Monsoon arrived in Delhi: दिल्ली पहुंचा मानसून, जानिए सैटेलाइट तस्वीरों में क्या-क्या दिखा, IMD ने बारिश-आंधी पर ये अलर्ट दिया

Monsoon Watch 2nd July: दिल्लीवालों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। झुलसाती गर्मी और शुष्क जून के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 2 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मानसून अपने सामान्य आगमन की तारीख (27 जून) से 5 दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है। इसके आते ही राजधानी के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो गया है। इससे फिलहाल मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में प्रवेश किया है।

पिछले 5 सालों में सबसे देरी से पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में मानसून के दिल्ली पहुंचने का पैटर्न कुछ ऐसा रहा है:-

2026: 2 जुलाई (5 दिन की देरी)

2025: 29 जून

2024: 28 जून

2023: 25 जून

2022: 30 जून

2021: 13 जुलाई

2021 में मानसून काफी देरी से 13 जुलाई को आया था। इसके बाद अब 2026 में इसने जुलाई के महीने में दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आज दिन भर दिल्ली के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है।

दिल्ली के लिए IMD का वेदर अलर्ट: तेज हवाओं के साथ होगी बौछारें

मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए तात्कालिक अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

ISRO के सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा बादलों का महासागर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के INSAT-3DS सैटेलाइट से बुधवार को जारी थर्मल इंफ्रारेड तस्वीरों में मानसून की एक बेहद हैरान करने वाली और नाटकीय प्रगति देखी गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में पश्चिम बंगाल से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई लगभग 1500 किलोमीटर लंबी एक लगातार सक्रिय रेन बैंड यानी बादलों की विशाल पट्टी दिखाई दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून के बादल छितराए हुए नहीं हैं बल्कि वे एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। यह सक्रिय मानसून परिसंचरण की शुरुआत का सीधा संकेत है। ये विशाल बादल अपने साथ भारी मात्रा में नमी लेकर चल रहे हैं। ये एक साथ कई राज्यों में भारी बारिश कराने में सक्षम हैं।

Clipboard20DELHI

तस्वीरों से पता चलता है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से आने वाली नमी से लदी हवाएं उत्तर भारत के ऊपर आकर आपस में मिल रही हैं। इसके साथ ही मानसून की ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति की ओर खिसकने लगी है। इससे मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।

उत्तर भारत में मानसून की रफ्तार तेज

देश के सबसे सूखे जून महीनों में से एक के बाद मानसून ने उत्तर भारत में जोरदार वापसी की है। इस बढ़ी हुई मानसूनी सक्रियता की वजह से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पहले से ही व्यापक बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, व्यापक बारिश और आंधी-तूफान के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी हरियाणा के कुछ इलाकों में आगे बढ़ चुका था।

इसके बाद अगले 24 घंटों के भीतर मानसून ने तेजी से उत्तर की ओर रुख किया, जिसके परिणामस्वरूप बुधवार रात से गुरुवार दोपहर के बीच दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और हरियाणा व पंजाब के कई और हिस्सों में मानसूनी हवाएं और शुरुआती गरज-चमक के साथ बारिश का दौर चल रहा है।

Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

ये भी पढ़ें- India Weather Today 1 July: IMD ने यूपी से लेकर बिहार तक भारी बारिश का अलर्ट दिया, इन 25+ राज्यों में आंधी-तूफान संग बिगड़ेगा मौसम

1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।

कल का मौसम 1 जुलाई: IMD ने 21 राज्यों में भारी बारिश, 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव

Weather forecast for July 1: देश के बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 जुलाई के लिए देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार 1 जुलाई को देश के 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 17 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आज ही मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई नए हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) सूरत, इंदौर, सागर, सीधी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून और मंडी से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही अगले 2-3 दिनों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के शेष हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

1 जुलाई को इन 11 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को देश के 11 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है:-

उत्तर प्रदेश (विशेषकर पश्चिमी यूपी): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

बिहार और झारखंड: बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिसके कारण 1 जुलाई को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

मध्य प्रदेश और विदर्भ: पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाकों में मानसून के सक्रिय रहने से मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

