Climate impact Alert: जलवायु परिवर्तन की मार से गेहूं में होगा बड़ा बदलाव! रोटी की गुणवत्ता पर मंडराया खतरा; सेहत पर भी पड़ सकता है असर

Climate impact ON wheat: जलवायु परिवर्तन का असर अब हमारी थाली तक पहुंच सकता है। जी हां, जिस गेहूं से हर दिन करोड़ों लोगों की रोटी बनती है, उसकी पोषण संबंधी गुणवत्ता और प्रोटीन संरचना भविष्य में बदल सकती है। एक नई वैज्ञानिक स्टडी में सामने आया है कि वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का स्तर बढ़ने से गेहूं के प्रोटीन की संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। इसका असर न केवल आटे और ब्रेड की क्वालिटी पर पड़ सकता है, बल्कि गेहूं से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के लिहाज से भी यह महत्वपूर्ण हो सकता है।

स्टडी में खुलासा हुआ है कि वातावरण में बढ़ती CO₂ गेहूं की प्रोटीन संरचना को बदल सकती है। इसका असर बेकिंग गुणवत्ता पर पड़ने के संकेत मिले हैं। जर्मनी के लीबनिज इंस्टीट्यूट फॉर फूड सिस्टम्स बायोलॉजी और टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख से जुड़े शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल फूड केमिस्ट्री (Food Chemistry) में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के दौर में गेहूं की खेती पर विचार करते समय केवल उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। अनाज की गुणवत्ता और उसमें मौजूद प्रोटीन के प्रकारों को भी समझना जरूरी है।

हवा में बढ़ती CO₂ से गेहूं पर कितना असर?

स्टडी के अनुसार, वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ रही है। वर्ष 1980 में इसका स्तर लगभग 340 पार्ट्स पर मिलियन (ppm) था, जो 2024 में बढ़कर करीब 425 ppm तक पहुंच गया। अनुमान है कि वर्ष 2050 तक यह स्तर 600 ppm तक जा सकता है। गेहूं दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है। ऐसे में वातावरण में CO₂ की बढ़ती मात्रा के बीच इसकी खेती और अनाज की क्वालिटी में होने वाले बदलावों को समझना बेहद जरूरी है। वैज्ञानिकों ने इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए गेहूं की अलग-अलग किस्मों पर प्रयोग किया।

10 किस्मों पर हुआ प्रयोग, सामने आए चौंकाने वाले बदलाव

शोधकर्ताओं ने सर्दियों में उगाई जाने वाली गेहूं की 10 खेती की किस्मों को वास्तविक कृषि और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप उगाया। इनमें से कुछ पौधों को सामान्य परिस्थितियों में मौजूद CO₂ के स्तर पर रखा गया। जबकि अन्य पौधों को 546 ppm की बढ़ी हुई CO₂ में उगाया गया। फसल तैयार होने के बाद वैज्ञानिकों ने गेहूं के दानों में मौजूद प्रोटीन का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके लिए हाई-रिजॉल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

स्टडी में विशेष रूप से ग्लूटेन प्रोटीन, एमाइलेज/ट्रिप्सिन इनहिबिटर्स (ATIs), प्यूरोइंडोलिन और सीलिएक रोग से संबंधित कुछ पेप्टाइड्स पर ध्यान दिया गया। नतीजों से पता चला कि CO₂ कॉन्सेंट्रेशन का स्तर बढ़ने पर गेहूं के अलग-अलग प्रोटीन समूहों में एक जैसा बदलाव नहीं हुआ। कुछ प्रोटीन बढ़े। जबकि कुछ की मात्रा घट गई। इसका मतलब है कि जलवायु परिवर्तन गेहूं की प्रोटीन संरचना को प्रभावित कर सकता है।

बढ़ेगा एक तरह का प्रोटीन, घट सकता है ग्लूटेन

इस स्टडी में पाया गया कि बढ़ी हुई CO₂ कॉन्सेंट्रेशन में गेहूं के दानों में एमाइलेज/ट्रिप्सिन इनहिबिटर्स (ATIs) की मात्रा बढ़ गई। दूसरी ओर, प्यूरोइंडोलिन, ग्लूटेन प्रोटीन और सीलिएक रोग से एक्टिव हो सकने वाले कुछ पेप्टाइड्स की मात्रा में कमी देखी गई। ATIs ऐसे प्रोटीन हैं जिनकी संभावित हेल्थ संबंधी भूमिका पर वैज्ञानिक अध्यन करते रहे हैं। इनकी मात्रा बढ़ने का असर मानव स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

लेकिन इस स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बढ़ी हुई CO₂ में उगा गेहूं सीधे तौर पर लोगों को बीमार कर देगा। वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्लूटेन प्रोटीन की मात्रा घटने के साथ गेहूं की बेकिंग गुणवत्ता में गिरावट देखी गई। यानी प्रोटीन की संरचना में बदलाव का असर रोटी, ब्रेड और गेहूं से बनने वाले दूसरे खाद्य पदार्थों की निर्माण संबंधी विशेषताओं पर पड़ सकता है।

क्या गेहूं से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बदल सकता है?

