Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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Monsoon 2026: दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत से मानसून की तेज विदाई के बीच IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Weather Update: देश भर में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। हालांकि मौसमी चक्रों की सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले 24 घंटों में उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।

दक्षिण भारत में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 से 6 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। केरल में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2 से 6 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। 2 और 3 अक्टूबर को इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 8 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को व्यापक रूप से बारिश हो सकती है।

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण व गोवा) में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम बेहद गर्म और आद्र रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।

Weather Update: कहीं मौसम रहेगा साफ तो कहीं बारिश-आंधी बढ़ाएगी परेशानी, दिल्ली से दक्षिण भारत तक जानें ताजा अपडेट

2 October Weather Update: अक्टूबर की शुरुआत के साथ देशभर के मौसम ने अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर भारत में मॉनसून अब विदाई की ओर है और दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी इलाकों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगा है। हालांकि, जाते-जाते मॉनसून कुछ राज्यों में बारिश की एक और झलक दिखा सकता है। आने वाले दिनों में पहाड़ों से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक मौसम में हलचल देखने को मिलेगी।

दिल्ली में आज साफ रहेगा आसमान

राजधानी दिल्ली में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। फिलहाल बारिश को लेकर कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन के समय तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि सुबह का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। दिल्ली के साथ हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी आज मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। हालांकि अगले कुछ दिनों में इन इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

6-7 अक्टूबर को फिर बरस सकते हैं बादल

उत्तर भारत में मॉनसून की विदाई के बावजूद बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 6 से 7 अक्टूबर के आसपास बारिश देखने को मिल सकती है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी स्थिति बन सकती है। जम्मू-कश्मीर में भी 6 और 7 अक्टूबर को बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

मध्य भारत से बिहार-झारखंड तक बारिश के आसार

मध्य प्रदेश में 3 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में 2 से 7 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। पूर्वी भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। बिहार और झारखंड में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। ऐसे में अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में कई राज्यों को मॉनसून की विदाई के बीच बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर में अभी सक्रिय रहेगा मौसम

देश के दक्षिणी हिस्सों और पूर्वोत्तर में बारिश का दौर उत्तर भारत की तुलना में ज्यादा समय तक जारी रह सकता है। केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में कमजोर होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अक्टूबर के आगे बढ़ने के साथ देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अक्टूबर के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए हिस्सों से विदा हो सकता है। इसके बाद 8 से 14 अक्टूबर के बीच बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों से भी मॉनसून की वापसी होने की संभावना है।

मॉनसून के बाद दक्षिण भारत में शुरू होगी नई बारिश

मॉनसून की विदाई के बाद दक्षिण भारत में पोस्ट-मॉनसून बारिश का दौर धीरे-धीरे जोर पकड़ता है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, केरल और दक्षिण कर्नाटक में बारिश देखने को मिलती है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहेगा। उत्तर भारत में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क होने लगेगा, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश का नया चरण सक्रिय हो सकता है।

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हिमाचल के रुपिन पास में भारी बर्फबारी, 3 फीट बर्फ में दबीं 2000 से ज्यादा भेड़-बकरियां, ऐसे किया जा रहा रेस्क्यू

रूपिन दर्रे में बर्फ का कहर, 2,000 से ज्यादा भेड़-बकरियां दबने की आशंका

शिमला, 30 सितंबर (PTI) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भारी बर्फबारी से हालात बिगड़ गए हैं। सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रूपिन दर्रे में 2,000 से ज्यादा भेड़-बकरियों के बर्फ में दबे होने की आशंका है। इलाके में तीन फीट से ज्यादा बर्फ जमा हो गई है।

