कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

Monsoon & El Nino Impact: El Nino पर IMD ने जारी किया बिग अपडेट, क्या कमजोर पड़ेगा मानसून या जुलाई में तेज होगी बारिश?

El Nino Impact on Southwest Monsoon 2026: देश में अब आगे बढ़ रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अल नीनो (El Niño) और आने वाले दो हफ्तों की बारिश को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। जून के महीने में अब तक देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ेगा या अल नीनो का साया इसे कमजोर कर देगा?

आईएमडी की 25 जून को जारी लेटेस्ट प्रेस रिलीज के मुताबिक देश में मौसम का मिजाज अगले दो हफ्तों में पूरी तरह बदलने वाला है। आइए जानते हैं अल नीनो पर मौसम विभाग का क्या कहना है और जुलाई के पहले हफ्ते में आपके इलाके में कैसी बारिश होगी।

El Nino पर IMD का बड़ा अलर्ट: क्या बढ़ेगा खतरा?

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं और इसके दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान और अधिक मजबूत होने की आशंका है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के मॉडल भी संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अल नीनो की स्थिति और गहरा सकती है।

राहत की बात: हालांकि अल नीनो मजबूत हो रहा है लेकिन हिंद महासागर में फिलहाल न्यूट्रल इंडियन ओशन डिपोल की स्थिति बनी हुई है, जो पूरे मानसून सीजन में ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इसके अलावा मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) फेज-5 में है, जो जुलाई के शुरुआती दिनों में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।

जून में बारिश का क्या रहा हाल?

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। 1 जून से 24 जून 2026 तक पूरे भारत में कुल संचयी बारिश सामान्य से 42% कम दर्ज की गई है। बीते सप्ताह (18-24 जून) के दौरान भी देश भर में सामान्य से 47% कम बारिश हुई।

अगले दो हफ्तों का फोरकास्ट: क्या जुलाई में तेज होगी बारिश?

मौसम विभाग ने 25 जून से 8 जुलाई 2026 तक के लिए दो चरणों में अपना विस्तृत अनुमान जारी किया है।

पहला हफ्ता (25 जून से 01 जुलाई 2026): धीमी शुरुआत, गर्मी से थोड़ी राहत

मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही हैं। अगले कुछ दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस हफ्ते में मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-28 जून के बीच लू से गंभीर लू की स्थिति रह सकती है। बिहार और झारखंड में भी 25-26 जून को हीटवेव का असर दिखेगा, जिसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। ओवरऑल बात करें तो पहले हफ्ते में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

दूसरा हफ्ता (02 जुलाई से 08 जुलाई 2026): मानसून पकड़ेगा तूफानी रफ्तार!

जुलाई का पहला हफ्ता बीतते-बीतते देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और अल नीनो के प्रभाव को पछाड़ते हुए भारी बारिश लेकर आएगा। इस हफ्ते में मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों सहित दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बचे हुए भागों में दस्तक दे देगा। कम ऊंचाई वाली सोमाली जेट हवाएं और मजबूत होंगी। इससे अरब सागर से भारी नमी आएगी। इसके प्रभाव से गुजरात के तटीय इलाकों, कोंकण व गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में भी भीषण बारिश जारी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक दूसरे हफ्ते (2-8 जुलाई) के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की कोई संभावना नहीं है।

IMD की जरूरी सलाह: किसान और आम जनता रखें ध्यान

शहरी इलाकों के लिए चेतावनी: भारी बारिश के कारण मुंबई, कोंकण और तटीय शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए एग्रो-एडवाइजरी: पूर्वोत्तर राज्यों, असम, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की नर्सरी, मक्का और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करें। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के किसान गर्मी को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई करें और नमी बचाने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें।

आंधी-तूफान से बचाव: वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के दौरान कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, पेड़ों के नीचे न छिपें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें।

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