IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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IMD Rain Forecast: मानसून की विदाई के बीच दिल्ली-NCR से बिहार तक भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में गरज-चमक के आसार

IMD Rain Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से वापसी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 अक्टूबर को मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों के साथ गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ और हिस्सों से भी पीछे हट गया है। इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक 8 अक्टूबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जबकि 8 से 10 अक्टूबर के बीच केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 8 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बिहार के सहरसा में 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बिहार के कुछ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शारदानगर में 9 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के बेरीनाग में 8 सेंटीमीटर तथा ओडिशा के कोरापुट, झारखंड के मधुपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम में 14 अक्टूबर तक बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का वेदर फोरकास्ट

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 8 और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है। 8 अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 8 से 11 अक्टूबर, ओडिशा में 8 से 14 अक्टूबर और झारखंड में 9-10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की संभावना है।

इस दौरान बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में 8 और 9 अक्टूबर को भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर

दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 10 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु में 8 से 12 अक्टूबर तक गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

गोवा-कोंकण में उमस भरी गर्मी

मानसून की वापसी के बावजूद कोंकण और गोवा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यानी यहां बारिश की गतिविधि कम रहने पर भी लोगों को उमस और गर्मी परेशान कर सकती है।

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी बिहार के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बिहार से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है। दक्षिण केरल तट और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के आसपास बने सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

कल का मौसम: 30 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में 65 kmph स्पीड से हवाएं, पूर्वोत्तर-दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather forecast for September 30: देश भर में मानसून के अंतिम पड़ाव और समुद्र में बन रही चक्रवाती हवाओं के असर से बुधवार 30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, पूरे कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और म्यांमार-बांग्लादेश तटों से सटे इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को देश के दो प्रमुख क्षेत्रों पूर्वोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत की बात करें तो पूरे आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक), केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में तेज बारिश होने के आसार हैं।

तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने का असर देखा जाएगा। रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में बिजली चमकने और हवाओं का अनुमान

मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश के क्षेत्रों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती मौसम: 65 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों की बात करें तो बंगाल की खाड़ी और पड़ोसी तटीय क्षेत्रों में स्थिति काफी खतरनाक बनी हुई है। IMD के मुताबिक उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। समुद्र में तेज उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त हिदायत दी है।

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कल का मौसम: 24 सितंबर को इन 4 राज्यों में एक्स्ट्रीम हैवी बारिश का अलर्ट, 75 kmph से आएगा तूफान! IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियों ने उग्र और भयावह रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 24 सितंबरके लिए मौसम का बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में मौसम का प्रचंड तांडव देखने को मिलेगा। इन चारों राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा समुद्र में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और कई अन्य राज्यों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर के लिए जारी बुलेटिन के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बादल आफत बनकर बरसेंगे। इन चारों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही इन चारों राज्यों छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और नदी-नालों में उफान आने का बड़ा खतरा जताया गया है।

बिहार, झारखंड, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में दिन भर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरेगा।

यूपी, एमपी, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान

देश के कई दूसरे राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम व मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना में अलग अलग तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

समुद्र में 75 kmph का तूफान: तटीय इलाकों के लिए भीषण अलर्ट

समुद्री क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटों पर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

deep depression in bay of bengal

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके चक्रवाती तूफान अर्नब में बदलने और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। डीप डिप्रेशन की वजह से ओडिसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: Top News 23 September: बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, मध्य प्रदेश में नो यूपीआई डे, क्रूड के दाम गिरे

 

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश

ओडिशा के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते ओडिशा में ODRAF टीमें तैनात की गई हैं। समुद्र में मछुआरों के जाने पर रोक और पुरी में समुद्र स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य के 7 जिलों में 24 सितंबर तक शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया गया है, जबकि सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है। 

 

आईएमडी ने 23 और 24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजाम में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। 25 और 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

राजस्थान से मानसून की विदाई

उत्तर पश्चिम भारत से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौटने लगा है और अगले 3-4 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 23 से 25 सितंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ALSO READ: अभी खत्म नहीं हुआ मानसून! लौट आया बारिश का दौर, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए फिलहाल कोई अलर्ट नहीं जारी किया है। यहां बुधवार को मौसम सामान्य तौर पर सूखा रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहने से दिन के तापमान में ज्यादा राहत नहीं मिलेगी और अधिकतम तापमान करीब 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारी

IMD Mausam Bulletin: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर भारत के राजस्थान से लेकर पूर्व में बिहार, ओडिशा और दक्षिण भारत के तमिलनाडु व केरल तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 18 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर और पूर्व भारत की बात करें तो बिहार, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत और द्वीप समूह में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर भारी पानी बरसने के आसार हैं।

अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, गुजरात और बंगाल में 30 से 40 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

देश के उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में अलग जगहों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड, असम और केरल में बिजली कड़कने की आशंका, यहां गर्म व नम रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है। केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

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समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

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दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे क्षेत्रों और दक्षिणी अंडमान सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

कल का मौसम: 16 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनी

देश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमान

मौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायत

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।

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दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।

Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

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