Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

Weather Alert : 16 राज्यों में भारी बारिश और 80 KM की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बदलेगा मौसम

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देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में मौसम में बदलाव की संभावना है। कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।  

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दिल्ली-NCR में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

दिल्ली-NCR में 16 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।

मध्य प्रदेश में इन जिलों में बारिश का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल, इंदौर, शिवपुरी, खंडवा और नर्मदापुरम में भारी बारिश और गरज-चमक हो सकती है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

 

यूपी में 60-70 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और अयोध्या समेत कई इलाकों में मौसम खराब रह सकता है। यहां हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

 

बिहार में भी भारी बारिश और गरज-चमक

बिहार के पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। इस दौरान हवाएं 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

 

पंजाब-हरियाणा में भी तेज बारिश और हवाएं

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा और होशियारपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हरियाणा में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में मौसम में बदलाव जारी रहेगा।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का खतरा

 

उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, देहरादून और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। यहां हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तथा यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर में भी तेज बारिश और हवाओं का अनुमान

 

जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है।

 

21 अगस्त तक पूर्वोत्तर में बारिश का दौर

 

पूर्वोत्तर भारत में 21 अगस्त तक मौसम गीला रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।

 

दक्षिण भारत में भी बारिश का सिलसिला

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 से 20 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी परेशान कर सकती हैं।

Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

IMD का बड़ा अलर्ट: 17 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, क्या है बाढ़ प्रभावित गुजरात-असम का हाल?

weather update 31 july

देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के कई राज्यों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर लगातार जारी है। जुलाई महीने के आखिरी दिन यानी आज 31 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं। देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

असम और गुजरात बाढ़ से बेहाल

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में वर्षा जन्य हादसों में अब तक 78 लोगों की जान जा चुकी है।

 

पहाड़ी राज्यों में बरस आफत या राहत?

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड सरकार ने आज बारिश की वजह से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

दिल्ली NCR में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। IMD के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, आज दिनभर आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में तो कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन नमी बढ़ने के कारण उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
 

उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून सक्रिय

 

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तटीय जिलों में मानसून एक बार फिर मेहरबान हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, बिहार के भी कई जिलों में बादलों का डेरा है और कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है। किसानों के लिए यह बारिश धान की फसल के लिहाज से बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।

 

मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेेश और राजस्थान में भारी की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

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देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

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देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

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देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बीच गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से तेज हुआ मानसून

 

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर सिस्टम विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों तक फैला हुआ है। अगले दो दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।

 

इसके अलावा, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

दिल्ली समेत उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी

 

आईएमडी ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश, गरज-चमक और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लोगों को भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

 

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में अगले दो दिनों तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

 

गुजरात और असम में बाढ़ से हालात गंभीर

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गुजरात में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। अब तक 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए 204.5 मिमी से अधिक बारिश की चेतावनी दी है।

 

असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उफनती नदियों के कारण घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

 

इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, गुजरात और हिमालयी राज्यों के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

चारधाम यात्रा होगी और आसान! बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर सुरंग तैयार

Char Dham Yatra Route Tunnel: अब चार धाम यात्रा के लिए जानें वाले श्रद्धालुओं को जाम और रोड से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे को जोड़ने वाली 900 मीटर लंबी सुरंग का काम पूरा हो गया है। जिसे चार धाम यात्रा मार्ग पर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह सुरंग ऋषिकेश-बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को केदारनाथ नेशनल हाईवे से जोड़ती है। बता दें कि यह एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा डबल-लेन मोटर ब्रिज भी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पुल का निर्माण अपने आखिरी चरण में है और 31 अगस्त से गाड़ियों का ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि अगर ट्रायल रन सफल रहे, तो चार धाम यात्रा का तीसरा चरण नई बनी सुरंग और पुल से होकर गुजरेगा, जिससे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों का सफर आसान और कम भीड़-भाड़ वाला होगा।

डीएम ने दी जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने कहा कि पुल का काम 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसकी क्वालिटी, सुरक्षा और तकनीकी मानकों की जांच के लिए टेस्टिंग और ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस नए मार्ग के शुरू होने से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की आवाजाही काफी आसान होने की उम्मीद है। मौजूदा बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरता है, जहां सड़क संकरी होने के कारण अक्सर लंबे ट्रैफिक जाम लगते हैं

उम्मीद है कि इस नए रास्ते से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वालों का सफर काफ़ी आसान हो जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अभी बद्रीनाथ हाईवे रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुज़रता है, जो एक संकरा रास्ता है और जहां अक्सर लंबा ट्रैफिक जाम लगता है। नया रास्ता शुरू होने के बाद, तीर्थयात्री जवारी बाईपास का इस्तेमाल करके सीधे इन दोनों तीर्थस्थलों की ओर जा सकेंगे और भीड़-भाड़ वाले बाजार वाले इलाके से पूरी तरह बच सकेंगे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह पहल सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चार धाम यात्रा की कुल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस यात्रा के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु बद्रीनाथ और केदारनाथ आते हैं।

अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय कम होगा, हिमालयी राज्य के सबसे व्यस्त तीर्थयात्रा मार्गों में से एक पर भीड़ कम होगी और कुल मिलाकर यात्रा ज्यादा सुरक्षित और बेहतर ढंग से आयोजित हो सकेगी।

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