ओडिशा: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के चलते ओडिशा में व्यापक और बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण और पश्चिम भारत: कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी 1 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

इन 10 राज्यों में होगी भारी बारिश

देश के कई अन्य हिस्सों में भी 1 जुलाई को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है:-

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के कई इलाकों में 1 जुलाई को भारी बारिश के साथ मानसून की गतिविधियां बढ़ेंगी।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के बीच 1 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश (पूर्वी भाग): पूर्वी यूपी में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र: गुजरात रीजन और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण के तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट है।

17 राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का तांडव

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर दो अलग-अलग श्रेणियां बनाई हैं, जिससे देश के करीब 17 राज्य प्रभावित होंगे:-

1- 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्ट (14 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश)

इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी:-

उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गांगेय क्षेत्र), पूर्वी राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह।

2- 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट (5 राज्य)

उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, संपूर्ण कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

3- केवल बिजली कड़कने की चेतावनी

मध्य प्रदेश, मारथवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में केवल मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना अधिक है।

इसके अलावा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलासीमा क्षेत्र में तेज सतही हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

मौसम को प्रभावित करने वाले 3 बड़े सिस्टम

आईएमडी के मौसम विश्लेषण के अनुसार देश में इस समय तीन मुख्य मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं जो इस बदलाव के लिए जिम्मेदार हैं:-

कम दबाव का क्षेत्र: उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे मध्य भारत में मानसून और उग्र होगा।

ऑफ-शोर ट्रफ: महाराष्ट्र से लेकर उत्तरी केरल तट तक समुद्र तल पर एक ऑफ-शोर ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जुलाई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रही है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश की गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे दिल्ली, यूपी, पंजाब) में बारिश की वजह से 2 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल) में 2 से 4 जुलाई के बीच उमस भरा और गर्म मौसम परेशान कर सकता है।‌

ये भी पढ़ें- UP Deficient Rain Alert: उत्तर प्रदेश के इन 35 जिलों में अबतक बहुत कम हुई बारिश, मानसून की एंट्री के बाद IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon Advancement in UP: यूपी में हो गई मानसून की एंट्री, 30 जून को आजमगढ़, अयोध्या, बरेली से गुजर रहा, IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon Advancement in UP: उत्तर प्रदेश के निवासियों और किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से 30 जून को जारी ताजा आधिकारिक बयान के मुताबिक मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ और इलाकों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों और हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

यूपी के इन शहरों से गुजर रही है मानसून की सीमा

मौसम विभाग के मुताबिक, 30 जून को मानसून की उत्तरी सीमा उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर, सिद्धी, आजमगढ़, अयोध्या, बरेली, देहरादून, मंडी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के लिए IMD का पूर्वानुमान और अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का संकेत दिया है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। इस दौरान मानसून उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, पूरे दमन और दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के अधिकांश हिस्सों और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ेगा।

सुस्त मानसून का खरीफ फसलों की बुआई पर असर

मानसून की इस एंट्री से कृषि क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें हैं क्योंकि इस साल मानसून की धीमी गति और देरी से शुरुआत के कारण देश में धान सहित खरीफ फसलों की बुआई काफी पिछड़ गई है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून तक देश में कुल खरीफ बुआई का रकबा 182.72 लाख हेक्टेयर रहा है।

यह पिछले साल की समान अवधि के 236.46 लाख हेक्टेयर की तुलना में 23 प्रतिशत कम है। मुख्य खरीफ फसल धान का रकबा 25.17 प्रतिशत घटकर 25.75 लाख हेक्टेयर रह गया है। ये पिछले साल 34.41 लाख हेक्टेयर था। दालों की बुआई में 30.47 प्रतिशत की गिरावट आई है (14.92 लाख हेक्टेयर बनाम 21.46 लाख हेक्टेयर)। इसमें तुअर/अरहर की बुआई पिछले साल के 8.45 लाख हेक्टेयर के मुकाबले केवल 3.56 लाख हेक्टेयर हुई है।