अध्ययन का एक महत्वपूर्ण पहलू गेहूं से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि CO₂ बढ़ने के कारण ATIs और सीलिएक रोग से सक्रिय होने वाले कुछ पेप्टाइड्स की मात्रा में बदलाव हुआ। सीलिएक रोग एक प्रतिरक्षा सिस्टम से जुड़ी बीमारी है, जिसमें ग्लूटेन के सेवन से छोटी आंत को नुकसान पहुंच सकता है।

हालांकि, स्टडी में कुछ संबंधित पेप्टाइड्स की मात्रा घटने का संकेत मिला। जबकि ATIs की मात्रा बढ़ी। इसलिए इन बदलावों का कुल स्वास्थ्य प्रभाव क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह समझने के लिए आगे अध्ययन करना जरूरी है कि गेहूं में प्रोटीन संरचना के ये बदलाव वास्तव में मानव शरीर की जैविक और प्रतिरक्षा संबंधी प्रतिक्रियाओं को किस तरह प्रभावित करते हैं। फिलहाल इस शोध को गेहूं से जुड़ी बीमारियों में निश्चित वृद्धि या कमी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

हर गेहूं की किस्म पर एक जैसा असर नहीं

पीटीआई के मुताबिक, इस अध्ययन में एक और अहम बात सामने आई कि सभी गेहूं की किस्मों में बदलाव समान नहीं थे। प्रमुख शोधकर्ता सबरीना गाइस्लिट्ज के अनुसार, प्रोटीन संरचना में परिवर्तन की सीमा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि गेहूं की कौन-सी किस्म उगाई गई है। यह निष्कर्ष भविष्य की खेती के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि कुछ किस्में बढ़ी हुई CO₂ परिस्थितियों में अपनी गुणवत्ता बेहतर बनाए रखती हैं, तो उन किस्मों की पहचान और विकास पर ध्यान दिया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों और कृषि क्षेत्रों में और परीक्षण करने होंगे।

भविष्य की खेती के लिए क्या है सबक?

इस स्टडी से साफ संकेत मिलता है कि जलवायु परिवर्तन का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि खेतों में कितना अनाज पैदा हो रहा है। यह भी देखना होगा कि उस अनाज में किस तरह के प्रोटीन मौजूद हैं। उसकी बेकिंग गुणवत्ता कैसी है। उसके सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य पहलुओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, भविष्य में गेहूं की ऐसी किस्में विकसित करने की जरूरत होगी, जो बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार के साथ बेहतर गुणवत्ता बनाए रख सकें।

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IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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कल का मौसम 19 अक्टूबर: दिल्ली-UP से लेकर बिहार तक बारिश और आंधी का कहर, दक्षिण भारत के इन राज्यों में गरज-चमक का अलर्ट

IMD Weather Update: देशभर में इस समय धूमधाम से दुर्गापूजा और नवरात्रि मनाया जा रहा है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टेंशन भरा अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 19 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आने वाले कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर केरल तक कैसा होगा कल का मौसम

19 अक्टूबर को दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में बारिश होने के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कैसा होगा यूपी और बिहार का मौसम

उत्तर प्रदेश और बिहार में 19 अक्टूबर को मौसम बदलने की संभावना है। यूपी के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। यहां भी तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

आईएमडी के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। यहां बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

चलेंगी तेज हवाएं

समुद्र में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ समय के लिए इनकी गति बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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कल का मौसम 16 अक्टूबर: उत्तर-पूर्वी मानसून का असर! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में थंडरस्टॉर्म

IMD Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसमी प्रणालियों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

आइए जानते हैं कल 16 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रकोप, मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी। लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ आंधी का दौर

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसमी हलचल बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कल 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिसा के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है।

मध्य, पूर्वी और पश्चिमी राज्यों का मौसम मिजाज

मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में कल बादलों की आवाजाही के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है।

वहीं, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान के बने रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि समुद्री इलाकों में स्थितियां नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: IMD ने केरल-तमिलनाडु में जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों शामिल हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR में भी दिन के दौरान कुछ जगहों पर हल्की से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, शनिवार और रविवार को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तराखंड में भी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है।

शनिवार के लिए IMD का अलर्ट

IMD ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी इस दौरान बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को केरल और माहे में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की उम्मीद है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और 50 किमी/घंटा तक के तेज झोंके आने का अनुमान है, जबकि दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 10 और 11 अक्टूबर को इन इलाकों में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30-40 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

कल यूपी का मौसम

शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दोनों ही इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। IMD ने 9 और 10 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

वीकेंड पर राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि ताजा अनुमान में इस दौरान उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान का मौसम

