बंगाल की खाड़ी में बढ़ा डिप्रेशन! MP-गुजरात से ओडिशा तक हैवी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर को ताजा अलर्ट जारी करते हुए देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी दी है। यह मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान अधिक प्रभावी होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ेगी। इससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी भारत के विस्तृत हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी।

बदले हुए मौसमी तंत्र का असर देश के मैदानी और तटीय इलाकों पर साफ देखने को मिलेगा, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पिछले 24 घंटों का हाल जानिए

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

वर्तमान में मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। इसके साथ ही उत्तर राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। मध्य उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लेकर दक्षिण कोंकण तट तक और उत्तर पंजाब के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे कई राज्यों में एक साथ बारिश के अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

मध्य भारत: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अनुमान है जबकि 12 सितंबर को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 12 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश होगी। इसके साथ ही 11 और 12 सितंबर को विदर्भ में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी भारत: गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में 13-14 सितंबर को बड़ा अलर्ट

पश्चिम भारत के राज्यों में 12 सितंबर से बारिश का जोर बढ़ेगा। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को, गुजरात क्षेत्र में 13 व 14 सितंबर को, सौराष्ट्र और कच्छ में 14 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मराठवाड़ा में 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर तक और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। पंजाब में 13 से 15 सितंबर तक और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 11 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और असम-मेघालय में मौसम रहेगा सख्त

पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिसके साथ ही 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। गंगीय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर तथा 16-17 सितंबर को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर के राज्यों में असम और मेघालय में 11 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरस सकता है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को थंडरस्क्वाल का खतरा है। हवा की स्पीड 50 से 60 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार रफ्तार छू सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 11 और 12 सितंबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में भी 11 से 13 सितंबर के दौरान तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। केरल, माहे और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 11 से 13 सितंबर तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहने की संभावना है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: मछुआरों के लिए रेड चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया तट, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और गुजरात तट से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 11 और 12 सितंबर को समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पूरी तरह से मना किया गया है।

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Kal Ka Mausam: 7 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम? बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान

Kal Ka Mausam:  देश भर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सटे इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 7 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर काफी मजबूत दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कल मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में भी कल बिजली कड़कने और आंधी की संभावना जताई गई है।

आंध्र प्रदेश में तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम गर्म और बेहद उमस भरा बना रहेगा।

बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वी भारत में भी मानसूनी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर देखने को मिलेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। 7 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार यानी भारी बारिश होने का अनुमान है। इन सभी राज्यों में बारिश के दौरान बिजली चमकने और आंधी-तूफान देखने को मिलेगा

समुद्र में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री तटीय इलाकों में मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया तट के पास, ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों और उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

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उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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Mausam Update 3 Sep: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, MP में रेड कलर वॉर्निंग! आज इन राज्यों में मौसम का तांडव

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावित

मध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

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Rain Forecast: अगले 48 घंटे 5 राज्यों पर भारी! यूपी, बिहार, झारखंड से MP तक IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटे देश के 5 प्रमुख राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे ओडिशा तट पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से ओडिशा में 31 अगस्त को और छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों में भी 20 सेमी से अधिक की भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।

यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के निवासियों के लिए भी 31 अगस्त और 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD ने इन तीनों राज्यों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान अत्यंत से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश में मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बनी एक ट्रफ लाइन के असर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बिहार और झारखंड में भी 4 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, पश्चिम भारत और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

मध्य भारत के राज्यों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है। कोंकण और गोवा में 6 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां थोड़ी धीमी बनी रहेंगी। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, यूपी से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए कहां-कहां तूफानी मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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