वहीं तिलहन का रकबा 53.33 प्रतिशत भारी गिरावट के साथ 16.99 लाख हेक्टेयर (पिछले साल 36।41 लाख हेक्टेयर) रह गया है। इसमें मूंगफली का रकबा गिरकर 8.87 लाख हेक्टेयर और सोयाबीन का रकबा घटकर 6.92 लाख हेक्टेयर पर आ गया है। मोटे अनाज का रकबा घटकर 31.84 लाख हेक्टेयर और कपास की बुआई 34.61 प्रतिशत घटकर 29.66 लाख हेक्टेयर रह गई है।

इस गिरावट के बीच गन्ने के रकबे में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है और यह 56.64 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 57.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। जबकि जूट और मेस्टा का रकबा भी 6.13 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 6.25 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है।

अल नीनो का खतरा और जलाशयों की वर्तमान स्थिति क्या है?

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून देश भर में सामान्य से 42 प्रतिशत नीचे दर्ज किया गया था। इसमें सबसे ज्यादा कमी मध्य भारत (59 प्रतिशत की कमी) में देखी गई थी। इसके बाद पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 41 प्रतिशत, दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

इस कमी की मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मौजूद अल नीनो की स्थितियां हैं। इसके जून-सितंबर मानसून सीजन के दौरान और मजबूत होने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा निगरानी किए जाने वाले 166 महत्वपूर्ण जलाशयों में लाइव स्टोरेज क्षमता 25 जून तक 48.405 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) थी। ये कुल क्षमता का सिर्फ 26.37 प्रतिशत है। यह पिछले साल के भंडारण का 73.21 प्रतिशत और सामान्य स्तर का 105.67 प्रतिशत है।

ये भी पढ़ें- Monsoon Deficit June 2026: भारत में 100 साल का तीसरा सबसे सूखा जून! अल नीनो के बढ़ते खतरे के बीच मानसून में 42% की भारी कमी के मायने समझिए

कुल 166 जलाशयों में से 55 जलाशय ऐसे हैं जहां भंडारण सामान्य क्षमता का 80 प्रतिशत या उससे कम है। इनमें से 29 जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य क्षमता के 50 प्रतिशत या उससे भी कम रह गया है। ऐसे में यूपी में मानसून के इस नए एडवांसमेंट से आने वाले दिनों में पानी की किल्लत दूर होने और खेती को गति मिलने की उम्मीद है।

Weather Update : मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मुंबई में भारी बारिश, कई राज्यों में अलर्ट, जानें देशभर का मौसम

Meteorological Department has issued warning for heavy rain and strong winds in several states

Weather Update News : देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है। मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है।

 

19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी

देशभर में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मुंबई, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक समेत कई इलाकों में बारिश का असर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार समेत 19 राज्यों में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी कर दी है। पूरे महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच चुका है।

ALSO READ: Weather Update : 23 जून से बदलेगा मौसम, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, क्‍या गर्मी से मिलेगी राहत?

मुंबई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में मानसून के पहुंचने के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है रातभर हुई तेज बारिश के कारण मुंबई शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें लबालब हैं, कई जगह जलजमाव है। अंधेरी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे (अंडरपास) पूरी तरह पानी से भर गया है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

यहां एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश

महाराष्ट्र का 'चेरापूंजी' कहे जाने वाले सतारा के पाथरपुंज में एक ही दिन में 171 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सबसे अधिक है। इस भारी बारिश के बाद पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र “Ozarde Waterfall” भी अपनी पूरी रौनक के साथ बहने लगा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पूर्वी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ व झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

ALSO READ: Weather Update : भारी बारिश और आंधी का तांडव! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी इसके आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, असम, मेघालय और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

 

कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा और आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन, कांगड़ा, मंडी, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, हमीरपुर और बिलासपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है। मध्य प्रदेश के भोपाल, धार, विदिशा, कटनी, होशंगाबाद, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, मंदसौर, अशोक नगर, होशंगाबाद, आगर-मालवा और विदिशा में बारिश और तूफान का यलो अलर्ट है। दिल्ली में आज भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। 

ALSO READ: Weather Update : देश में कहां तक पहुंचा मानसून, यहां आंधी-बारिश की चेतावनी, क्‍या गर्मी से मिलेगी राहत?

