El Nino Impact: अक्टूबर में क्यों झुलस रही मुंबई-दिल्ली? क्या अल-नीनो है बढ़ती गर्मी की वजह, जानें

देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश का दौर जारी है। वहीं उत्तर भारत और दक्षिण-पश्चिम से मानसून की विदाई के बाद कुछ जगहों पर जमकर गर्मी पड़ रही है। मानसून की विदाई के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में अक्टूबर की गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली का भी ऐसा ही हाल है। दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद के उमस भरी गर्मी ने लोगों को काफी परेशान किया है। वहीं आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। आइए जानते हैं क्या अक्टूबर में पड़ रही इस गर्मी के पीछे अल-नीनो वजह है

मुंबई में पड़ेगी और गर्मी

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने बताया कि पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। IMD के मौसमी अनुमान में भी अक्टूबर के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में महाराष्ट्र में भी इस महीने तापमान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका है। इसकी वजह से लोगों को गर्म मौसम का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को तेज गर्मी और मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुंबई में गर्मी का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला और तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

दिल्ली में बारिश का अलर्ट

दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद से उमस भरी गर्मी से लोग काफी परेशान है। वहीं इसी बीच दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर है। आईएमडी ने दिल्ली में 6 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो सकती है। 6 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने की चेतावनी है। बारिश होने से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिलेगी।

क्यों बढ़ा मुंबई का तापमान

रिपोर्ट के मुताबिक, IMD की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि मुंबई में बढ़ी गर्मी के पीछे कई मौसम संबंधी कारण हैं। उनके अनुसार, मानसून की विदाई, समुद्र से आने वाली हवाओं के देर से चलने और मुंबई के आसपास बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इन स्थितियों के कारण शहर में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। मुंबई से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई, जो इस सदी में दूसरी सबसे जल्दी वापसी है। मानसून के कमजोर पड़ने, बादल कम होने और हवाओं के रुख में बदलाव से मुंबई और कोंकण में गर्मी बढ़ गई है।

अल-नीनो है वजह?

IMD के अनुमान के अनुसार, नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसका असर आने वाले समय के मौसम पर पड़ सकता है और तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। वही इस बार सर्दी भी अपेक्षाकृत कम ठंडी रह सकती है। लेकिन, मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में बढ़ी गर्मी का सीधा कारण एल नीनो नहीं है। मौजूदा तापमान में बढ़ोतरी मुख्य रूप से मानसून की विदाई और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों की वजह से हुई है।

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Delhi Weather Update: दिल्ली में फिर पलटेगा मौसम, जानें किस दिन होगी भारी बारिश!

नई दिल्ली: दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद मौसम एक बार फिर से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 25 सितंबर को राजधानी में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर के बाद बादल बढ़ सकते हैं और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा के झोंके 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

26 और 27 सितंबर से बारिश बढ़ेगी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 सितंबर को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर कम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। दिन का टेम्परेचर 32 से 34 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

27 सितंबर को बारिश का असर और बढ़ सकता है। इस दिन सुबह और दोपहर के समय कई इलाकों में हल्की से कम बारिश होने की संभावना है। शाम के समय मैक्सिमम टेम्परेचर 30 से 32 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 21 से 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

बारिश के बाद कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

28 सितंबर को सुबह कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 29 सितंबर को आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को दिल्ली में मौसम साफ रहने का अनुमान है। मैक्सिमम टेम्परेचर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

समय से पहले दिल्ली से लौटा मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 सितंबर को दिल्ली से वापस लौट गया है। जबकि पिछले साल 2025 में मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था। इस साल मानसून ने 2 जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी, जबकि इसकी शुरुआत 27 जून को हुई थी। 1 जून से 23 सितंबर तक सफदरजंग में 728.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि बारिश 629.7 मिमी रहती है। दिल्ली में सामान्य से करीब 16 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई।

पिछले 24 घंटे में दिल्ली के टेम्परेचर में थोड़ी कमी आयी है। सफदरजंग में मैक्सिमम टेम्परेचर 35.7 डिग्री और मिनिमम 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मैक्सिमम टेम्परेचर करीब 33 से 37 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड हुआ। इस समय मैक्सिमम ह्यूमिडिटी 84 प्रतिशत और मिनिमम ह्यूमिडिटी 53 प्रतिशत रही। आने वाले दिनों में टेम्परेचर में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

दिल्ली से मानसून की विदाई! सामान्य तारीख से 2 दिन पहले हुआ रवाना, जानिए इस बार कैसी रही बारिश

दिल्ली में अब नहीं बरसेंगे बदरा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि दक्षिण पश्चिमी ने मानसून बुधवार को दिल्ली को अलविदा कह दिया है। इस साल दिल्ली में दक्षिण पश्चिमी मानसून की एंट्री 2 जुलाई को हुई थी और इसके वापसी की सामान्य तारीख 25 सितंबर है। लेकिन यह इससे दो दिन पहले ही विदा हो गया है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं दक्षिण पश्चिम मानसून देश के कई अन्य राज्यों से भी विदा हो गया है।

