Weather Update: मध्य प्रदेश, यूपी संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी मूसलाधार! 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसूनी बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। इस वक्त उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ वेल-मार्क लो प्रेशर एरिया मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई राज्यों में 26 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

अगर बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिम उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, असम, नागालैंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-NCR में 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का बड़ा असर असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 26 अगस्त के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 20 अगस्त और 22 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश जबकि 21 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 20 से 26 अगस्त तक लगातार गरज-चमक के साथ बारिश की व्यापक गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पूरे सप्ताह भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 20 से 23 अगस्त के दौरान काफी बारिश होगी। 24 से 26 अगस्त के बीच बारिश का असर कम हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बारिश की चेतावनी है, जिसके बाद 23 से 26 अगस्त के दौरान बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।

मध्य भारत में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में लो प्रेशर एरिया का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 से 26 अगस्त तक लगभग पूरे सप्ताह बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है जबकि 22 से 26 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 22 से 26 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होगी।

विदर्भ क्षेत्र में 23 और 24 अगस्त को तेज बारिश की संभावना है जबकि बाकी दिनों में छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 24 अगस्त तक गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20 से 26 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 22 से 26 अगस्त, बिहार में 22 से 24 अगस्त और ओडिशा में 21 से 26 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 21-22 और 24-26 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। बिहार में 22 से 25 अगस्त, गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 से 25 अगस्त और झारखंड में 23 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 20 से 26 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 22 अगस्त तक काफी बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 26 अगस्त तक पूरा हफ्ता बारिश से सराबोर रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 25 अगस्त के दौरान और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसमी पूर्वानुमान

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 20 से 26 अगस्त तक लगातार काफी बारिश होने की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 20 से 26 अगस्त के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की या मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 20 से 26 अगस्त तक काफी बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 20 अगस्त और फिर 23 से 26 अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 व 25 अगस्त को और केरल में 23 व 24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलाा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 20 से 24 अगस्त के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

आज का मौसम 6 जुलाई: यूपी से MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तक मूसलाधार बारिश, IMD ने 24+ राज्यों के आंधी-तूफान हैवी रेन का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से पैर पसार चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. अगले 3 दिनों के भीतर उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.

इस मजबूत मानसूनी सिस्टम के प्रभाव के कारण आज यानी 6 जुलाई को देश के 24 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, भीषण आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और उत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख क्षेत्रों में बादलों की भयंकर आवाजाही के साथ मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों के लिए सबसे कड़ा अलर्ट है:

  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश से सटा गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

MP, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन इलाकों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी:

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तर प्रदेश से सटा उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

यूपी, दिल्ली, बिहार और पंजाब सहित इन राज्यों में भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी शामिल हैं:

उत्तर प्रदेश: आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

दिल्ली और आसपास: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के इलाकों में आज भारी मानसूनी बौछारें पड़ेंगी.

अन्य राज्य: बिहार, झारखंड, पंजाब जम्मू-कश्मीर-लद्दाख महाराष्ट्र का विदर्भ और मराठावाड़ा क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम

उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होगी.

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से थंडरस्कॉल (बवंडर) की चेतावनी

आज कुछ राज्यों में सामान्य से कहीं अधिक तीव्र हवाएं और बवंडर जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से खतरनाक थंडरस्कॉल चलने की आशंका है.

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का प्रकोप

बारिश के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट इस प्रकार है:

  • 40-50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी/तेज हवाएं चलेंगी और बिजली कड़केगी.
  • 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
  • सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: पूरे उत्तर प्रदेश उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर केवल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
  • मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं.

असम और मेघालय में भारी उमस का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का एक अलग रूप भी देखने को मिलेगा. असम और मेघालय में आज कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है, जिससे बारिश के बावजूद चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी.

समंदर में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी

चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी हवाओं के कारण समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी:

अरब सागर की स्थिति: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी मौसम रहेगा.

बंगाल की खाड़ी की स्थिति: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके साथ ही, केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से खराब मौसम रहने की आशंका है. मछुआरों को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है