भारी बारिश और तूफान की चेतावनी 

झारखंड के रांची, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, दुमका, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पलामू और सरायकेला में आज भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बीकानेर, अजमेर, सीकर, पाली और उदयपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, आंधी और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु में अगले 2 दिनों के दौरान कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।
Edited By : Chetan Gour

बारिश की कमी चीनी प्रोडक्शन पर डाल सकती है असर, लेकिन यह एक कारण सेक्टर पर आगे बनाए रखेगा फोकस

एलारा सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट-इंस्टीट्यूशनल इक्विटी, प्रशांत बियानी के अनुसार, अगर बारिश को मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो जून में देरी और कम बारिश भारत के शुगर सेक्टर पर भारी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कमजोर मॉनसून और एल नीनो की स्थिति वाले वर्षों में से महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे कमजोर राज्य रहा है, क्योंकि दोनों क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए बारिश पर बहुत अधिक निर्भर हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश अपने नहर सिंचाई नेटवर्क के कारण तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति में है, हालांकि अगर बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसे भी कुछ असर का सामना करना पड़ सकता है।

गन्ने को मॉनसून के खास महीनों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता की आवश्यकता होती है। “महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए, बारिश अच्छी होनी चाहिए।  इसलिए जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के सभी चार महीने महत्वपूर्ण होंगे।”

स्काईमेट वेदर सर्विसेज के अनुसार, पश्चिमी तट पर शुरुआती प्रगति के बाद 8 जून से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून रुका हुआ है, जिससे प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बारिश को लेकर चिंता बढ़ गई है। पूरे भारत में बारिश की कमी पहले से ही 32% है, मौसम एजेंसी को उम्मीद है कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो यह आने वाले हफ्ते में 40% तक बढ़ सकती है।

महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड उन राज्यों में से हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा रिस्क है, हालांकि जुलाई और अगस्त के मॉनसून को फिर से शुरू करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

इथेनॉल की वजह से यह सेक्टर बना हुआ है आकर्षक 

बारिश और कच्चे तेल की कम कीमतों को लेकर चिंताओं के बावजूद, चीनी इंडस्ट्री के लिए बड़ा आउटलुक अच्छा बना हुआ है। इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के सरकारी उपाय और 100% इथेनॉल इस्तेमाल को सपोर्ट करने वाले फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की मंजूरी इस सेक्टर के लिए लंबे समय तक ग्रोथ के मौके देती रहेगी।

बियानी को उम्मीद है कि इस साल कम प्रोडक्शन के कारण चीनी की कीमतें मजबूत रहेंगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि शेयर की कीमतों पर कुछ दबाव पड़ सकता है क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों से जुड़ी हालिया रैली कम हो रही है।

उनके अनुसार चीनी सेक्टर के एक रेंज में रहने की संभावना है क्योंकि सरकारी दखल से तेज़ उछाल या गिरावट सीमित हो जाती है। कम गन्ने के प्रोडक्शन वाले सालों में, अधिकारी चीनी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इथेनॉल डायवर्जन पर रोक लगा सकते हैं, जिससे मार्केट को बैलेंस करने में मदद मिलेगी।

इस सेक्टर में, एलारा सिक्योरिटीज बलरामपुर चीनी को अपनी टॉप पिक के तौर पर पसंद करती है।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग धीरे-धीरे हो रही सामान्य

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IMD Heavy Rain Alert: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP से राजस्थान तक 30 इलाकों में आंधी-तूफान! 24 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून तक के लिए देश का विस्तृत राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत देश के 30 अलग-अलग इलाकों (मौसम उप-मंडलों) में भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगा आगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बिहार, बंगाल, केरल समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (24 जून तक)

मौसम विभाग ने 18 से 24 जून की अवधि के दौरान देश के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जून और 21-23 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं 20 जून को बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 24 जून को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय: यहां 19 से 22 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा 18 जून, 23 जून और 24 जून को भी भारी बारिश की चेतावनी है।