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26 सितंबर को रूपिन दर्रे के ऊंचाई वाले इलाके में तेज बर्फबारी शुरू हो गई। उस समय चरवाहे अपने पशुओं को लेकर नीचे लौट रहे थे। मौसम अचानक खराब होने पर कुछ चरवाहे वापस आ गए, लेकिन जो दर्रा पार कर चुके थे, उनके लिए लौटना मुश्किल हो गया। ज्यादा बर्फ के कारण भेड़-बकरियां भी रास्ते में फंस गईं और कई के बर्फ में दबने की जानकारी सामने आई।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक, शुरुआती अनुमान में करीब 2,000 भेड़-बकरियों के फंसे होने की बात सामने आई है। अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने पशु मारे गए हैं। बर्फ हटने के बाद ही पशुओं की सही संख्या और नुकसान का पता चल सकेगा। कुछ बड़े पशुओं के सींग बर्फ के ऊपर दिखाई दे रहे हैं, जबकि बाकी पशुओं की स्थिति का अभी पता नहीं है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद डोडरा-क्वार के SDM को रेस्क्यू टीम बनाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्थानीय चरवाहों के साथ होम गार्ड, पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की टीम तैयार की गई। यह टीम बुधवार को रूपिन दर्रे की चोटी तक पहुंच गई। वहां से सैटेलाइट फोन के जरिए प्रशासन को हालात की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों की एक और टीम भी जल्द मौके पर भेजी जाएगी।

प्रशासन की टीम मौके पर हालात देख रही है। बर्फ हटने के बाद ही पशुओं के नुकसान का सही पता चलेगा। इसके बाद प्रभावित चरवाहों को मदद दी जाएगी। सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज देने की बात कही है। अभी तक किसी इंसान के घायल होने की खबर नहीं है।

यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF जवान ने साथियों पर की फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 जवानों की मौत

4 CISF Jawans Dead: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार (29 सितंबर) शाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक कर्मी ने अपने साथियों पर कथित तौर पर गोली चला दी। इस फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत सीआईएसएफ के चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाम करीब साढ़े सात बजे हिमाचल प्रदेश की सीमा के निकट बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी हेड कांस्टेबल अभिदेश कुमार ने कुछ सहकर्मियों के साथ बहस के बाद अपनी सर्विस राइफल से कथित तौर पर गोलीबारी कर दी। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में सीआईएसएफ के चार कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में नजदीकी एनएचपीसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और कांस्टेबल रफीक अहमद तथा संदीप कुमार के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि गोलीबारी के बाद आरोपी को उसके सहकर्मियों ने काबू कर लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के तहत घटना में इस्तेमाल की गई सर्विस राइफल भी जब्त कर ली गई है। अधिकारियों ने कहा कि सीआईएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि बहस और उसके बाद गोलीबारी की वजह बनी परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

जवानों के बीच हुआ था विवाद

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, घटना से पहले सेवा-III हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में जवानों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर हेड कांस्टेबल ने फायरिंग शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए CISF की ओर से आंतरिक जांच शुरू की जा रही है। जांच में गोलीबारी की वजह, जवानों के बीच हुए विवाद और घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जाएगी। फिलहाल पुलिस और CISF की ओर से घटना से जुड़े अन्य डिटेल्स की जांच की जा रही है।

मुठभेड़ में LeT का मोस्ट-वॉन्टेड आतंकवादी मारा गया

इस बीच, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक सबसे वांछित आतंकवादी मंगलवार को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के ऊंचाई वाले इलाके में राष्ट्रीय राइफल्स के साथ मुठभेड़ में मारा गया। कश्मीर स्थित चिनार कोर ने मारे गए आतंकवादी की पहचान का खुलासा नहीं किया। लेकिन अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ मूसा के रूप में की। सेना ने x पर पोस्ट किया कि उसने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मध्य कश्मीर के कोराग, यूसमर्ग के सामान्य क्षेत्र में अभियान शुरू किया था।