दिल्ली में 2026 का बारिश का मौसम देर से आया, लेकिन जल्दी चला गया। यह कुछ अजीब इसलिए है, क्योंकि एल नीनो ने भारत में बारिश के मौसम को कमजोर कर दिया है, जिससे देश के कई हिस्से बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून बुधवार को पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों, पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी वापस चला गया।

IMD ने कहा कि साउथवेस्ट मॉनसून इस साल 2 जुलाई को दिल्ली में आया, जबकि इसकी नॉर्मल तारीख 27 जून है। इसका मतलब है कि दिल्ली में मानसून आधिकारिक तौर से 83 दिन तक चला। यह 2012 के बाद सबसे कम है, जब राजधानी में सिर्फ 80 दिन बारिश हुई थी। मौसम विभाग के पुराने आंकड़ों से पता चलता है कि यह 2025 में रिकॉर्ड किए गए 87 दिन के मौसम से छोटा है और हाल के कई सालों से काफी छोटा है, जिसमें 2015 में 96 दिन और 2019 में 97 दिन शामिल हैं।

मौसम विभाग ने कहा कि 1971-2019 के समय के डेटा के आधार पर, दिल्ली से दक्षिण पश्चिमी मानसून के वापस जाने की सामान्य तारीख 25 सितंबर है। पिछले साल, मॉनसून 24 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी से वापस हुआ था। 1961 के बाद से दिल्ली से साउथवेस्ट मॉनसून की सबसे पहले वापसी 1982 में हुई थी, जब यह 3 सितंबर को वापस गया था, जबकि सबसे देर से वापसी 2013 में हुई थी, जब यह 17 अक्टूबर को वापस गया था।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 1 जून से 23 सितंबर तक सफदरजंग में 728.6 mm बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि नॉर्मल बारिश 629.7 mm होती है। उसने आगे कहा कि बारिश सामान्य से 16% अधिक थी और “नॉर्मल बारिश” की श्रेणी में आती है।

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दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की होगी एंट्री तो इन राज्यों को भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, IMD ने बताया कब बदलेगा मौसम

इस सप्ताह दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून और मजबूत होगा। इसके चलते हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है।

IMD ने बताया कि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। वहीं, दिल्ली में भी बारिश के कारण पिछले सप्ताह की गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

दिल्ली में मौसम बदलेगा, बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम  विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश वाले बादलों के पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट आएगी और मंगलवार तक यह करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सप्ताह के बाकी दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, रविवार से दिल्ली में आंधी, गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश शुरू हो सकती है। वहीं, सोमवार से बुधवार के बीच बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पूरे सप्ताह राहत भरा रहेगा दिल्ली का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दिनवार पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में इस सप्ताह तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान 40°C, सोमवार को 37°C, मंगलवार को 30°C, बुधवार को 33°C, गुरुवार को 35°C, शुक्रवार को 36°C और शनिवार को 32°C रहने का अनुमान है। यह पिछले कुछ दिनों की तेज गर्मी और उमस की तुलना में काफी राहत देने वाला रहेगा।

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी मौसम बदलने की संभावना है। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 34°C से 39°C, गुरुग्राम में 34°C से 40°C और फरीदाबाद में 29°C से 32°C के बीच रहने का अनुमान है। फरीदाबाद में बाकी शहरों की तुलना में मौसम थोड़ा ठंडा रहने की उम्मीद है। दिल्ली और एनसीआर के अलावा, मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। खासकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वहीं, मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय मानसून के कारण लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का असर पश्चिमी और दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा। कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कई जगह अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

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Monsoon Watch 1 July: पंजाब और हरियाणा में भी हुई मानसून की एंट्री पर दिल्ली में नहीं! अब IMD ने जारी किया ये नया अनुमान

Progress of SW Monsoon: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। 1 जुलाई को मानसून ने उत्तर भारत के कई नए इलाकों में धमाकेदार एंट्री मार ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब पंजाब और हरियाणा के भी कुछ हिस्सों में पहुंच गया है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली को इसने अभी थोड़ा तरसाया है। वैसे दिल्लीवालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दस्तक देने को लेकर बेहद राहत भरा नया अनुमान जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा समेत इन राज्यों में बढ़ा मानसून, जानें कहां से गुजर रही सीमा

IMD के मुताबिक एक जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, पूरे दमन और दीव, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बचे हुए हिस्सों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा व पंजाब के कुछ हिस्सों में मानसून ने अपनी पहुंच दर्ज करा दी है। अभी मानसून की उत्तरी सीमापोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आजमगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर से होकर गुजर रही है।

