Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: 12 सितंबर को इन 16+ राज्यों में बारिश का तांडव! बंगाल-बिहार से तमिलनाडु-आंध्र तक आंधी-तूफान का भी अलर्ट

September 12 Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने वेदर सिस्टम्स की वजह से देश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहने वाली हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों तक भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में बिजली गिरने के साथ-साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की प्रबल आशंका जताई गई है।

देश के 16 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 12 सितंबर को मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, जबकि पश्चिमी भारत में गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर भारत में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी भारी जलभराव और मूसलाधार पानी बरसने के आसार हैं।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल का खतरा, तमिलनाडु से विदर्भ तक तेज हवाएं

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश के लिए विशेष रूप से गंभीर चेतावनी जारी की है, जहां अलग-अलग जगहों पर थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी झोंके चल सकते हैं। दक्षिण और मध्य भारत के दूसरे हिस्सों में भी तूफानी हवाओं का असर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड, बंगाल और राजस्थान में बिजली कड़कने और आंधी की आशंका

पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में भी आंधी-तूफान का असर देखा जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

आंध्र प्रदेश और केरल में उमस भरा मौसम, समुद्र में स्थिति खतरनाक

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के कुछ अलग-अलग जगहों पर टेंप्रेचर में उछाल के साथ गर्म और अत्यधिक उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के जोर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में उत्तरी आंध्र प्रदेश तट और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की आशंका है। खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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बंगाल की खाड़ी में बढ़ा डिप्रेशन! MP-गुजरात से ओडिशा तक हैवी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर को ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। यह मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगी। इससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।

बदले हुए मौसमी तंत्र का असर देश के मैदानी और तटीय इलाकों पर साफ देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पिछले 24 घंटों का हाल जानिए

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। इसके साथ ही उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। मध्य उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर दक्षिण कोंकण तट तक और उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अनुमान है जबकि 12 सितंबर को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 12 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। इसके साथ ही 11 और 12 सितंबर को विदर्भ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी भारत: गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 13-14 सितंबर को बड़ा अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों में 12 सितंबर से बारिश का जोर बढ़ेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को, गुजरात क्षेत्र में 13 व 14 सितंबर को, सौराष्ट्र और कच्छ में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मराठवाड़ा में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। पंजाब में 13 से 15 सितंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और असम-मेघालय में मौसम रहेगा सख्त

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर तथा 16-17 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम और मेघालय में 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को थंडरस्क्वाल का खतरा है। हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार छू सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में भी 11 से 13 सितंबर के दौरान तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, माहे और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 11 से 13 सितंबर तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: मछुआरों के लिए रेड चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 11 और 12 सितंबर को समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पूरी तरह से मना किया गया है।

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कल का मौसम: 11 सितंबर को इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से लेकर बिहार-बंगाल तक आंधी-तूफान का खतरा

IMD rain alert for September 11: देशभर में अलग अलग मानसूनी प्रणालियों के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए देश के तीन प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के असर की आशंका भी जताई गई है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मुसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मौसमी दबाव की वजह से इन तीनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश

बहुत भारी बारिश वाले इन 3 प्रमुख राज्यों के अलावा देश के एक बड़े हिस्से में झमाझम बारिश की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों केरल (माहे सहित), तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश औरर असम और मेघालय में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर तांडव देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। इसके अलावा पूरे आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलेंगी। इसी तरह विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल में बिजली गिरने और आंधी की आशंका

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भी 11 सितंबर को मौसम गड़बड़ हो सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों या बिजली के खंभों के पास न रुकने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थिति खराब, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती और मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक रहने वाली है। उत्तर-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसकी स्पीड 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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अगले 7 दिन बारिश का कहर: यूपी से गुजरात तक इन 15+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट, इन 6 राज्यों में तो मूसलाधार वाला मौसम

India Weather Update: देश भर के कई इलाके इस वक्त भारी से बेहद भारी बारिश से जूझ रहे हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, उड़ीसा और गंगीय पश्चिम बंगाल पर बने गहरे दबाव, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम यूपी और पूर्वोत्तर असम के निचले ट्रोपोस्फीयर में बने चक्रवातीय परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर सेआने वाले 7 दिनों (28 जुलाई से 3 अगस्त) तक देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 6 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 6 प्रमुख राज्यों में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की अत्यंत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है:-