सेना ने कहा, “सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया।” अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और इस दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में हुई मुठभेड़ में मूसा मारा गया।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई हमलों में शामिल होने के कारण वांछित मूसा इस महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बच निकला था। अधिकारियों के अनुसार, उसका करीबी सहयोगी यासिर पांच सितंबर को हुई उस मुठभेड़ में मारा गया था। अधिकारियों ने कहा कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

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क्या दिल्ली समेत उत्तर भारत में वक्त से पहले आ गई सर्दी? जानिए सितंबर में अचानक क्यों महसूस होने लगी ठंड

दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में सितंबर के आखिर में अचानक मौसम बदल गया है। लगातार बारिश, बादल और कम धूप से टेम्परेचर नीचे चला गया। 27 सितंबर को दिल्ली में मिनिमम टेम्परेचर 21°C रिकॉर्ड हुआ, जो 25 साल में सितंबर का दूसरा सबसे कम टेम्परेचर है और 2001 के बाद सबसे कम रहा है।

इस ठंड का बड़ा कारण ठंड नहीं, बल्कि एक्टिव वेदर सिस्टम है। बंगाल की खाड़ी से आया डीप डिप्रेशन लंबे समय तक एक्टिव रहा और इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली-NCR के साथ ही कई जगहों में बारिश हुई। लगातार बादल रहने और कम धूप के कारण रात के टेम्परेचर में तेजी से गिरावट आई।

पहाड़ों में बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में हुआ ये असर

  •  हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और रोहतांग के आसपास बर्फबारी हुई, जबकि उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भी बर्फ गिरी।
  •  फिलहाल इसे सर्दियों की शुरुआत नहीं माना जा रहा है। मौसम सिस्टम कमजोर होने के बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में धूप बढ़ने के साथ टेम्परेचर ऊपर जाने की संभावना है।
  •  IMD के मुताबिक, दिल्ली में 29 सितंबर से मौसम साफ होने और 30 सितंबर से टेम्परेचर बढ़ने की उम्मीद है।
  • सितंबर में अचानक बढ़ी ठंड का सीधा संबंध फिलहाल अल नीनो से नहीं जोड़ा जा रहा है। अल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का टेम्परेचर नॉर्मल से ज्यादा हो सकता है।
  •  विश्व मौसम विज्ञान संगठन के मुताबिक, 2026 में अल नीनो तेजी से मजबूत हो रहा है और इसके फरवरी 2027 तक बने रहने की संभावना करीब 100 प्रतिशत है।

अल नीनो और आने वाली सर्दियों पर इसका असर

आने वाली सर्दियों पर अल नीनो का कितना असर होगा, इसे अभी नहीं बताया जा सकता। सर्दियों का मौसम वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, हवा की दिशा, बादल और समुद्र की स्थिति पर डिपेंड करता हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजबूत अल नीनो का असर आने वाले महीनों में टेम्परेचर और बारिश के पैटर्न पर दिख सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में तुरंत गर्मी शुरू हो जाएगी।

भारत में 2026-27 की सर्दियों की शुरुआत का पता अक्टूबर के आने के बाद ही चलेगा। IMD के औपचारिक मौसमी पूर्वानुमान से ठंड, शीतलहर और उत्तर-पश्चिम भारत में सर्दियों की बारिश को लेकर बेहतर जानकारी मिलेगी।

आज का मौसम: IMD ने 28 सितंबर को इन 7 राज्यों में दिया आंधी-बारिश का अलर्ट! बिहार, राजस्थान से दक्षिण भारत तक थंडरस्टॉर्म की चेतावनी

Today Weather Forecast 28 Sep 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में बने मौसमी सिस्टम के चलते आज 28 सितंबर को बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास सक्रिय मौसमी चक्र की वजह से वहां स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि आज द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान

देश के 7 से अधिक राज्यों में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का अलर्ट जारी किया गया है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की वादियों तक आज बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

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बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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कल का मौसम: 28 सितंबर को उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने यूपी से बिहार तक दी आंधी-तूफान की चेतावनी

IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्ट

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमान

देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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