षा के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। जनरल सर्जरी थ्योरी परीक्षा का प्रश्नपत्र हल किए जाने के समय ही व्हाट्सऐप पर लीक होने का आरोप लगा है। मामला सामने आते ही ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) ने उच्चस्तरीय आंतरिक जांच शुरू कर दी है और बाकी परीक्षाओं के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

 

दरअसल, ओडिशा में स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। 2023-26 बैच के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों की 'जनरल सर्जरी थ्योरी' परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र कथित तौर पर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। शुरुआती जांच के अनुसार, यह घटना बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी (MKCG) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जुड़ी मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सोमवार को परीक्षा हॉल में छात्रों को प्रश्नपत्र बांटे जाने के महज कुछ ही मिनटों बाद किसी व्यक्ति ने उसकी तस्वीरें खींचकर व्हाट्सऐप पर वायरल कर दीं।

 

इस बात का खुलासा तब हुआ जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उस छात्र के पास कथित तौर पर वायरल प्रश्नपत्र की तस्वीरें मौजूद थीं। ALSO READ: NEET विवाद के बीच प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री, पदभार संभालते ही कही बड़ी बात

यूनिवर्सिटी की आपात बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए OUHS के कुलपति मानस रंजन साहू ने उन सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक की, जहाँ ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हरेकृष्ण दलई ने बताया कि कुलपति ने सभी संस्थानों को बची हुई परीक्षाओं के लिए सुरक्षा इंतजाम सख्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई

इसे पेपर लीक नहीं कह सकते

हालांकि, प्राचार्य हरेकृष्ण दलई का मानना है कि इसे तकनीकी रूप से 'पेपर लीक' नहीं कहा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया, अगर प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचने से पहले बाहर आ जाता, तो हम इसे लीक कहते। लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने और छात्रों के हाथों में पहुंचने के बाद हॉल से बाहर गया है।

बची हुई परीक्षाओं पर नजर

PG थ्योरी परीक्षाओं का यह दौर 21 जुलाई से शुरू हुआ था। आगामी परीक्षाएं 1 अगस्त और 5 अगस्त को आयोजित होनी हैं। अकेले बेरहामपुर के एमकेसीजी कॉलेज में ही 150 से अधिक डॉक्टर-छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हो रहे हैं, जिसके चलते प्रशासन अब किसी भी तरह की चूक के मूड में नहीं है।

सख्त कानून के बीच उठा मामला

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब संसद ने हाल ही में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने वाले कानून में संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है। इस नए और सख्त कानून में परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

‘प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद’, जयराम रमेश का मोदी पर हमला, बोले- देश से माफी मांगें

jairam ramesh attacks pm modi over students forgiveness statement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं, पेपर लीक, नोटबंदी और अन्य मुद्दों पर देश से माफी मांगनी चाहिए। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, कांग्रेस खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं।

 

कब माफी मांगेंगे पीएम मोदी?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है, जिसकी स्थापना की घोषणा उन्होंने स्वयं 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी।

जयराम रमेश ने कहा कि पूरा देश आज भी 8 नवंबर 2016 को लिए गए उनके तुगलकी फैसले के लिए उनकी माफी का इंतजार कर रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली और लाखों MSME बंद होने की कगार पर पहुंच गए। ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा

जयराम रमेश ने कहा कि लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं।

 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं… गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।

NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

NEET विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने मंगलवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परेशान किया जा रहा है। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई जारी रही तो उनकी पार्टी जल्द ही एक बड़ा और शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करेगी। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

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छात्रों के उत्पीड़न पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

 

अभिजीत दिपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस द्वारा छात्रों को परेशान करने की कार्रवाई जारी रहती है तो Cockroach Janta Party जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सरकार से छात्रों को निशाना बनाना और कथित उत्पीड़न बंद करने की मांग की।

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आंदोलन खत्म नहीं हुआ, CJP ने जारी रखने की बात कही

 

हालांकि केंद्र सरकार द्वारा संगठन की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन CJP नेताओं का कहना है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि लड़ाई समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि CJP को अभी 'लंबा रास्ता तय करना है' और प्रदर्शन का समापन केवल शुरुआत है।

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NEET विवाद में मृत छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

 

