IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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उत्तराखंड में मौसम का कहर! चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

उत्तराखंड में खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए चार धाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा 27 सितंबर से 28 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने यह कदम देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। वहीं मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

भारी बारिश की वजह से रोकी यात्रा

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चार धाम यात्रा को शनिवार दोपहर से रविवार तक रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने कहा कि मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। शनिवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए येलो अलर्ट है।

इन जगहों पर जारी है रेड अलर्ट

उत्तराखंड में रविवार को भी कई जिलों में तेज बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट है, वहीं कुछ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मुख्यमंत्री ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बेवजह यात्रा करने से बचें और कहीं जाने से पहले मौसम व सड़कों की ताजा स्थिति जरूर जांच लें। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका है, वहीं नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। मैदानी इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

Chardham Yatra

उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए शनिवार को चारधाम यात्रा 27 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई जबकि एहतियातन पांच जिलों में स्कूल भी बंद कर दिये गये।

राज्य के अधिकतर हिस्सों में सुबह से भारी बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुककर बर्फबारी भी हुई। फिलहाल राज्य में किसी जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

गढ़वाल आयुक्त आनन्द स्वरूप की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित रहेगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

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एहतियात के तौर पर बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिये गये हैं।

रविवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए ‘ऑरेंज’, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने, नदियों में जलस्तर बढ़ने तथा मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए ‘रेड अलर्ट’ के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। उन्होंने नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने तथा तेज बहाव को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और नदियों-नालों के जलस्तर, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी सड़कों, चारधाम मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव के लिए टीम, जेसीबी, आवश्यक उपकरण और अन्य मशीनरी रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

Pic Credit : UNI

14 साल तक पहनी एयरफोर्स की वर्दी, अब देहरादून में चलाती है बुटिक! वजह सुन आप भी करेंगे सलाम

14 साल तक भारतीय वायु सेना में नौकरी करने के बाद एक पूर्व महिला अधिकारी ने अपनी रोज की जिंदगी को बदलने का फैसला किया। उन्होंने नौकरी छोड़ी और देहरादून वापस आकर कपड़ों की दुकान शुरू कर ली। उनका यह कदम किसी बड़े सपने को पूरा करने के लिए नहीं था, बल्कि एक खास वजह से लिया गया भावनात्मक फैसला था।

आखिर क्या है इस फैसले की वजह?

इस महिला का इंस्टाग्राम पर @thefaujifounder नाम से एक अकाउंट है, जहां उन्होंने एक वीडियो में अपनी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि उनकी दुकान पर आने वाले लोग उनसे पूछते हैं कि आखिर वायु सेना की अधिकारी से वह कपड़ों की दुकान चलाने वाली कैसे बन गईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी के तौर पर 14 साल तक सेवा की, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें लगा कि अब परिवार के साथ रहना ज्यादा जरूरी है। उनके बच्चे बड़े हो रहे थे और माता-पिता भी बुजुर्ग हो रहे थे।

इसके बाद वह देहरादून लौट आईं। उनका घर उनकी दुकान से सिर्फ 100 मीटर दूर है। उन्हें कपड़ों और क्रिएटिव काम में इंटरेस्ट थी, इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों न ऐसा काम किया जाए, जिससे परिवार के पास रहने को भी मिल सके। इसी सोच के साथ उन्होंने कपड़ों की दुकान शुरू कर दी।

सोशल मीडिया पर पसंद आई उनकी यह कहानी

वह कहती है कि उनका यह फैसला किसी बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए नहीं था। वह बस अपने बच्चों के साथ रहकर जिंदगी को मजे से जीना चाहती थीं। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर भी लोगों को पसंद आई। कई लोगों ने कहा – परिवार के साथ समय बिताना बहुत कीमती और यादगार पल होता है।

ये कहानी इसलिए लोगों के दिल को छू रही है क्योंकि इसमें कोई मोटिवेशनल ज्ञान नहीं है। एक मां का सिंपल फैसला है – करियर से ज्यादा जरूरी है परिवार के साथ रहना।

सोशल मीडिया पर लोग कमेंट कर रहे हैं – आपने वर्दी उतारी है, जज्बा नहीं।