ओडिशा: 28 जुलाई को थंडरस्क्वाल (50-60 किमी/घंटा से 70 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं) के साथ अत्यंत भारी बारिश।

छत्तीसगढ़: 28 और 29 जुलाई को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार बारिश।

पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट।

विदर्भ: 29 और 30 जुलाई को मूसलाधार बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश: 30 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश।

गुजरात रीजन: 31 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा का पूर्वानुमान।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 29-30 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश। 28 जुलाई से 30 जुलाई के दौरान गरज-चमक का अलर्ट है।

इसी तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28-29 जुलाई और 3 अगस्त को भारी बारिश, जबकि 28 से 30 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने और आंधी की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसी तरह पंजाब में 28-29 जुलाई को बहुत भारी बारिश, और 30 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान। पूर्वी राजस्थान में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। पश्चिम राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होगी। 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 28-29 जुलाई और 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात का पूर्वालोकन

पश्चिम मध्य प्रदेश में 29 और 31 जुलाई को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 और 30 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों क्षेत्रों में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक 30-40 किमी/घंटा की हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है। महाराष्ट्र के विदर्भ में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-30 जुलाई एवं 1 अगस्त को भारी बारिश होगी।

मध्य महाराष्ट्र में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश और 28-29 जुलाई व 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना। मराठवाड़ा में 28 से 30 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र में 30 जुलाई और 1-2 अगस्त को बहुत भारी बारिश होगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं का अलर्ट है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, बिहार और असम का मौसम

ओडिशा में 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 29 जुलाई तथा 2-3 अगस्त को भारी बारिश होगी। बिहार में 31 जुलाई से 3 अगस्त के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 28 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं।

असम और मेघालय में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक लगातार भारी बारिश की संभावना। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28-29 जुलाई और 2-3 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी। अरुणाचल प्रदेश में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई व 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक, केरला और तेलंगाना

तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई और 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। केरल और माहे में 28 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश, तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

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इसके अलावा तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश (यनाम) में 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश और 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

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आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से अगले 7 दिन भारी! IMD ने यूपी-बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Alert: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़े चक्रवाती सिस्टम और वेदर प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण अगले 7 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 5 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को अत्यधिक तीव्र बना रहे हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 17 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड व उत्तरी ओडिशा के ऊपर है, जो अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे और कमजोर होगा।

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, असम के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम एक्टिव हैं। उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है और पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडल स्तर में अपनी सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

अत्यंत भारी और मूसलाधार बारिश की चेतावनी (17-19 जुलाई)

इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी।

अगले 7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल)

पश्चिमी यूपी में 17-18 जुलाई और पूर्वी यूपी में 17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद 19 से 23 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी में और 18 से 23 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 से 22 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 18 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को पूर्वी यूपी में और 19 व 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में 17 से 23 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 18 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई के बीच और हिमाचल प्रदेश में 19 से 22-जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा उत्तराखंड में 17 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को तथा हिमाचल में 18 व 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 20 से 22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश भी हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 17-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश और फिर 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17-23 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 18-23 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और बंगाल)

बिहार में आज 17 जुलाई और 22-23 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि 18 से 21 जुलाई के दौरान राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 19 और 20 जुलाई को बिहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17-18 जुलाई और 21-23 जुलाई को भारी बारिश की भी संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 17 से 20 जुलाई तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में आज भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 से 20 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। इस दौरान 17-18 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में और 17-19 जुलाई के दौरान असम व मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य और पश्चिम भारत (एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में आज भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल और तेलंगाना)