दिल्ली में कब आएगा मानसून? IMD का नया अनुमान

भले ही 1 जुलाई की एंट्री में दिल्ली का नाम सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि दिल्ली के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों, पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए मौसम का सिस्टम पूरी तरह तैयार है। यानी अगले 48 घंटों में दिल्ली में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

पूरे हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय, सामान्य से 6 दिन की देरी

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बड़ी खबर है कि बुधवार को मानसून ने पूरे राज्य को आधिकारिक तौर पर कवर कर लिया है। हिमाचल में मानसून का यह आगमन सामान्य तारीख से 6 दिन की देरी से हुआ है। 1 जुलाई को मानसून ने शिमला जिले (शिमला शहर सहित), सिरमौर, मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति और कांगड़ा के बचे हुए हिस्सों को कवर कर लिया।

इसके साथ ही सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा जिलों में भी मानसून पूरी तरह फैल गया है। राज्य में इस पूरे हफ्ते व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे हिमाचल समेत पूरे क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।

जुलाई महीने के लिए पूरे देश का ओवरऑल वेदर आउटलुक

मौसम विभाग ने जुलाई 2026 के महीने के लिए देश भर में होने वाली औसत बारिश का भी एक अनुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक जुलाई के दौरान पूरे देश में मासिक औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की सबसे अधिक संभावना है।

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1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई में देश भर में वर्षा का लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) लगभग 280.4 मिमी हो सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है लेकिन उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश देखी जा सकती है।

Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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Delhi Weather Today: दिल्ली में मानसून की एंट्री में देरी, लेकिन IMD का बड़ा अपडेट- अगले 5 दिनों में बारिश और आंधी का दौर तेज

Delhi Weather Today: दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आने की सामान्य तारीख 27 जून है, लेकिन इसके इस तारीख तक न पहुंचने की संभावना है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि बारिश आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय राजधानी में कब दस्तक देगी। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश के लिए मौसम की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, शुक्रवार को दिल्ली में गर्मी और उमस भरा मौसम बना रहा। दोपहर 2:30 बजे शहर का हीट इंडेक्स, या “महसूस होने वाला” तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया। वहीं, अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री अधिक था, जबकि न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बता दें कि पिछले साल दिल्ली में मानसून ने 29 जून को दस्तक दी थी, जबकि साल 2024 में यह 28 जून को पहुंचा था।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं। यह मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा। इस दौरान दिल्ली में भी बारिश होने की उम्मीद है।

अगले पांच दिनों के लिए दिल्ली का मौसम का पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों में दिल्ली में रुक-रुक कर आंधी-तूफान और बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना जताई है:

27 जून को शहर में अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान 27°C रहने की उम्मीद है। वहीं, बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है, लेकिन मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

28 जून को अधिकतम तापमान लगभग 40°C और न्यूनतम तापमान लगभग 27°C रहने की उम्मीद है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और आंधी-तूफान व बिजली कड़कने की संभावना है।

29 जून को तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है; दिन का तापमान 38°C और रात का तापमान 26°C रहने की संभावना है। बारिश के साथ आंधी-तूफान का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

30 जून को भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है, जिसमें अधिकतम तापमान 38°C, न्यूनतम तापमान 26°C और बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।

1 जुलाई तक अधिकतम तापमान और गिरकर 36°C तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रह सकता है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे शहर में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा।

इस बीच, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में इस जून में अब तक 41.8mm बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस महीने में सामान्य बारिश 74.1mm होती है।

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देशभर में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दिल्ली में भी तय समय पर नहीं पहुंच पाएगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून की एंट्री अगले हफ्ते होने की संभावना है। आमतौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून के आसपास पहुंच जाता है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हाल ही में 1961 से 2019 के औसत आंकड़ों के आधार पर मानसून के पहुंचने की तारीखों में बदलाव किया है।

मौसम विभाग का कहना है कि भले ही मानसून केरल में समय पर पहुंच जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों तक पहुंचने में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है। इसी वजह से दिल्ली समेत कई इलाकों में मानसून की दस्तक देर से होने की संभावना जताई गई है।

अभी कई राज्यों को करना होगा इंतजार

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून 26 जून तक चंडीगढ़, 27 जून तक दिल्ली, 28 जून तक जम्मू, 1 जुलाई तक जयपुर और 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन इस साल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। प्रायद्वीपीय और मध्य भारत के कई हिस्सों में यह अभी भी सामान्य समय से पीछे चल रहा है। शुक्रवार तक मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंची थी। अभी यह उत्तर प्रदेश में नहीं पहुंचा है, जहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कमजोर मानसून के कारण जून महीने में देशभर में सामान्य से करीब 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग ने दिया नया अपडेट

आईएमडी के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं 2 जुलाई के बाद इसके धीरे-धीरे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। मानसून में देरी के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी और बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में लू चल रही है। प्रयागराज में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।

