Mausam Update 3 Sep: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, MP में रेड कलर वॉर्निंग! आज इन राज्यों में मौसम का तांडव

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावित

मध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

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IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का अलर्ट, 18 राज्यों में होगी भारी बरसात

IMD Weather Update: पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं राज्यों के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत 18 राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। आईएमडी ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत में दिख सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश के साथ जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कई राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा है। इसके अलावा पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ नजर आ सकता है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Bihar Train News: बाढ़ में डूबे गांव तो मवेशियों के लिए दौड़ी बिहार की ‘घास ट्रेन’, सुबह निकलते हैं किसान, शाम को लौटते हैं गठरियों के साथ

Bihar Train News: बिहार के खगड़िया जिले में जब बाढ़ दस्तक देती है, तो एक खास पैसेंजर ट्रेन इलाके में चर्चा का विषय बन जाती है। ‘न्यूज 18’ के मुताबिक, हालांकि इंडियन रेलवे के रिकॉर्ड में इस ट्रेन का नाम ‘समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर’ है। लेकिन स्थानीय लोग इसे प्यार से ‘घास ट्रेन’ भी कहते हैं। बाढ़ के मुश्किल दिनों में यह ट्रेन सिर्फ यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम नहीं करती। बल्कि सैकड़ों पशुपालकों और उनके मवेशियों के लिए ‘लाइफलाइन’ बन जाती है।

जब हर तरफ पानी भर जाता है तब सैकड़ों पशुपालक सुबह-सुबह इस पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर सूखे इलाकों की ओर जाते हैं। वे चिलचिलाती धूप में अपने मवेशियों के लिए हरा चारा काटते हुए दिन बिताते हैं। फिर शाम को वे सभी भारी बंडलों के साथ रेलवे स्टेशन लौट आते हैं।

बाढ़ में मवेशियों के सामने चारे का संकट

रिपोर्ट के मुताबिक, खगड़िया के मानसी प्रखंड के निचले इलाकों में हर साल बाढ़ का पानी भर जाता है। इस दौरान धमसारा घाट, मटिहानी और रोहियार जैसे गांवों के आसपास के बड़े हिस्से जलमग्न हो जाते हैं। खेत और चरागाह पानी में डूब जाते हैं। पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने मवेशियों के लिए हरे चारे का इंतजाम करना होती है। मवेशियों पर निर्भर परिवारों के लिए उन्हें भूखा रखना संभव नहीं होता। ऐसे में पशुपालक रोजाना बाढ़ प्रभावित इलाके से बाहर निकलकर सूखे एरिया का रुख करते हैं, जहां उन्हें हरा चारा मिल सके।

सुबह ट्रेन में सवार होते हैं सैकड़ों पशुपालक

सुबह होते ही बड़ी संख्या में पशुपालक इस पैसेंजर ट्रेन में सवार हो जाते हैं। उनका मकसद किसी शहर में खरीदारी या काम के लिए जाना नहीं, बल्कि अपने मवेशियों के लिए चारा जुटाना होता है। ट्रेन उन्हें उन इलाकों तक पहुंचाने में मदद करती है जहां बाढ़ का असर कम है। और वहां हरा चारा उपलब्ध है।

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वहां पहुंचने के बाद पशुपालक दिनभर तेज धूप और गर्मी के बीच खेतों और खुले इलाकों से हरी घास काटते हैं। यह उनके लिए रोज का संघर्ष है। लेकिन अपने मवेशियों को बचाए रखने के लिए वे इस मेहनत को मजबूरी के साथ-साथ जिम्मेदारी के तौर पर भी निभाते हैं।

शाम होते ही ट्रेन का नजारा हो जाता है बिल्कुल अलग

दिनभर चारा काटने के बाद शाम को यही पशुपालक भारी-भारी गठरियों और बोरियों के साथ स्टेशन लौटते हैं। इसके बाद जब ट्रेन फकीया की ओर वापस रवाना होती है, तो इसका नजारा किसी आम पैसेंजर ट्रेन जैसा नहीं रहता। ट्रेन के दरवाजों से लेकर शौचालयों तक, लगभग हर जगह हरा चारा नजर आता है। डिब्बों में बड़ी-बड़ी गठरियां और बोरियां रखी होती हैं। उनके बीच बैठकर पशुपालक अपने घरों की ओर लौटते हैं।

इसी वजह से पड़ा नाम ‘घास ट्रेन’

स्थानीय लोगों के बीच यह ट्रेन धीरे-धीरे इतनी मशहूर हो गई कि इसका आधिकारिक नाम पीछे छूट गया और इसे ‘घास ट्रेन’ के नाम से पहचान मिलने लगी। न्यूज 18 के मुताबिक, बाढ़ के दौरान जब गांवों में पशुओं के लिए चारा जुटाना मुश्किल हो जाता है, तब यही ट्रेन पशुपालकों को सूखे इलाकों तक पहुंचाने और वहां से चारा वापस लाने का जरिया बनती है।

पशुपालकों और मवेशियों दोनों के लिए जीवनरेखा

फकीया इलाके के पशुपालकों के लिए यह ट्रेन महज एक यात्री ट्रेन नहीं है। बाढ़ जैसे कठिन हालात में यह उनके परिवार और मवेशियों दोनों को संभालने में अहम भूमिका निभाती है। एक तरफ जहां देश में ‘वंदे भारत’ और ‘राजधानी एक्सप्रेस’ जैसी ट्रेनों की रफ्तार और सुविधाओं की चर्चा होती है।

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वहीं, बिहार के इस बाढ़ प्रभावित इलाके में एक साधारण पैसेंजर ट्रेन अपनी अलग ही वजह से लोगों के लिए बेहद खास है। इसीलिए हर साल बाढ़ के मौसम में जब यह ट्रेन हरे चारे की गठरियों से भरकर लौटती है, तो लोग इसे फिर उसी प्यार और सम्मान से ‘घास ट्रेन’ कहकर पुकारते हैं।

IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

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वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।