CJP प्रमुख ने परीक्षा विवाद के दौरान कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी की है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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शिक्षा सुधारों को लेकर अभियान जारी रखेगी CJP

CJP नेताओं ने संकेत दिए हैं कि संगठन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा।  CJP प्रवक्ता सौरव दास ने समाचार कहा कि संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और शिक्षा एवं प्रशासनिक सुधारों के लिए प्रयास जारी रखेगा।

पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कितना सख्‍त है नया कानून

jitendra singh on paper leak in parliament

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन कानून को और सख्त बनाने और तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि इन सभी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़े और बहाल हो सके। ALSO READ: “छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश से चली?” लोकसभा में गौरव गोगोई के तीखे सवाल, NTA और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

 

उन्होंने कहा कि धारा 10 की उप-धारा 1 में प्रावधान था कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कम से कम 3-5 साल की सजा और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। आज लाए जा रहे संशोधन के तहत, सजा की यही अवधि कम से कम 5-10 साल और जुर्माना 50 लाख रुपए तक कर दिया गया है। 2024 के कानून में, सर्विस प्रोवाइडर के लिए सजा 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना थी। अब इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किया जा रहा है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2024 के कानून में यह भी लिखा था कि प्रोवाइडर को अगले 4 वर्षों तक कोई भी परीक्षा आयोजित करने से रोक दिया जाएगा। आज, इस संशोधन के तहत उस अवधि को बढ़ाकर 8 साल किया जा रहा है… अंत में, संगठित अपराध करने वालों, यानी जहां माफिया गिरोह शामिल हो, के मामले में पहले सज़ा 5-10 साल थी। इसे बढ़ाकर 7-10 साल कर दिया गया है और जुर्माना पहले 1 करोड़ रुपये तक था। अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

 

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने वीडियो के माध्यम से भी किया था, वह है तेजी से न्याय सुनिश्चित करना। हम परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करेंगे। हमने उसमें भी समय सीमा तय की है। जांच 2 महीने की अवधि के भीतर पूरी होनी चाहिए, चाहे वह केंद्रीय एजेंसी हो या विशेष कार्य बल। ALSO READ: कौन हैं जंतर-मंतर के वायरल हो रहे मोहम्मद इरफान? क्यों राहुल गांधी पहुंचे उनके घर?

 

यूपीए राज में भी लीक होते थे पेपर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले भी पेपर लिक होते थे। 2009, 2011, 2012 और 2013 में पेपर लीक हुए। यह सिर्फ एक राज्य तक सिमित नहीं। पीएम ने जल्द न्याय का फैसला किया है। नए बिल में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है।  

NTA Young Professional Vacancy 2026: एनटीए ने 16 युवा पेशेवरों के पदों पर शुरू की भर्ती, यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए करें आवेदन

NTA Young Professional Vacancy 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने युवा पेशवरों (यंग प्रोफेशनल YP) की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल (YP) के पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एजेंसी के अपनी परीक्षा और शोध गतिविधियों में विस्तार के बीच इस भर्ती का मकसद शैक्षिक, कानूनी और वित्तीय मामलों में एजेंसी की स्थिति मजबूत करना है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये पद तीन स्ट्रीम में उपलब्ध हैं। एकेडमिक रिसर्च में 12 पद, लीगल रिसर्च में 2 पद, और फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च में 2 पद हैं। चयनित उम्मीदवार दिल्ली में एनटीए मुख्यालय में काम करेंगे। आधिकारिक काम के आधार पर कभी-कभी भारत के अंदर ट्रैवल भी करना पड़ सकता है। एजेंसी के साथ युवा पेशेवरों का जुड़ाव शुरू में 24 महीने के लिए होगा और प्रदर्शन और ऑर्गेनाइजेशनल जरूरतों के आधार पर इसे 12 महीने और बढ़ाया जा सकता है।

वैकेंसी डिटेल्स

स्ट्रीम पोस्ट की संख्या

एकेडमिक रिसर्च 12

लीगल रिसर्च 2

फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च 2

कुल 16

आवेदन के लिए जरूरी योग्यता

सिर्फ यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल पर पंजीकृत उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

एकेडमिक रिसर्च

  • कैंडिडेट्स को सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होना चाहिए और प्रतिभा सेतु पोर्टल पर लिस्टेड होना चाहिए।
  • बेहतर होगा कि उनके पास संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो।
  • जिन कैंडिडेट्स के पास डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) डिग्री या रिसर्च और टीचिंग का अनुभव है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

