IMD Rain Forecast: मानसून की विदाई के बीच दिल्ली-NCR से बिहार तक भारी बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में गरज-चमक के आसार

IMD Rain Forecast: दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से वापसी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक 8 अक्टूबर को मानसून महाराष्ट्र के शेष हिस्सों के साथ गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ और हिस्सों से भी पीछे हट गया है। इसके अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि, मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक 8 अक्टूबर को बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 9 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जबकि 8 से 10 अक्टूबर के बीच केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश

पिछले 24 घंटे में भी कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 8 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक बिहार के सहरसा में 11 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो सबसे अधिक रही। मौसम विभाग ने एक बार फिर से बिहार के कुछ जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के शारदानगर में 9 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के बेरीनाग में 8 सेंटीमीटर तथा ओडिशा के कोरापुट, झारखंड के मधुपुर और तमिलनाडु के कोयंबटूर में 7-7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पश्चिम में 14 अक्टूबर तक बारिश के आसार

उत्तर-पश्चिम भारत की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 8 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का वेदर फोरकास्ट

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 8 और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश की संभावना है। 8 अक्टूबर को राजधानी में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार में 8 से 11 अक्टूबर, ओडिशा में 8 से 14 अक्टूबर और झारखंड में 9-10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। 8 अक्टूबर को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की संभावना है।

इस दौरान बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिहार में 8 और 9 अक्टूबर को भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर

दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। केरल और माहे में 8 से 10 अक्टूबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु में 8 से 12 अक्टूबर तक गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 8 से 10 अक्टूबर, असम और मेघालय में 8 से 11 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 14 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

गोवा-कोंकण में उमस भरी गर्मी

मानसून की वापसी के बावजूद कोंकण और गोवा में 8 से 10 अक्टूबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। यानी यहां बारिश की गतिविधि कम रहने पर भी लोगों को उमस और गर्मी परेशान कर सकती है।

मानसून की विदाई के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी बिहार के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बिहार से तेलंगाना तक एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है। दक्षिण केरल तट और दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के आसपास बने सिस्टम भी दक्षिण भारत में बारिश को बढ़ावा दे रहे हैं।

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2 सितंबर मौसम: यूपी-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिल्ली-बिहार समेत 15+ राज्यों के लिए जारी की ये चेतावनी

Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।

बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।

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समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।