कल का मौसम: 1 सितंबर को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! दिल्ली-यूपी समेत इन 15 राज्यों में मौसम की चेतावनी

India Weather Update: देश भर के अलग-अलग इलाकों में इस वक्त जोरदार बारिश और इसकी वजह से खासकर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता की वजह से उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक सितंबर को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। IMD ने छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

यूपी, बिहार, झारखंड और MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का मौसम

दिल्ली समेत आसपास के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 1 सितंबर को गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी एक सितंबर को बारिश की रफ्तार तेज रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

Weather update for September 1: देश के करीब 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है

समुद्री क्षेत्र की बात करें तो 1 सितंबर को अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

Weather Update: दिल्ली-NCR में अगले 48 घंटे भारी! IMD का अलर्ट, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान का खतरा

Weather Update Today: देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर तेज रहेगा। सबसे ज्यादा असर गुजरात में देखने को मिलेगा, जहां कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

गुजरात में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। जबकि राजस्थान, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मध्य प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, सक्रिय मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण अगले कुछ दिनों तक देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों को तेज बनाए रखेंगे। मौसम विभाग ने विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में सतर्क रहने की सलाह दी है।

गुजरात में हाई अलर्ट

IMD के अनुसार, गुजरात में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कई जिलों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

दिल्ली-NCR में अब तेज होगी बारिश

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कल यानी 27 जुलाई हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 जुलाई से बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और उमस बनी रहेगी।

राजस्थान के पूर्वी जिलों में भारी बारिश की आशंका

पूर्वी राजस्थान के जयपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

मध्य प्रदेश में दो दिन तक होगी तेज बारिश

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

दोनों पहाड़ी राज्यों में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई से कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली

पंजाब और हरियाणा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 जुलाई से कई इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

बिहार और पश्चिम बंगाल

बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में गरज-चमक, तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

ओडिशा

राज्य के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक और तेज हवाओं की भी आशंका जताई गई है।

असम, मेघालय और पूर्वोत्तर

असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

मुंबई, कोंकण और गोवा

मुंबई, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण भारत

तेलंगाना: भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं के चलने की आशंका है।

कर्नाटक: आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। जबकि तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु: हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

IMD की लोगों को सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में नहीं जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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India Weather Today: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Aaj Ka Mausam 29 June: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 29 जून के लिए मौसम का बड़ा और ताजा अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज (29 जून) देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 26 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर एवं मांडला, झारखंड के डालटनगंज और बिहार के मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

इन राज्यों में अत्यंत भारी और बहुत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और अत्यधिक भीषण बारिश की चेतावनी दी है। इसकी वजह से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है:-

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी आशंका है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में आज भारी बारिश

देश के 14 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश होने की संभावना है:-

मध्य और पूर्वी भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।

पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

यूपी-बिहार समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है।

40 से 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह। यहां 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से झोंके चलने की आशंका है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं और गरज-चमक

उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

सिर्फ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और पूर्वेत्तर के राज्य (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा)। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज बहुत तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में आज लू का आखिरी दौर, मिलेगी राहत

एक तरफ जहां मानसून आगे बढ़ रहा है। वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ मैदानी इलाके आज भी गर्मी की चपेट में रहेंगे।

यूपी-बिहार और दिल्ली में हीटवेव: आज दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली), उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) और बिहार के कुछ अलग-अलग इलाकों में लू की स्थिति बनी रह सकती है।

तापमान में गिरावट: मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे दिल्ली-यूपी के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल जाएगी।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में आज मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

समुद्र में खराब मौसम: मछुआरों को न जाने की सलाह

अरब सागर: सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम एवं पश्चिम-मध्य अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कोंकण-गोवा, कर्नाटक और केरल तटों के पास भी मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: दक्षिण श्रीलंका तट और मन्नार की खाड़ी व Comorin क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है।