इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से अगले 7 दिन भारी! IMD ने यूपी-बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Alert: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़े चक्रवाती सिस्टम और वेदर प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण अगले 7 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 5 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को अत्यधिक तीव्र बना रहे हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 17 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड व उत्तरी ओडिशा के ऊपर है, जो अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे और कमजोर होगा।

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, असम के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम एक्टिव हैं। उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है और पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडल स्तर में अपनी सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

अत्यंत भारी और मूसलाधार बारिश की चेतावनी (17-19 जुलाई)

इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी।

अगले 7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल)

पश्चिमी यूपी में 17-18 जुलाई और पूर्वी यूपी में 17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद 19 से 23 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी में और 18 से 23 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 से 22 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 18 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को पूर्वी यूपी में और 19 व 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में 17 से 23 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 18 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई के बीच और हिमाचल प्रदेश में 19 से 22-जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा उत्तराखंड में 17 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को तथा हिमाचल में 18 व 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 20 से 22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश भी हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 17-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश और फिर 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17-23 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 18-23 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और बंगाल)

बिहार में आज 17 जुलाई और 22-23 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि 18 से 21 जुलाई के दौरान राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 19 और 20 जुलाई को बिहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17-18 जुलाई और 21-23 जुलाई को भारी बारिश की भी संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 17 से 20 जुलाई तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में आज भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 से 20 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। इस दौरान 17-18 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में और 17-19 जुलाई के दौरान असम व मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य और पश्चिम भारत (एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में आज भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल और तेलंगाना)

तटीय कर्नाटक में 17 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (17 जुलाई) बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आज भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और कड़कड़ाती हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-बवंडर का भी अलर्ट दिया है। जम्मू-कश्मीर (17-23 जुलाई), मध्य प्रदेश (17-21 जुलाई), झारखंड (17-21 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा (17-19 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (17-19 जुलाई), तटीय आंध्र प्रदेश व यानम (17-21 जुलाई), रायलसीमा (17 जुलाई), गोवा (17 जुलाई) और तेलंगाना (19-23 जुलाई) में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी आज ऐसी ही स्थिति रहेगी। तेलंगाना में 17 और 18 जुलाई को अत्यंत तीव्र थंडरस्क्वाल आने की चेतावनी है।

बिहार, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 17 से 21 जुलाई के बीच और केरल व माहे में 17-19 जुलाई के बीच तेज हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आने वाले दिनों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

उमस और गर्म मौसम

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में बारिश की कमी के कारण उमस परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले 3 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी।

इसके प्रभाव से आज 17 जुलाई को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के लोगों को 18 जुलाई को भी इस उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

देखें वेदर रिपोर्ट

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6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:

लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।

6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।

इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

  • गांगेय पश्चिम बंगाल
  • छत्तीसगढ़
  • अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश का अलर्ट

देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-

  • बिहार और झारखंड
  • उत्तराखंड
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • तटीय आंध्र प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप

इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।

समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।