तटीय कर्नाटक में 17 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (17 जुलाई) बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आज भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और कड़कड़ाती हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-बवंडर का भी अलर्ट दिया है। जम्मू-कश्मीर (17-23 जुलाई), मध्य प्रदेश (17-21 जुलाई), झारखंड (17-21 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा (17-19 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (17-19 जुलाई), तटीय आंध्र प्रदेश व यानम (17-21 जुलाई), रायलसीमा (17 जुलाई), गोवा (17 जुलाई) और तेलंगाना (19-23 जुलाई) में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी आज ऐसी ही स्थिति रहेगी। तेलंगाना में 17 और 18 जुलाई को अत्यंत तीव्र थंडरस्क्वाल आने की चेतावनी है।

बिहार, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 17 से 21 जुलाई के बीच और केरल व माहे में 17-19 जुलाई के बीच तेज हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आने वाले दिनों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

उमस और गर्म मौसम

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में बारिश की कमी के कारण उमस परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले 3 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी।

इसके प्रभाव से आज 17 जुलाई को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के लोगों को 18 जुलाई को भी इस उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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Monsoon Heavy Rain Alert: मौसम विभाग(IMD) के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर आज सुबह 08:30 बजे एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अगले 2-3 दिनों में और अधिक मजबूत होने की संभावना है। मानसून की मुख्य ट्रफ लाइन इस समय उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी में बने इस लो-प्रेशर एरिया के केंद्र तक गुजर रही है। दक्षिण गुजरात से लेकर कर्नाटक तट तक एक अपतटीय ट्रफ भी सक्रिय है। इन मजबूत प्रणालियों के कारण देश भर में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।

इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि कुछ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है:-

दक्षिण गुजरात क्षेत्र और कोंकण: 2 से 5 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।

पश्चिम मध्य प्रदेश और ओडिशा: 3 और 4 जुलाई को मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका।

मध्य महाराष्ट्र: 3 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।

क्षेत्रवार मौसम का पूरा पूर्वानुमान और अलर्ट (2 से 8 जुलाई 2026)

1- उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: 2 जुलाई को व्यापक बारिश के बाद 3-4 जुलाई को हल्की से छिटपुट बारिश होगी लेकिन 5 से 8 जुलाई के बीच एक बार फिर यहां भारी बारिश का नया दौर शुरू होगा। 2 जुलाई को पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 2 से 7 जुलाई के बीच और पूर्वी यूपी में 2 से 8 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 3-4 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: उत्तराखंड में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 2-3 जुलाई को बहुत भारी और 4-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल में 2-3 जुलाई और 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 2-3 जुलाई और 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 2 जुलाई को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (आंधी) और धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी है जबकि 5-7 जुलाई के बीच यहां भारी बारिश हो सकती है।

आंधी-तूफान का अलर्ट: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 2 से 8 जुलाई के दौरान 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

2- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 2 से 8 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 2 जुलाई और 5-8 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 3-4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 3-4 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 2 और 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जुलाई और विदर्भ में 4 व 7-8 जुलाई को भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 2 और 3 जुलाई को इस पूरे क्षेत्र में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

3- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार: बिहार में 2 से 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को छिटपुट से लेकर भारी बारिश होगी जबकि 5 और 6 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। 2 जुलाई और 5-6 जुलाई को यहां तेज आंधी चलने की भी संभावना है।

झारखंड: 4 से 8 जुलाई के बीच झारखंड में व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा: लो-प्रेशर एरिया के कारण ओडिशा में 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश, 3 और 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश तथा 7-8 जुलाई को पुनः भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गंगीय पश्चिम बंगाल में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की उम्मीद है।

4- पश्चिम भारत (गुजरात, कोंकण और गोवा)

गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा: इन क्षेत्रों में 2 से 8 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश जारी रहेगी। गुजरात क्षेत्र और कोंकण में 2 से 5 जुलाई के दौरान कुछ जगहों पर मूसलाधार बारिश होगी, जबकि गुजरात क्षेत्र में 6 से 8 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

सौराष्‍ट्र और कच्‍छ: 2 से 4 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश के बाद 5-6 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 7-8 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है।

मराठावाड़ा: 3 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है जिसके बाद 4 से 8 जुलाई के बीच मौसम थोड़ा धीमा रहेगा।

5- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश)

