कल का मौसम: 3 अक्टूबर को इन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, अरुणाचल में भारी बारिश, तमिलनाडु में 50 kmph तक हवाएं

IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

देश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रित

तटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।

कल का मौसम: 1 अक्टूबर को इन राज्यों में मूसलाधार! केरल, कर्नाटक से उत्तर-पूर्व तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

October 1 Weather: देश के मैदानी इलाकों से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक गुरुवार 1 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में पृथक स्थानों पर मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आंधी और बिजली चमकने की गतिविधियां तीव्र रहेंगी। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के दूसरे दक्षिण-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पृथक स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी अलग अलग जगहों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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