उत्तराखंड में 10 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को राज्य में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंचने की भी उम्मीद है। IMD ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी बड़े इलाके में बारिश होने की संभावना है, साथ ही कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।

पश्चिमी राजस्थान में 11 और 12 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 12 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है। रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

झारखंड, बिहार और ओडिशा का मौसम

शनिवार को झारखंड, बिहार और ओडिशा में कहीं जगहों पर छिटपुट बारिश होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इस इलाके के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

शुक्रवार को बिहार में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD ने शुक्रवार को झारखंड और ओडिशा में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान लगाया है।

शनिवार को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में शुक्रवार को कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 10 और 11 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को काफी बड़े इलाके में या व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में मौसम का पूर्वानुमान

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 से 11 अक्टूबर के बीच भी ऐसी ही स्थिति रह सकती है, और 13 व 14 अक्टूबर को बारिश का एक और दौर आने की उम्मीद है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी अनुमान है।

मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वी मध्य प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 11 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की संभावना है; 11 अक्टूबर को भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान है।

दक्षिण भारत का मौसम

शनिवार को दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है; केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों में मौसम के सक्रिय रहने का अनुमान है।

केरल और माहे में 10 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं, शुक्रवार और शनिवार को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 9 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 12 अक्टूबर तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के साथ-साथ रायलसीमा में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। शुक्रवार और शनिवार को इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। जमीन के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है, साथ ही शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। तटीय कर्नाटक में भी 14 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप में शुक्रवार और शनिवार को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी

IMD ने शुक्रवार और शनिवार को कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरे मौसम का अनुमान लगाया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौजूदा मौसम की वजह से परेशानी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा अनुमान

आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में और बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की उम्मीद है। साथ ही, 10 और 11 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, खासकर केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में। इस दौरान केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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UP IMD Rain Alert: यूपी में 4 दिन तक होगी आफत वाली मूसलाधार बारिश! इन जिलों में 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

UP IMD Rain Alert: उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, 24 से 27 सितंबर के बीच UP के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होगी। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज से बदलेगा मौसम, इन जिलों में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। तेज सतही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इस दौरान झोंकों में इनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

24 सितंबर को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और अंबेडकर नगर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

25 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर

25 सितंबर को मौसम और एक्टिव हो सकता है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

वहीं, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। जबकि झोंकों में गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

26 सितंबर को भी नहीं मिलेगी राहत

  • 26 सितंबर को बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
  • इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महराजगंज, हरदोई, लखनऊ, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
  • इस दिन भी गरज-चमक और बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। झोंकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

27 सितंबर को पश्चिमी यूपी की ओर बढ़ेगा असर

  • 27 सितंबर को बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है।
  • इस दौरान देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

28 सितंबर से राहत के संकेत

  • मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 28 सितंबर को किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं है। हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रह सकती है। यानी लगातार कई दिनों की बारिश के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है।

बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट

  • बारिश के साथ सबसे बड़ी चिंता आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर है। 24 से 27 सितंबर के बीच कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाओं की संभावना जताई गई है।
  • तेज हवाओं से पेड़, कमजोर ढांचे, कच्चे मकान और झोपड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। बिजली व्यवस्था और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।

बारिश से इन इलाकों में बढ़ सकता है जलभराव

  • भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने, स्थानीय नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में कमजोर और पुरानी इमारतों को भी नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। सड़क और रेल यातायात पर भी स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की संभावना है।
  • मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और नदियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान वाहन चलाते समय दृश्यता कम होने और सड़क पर फिसलन को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी खास सलाह

  • लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों समेत कई फसलों में जलभराव और तेज हवा से नुकसान की आशंका है।
  • किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है। केले, पपीते और आम के नए पौधों को सहारा देने तथा लंबी फसलों को गिरने से बचाने के उपाय करने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

  • मौसम विभाग के अनुसार, आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़, जलस्रोत और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। तेज बारिश या गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना बेहतर है।
  • बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाली सड़कों या पुलों को पार करते समय विशेष सावधानी बरतें।

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कल का मौसम: 24 सितंबर को इन 4 राज्यों में एक्स्ट्रीम हैवी बारिश का अलर्ट, 75 kmph से आएगा तूफान! IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियों ने उग्र और भयावह रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 24 सितंबरके लिए मौसम का बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में मौसम का प्रचंड तांडव देखने को मिलेगा। इन चारों राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा समुद्र में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और कई अन्य राज्यों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर के लिए जारी बुलेटिन के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बादल आफत बनकर बरसेंगे। इन चारों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही इन चारों राज्यों छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और नदी-नालों में उफान आने का बड़ा खतरा जताया गया है।

बिहार, झारखंड, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में दिन भर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरेगा।

यूपी, एमपी, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई दूसरे राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम व मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना में अलग अलग तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

समुद्र में 75 kmph का तूफान: तटीय इलाकों के लिए भीषण अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटों पर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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