तटीय कर्नाटक: 2 से 8 जुलाई के दौरान लगातार बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: केरल और माहे में 3 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 4 से 8 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश: तेलंगाना में 2 जुलाई को व्यापक बारिश और 2-4 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 2 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।

तेज हवाओं का अलर्ट: कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा क्षेत्र में 2 से 8 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

6- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 2 से 4 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

असम और मेघालय में 3 और 4 जुलाई को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

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India Heavy Rain Alert: दिल्ली से यूपी तक भारी बारिश, IMD ने इन 20+ राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, 7 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई को जारी अपने ताजा बुलेटिन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और मुंबई (कोंकण) सहित देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के अधिकांश हिस्सों में आगामी 7 जुलाई तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

तेजी से आगे बढ़ा मानसून, दिल्ली-राजस्थान में अगले 2 दिन अनुकूल

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख के बचे हुए हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। 1 जुलाई को मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के दौरान मानसून के दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-यूपी में आंधी और भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए 1 से 7 जुलाई तक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: इन राज्यों में 2 से 7 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को छिटपुट बारिश का अनुमान है। 2 से 4 जुलाई और 6 से 7 जुलाई को पंजाब में जबकि 2 से 7 जुलाई के दौरान दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी है। इन क्षेत्रों में 1 से 7 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 और 2 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 3 से 7 जुलाई तक छिटपुट से लेकर सामान्य बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 6 व 7 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी यूपी में 1 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है जबकि दोनों क्षेत्रों में 1 से 3 जुलाई और 6-7 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 1 और 2 जुलाई को यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 1 से 3 जुलाई के दौरान और हिमाचल में 2-3 जुलाई व 5-6 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: यहां 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश और 3-4 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 1 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश के साथ ही 3 से 5 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चलने की आशंका है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने और ‘थंडरस्क्वाल’ की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। 1 जुलाई को पूरे मध्य प्रदेश में मध्यम से तीव्र गति से बिजली कड़कने की गतिविधि देखी जाएगी। इसके साथ ही 1 जुलाई को दोनों हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (भीषण आंधी) आने की चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 1 से 7 जुलाई तक और विदर्भ में 1 से 5 जुलाई व 7 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में 1 से 3 जुलाई और छत्तीसगढ़ में 1-2 जुलाई के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिम भारत: मुंबई, कोंकण और गुजरात में आफत की बारिश का अनुमान

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जैसा अनुमान है:

कोंकण, गोवा और गुजरात: गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 1 से 7 जुलाई तक मूसलाधार और व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र और कोंकण व गोवा में 1 से 5 जुलाई के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 2 से 5 जुलाई के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की बड़ी चेतावनी दी गई है।

सौराष्ट्र और कच्छ: यहां 4 से 6 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि 1 से 5 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

बिहार और झारखंड: बिहार में 1 जुलाई को व्यापक बारिश और 2 से 7 जुलाई तक छिटपुट बारिश होगी। वहीं झारखंड में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बिहार में 1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 1 से 6 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में तीव्र बिजली कड़कने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में जुलाई के शुरुआती दिनों में व्यापक बारिश होगी जो बाद के दिनों में छिटपुट हो जाएगी। असम, मेघालय और अरुणाचल में 2 से 5 जुलाई के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहने की भी संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 1 से 7 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मौसम विभाग ने 1 व 2 जुलाई और फिर 5 से 7 जुलाई के दौरान तटीय कर्नाटक में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ ही कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: केरल और लक्षद्वीप में 1 से 7 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जहां केरल में 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना में 1-2 जुलाई को व्यापक बारिश और 4 से 7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी: समुद्र में न जाने की सलाह

खराब मौसम और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को 1 से 6 जुलाई 2026 के बीच समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है:

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक तटों, उससे सटे मध्य-पूर्वी व उत्तर-पूर्वी अरब सागर, सोमालिया और ओमान तटों के साथ-साथ केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 1 से 5/6 जुलाई तक मछुआरों को न जाने के लिए कहा गया है।

बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, ओडिशा तट, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के साथ-साथ पूरे अंडमान सागर में 6 जुलाई तक मछुआरों के जाने पर पाबंदी रहेगी।