उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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2-5 सितंबर के बीच दिल्ली, यूपी-बिहार से MP तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम के अगले 48 घंटे इन इलाकों में पड़ेंगे भारी!

Weather Update: उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया और कई एक्टिव वेदर सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर काफी आक्रामक रूप दिखा रहा है। इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 से 5 सितंबर के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

खासकर अगले 48 घंटों के अंदर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां धीमी रहेंगी।

मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी, 02 और 03 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में बारिश का दौर सबसे ज्यादा परेशानी की वजह बन सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 और 3 सितंबर को कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से अधिक) हो सकती है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसके अलावा विदर्भ में 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश और छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर में 2 से 5 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों के लिए भी मौसम अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 और 4 सितंबर को काफी बारिश होगी और 2 से 5 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर के बीच लगातार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। यहां भी 2 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अनुमान

पूर्वी भारत के राज्यों पर भी मानसून मेहरबान रहेगा। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 3 और 4 सितंबर को भी बिहार में भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं, झारखंड में 2 और 8 सितंबर को भारी बारिश के साथ 2 से 4 सितंबर तक बादलों की गरज और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 सितंबर तक लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

पिछले 24 घंटों का हाल और चक्रवातीय प्रणालियां

बीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तराखंड, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश (20 सेमी से ज्यादा) दर्ज की गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई। मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति में है।

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इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से बांग्लादेश तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। वहीं उत्तर-पूर्वी अरब सागर और सौराष्ट्र के ऊपर एक साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों की वजह से देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी राज्यों में अगले 3-4 दिनों तक मौसमी गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं।

2 सितंबर मौसम: यूपी-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिल्ली-बिहार समेत 15+ राज्यों के लिए जारी की ये चेतावनी

Aaj Ka Mausam: देश भर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से लेकर मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान चलने और समुद्री इलाकों में खतरनाक तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

यूपी, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ राज्यों में 2 सितंबर को मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इन राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ-साथ बादलों की गरज और बिजली कड़कने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा समेत 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश

देश के एक बड़े हिस्से में 2 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान है।

बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं चलने की भी संभावना है।

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समुद्र और तटीय इलाकों में तूफानी हवाएं, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों से सटे क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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इसी तरह बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक झोंके आने का अनुमान है। अंडमान सागर में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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कल का मौसम: यूपी-बिहार समेत पूर्वी भारत में फिर तेज बारिश, 29 अगस्त को इन राज्यों में Heavy Rain का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून का असर लगातार देखा जा रहा है और कई क्षेत्रों में बारिश एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्तके लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वी भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में जहां मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, वहीं बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश का अलर्ट, बिहार, झारखंड और बंगाल में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 29 अगस्त को बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत का मिजाज: उत्तराखंड में भारी बारिश, जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली की चेतावनी

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मानसूनी हवाओं का असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 29 अगस्त को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड में अलग अलग जगहों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में अलग अलग जगहों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान जताया गया है। पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भूस्खलन व खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

मध्य भारत और पूर्वोत्तर का हाल: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 29 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग इलाकों में गरज के साथ बिजली कड़कने और गिरने का जोखिम बना रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का जोर, अंडमान में तूफानी अंधड़ की आशंका

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज तूफानी हवाओं का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

द्वीपीय क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी बना रहेगा। यहां पृथक स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं (Thundersquall) का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास, पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्से, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर तथा उत्तरी व पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।

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आज का मौसम: रक्षाबंधन पर 28 अगस्त को यूपी-बिहार, ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, इन 14 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

IMD Weather Update on Raksha Bandhan: आज 28 अगस्त को देश भर में रक्षाबंधन का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाई-बहन के इस पवित्र पर्व के बीच मौसम का मिजाज कई राज्यों में रंग में भंग डाल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए मौसम की विस्तृत रिपोर्ट जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित देश के 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं कई इलाकों में अंधड़, आंधी-तूफान और वज्रपात की आशंका जताई गई है। त्योहार पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर और मध्य भारत में बरसेगी आफत

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक आज ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश की गतिविधियां बेहद तीव्र रहने वाली हैं। आईएमडी के मुताबिक, आज 28 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और त्योहार की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।

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अंधड़ और तेज हवाओं की चेतावनी, अंडमान में तूफानी हवा का अलर्ट

आज देश के कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और अंधड़ लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम सबसे ज्यादा तूफानी रहेगा। यहां पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल व सिक्किम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और अंधड़ आ सकता है। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिन भर तेज सतह हवाएं चलने का अनुमान है।

आकाशीय बिजली का खतरा, उत्तर और मध्य भारत के इन इलाकों में सतर्कता बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत में उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग अलग जगहों पर बिजली गिरने की संभावना है। इसी तरह मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में आज गर्जना के साथ बिजली चमकने का अलर्ट रहेगा। पूर्वोत्तर के सभी सातों राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में भी आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना रहेगा। खराब मौसम और आकाशीय बिजली की स्थिति में IMD ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की अपील की है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तूफानी समुद्री हवाएं, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्र तटीय क्षेत्रों में तूफानी मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं दर्ज की जा सकती हैं, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

वहीं बंगाल की खाड़ी में भी दक्षिण तमिलनाडु के तटीय इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

लो प्रेशर सिस्टम से अगले 4 दिन भारी! यूपी, बिहार, MP समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम को लेकर IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर की वजह से मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान देश के अलग अलग राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। IMD के मुताबिक इस नए मौसमी तंत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके उलट दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त रह सकती हैं।

बीते 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर भारत का मौसम: यूपी और उत्तराखंड में तेज बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर बनी हुई है। इसके असर से उत्तराखंड में 24 से 30 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 24 अगस्त तथा 29 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो 24 से 26 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 24 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के इलाकों में भी 30 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा।

मध्य भारत का हाल: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत में कम दबाव का क्षेत्र सीधा असर डाल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश के साथ-साथ अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 27 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 24 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी और यह सिलसिला 29 से 30 अगस्त तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 24 और 25 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि विदर्भ क्षेत्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा और बिहार में आंधी-तूफान के साथ बारिश

पूर्वी भारत में बने इस सिस्टम के चलते 24 अगस्त को ओडिशा और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में अगले 3 से 4 दिनों यानी 24 से 27 अगस्त तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।

अंडमान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 24 से 30 अगस्त के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा में 30 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जबकि मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल और माहे में 24 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 25 व 26 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में 24 से 28 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।

दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंका

बारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।

इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

समुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।