IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर से दक्षिण तक मानसून का कहर! दिल्ली समेत इन राज्यों में 7 अगस्त तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

उत्तर भारत में बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसून

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में तेज बारिश की आशंका

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने की आशंका है।

राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।

तापमान और बारिश की स्थिति

हालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।

तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2°C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5°C) दर्ज किया गया।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

अरब सागर: मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।

बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में इन राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Monsoon Heavy Rain Alert: यूपी, बिहार, दिल्ली समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट! 8 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

Monsoon Heavy Rain Alert: मौसम विभाग(IMD) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर आज सुबह 08:30 बजे एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अगले 2-3 दिनों में और अधिक मजबूत होने की संभावना है। मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन इस समय उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी में बने इस लो-प्रेशर एरिया के केंद्र तक गुजर रही है। दक्षिण गुजरात से लेकर कर्नाटक तट तक एक अपतटीय ट्रफ भी सक्रिय है। इन मजबूत प्रणालियों के कारण देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।

इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि कुछ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है:-

दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कोंकण: 2 से 5 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा: 3 और 4 जुलाई को मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।

मध्य महाराष्ट्र: 3 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।

क्षेत्रवार मौसम का पूरा पूर्वानुमान और अलर्ट (2 से 8 जुलाई 2026)

1- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: 2 जुलाई को व्यापक बारिश के बाद 3-4 जुलाई को हल्की से छिटपुट बारिश होगी लेकिन 5 से 8 जुलाई के बीच एक बार फिर यहां भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। 2 जुलाई को पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 2 से 7 जुलाई के बीच और पूर्वी यूपी में 2 से 8 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 3-4 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 2-3 जुलाई को बहुत भारी और 4-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल में 2-3 जुलाई और 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 2-3 जुलाई और 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (आंधी) और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है जबकि 5-7 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश हो सकती है।

आंधी-तूफान का अलर्ट: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 2 से 8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

2- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 2 से 8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 2 जुलाई और 5-8 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 3-4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 3-4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई और विदर्भ में 4 व 7-8 जुलाई को भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 2 और 3 जुलाई को इस पूरे क्षेत्र में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

3- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार: बिहार में 2 से 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को छिटपुट से लेकर भारी बारिश होगी जबकि 5 और 6 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 2 जुलाई और 5-6 जुलाई को यहां तेज आंधी चलने की भी संभावना है।

झारखंड: 4 से 8 जुलाई के बीच झारखंड में व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा: लो-प्रेशर एरिया के कारण ओडिशा में 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश तथा 7-8 जुलाई को पुनः भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की उम्मीद है।

4- पश्चिम भारत (गुजरात, कोंकण और गोवा)

गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा: इन क्षेत्रों में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश जारी रहेगी। गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 2 से 5 जुलाई के दौरान कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश होगी, जबकि गुजरात क्षेत्र में 6 से 8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश के बाद 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है।

मराठावाड़ा: 3 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है जिसके बाद 4 से 8 जुलाई के बीच मौसम थोड़ा धीमा रहेगा।

5- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश)

तटीय कर्नाटक: 2 से 8 जुलाई के दौरान लगातार बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: केरल और माहे में 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 4 से 8 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश: तेलंगाना में 2 जुलाई को व्यापक बारिश और 2-4 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 2 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।

तेज हवाओं का अलर्ट: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में 2 से 8 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

6- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

असम और मेघालय में 3 और 4 जुलाई को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

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IMD Heavy Rain Alert: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP से राजस्थान तक 30 इलाकों में आंधी-तूफान! 24 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून तक के लिए देश का विस्तृत राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत देश के 30 अलग-अलग इलाकों (मौसम उप-मंडलों) में भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगा आगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बिहार, बंगाल, केरल समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (24 जून तक)

मौसम विभाग ने 18 से 24 जून की अवधि के दौरान देश के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जून और 21-23 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं 20 जून को बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 24 जून को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय: यहां 19 से 22 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा 18 जून, 23 जून और 24 जून को भी भारी बारिश की चेतावनी है।

18 जून को केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 जून तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी। बिहार में 18 से 20 जून तक लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 18 जून और 21 से 24 जून तक जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 जून व 21-22 जून और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21-22 जून को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 18 से 23 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18-19 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में 80 Kmph का महातूफान और आंधी

मौसम विभाग ने देश के लगभग 30 मौसम क्षेत्रों (इलाकों) में 40 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा। इसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 19-20 जून को पश्चिमी राजस्थान और 20 जून को पूर्वी राजस्थान में 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार की हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान में 18-20 जून और पूर्वी राजस्थान में 18 जून को धूलभरी आंधी चलेगी।

बिहार में 18-19 जून को 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाला भीषण थंडरस्क्वाल आएगा। इसकी अधिकतम गति 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। इसके बाद 20-24 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20-22 जून तक 50 किमी/घंटे की आंधी का येलो अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 जून तक आंधी-तूफान का असर रहेगा। झारखंड में 18-20 जून और ओडिशा में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा सहित अन्य 30 इलाकों में आंधी-बिजली का हाल

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-22 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18-19 जून को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 जून को (जम्मू-कश्मीर में 20 जून तक) गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम कैसा रहेगा?

कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में 18-19 जून को और कोंकण व मध्य महाराष्ट्र में 22-24 जून को 50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 जून आंधी-बिजली का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 18-22 जून तक आंधी और बिजली कड़कने की घटनाएं होंगी। इसके अलावा अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 22 जून तक तेज हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश में 24 जून तक जारी रहेगा हीट वेव का सितम

मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक लगातार अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 18 जून को लू चलेगी। इसके अलावा महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना में 18 से 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल (18-19 जून), ओडिशा (18-20 जून), कोंकण व गोवा (18-21 जून) और तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा (19-20 जून) में असहनीय उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

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