लीगल रिसर्च

  • कैंडिडेट्स के पास सिविल सेवा परीक्षा में वैकल्पिक विषया के तौर पर लॉ होना चाहिए।
  • किसी मान्यता प्रापत विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ लॉज (LLM) डिग्री होनी चाहिए।
  • लीगल रिसर्च या लिटिगेशन में अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च

  • भर्ती प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवारों को सीएसई में शामिल होना और प्रतिभा सेतु पोर्टल पर होना जरूरी है।
  • कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस या इससे जुड़े सब्जेक्ट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, या चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) या कंपनी सेक्रेटरी (CS) जैसी प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन हो।
  • फाइनेंस, बजटिंग या ऑडिटिंग में अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

कैंडिडेट्स की उम्र भी यूपीएससी प्रतिभा सेतु स्कीम के तहत तय उम्र सीमा के अंदर होनी चाहिए।

सैलरी और कार्यकाल

चयनित उम्मीदवारों को ₹80,000 का फिक्स्ड मंथली सैलरी। शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट 24 महीने का होगा, जिसे परफॉर्मेंस के आधार पर 36 महीने तक बढ़ाया जा सकता है। साल में प्रो-राटा बेसिस पर आठ दिन की छुट्टी। दिल्ली में एनटीए ऑफिस में फुल-टाइम, पांच दिन का वर्क वीक। नोटिफिकेशन में यह साफ किया गया है कि यह एंगेजमेंट पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट पर है और सरकार या एनटीए में स्थायी नियुक्ति की गारंटी नहीं देता है।

चयन प्रक्रिया

एलिजिबल कैंडिडेट्स को उनकी प्रोफाइल और रिलेवेंट स्ट्रीम के आधार पर शॉर्टलिस्ट करना।

एक इंटरव्यू, जो पर्सनली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकता है।

अगर जरूरी हो, तो एनटीए अंतिम चयन से पहले एक लिखित परीक्षा या टास्क-बेस्ड असेसमेंट भी कर सकता है।

एनटीए ने यह भी कहा है कि सिर्फ एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा करने से शॉर्टलिस्टिंग या चयन की गारंटी नहीं मिलती है। एजेंसी बिना कोई कारण बताए वैकेंसी की संख्या बदलने या किसी भी पोस्ट को न भरने का अधिकार रखती है।

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Pralhad Joshi: धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री क्यों बनाया गया? माने जाते हैं मोदी सरकार के भरोसेमंद संकटमोचक

Pralhad Joshi: केंद्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चाओं के बीच उनकी प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक अनुभव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोदी सरकार में उन्हें ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से संभाली हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया है। अब उनके सामने देश की परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लंबित सुधारों को गति देने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी।

प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। संसद में विभिन्न दलों के बीच समन्वय बनाने, विधेयकों को आगे बढ़ाने और जटिल राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के कारण उन्हें सरकार का अनुभवी रणनीतिकार माना जाता है।

शिक्षा मंत्रालय के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

शिक्षा मंत्रालय का दायित्व मिलने के बाद जोशी की सबसे पहली प्राथमिकता राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना होगी। परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में सुधार और कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है।

इसके अलावा परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, नए कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में भी तेजी से काम करना होगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर रहेगा फोकस

संकट प्रबंधन के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के विभिन्न प्रावधानों को लागू करना, उच्च शिक्षा में सुधार, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी नई जिम्मेदारी का अहम हिस्सा माना जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि शिक्षा मंत्रालय की नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और दीर्घकालिक सुधार योजनाओं पर किसी तरह का असर न पड़े और छात्रों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले समय पर लिए जाएं।

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार 25 जुलाई को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

‘विनम्रता के साथ जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं’

प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने दायित्व और विनम्रता की भावना के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। जोशी को उपभोक्ता मामलों के मंत्री की अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझे एक जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य भावना और विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले 12 वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है…प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मैं अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करूंगा।”

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इससे पहले, देशभर में CJP के नेतृत्व में नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है। पिछले 10 दिनों में सामने आई घटनाओं को देखकर वह परेशान हैं।