18 जून को केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 जून तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी। बिहार में 18 से 20 जून तक लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 18 जून और 21 से 24 जून तक जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 जून व 21-22 जून और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21-22 जून को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 18 से 23 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18-19 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में 80 Kmph का महातूफान और आंधी

मौसम विभाग ने देश के लगभग 30 मौसम क्षेत्रों (इलाकों) में 40 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा। इसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 19-20 जून को पश्चिमी राजस्थान और 20 जून को पूर्वी राजस्थान में 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार की हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान में 18-20 जून और पूर्वी राजस्थान में 18 जून को धूलभरी आंधी चलेगी।

बिहार में 18-19 जून को 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाला भीषण थंडरस्क्वाल आएगा। इसकी अधिकतम गति 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। इसके बाद 20-24 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20-22 जून तक 50 किमी/घंटे की आंधी का येलो अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 जून तक आंधी-तूफान का असर रहेगा। झारखंड में 18-20 जून और ओडिशा में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा सहित अन्य 30 इलाकों में आंधी-बिजली का हाल

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-22 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18-19 जून को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 जून को (जम्मू-कश्मीर में 20 जून तक) गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम कैसा रहेगा?

कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में 18-19 जून को और कोंकण व मध्य महाराष्ट्र में 22-24 जून को 50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 जून आंधी-बिजली का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 18-22 जून तक आंधी और बिजली कड़कने की घटनाएं होंगी। इसके अलावा अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 22 जून तक तेज हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश में 24 जून तक जारी रहेगा हीट वेव का सितम

मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक लगातार अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 18 जून को लू चलेगी। इसके अलावा महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना में 18 से 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल (18-19 जून), ओडिशा (18-20 जून), कोंकण व गोवा (18-21 जून) और तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा (19-20 जून) में असहनीय उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

ये भी पढ़ें- Twin Tornado Video: हुगली नदी पर दिखा ‘ट्विन बवंडर’, कुछ ही मिनटों में दिन में छा गया अंधेरा, मची अफरा-तफरी

कल का मौसम 18 जून: IMD ने बिहार, बंगाल समेत 13 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया, हरियाणा-दिल्ली समेत इन 26 राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी

Weather Update 18 June: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर 18 जून के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। गुरुवार 18 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 18 जून को देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 26 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है। इस आंधी-पानी के बीच उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू का असर भी देखने को मिलेगा।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जून देश के 13 राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 जून को मूसलाधार से बेहद भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 18 जून को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

IMD ने बताया है कि मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर पर टिकी हुई है। अगले 4-5 दिनों में इसके बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान का कहर

18 जून को देश के 26 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और झंझावाती हवाओं का शिकंजा रहेगा। मौसम विभाग ने राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा है:-

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी वाले राज्य: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), छत्तीसगढ़, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल।

30 से 40 किमी/घंटे की हवाएं: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे।

सिर्फ बिजली और गरज-चमक: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

राजस्थान में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से महातूफान और धूलभरी आंधी

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए सबसे खतरनाक अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से भयंकर चक्रवाती तूफान चलेगा। इसकी अधिकतम स्पीड 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भीषण धूलभरी आंधी चलने की भी चेतावनी है।

बिहार, ओडिशा और झारखंड में 60 किमी/घंटे का थंडरस्क्वाल

पूर्वी भारत के राज्यों में हवा की रफ्तार बेहद आक्रामक रहेगी। आईएमडी के मुताबिक कल बिहार और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र झंझावाती तूफान आने की आशंका है, जिससे कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बल्टिस्तान व मुजफ्फरबाद के अलग-अलग इलाकों में भारी आंधी और आकाशीय बिजली के साथ ओले गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और एमपी समेत इन राज्यों में हीट वेव का भी सितम

मौसम के इस विरोधाभास के बीच, देश के 6 राज्यों में भीषण लू का प्रकोप भी बना रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू चलने की आशंका है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अत्यधिक उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।

ये भी पढ़ें- EL Nino Impact: यूपी से महाराष्ट्र तक उन 12 राज्यों की लिस्ट जहां असर डालेगा अल-नीनो, IMD के जून एंड फोरकास्ट में क्या आएगा?