दिल्ली में भी दिन और रात दोनों समय गर्मी बनी हुई है। दिन का तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। हालांकि, बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाओं और हल्की आंधी से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अल नीनो का असर बढ़ा

मौसम वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो की स्थिति बन चुकी है। इसका असर इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है। आईएमडी के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से मौसम में बदलाव हो रहा है। अनुमान है कि जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून के दौरान अल नीनो का प्रभाव और मजबूत हो सकता है। आईएमडी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस साल देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। ऐसे में कई राज्यों में मानसून कमजोर रहने की आशंका बनी हुई है।

Monsoon & El Nino Impact: El Nino पर IMD ने जारी किया बिग अपडेट, क्या कमजोर पड़ेगा मानसून या जुलाई में तेज होगी बारिश?

El Nino Impact on Southwest Monsoon 2026: देश में अब आगे बढ़ रहे दक्षिण-पश्चिम मानसून के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अल नीनो (El Niño) और आने वाले दो हफ्तों की बारिश को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। जून के महीने में अब तक देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या जुलाई में मानसून रफ्तार पकड़ेगा या अल नीनो का साया इसे कमजोर कर देगा?

आईएमडी की 25 जून को जारी लेटेस्ट प्रेस रिलीज के मुताबिक देश में मौसम का मिजाज अगले दो हफ्तों में पूरी तरह बदलने वाला है। आइए जानते हैं अल नीनो पर मौसम विभाग का क्या कहना है और जुलाई के पहले हफ्ते में आपके इलाके में कैसी बारिश होगी।

El Nino पर IMD का बड़ा अलर्ट: क्या बढ़ेगा खतरा?

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थितियां बनी हुई हैं और इसके दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान और अधिक मजबूत होने की आशंका है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के मॉडल भी संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अल नीनो की स्थिति और गहरा सकती है।

राहत की बात: हालांकि अल नीनो मजबूत हो रहा है लेकिन हिंद महासागर में फिलहाल न्यूट्रल इंडियन ओशन डिपोल की स्थिति बनी हुई है, जो पूरे मानसून सीजन में ऐसे ही रहने की उम्मीद है। इसके अलावा मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) फेज-5 में है, जो जुलाई के शुरुआती दिनों में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगा।

जून में बारिश का क्या रहा हाल?

आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी रही है। 1 जून से 24 जून 2026 तक पूरे भारत में कुल संचयी बारिश सामान्य से 42% कम दर्ज की गई है। बीते सप्ताह (18-24 जून) के दौरान भी देश भर में सामान्य से 47% कम बारिश हुई।

अगले दो हफ्तों का फोरकास्ट: क्या जुलाई में तेज होगी बारिश?

मौसम विभाग ने 25 जून से 8 जुलाई 2026 तक के लिए दो चरणों में अपना विस्तृत अनुमान जारी किया है।

पहला हफ्ता (25 जून से 01 जुलाई 2026): धीमी शुरुआत, गर्मी से थोड़ी राहत

मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही हैं। अगले कुछ दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इस हफ्ते में मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम के मैदानी इलाकों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होगी। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-28 जून के बीच लू से गंभीर लू की स्थिति रह सकती है। बिहार और झारखंड में भी 25-26 जून को हीटवेव का असर दिखेगा, जिसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। ओवरऑल बात करें तो पहले हफ्ते में पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।

दूसरा हफ्ता (02 जुलाई से 08 जुलाई 2026): मानसून पकड़ेगा तूफानी रफ्तार!

जुलाई का पहला हफ्ता बीतते-बीतते देश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और अल नीनो के प्रभाव को पछाड़ते हुए भारी बारिश लेकर आएगा। इस हफ्ते में मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के शेष हिस्सों सहित दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बचे हुए भागों में दस्तक दे देगा। कम ऊंचाई वाली सोमाली जेट हवाएं और मजबूत होंगी। इससे अरब सागर से भारी नमी आएगी। इसके प्रभाव से गुजरात के तटीय इलाकों, कोंकण व गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में भी भीषण बारिश जारी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक दूसरे हफ्ते (2-8 जुलाई) के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की कोई संभावना नहीं है।

IMD की जरूरी सलाह: किसान और आम जनता रखें ध्यान

शहरी इलाकों के लिए चेतावनी: भारी बारिश के कारण मुंबई, कोंकण और तटीय शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए एग्रो-एडवाइजरी: पूर्वोत्तर राज्यों, असम, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान की नर्सरी, मक्का और सब्जियों के खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी का पुख्ता इंतजाम करें। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के किसान गर्मी को देखते हुए फसलों में हल्की सिंचाई करें और नमी बचाने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें।

आंधी-तूफान से बचाव: वज्रपात और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के दौरान कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, पेड़ों के नीचे न छिपें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें।

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