झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।